Saturday, May 16, 2026
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नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपियों से 30 हजार के नोट बरामद

नई दिल्ली। कोटा जिले में पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। चेचट थाना पुलिस ने मोड़क रोड स्थित एक निजी होटल के पास छापेमारी कर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 500 और 200 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाने में लगी है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नियमित गश्त और नाकाबंदी के दौरान की गई। इस दौरान कुछ संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें पकड़कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवकों के पास से 500 रुपये के तीन और 200 रुपये का एक नकली नोट बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने जाहिद और इस्लाम नामक आरोपियों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने करीब 30 हजार रुपये के नकली नोट महज 12,500 रुपये के असली नोट देकर खरीदे थे। इसके बाद वे इन नोटों को बाजार में चलाकर मुनाफा कमाने की योजना बना रहे थे।

आगे की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नकली नोट वकार और वसीम से लाते थे, जबकि पुलिस द्वारा बरामद किए गए नोट सोहेल नाम के युवक से लिए गए थे। आरोपियों की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने वकार, वसीम और सोहेल को भी गिरफ्तार कर लिया।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत चेचट थाना पुलिस को यह सफलता मिली है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई में चेचट थाना पुलिस के साथ सुकेत थाना पुलिस टीम की अहम भूमिका रही है।

साबरमती–आसनसोल वातानुकूलित विशेष एक्सप्रेस का संचालन 17 अप्रैल से

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा साबरमती–आसनसोल–साबरमती के मध्य वातानुकूलित विशेष रेलगाड़ी का 17 अप्रैल से संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09435 (साबरमती बीजी-आसनसोल) 17 अप्रैल एवं 24 अप्रैल को प्रत्येक शुक्रवार को 2 फेरों में साबरमती से रात्रि 22.55 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शनिवार को भरतपुर 12.05 बजे होते हुए रविवार को दोपहर 13.15 बजे आसनसोल जंक्शन पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09436 (आसनसोल–साबरमती ) 19 अप्रैल एवं 26 अप्रैल को प्रत्येक रविवार को 2 फेरों में आसनसोल जंक्शन से 16.10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सोमवार को भरतपुर 16.30 बजे होते हुए मंगलवार को प्रातः 07.15 बजे साबरमती बीजी पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में साबरमती बीजी, मेहसाणा जंक्शन, पालनपुर जंक्शन, आबू रोड, फालना, मारवाड़ जंक्शन, ब्यावर, अजमेर जंक्शन, जयपुर जंक्शन, बांदीकुई जंक्शन, भरतपुर जंक्शन, अछनेरा जंक्शन, ईदगाह आगरा जंक्शन, टुंडला जंक्शन, गोविंदपुरी, प्रयागराज जंक्शन, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम, गया जंक्शन, कोडरमा, धनबाद जंक्शन तथा आसनसोल जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी। इस विशेष गाड़ी में 18 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी सहित कुल 20 डिब्बे होंगे।

रामगंज मंडी–भोपाल रेल लाइन परियोजना का कोटा मंडल में 145 किमी तक कार्य पूर्ण

कोटा। राजस्थान और मध्यप्रदेश को सीधे रेल संपर्क से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी–भोपाल नई रेल लाइन परियोजना में कोटा मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। कोटा मंडल के अधीन 165 किलोमीटर के रेलखंड में से 145 किलोमीटर का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 276 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 3,035 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में रामगंज मंडी से ब्यावरा तक 165 किलोमीटर का खंड कोटा मंडल के अधीन है, जबकि शेष 111 किलोमीटर भोपाल मंडल के अंतर्गत आता है।

समग्र परियोजना में अब तक 187 किलोमीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें कोटा मंडल का योगदान 145 किलोमीटर रामगंज मंडी से राजगढ़ तक का है। शेष 89 किलोमीटर कुरावर, श्यामपुर, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़ एवं ब्यावरा सोनकच्छ खंडों का कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।

इस परियोजना के अंतर्गत कुल 27 स्टेशन हैं, जिनमें रामगंज मंडी, जुल्मी, झालावाड़, झालरापाटन, जूनाखेड़ा, अमेठा, अकलेरा, पचोला, घाटोली, नयागांव, भोजपुर, देवपुरा, खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, पीपलखेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहपुर, जमुनियागंज, कुरावर, श्यामपुर, दुराहा, जरखेड़ा, मुगलियाहाट, संत हिरदाराम नगर एवं निशातपुरा डी केबिन शामिल हैं। परियोजना में कुल 4 सुरंग, 4 महत्वपूर्ण पुल, 34 मुख्य पुल एवं 171 अंडरपास शामिल हैं।

इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में जैन ने बताया कि यह परियोजना कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर एवं भोपाल पाँच जिलों को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ती है। वर्तमान में भोपाल–कोटा के बीच रेल यात्रा नागदा–उज्जैन अथवा बीना मार्ग से होती है, जिससे दूरी और समय दोनों अधिक लगते हैं।

नई लाइन के प्रारंभ होने पर दूरी में लगभग 100 किलोमीटर की कमी आएगी तथा यात्रा समय में 2 से 3 घंटे की बचत होगी। इसके अतिरिक्त झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट तक कोयला परिवहन मार्ग लगभग 42 किलोमीटर छोटा हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

साथ ही जयपुर से दक्षिण भारत की ओर चलने वाली मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों का मार्ग लगभग 115 किलोमीटर कम होने से यात्रा समय में लगभग 3 घंटे की बचत होगी।

इस परियोजना के पूर्ण होने से हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, झालावाड़ एवं रामगंज मंडी के यात्रियों को भोपाल एवं मालवा क्षेत्र के लिए सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। रामगंज मंडी, झालरापाटन, अकलेरा, घाटोली, भोजपुर एवं खिलचीपुर जैसे स्टेशनों से गुजरने वाली यह लाइन ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा एवं व्यापार में आवागमन को अधिक सुगम बनाएगी।

OnePlus 15s स्मार्टफोन 7500mAh बैटरी, 50MP कैमरा, AI पावर के साथ होगा लॉन्च

नई दिल्ली। OnePlus अपना नया स्मार्टफोन OnePlus 15s जल्द लॉन्च कर सकती है और लॉन्च से पहले ही इसके कई फीचर्स और डिटेल्स ऑनलाइन लीक हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन इस साल की दूसरी तिमाही यानी मई या जून के आसपास भारत में लॉन्च हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि OnePlus 15s को कंपनी के फ्लैगशिप मॉडल जैसा ही पावरफुल बनाया जा रहा है। इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर, बड़ी बैटरी और हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

लीक रिपोर्ट्स के अनुसार OnePlus 15s को भारत में Q2 के अंत या Q3 की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है। यानी यह फोन मई या जून के आसपास बाजार में आ सकता है। कहा जा रहा है कि यह फोन OnePlus 15T का रीब्रांडेड वर्जन हो सकता है, जिसे पहले चीन में लॉन्च किया गया था।

OnePlus 15s की कीमत
भारत में OnePlus 15s की कीमत 60,000 रुपये से कम होने की अफवाहें हैं। जबकि इससे मिलता-जुलता फोन OnePlus 15T चीन में 4,299 चीनी डॉलर (लगभग 58,800 रुपये) से लॉन्च हुआ है। जानें इस प्राइस रेंज में क्या मिलेंगे फीचर्स:

OnePlus 15s के फीचर्स
OnePlus 15s में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है, जो फिलहाल सबसे पावरफुल मोबाइल चिपसेट्स में से एक है। यह प्रोसेसर गेमिंग, मल्टीटास्किंग और AI टास्क के लिए बेहद शानदार परफॉर्मेंस देगा। इसके साथ ही Adreno 840 GPU भी मिलने की उम्मीद है, जिससे ग्राफिक्स और गेमिंग एक्सपीरियंस और बेहतर होगा।

बैटरी के मामले में OnePlus 15s काफी दमदार साबित हो सकता है। लीक के अनुसार इसमें 7500mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है। इसके साथ 100W फास्ट चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी मिल सकता है। फोन में 6.32 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसमें 165Hz रिफ्रेश रेट मिलेगा। इसके अलावा 1800 निट्स तक की ब्राइटनेस मिलने की भी उम्मीद है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखेगी।

कैमरा सेगमेंट में भी OnePlus 15s मजबूत नजर आ रहा है। इसमें 50MP का ड्यूल कैमरा सेटअप मिल सकता है, जिसमें 3.5x पेरिस्कोप लेंस भी शामिल हो सकता है। इससे जूम और फोटो क्वालिटी दोनों बेहतर होंगे। फोन में अल्ट्रासोनिक इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया जा सकता है, जो ज्यादा तेज और सुरक्षित होगा। इसके अलावा IP69K रेटिंग मिलने की भी संभावना है, जिससे फोन पानी और धूल से सुरक्षित रहेगा।

पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण पीएम मोदी करेंगे, सीएम ने लिया तैयारियों का जायजा

