Monday, July 27, 2026
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कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रही कंचनजंगा सोसायटी, गैस कनेक्शन में परेशानी

कोटा। राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) की ओर से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में अब बारां रोड स्थित कंचनजंगा अपार्टमेंट सोसायटी के लोग ही रूकावटें खड़ी कर रहे है। जिला न्यायालय ने भी इस प्रोजेक्ट को जनपयोगी बताया है।

वहीं इस मामले में डीजे कोर्ट में दायर मामले में निर्णय भी राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के पक्ष में आया है। जिला कलक्टर रोहित गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद भी कंचनजंगा अपार्टमेंट सोसायटी में घरेलू गैस कनेक्शन देने में कंपनी को अड़चन आ रही है, जिसका नुकसान स्थानीय लोगों को ही होगा।

राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवि अग्रवाल व डीजीएम प्रोजेक्ट एवं ऑफिसर इंचार्ज एसडी वर्मा ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने 30 मार्च 2018 को राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड को कोटा स्थित घरों में गैस पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

इसके तहत कंपनी को चार हजार घरों तक पाइपलाइन के जरिए रियायती दरों पर गैस की सप्लाई करनी थी। कोटा के बारां रोड स्थित कंचनजंगा सोसायटी में डिस्ट्रिब्यूटरी रेगुलेटरी सिस्टम के तहत लोगों के घरों तक गैस पहुंचाने का काम शुरू करने से पहले ही कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

उनका तर्क था कि इस प्रकार से गैस की सप्लाई सुरक्षित नहीं है। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों, कंपनी के प्रतिनिधियों और कंचनजंगा सोसायटी के प्रतिनिधियों की मीटिंग में तय हुआ कि डीआरएस सिस्टम लगाने के लिए कंपनी सोसायटी को सात हजार रुपए प्रतिमाह किराया व आठ हजार रुपए सिक्योरिटी के नाम पर देने पर सहमति बनी थी। सहमति बनने के बाद फिर से सोसायटी के लोगों ने सुरक्षा पर सवाल उठाए।

इस पर एडीएम सिटी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और कंचनजंगा सोसायटी के प्रतिनिधियों को पाइपलाइन के जरिए सप्लाई की पूरी फिल्म दिखाकर संतुष्ट किया गया। इसमें बताया गया कि यह सिस्टम कितना सुरक्षित और उपयोगी हो सकता है। इस दौरान यह मामला डीजे कोर्ट में चला गया और कोर्ट ने निर्णय कंपनी के हक में देते हुए इस प्रकार की गैस सप्लाई को जनपयोगी और बेहतर बताया है।

कोर्ट के निर्णय के बाद फिर से कंपनियों के अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार की है कि वे गैस कनेक्शन का काम शुरू करने में मदद करें। कंपनी के अधिकारियों के समाने दिक्कत यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी वह इस जनपयोगी काम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इससे सरकार की योजना को भी नुकसान हो रहा है।

मात्र कुछ लोगों के कारण ही इस काम में अड़चन आ रही है। कंपनी के अधिकारियों से प्रशासन से अपील की है कि वह इस काम को जल्द से जल्द पूरा करवाने में सहयोग करे। पत्रकारवार्ता के दौरान गैस कंसलटेंसी कंपनी मेकोन के उप महाप्रबंधक एके सिल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्कॉर्पियन 3 होवर: आ गई उड़ने वाली इलेक्ट्रिक बाइक

हवा में उड़ने वाली कार की चर्चा तो आपने सुनी ही होगी। इसी साल फरवरी में हुए जिनीवा मोटर शो में इसे पहली बार प्रदर्शित किया गया था। लेकिन क्या आपको पता है कि हवा में उड़ने वाली बाइक भी बाजार में आ चुकी है। आइए, जानते हैं इसके बारे में…

इसपर 115 किलोग्राम तक के वजन वाला इंसान उड़ सकता है। इस बाइक का नाम स्कॉर्पियन 3 होवर है। इसे अमेरिकी कंपनी होवरसर्फ इंक ने बनाया है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बाइक है।

3 घंटे में चार्ज होती हैं बैटरियां 
इसमें तीन बैटरियां लगाई गई हैं, जो 3 घंटे में चार्ज हो जाती हैं। बैटरी को अलग से निकालकर भी चार्ज कर सकते हैं। बैटरी के साथ वजन 104 किलोग्राम है।

बैटरी को बाइक में लगाने में एक मिनट का वक्त लगता है। इसका फायदा यह है कि आप दो बैटरियां लेकर बाइक को लगातार चला सकते हैं और ये पर्यावरण को बिलकुल भी नुकसान नहीं पहुंचाएगी। सिंगल सीटर यह बाइक किसी बड़े ड्रोन की तरह दिखती है। बाइक का परीक्षण हो चुका है। दुबई पुलिस इसकी पहली ग्राहक है।

कीमत 39 लाख
साफ है कि अब दुबई में चोर-बदमाशों के लिए पुलिस को चकमा देकर भागना आसान नहीं होगा।  बाइक की बुकिंग शुरू हो चुकी है। यह छह रंगों में उपलब्ध होगी। हालांकि, भारत में आने में इसे वक्त लगेगा। इसकी कीमत 39,00,000 रुपए है जो कि एसयूवी से भी ज्यादा कही जा सकती है।

बाइक की रेंज अभी 21 किलोमीटर है। इसे 20 मिनट तक उड़ाया जा सकता है। कंपनी का दावा है कि आने वाले दिनों में इसे 40 मिनट तक उड़ाया जा सकेगा। 70 किमी/घंटा इसकी टॉप स्पीड है।

लगातार 8वें दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 113 अंक बढ़ा, निफ्टी 10,528 पर बंद

नई दिल्ली। लगातार 8वें ट्रेडिंग सेशन में घरेलू शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। गिरावट के साथ शुरुआत के बाजार में रिकवरी आई जिससे सेंसेक्स औऱ निफ्टी बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। मार्च महीने में थोक महंगाई दर 2.47 फीसदी रहने से बाजार का सेंटीमेंट्स सुधार जिससे कारोबार के अंत में सेंसेक्स 113 अंक चढ़कर 34,305 और निफ्टी 48 अंक बढ़कर 10,582 के स्तर पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स में बैंक, एफएमसीजी, फार्मा, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स में तेजी रही। लेकिन आईटी, मेटल और पीएसयू बैंक शेयर टूटे।

इससे पहले, अमेरिका की अगुवाई में ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा सीरिया पर मिसाइल दागे जाने से जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर बाजार पर देखने को मिला। सेंसेक्स 248 अंक टूटकर 33,945 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 82 अंक की गिरावट के साथ 10,398 के स्तर पर हुई।कारोबार में निफ्टी 10,400 के नीचे फिसल गया जबकि सेंसेक्स में 293.13 प्वाइंट्स की कमजोरी देखने को मिली है।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर
सोमवार के कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा। बीएसई का मिडकैप इंडेक्सक 0.34 फीसदी बढ़कर 16734.31 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.56 फीसदी की बढ़त रही।
मिडकैप शेयरों में गृह फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, बायरकॉर्प, एमएंडएम फाइनेंस, डिविस लैब, श्रीराम सिटी यूनियन, एलएंडटी फाइनेंस हाउसिंग, डालमिया भारत, टीवीएस मोटर्स, कॉनकोर, वॉकहार्ट फार्मा, एबीएफआरएल, क्रिसिल, आरबीएल बैंक, ओबेरॉय रियल्टी, पीईएल, 1.62-4.03 फीसदी तक बढ़े। हालांकि आरकॉम, वक्रांगी, क्रॉम्पटन, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, एनएलसी इंडिया, बीईएल, फ्चूयर रिटेल, टाटा कम्युनिकेशंस, 5.38-2.20 फीसदी तक गिरे।

रियल्टी-फार्मा-FMCG इंडेक्स बढ़े, आईटी-PSU बैंक में गिरे
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो एनएसई पर रियल्टी, फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो में तेजी देखने को मिली। बैंक निफ्टी 0.50 फीसदी बढ़कर 25,326.50 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 1.14%, ऑटो इंडेक्स में 0.34%, फार्मा इंडेक्स में 1.30%, रियल्टी इंडेक्स में 1.51% की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.59%, मेटल इंडेक्स 0.23% और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.90% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

Update
02:49 PM
60 से ज्यादा स्टॉक 52 हफ्ते के हाई पर
सोमवार के कारोबार में बीएसई पर 65 स्टॉक्स ने साल का नया हाई बनाया। इनमें आरती इंडस्ट्रीज, अशोक लेलैंड, ब्रिटानिया, डिविस लैब, एस्कॉर्ट्स, एचयूएल, इंडसइंड बैंक, केईआई, कोटक बैंक, एमएंडएम, मिधानी, एमआऱएफ, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, संधार टेक्नोलॉजी और वीआईपी इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
02:37 PM
JLR में छंटनी से टाटा मोटर्स का स्टॉक 5% टूटा
टाटा मोटर्स के स्‍वामित्‍व वाली जगुआर लैंड रोवर यूके में अपने कर्मचारियों की छंटनी का विचार कर रही है। जेएलआऱ में छंटनी की खबर से सोमवार के कारोबार में टाटा मोटर्स के स्टॉक्स में 5 फीसदी की गिरावट आई। इससे कंपनी का मार्केट कैप 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया।
10:59 AM
यूको बैंक का स्टॉक 18% टूटा
यूको बैंक के पूर्व सीएमडी के ऊपर आरोप लगा है कि उसने आरोपियों के साथ मिलकर बैंक को 621 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। इस खबर से सोमवार के कारोबार में यूको बैंक का स्टॉक एनएसई पर 18 फीसदी टूट गया।
09:55 AM
इंफोसिस के गाइडेंस ने निवेशकों को किया निराश, स्टॉक 6% तक टूटा
देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड के चौथी तिमाही के नतीजे शुक्रवार को जारी हुए हैं। चौथी तिमाही में इंफोसिस के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे। लेकिन कंपनी ने जो ग्रोथ गाइडेंस दी है वह आईटी इंडस्ट्री बॉडी नैस्कॉम के दिए 7-9% के टारगेट से बेहतर नहीं होगी। इससे निवेशकों को निराशा हुई, जिससे सोमवार के कारोबार में स्टॉक 6 फीसदी तक टूट गया।

दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक रोड तैयार, चलते-चलते चार्ज हो जाएंगी कारें!

नई दिल्ली। दुनिया की पहली इलेक्ट्रिफाइड रोड बनकर तैयार हो गई है। स्वीडन में तैयार की गई इस रोड से कारों और ट्रकों की बैटरी चार्ज हो जाती है। दरअसल, इस रोड में एक ऐसी पटरी है जिसपर गुजरने से इलेक्ट्रिक कारों और ट्रकों की बैटरीज चार्ज की जा सकती हैं। रोड को स्वीडन में स्टॉकहोम के उपयोग के लिए ओपन कर दिया गया है।

सरकारी योजना का हिस्सा है यह सड़क
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने वाली यह सड़क सरकार की योजना का हिस्सा है। यह 1.2 मील यानी तकरीबन दो किलोमीटर लंबी इलेक्ट्रिक पटरी है। भविष्य में इसे विस्तार दिया जाएगा और देश में 20 हजार किलोमीटर तक ऐसी सड़कें, हाइवे बनाने का प्लान है।

चार्जिंग के लिए क्या करना होगा?
जिन वाहनों को इस सड़क से चार्ज किया जाना हो उनमें एक मूवेबल आर्म को लगवाना जरूरी है। यह आर्म सड़क में लगी पटरी से कनेक्ट होकर गुजरने वाले वाहन की बैटरी चार्ज करेगा। ऐसी सड़क बनाने का प्रति किलोमीटर की लागत 1.2 मियिन डॉलर है।

सड़क की पर चल सकते हैं नंगे पांव
खास बात यह है कि सड़क के ऊपरी हिस्से में बिजली नहीं है और इसपर नंगे पांव भी चला जा सकता है। इसे बनाने वालों की मानें तो सड़क में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे कि गाड़ियों को चार्ज करने के लिए इन्हें रोकना नहीं पड़ेगा।

क्या होगा फायदा?
गाड़ियों को चार्ज होने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, ऐसे में समय काफी बचेगा। ऐसी सड़कों के विस्तार के बाद इलेक्ट्रिक कार, ट्रक आदि की बैटरियों को कॉम्पैक्ट यानी छोटा भी किया जा सकेगा। उनमें ज्यादा पावर स्टोर कर रखने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे बैटरी बनाने में आने वाली लागत में भी कमी आने की संभावना है।

बताते चलें कि स्वीडन फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता को 2030 तक खत्म करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रांसपॉर्ट सेक्टर में 70 पर्सेंट तक कटौती करना जरूरी है।

दुनिया में पहली बार भारत में बनी डेंगू की दवा; पूरी तरह आयुर्वेदिक

नई दिल्ली। न सिर्फ देश बल्कि दुनिया में पहली बार भारतीय वैज्ञानिकों ने डेंगू के इलाज के लिए दवा तैयार कर ली है। इस दवा की मरीजों पर की गई पायलट स्टडी भी सफल रही है। अब इस दवा के बाजार में उतारने से पहले ग्लोबल स्टैंडर्ड के तहत बड़े स्तर पर क्लीनिकल ट्रॉयल किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि 2019 तक डेंगू के आम मरीजों के लिए यह दवा बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। पूरी तरह से आयुर्वेदिक इस दवा को 7 तरह के औषधीय पौधों से तैयार किया गया है।

सीसीआरएएस के वैद्यों ने 2 साल में बनाई दवा
– डेंगू की इस दवा को आयषु मंत्रालय के शोध संस्थान सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद (सीसीआरएएस) के वैज्ञानिकों ने बनाया है। दवा तैयार करने में सीसीआरएएस के एक दर्जन से अधिक वैद्य (विशेषज्ञ) को दो साल से ज्यादा का वक्त लगा है।
– पायलट स्टडी के परिणामों के बाद सीसीआरएएस अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर बलगाम और कोलार मेडिकल कॉलज में डेंगू मरीजों पर बड़े स्तर पर क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है।
– तीन स्तर पर क्लीनिकल ट्रायल करने का निर्णय लिया गया है। क्लीनिकल ट्रायल सितंबर-2019 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा।
2019 में बाजार में आ सकती है डेंगू की दवा
– सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद के महानिदेशक, वैद्य प्रो. केएस धिमान ने कहा, ”दुनिया में पहली बार डेंगू बीमारी के इलाज के लिए दवा विकसित की गई है। सबसे बड़ी बात है पायलट स्टडी में इस दवा के कोई साइड इफेक्ट्स सामने नहीं आए हैं। अगले साल सितंबर तक क्लीनिकल ट्रायल पूरे हो जाएंगे। इसके बाद तय प्रोसिजर के तहत उस कंपनी को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की जाएगी, जो दवा को तैयार कर बाजार में लाने के लिए तैयार होगी।”
हर दिन दो टैबलेट, सात दिन का है कोर्स
– पायलट स्टडी में 90 मरीजों को जो दवा दी गई थी वह काढ़े के तौर पर लिक्विड फॉर्म में दी गई थी। लेकिन अभी जो क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं उसमें मरीज को टैबलेट के फॉर्म में दवा दी जा रही है। दवा का डोज सात दिनों का तय किया गया है। दिन में दो बार एक-एक टैबलेट लेनी होगी। कीमत को लेकर कहा जा रहा है कि इस दवा के दाम बहुत ज्यादा नहीं होंगे।
90 मरीजों पर हुआ ट्रायल, एक भी साइड इफेक्ट्स नहीं
– दवा का चूहों और खरगोश पर सफल अध्ययन होने के बाद पायलट स्टडी की तौर पर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल, कर्नाटक के बेलगाम और कोलार मेडिकल कॉलेज में भर्ती डेंगू के 30-30 मरीजों को यह दवा दी गई। पता चला कि दवा देने के बाद मरीज के ब्लड में प्लेटलेट्स की मात्रा जरुरत के अनुसार बढ़ती गई। एक भी मरीज पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट्स नहीं देखने को मिले।
अभी तक डेंगू के लिए कोई दवा नहीं

– डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनिया में हर साल डेंगू इंफेक्शन के पांच से 10 करोड़ नए मामले सामने आते हैं। बच्चे इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। डेंगू के इलाज के लिए अभी तक कोई दवा मौजूद नहीं थी। केवल बुखार कम करने के लिए पैरासिटामॉल दी जाती है। ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने के लिए डॉक्टर ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लेने की सलाह देते हैं।

 

 

सेट-टॉप बॉक्स से आपकी टीवी पर नजर रखना चाहती है सरकार

नई दिल्ली। आप कौन-कौन सा चैनल कितनी देर तक देखते हैं, यह पता लगाने के लिए सरकार नए सेट-टॉप बॉक्स में चिप लगाने की तैयारी में है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (ट्राई) के पास यह प्रस्ताव भेजा है।

स्मृति ईरानी के मंत्रालय से जुड़े एक सीनियर अफसर ने बताया कि इसका मकसद हर चैनल के लिए विश्वसनीय व्यूअरशिप डेटा जुटाना है। वहीं, सरकार का यह कदम ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया ऑफ इंडिया (बार्क) का एकाधिकार खत्म करने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

बार्क भारत में हर हफ्ते टीवी व्यूअरशिप के डेटा जारी करता है। मंत्रालय का मानना है कि दूरदर्शन की व्यूअरशिप कम करके बताई जाती है।

ट्राई ने कहा- चिप लगाने के मसले पर मंत्रालय अलग से रेफरेंस भेजे
– डीएवीपी विभिन्न मंत्रालयों और इनके संगठनों के विज्ञापन जारी करने के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है। मंत्रालय ने नए डीटीएच लाइसेंस से जुड़े कई मुद्दों पर ट्राई की सिफारिशों पर प्रतिक्रिया के तौर पर यह प्रस्ताव रखा है। हालांकि, हाल ही में भेजे गए जवाब में ट्राई ने कहा कि सेट-टॉप बॉक्स में चिप लगाने के मसले पर मंत्रालय को अलग से रेफरेंस भेजना होगा।

चिप पर तर्क: टीआरपी का सही आंकड़ा मिलेगा
– चिप के जरिए आसानी से ग्राहक कौन सा चैनल कितनी देर देख रहा है। इसकी जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे विज्ञापनदाता और डीएवीपी अपने विज्ञापनों पर सोच-समझकर खर्च कर सकेंगे। केवल उन्हीं चैनलों को प्रोत्साहन मिलेगा, जो व्यापक तौर पर देखे जाते हैं।
अभी 22 हजार घरों से आते हैं टीआरपी के आंकड़े
– अभी तक बीएआरएसी ने 22,000 घरों में बीएआर-ओ मीटर लगाए हैं, जिसके जरिए वह टीआरपी के बारे में आंकड़े एकत्र करता है। जबकि नई चिप लगने के बाद इस मीटर की जरूरत नहीं पड़ेगी। बता दें कि बार्क इन मीटर को ग्राहक की मंजूरी के बाद उनके घरों में लगाती है।

वजह: बार्क नहीं बताता व्यूअरशिप के यह आंकड़े कैसे मिले?
– मंत्रालय के एक अफसर ने बताया कि बार्क यह भी नहीं बताता कि उसने व्यूअरशिप के आंकड़े कैसे जुटाए हैं? उसकी प्रक्रिया और सर्वे का इलाका कौन-सा है।
– चिप लगाने के बाद चैनल के असल व्यूअरशिप आंकड़े पता चल सकेंगे। हालांकि, बार्क के प्रवक्ता का कहना है कि वह लोग वक्त-वक्त पर मंत्रालय के अधिकारियों को अपने काम की अपडेट्स देते रहते हैं।

सेंसेक्स 50 अंक कमजोर, निफ्टी 10,400 के ऊपर

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 10,400 के नीचे फिसल गया जबकि सेंसेक्स में 293.13 प्वाइंट्स की कमजोरी देखने को मिली है। हालांकि निचले स्तरों से सेंसेक्स और निफ्टी में सुधार देखने को मिला है।

सेंसेक्स में नीचे से 230 अंकों का सुधार हुआ है, जबकि निफ्टी 70 अंक सुधरा है। हैवीवेट शेयरों इंफोसिस, ओएनसीजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई में गिरावट से बाजार पर दबाव है। वहीं सेक्टोरल इंडेक्स में एफएमसीजी, मेटल और फार्मा में तेजी व आईटी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। फिलहाल सेंसेक्स 55 अंक गिरकर 34,138 और निफ्टी 15 अंक लुढ़ककर 10,466 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

इससे पहले, अमेरिका की अगुवाई में ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा सीरिया पर मिसाइल दागे जाने से जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर बाजार पर देखने को मिला। सेंसेक्स 248 अंक टूटकर 33,945 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 82 अंक की गिरावट के साथ 10,398 के स्तर पर हुई।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी
शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.12 फीसदी टूटा है, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.54 फीसदी लुढ़का है। बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.22 फीसदी कमजोरी आई है।

मिडकैप शेयरों में वक्रांगी, एंडुरेंज, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, क्रॉम्पटन, आरकॉम, आईजीएल, एनएलसी इंडिया, ब्लू डार्ट 4.98-0.95 फीसदी तक गिरे। हालांकि गृह फाइनेंस, इंडियन होटल, जिंदल स्टील, अशोक लेलैंड, क्रिसिल, एलटीआई, टोरेंट फार्मा 0.96-4.67 फीसदी तक बढ़े।

FMCG, मेटल और फार्मा में तेजी, आईटी शेयरों में दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स में एफएमसीजी, मेटल और फार्मा में तेजी व आईटी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.03 फीसदी मामूली बढ़त के साथ 25,207.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एफएमसीजी इंडेक्स 0.45%, मेटल इंडेक्स 0.18%, फार्मा इंडेक्स 0.27% बढ़ा है।

DII ने की खरीददारी, FII रहे बिकवाल
शुक्रवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 306.05 करोड़ रुपए की खरीददारी की। वहीं फॉरेने इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 399.59 करोड़ रु. की बिकवाली की।

Update
09:55 AM
इंफोसिस के गाइडेंस ने निवेशकों को किया निराश, स्टॉक 6% तक टूटा
देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड के चौथी तिमाही के नतीजे शुक्रवार को जारी हुए हैं। चौथी तिमाही में इंफोसिस के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे। लेकिन कंपनी ने जो ग्रोथ गाइडेंस दी है वह आईटी इंडस्ट्री बॉडी नैस्कॉम के दिए 7-9% के टारगेट से बेहतर नहीं होगी। इससे निवेशकों को निराशा हुई, जिससे सोमवार के कारोबार में स्टॉक 6 फीसदी तक टूट गया।
09:20 AM
रुपया 12 पैसे टूटकर खुला
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन रुपए की कमजोर शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे की कमजोरी के साथ 65.32 के स्तर पर खुला। वहीं शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे बढ़कर 65.20 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि रुपए की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे गिरकर 65.30 के स्तर पर खुला था।
09:20 AM
एशियाई बाजारों में कमजोरी
अमेरिका का सीरिया पर मिसाइल हमले किए जाने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 10,437 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

जापान का बाजार निक्केई 55 अंक की मजबूती के साथ 21,834 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि हैंग सेंग 430 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 30,375 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.48 फीसदी की उछाल के साथ 2,454 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 10,958 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट 1.07 फीसदी टूटकर 3,125 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम 0.31 फीसदी गिरकर 3490 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
09:19 AM
DII ने की खरीददारी, FII रहे बिकवाल
शुक्रवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 306.05 करोड़ रुपए की खरीददारी की। वहीं फॉरेने इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 399.59 करोड़ रु.की बिकवाली की।

जमीन मांगी तो वन विभाग ने दिया मंडी समिति को कब्जे का नोटिस

कोटा। भामाशाह मंडी के विस्तार के लिए कृषि उपजमंडी समिति की ओर से वन विभाग से 74 हैक्टेयर जमीन की डिमांड की गई थी। लेकिन, वन विभाग ने उलटा उन्हें 22 हैक्टेयर जमीन पर कब्जे का नोटिस थमा दिया। यह नोटिस 91 एलआरए एक्ट के तहत जारी किया गया है। जिसमें जमीन से बेदखली का भी मामला बनता है।

अब इसकी सुनवाई होगी। मंडी समिति ने इस नोटिस का जवाब देने के लिए वकील तय कर लिया है। भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति की ओर से वन विभाग को 74 हैक्टेयर जमीन के डायवर्जन के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया। वन विभाग ने जब इसकी जांच करवाई तो पता चला कि वन विभाग की 22 हैक्टेयर जमीन पर पहले ही मंडी समिति अवैध तरीके से काबिज है।

वन विभाग की ओर से मंडी समिति को पत्र भेजा कि पहले वह उनके कब्जे में मौजूद 22 हैक्टेयर जमीन का डायवर्जन करवाए। यह जमीन अवैध तरीके से उनके कब्जे में हैं। इसके बाद मंडी की ओर से उस जमीन को जोड़ते हुए 96 हैक्टेयर जमीन का डायवर्जन करने के लिए प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है।

22 हैक्टेयर जमीन पर बिना पैसे दिए कर लिया कब्जा :विभाग के एसीएफ जयसिंह ने बताया कि पूर्व में वन विभाग की जमीन रीको को दी गई थी, रीकाे ने इसमें से मंडी समिति को मंडी विकसित करने के लिए जमीन दे दी। इसमें मंडी बनी तो 22 बीघा उस जमीन को भी अपने कब्जे में लिया , जिसका आवंटन उन्हें नहीं किया गया था।

इस जमीन पर मंडी ने निर्माण भी करवा लिया। जब मंडी समिति से पूछा तो उनकी ओर से बताया कि यह जमीन उन्हें रीकाे ने दी है। जिसके बदले में मंडी समिति की ओर से पैसा दिया गया है। वन विभाग ने उन्हें पैसे मिलने से इंकार करते हुए 91 एलआरए में नोटिस जारी कर दिया।  अब इसकी सुनवाई उनके यहां चल रही है। मंडी सचिव आरपी कुमावत ने माना कि वन विभाग की ओर से नोटिस मिल गया है। इसका जवाब दिया जा रहा है।

रेल मंत्री के फर्जी लैटर हैड पर कन्फर्म टिकट, एजेंट और 2 यात्री गिरफ्तार

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कोटा। रेल मंत्री पीयूष गोयल के फर्जी लैटर हैड से सूरत का एजेंट यात्रियों के टिकट कनफर्म करवाने का गोरखधंधा कर रहा था। इसके लिए उसने रेल मंत्री के फर्जी साइन भी किए थे। फर्जीवाड़ा खुलने पर आरपीएफ ने दलाल को सूरत से गिरफ्तार कर लिया।

कोटा से रेल मंत्री के फर्जी लैटर हैड समेत 2 यात्री भी पकड़े गए जिन्हें सूरत भेज दिया गया है। कनफर्म टिकट के एवज में दलाल ने यात्रियों से 600-600 रुपए अतिरिक्त लिए थे। इस मामले में भीमगंजमंडी थाने में जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज की गई है।

आरपीएफ की टीम यह पता करने का प्रयास कर रही है कि रश्मिकांत ने पूर्व में रेल मंत्री के कितने फर्जी लैटर हैड पर किन-किन रेलवे के डीआरएम को रिक्वेस्ट लेटर भेजे हैं।  सूरत के माधव नगर पाडेसरा निवासी रश्मिकांत प्रहलाद भाई पटेल 4 यात्रियों के सूरत से कोटा व कोटा से फैजाबाद के टिकट बनाए। सूरत से कोटा के टिकट कनफर्म थे।

कोटा-पटना ट्रेन का कोटा से फैजाबाद तक का तत्काल कोटे में लिया गया टिकट कनफर्म नहीं था। टिकट कनफर्म कराने का वादा कर चुके एजेंट ने रेल मंत्री पीयूष गोयल का फर्जी लैटर हैड तैयार किया। लैटर हैड पर यात्रियों के नाम, पीएनआर नंबर लिखे। साथ ही रेलमंत्री के जाली साइन किए।

लैटर हैड पर सांसद किरीट सोमैया का भी नाम था, लेकिन उनके साइन नहीं थे। दलाल रश्मिकांत ने लैटर हैड का फोटो 14 अप्रैल को कोटा डीआरएम को वाट्सएप कर दिया। डीआरएम को जब रेल मंत्री के लैटर हैड पर कोटा-पटना ट्रेन के स्लीपर कोच में 4 बर्थ का रिक्वेस्ट लेटर मिला तो उन्हें शक हुआ।

उन्होंने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को सूचना दी। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने रेल मंत्रालय से लेटर हैड के बारे में जानकारी की तो पता चला कि मंत्री ने ऐसा कोई रिक्वेस्ट लैटर जारी नहीं किया है।

 सूरत से पकड़ा गया एजेंट
रेल मंत्री कार्यालय से रिक्वेस्ट नहीं भेजने की बात पता चली तो रेलवे बोर्ड अधिकारियों ने आरपीएफ के डीजी धर्मेंद्र कुमार को पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त आरके मलिक को कार्रवाई के निर्देश दिए। मलिक के निर्देश पर कोटा आरपीएफ कमांडेंट आरएसपी सिंह को सूचना दी।

सिंह ने आरपीएफ की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजीव खरब व मनीष कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। खरब ने सूरत आरपीएफ पोस्ट व अपराध शाखा से संपर्क किया। आरपीएफ टीम ने रश्मिकांत प्रहलाद भाई के घर का पता कर उसकी तलाश शुरू की। रविवार तड़के उसे आरपीएफ ने पकड़ लिया।

ऐसे बनाया फर्जी लैटर हैड :आरपीएफ की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजीव खरब ने बताया कि एजेंट रश्मिकांत ने ऑनलाइन सर्च करके रेल मंत्री के लैटर हैड का डिजाइन निकाला। उसके बाद 8 यात्रियों के टिकट कनफर्म करवाने के लिए 2 फर्जी लैटर हैड बनाए। इस पर रेल मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर कर उसका फोटो डीआरएम कोटा को वाट्सएप कर दिया। बाकी 4 यात्रियों को लेटर हैड देकर कोटा भेज दिया, जिसमें से 2 यहां पकड़े गए।

कोटा में 2 यात्री गिरफ्तार :मामला सामने आने के बाद आरपीएफ इमरजेंसी कोटा सेल पर निगाह रख रहा था। रविवार दोपहर लगभग 12 बजे 2 व्यक्ति कोटा के उप स्टेशन अधीक्षक पीएन गुप्ता के पास पहुंचे और रेल मंत्री का लैटर हैड दिखाकर इमरजेंसी कोटा सेल का पता पूछा।

इस पर कोटा-पटना ट्रेन में वाराणसी के लिए 4 बर्थ अलॉट करने को कहा गया था। गुप्ता ने आरपीएफ को सूचना दी। आरपीएफ ने दोनों यात्रियों पांडेसर सूरत निवासी दीपक भाई व सम्राट को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दलाल रश्मिकांत ने 1500 रुपए अतिरिक्त लेकर ये लेटर उन्हें दिया था।

साल में 25 से अधिक मामले पकड़े जाते हैं
त्यौहारी सीजन व गर्मी की छुट्टियों में भीड़भाड़ होने पर टिकट दलालों का धंधा पनपने लगता है। आरपीएफ प्रतिवर्ष कोटा में ही लगभग 20 से 25 ऐसे मामले पकड़ती है। साथ ही 80 हजार से 1 लाख तक के टिकट भी बरामद किए जाते हैं। दलाल फर्जी आईडी व अन्य माध्यमों से टिकट बुक करवाकर यात्रियों से प्रत्येक टिकट के 500 से 2000 रुपये तक अधिक वसूल लेते हैं।

फर्जी आईडी से बनाते हैं टिकट :आरपीएफ कमांडेंट आरएसपी सिंह ने बताया कि अवैध टिकट एजेंट कभी खुद की आईडी पर तो कभी अन्य की आईडी पर टिकट बनवाते हैं। अवैध एजेंट इसके लिए कई नाम व पतों की आईडी रखते हैं। जांच में कई आईडी तो फर्जी पाई जाती है।

बाल विवाह आज भी सामाजिक अभिशाप : विधायक शर्मा

कोटा।  विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि बाल विवाह आज भी हमारे समाज में सामाजिक अभिशाप है, जो कि सभी संगठनो तथा आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही मिटाया जा सकेगा| वे रविवार को “समर्पण” बहुउद्देशीय विकास समिति कोटा की ओर से सामाजिक सरोकारों के तहत आयोजित “बाल विवाह रोकथाम” कार्यक्रम के पेम्फ्लेट/पोस्टर का विमोचन कर रहे थे। 

इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष आरएस कसेरा ने कहा कि समर्पण संस्था सदैव बालिकाओ को सम्बल प्रदान करती रही है बालिकाए पढेंगी तब ही समाज उन्नति करेगा तथा बाल विवाह की कुरीति समाप्त हो पाएगी |

विमोचन के अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष विजय माहेश्वरी, महासचिव यज्ञदत्त हाड़ा, सुधीन्द्र गौड़, डॉ. जगदीश शर्मा, आर एस सोलंकी आदि प्रबुद्धजन उपस्थित रहे |

रविवार को न्यू रोडवेज़ बस स्टैंड, भामाशाह मंडी, नयापुरा बस स्टैंड क्षेत्र एवं सीबी गार्डन में पेम्फ्लेट वितरित कर लोगों को इस बुराई से सावचेत किया गया |