बाड़मेर। पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली पचपदरा रिफाइनरी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। आगामी 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बालोतरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परिसर का दौरा कर तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इसे राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट और मुख्य कंट्रोल रूम का जायजा लिया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत कर परियोजना की प्रगति की जानकारी ली और संचालन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित जनसभा स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए पेयजल, छाया और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर पुलिस और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर राजस्थान की पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक दिखनी चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को प्रदेश की विरासत का अनुभव मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफाइनरी के शुरू होने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने आमजन और कार्यकर्ताओं से लोकार्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। यह रिफाइनरी “जीरो लिक्विड इफ्लुएंट डिस्चार्ज” तकनीक पर आधारित है, जिससे किसी प्रकार का तरल अपशिष्ट बाहर नहीं छोड़ा जाएगा। इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस परियोजना की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है। साथ ही 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया गया है। यह देश की आधुनिक बीएस-6 मानकों पर आधारित रिफाइनरी है। यहां रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन एक साथ किया जाएगा। यहां कच्चा तेल मुख्य रूप से अरब देशों से आयात किया जाएगा, जबकि राजस्थान में उत्पादित लगभग 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग होगा।

इस परियोजना की नींव 2013 में रखी गई थी। 2018 में इसे दोबारा गति मिली। समय के साथ इसकी लागत बढ़कर लगभग 79 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है।

प्रशासनिक तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने बैठक कर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत निर्देश दिए। हेलिपैड पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कई मंत्री, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कमजोर मानसून से सोयाबीन और तिलहन फसलों के दामों में तेजी का अनुमान

नई दिल्ली। IMD ने वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान जताया है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून होगा।

कमजोर मानसून का असर तिलहन फसलों, विशेषकर सोयाबीन और मूंगफली, पर पड़ सकता है। कभी विदेशी फसल मानी जाने वाली सोयाबीन अब भारत की प्रमुख घरेलू तिलहन फसल बन चुकी है। पिछले वर्ष बंपर उत्पादन के कारण सोयाबीन के बाजार भाव और MSP के बीच अंतर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जिससे किसानों को काफी कम कीमत मिली।

मध्य प्रदेश में भावांतर योजना के तहत किसानों को कुछ राहत मिली, लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात के किसानों को कम दाम मिलने से इस बार बोआई रुचि प्रभावित हो सकती है।

सोयाबीन फसल अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है और इसमें मौसम, कीट तथा वर्षा के प्रति अच्छी सहनशीलता होती है। हालांकि बुवाई के समय मिट्टी में पर्याप्त नमी न होने पर अंकुरण प्रभावित हो सकता है, जिससे उत्पादन घटने का खतरा बढ़ जाता है। यदि कमजोर मानसून के कारण उत्पादन कम हुआ, तो भारत की सोया तेल आयात निर्भरता और बढ़ सकती है।

इसी तरह मूंगफली फसल पर भी असर पड़ सकता है। भारत मूंगफली तेल का आयात नहीं करता, लेकिन घरेलू मांग पूरी तरह स्थानीय उत्पादन पर निर्भर है। यदि उत्पादन घटता है, तो घरेलू बाजार में आपूर्ति दबाव बढ़ सकता है।

यदि विभिन्न मौसम एजेंसियों के कमजोर मानसून के अनुमान सही साबित होते हैं, तो आने वाले समय में सभी तिलहन फसलों के दाम मजबूत रह सकते हैं। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है, जबकि खाद्य तेल बाजार में महंगाई दबाव बढ़ सकता है।

अमेरिका को चकमा देकर होर्मुज से जहाज निकाल लाया चीन, जानिए कैसे

नई दिल्ली। अमेरिका की नाकेबंदी का असर चीन पर नहीं हो रहा है। खबर है कि चोकपॉइंट पर ब्लॉक के बाद भी चीन का जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गया है। खास बात है कि इस जहाज पर अमेरिका ने प्रतिबंध भी लगाया है।

फिलहाल, अमेरिका या जहाज कंपनी की ओर से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हाल ही में चीन ने अमेरिका से कहा था कि ईरान और उसके काम में बाहर से दखल नहीं दिया जाना चाहिए।

रॉयटर्स की रिपोर्ट में एलएसईजी, मरीनट्रैफिक और केप्लर के डेटा के हवाले से बताया गया है कि चीन का टैंकर रिच स्टैरी होर्मुज को पार कर गया है। डेटा के अनुसार, नाकेबंदी के बाद रिच स्टैरी पहला जहाज होगा, जो स्ट्रेट से गुजरा और खाड़ी से बाहर निकल गया। खास बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस नाकेबंदी के खिलाफ कई देश सामने आ चुके हैं।

ईरान के साथ काम करने के चलते अमेरिका ने इसपर प्रतिबंध भी लगाया है। इसकी मालिक कंपनी शंघाई शुआनरुन शिपिंग कंपनी लिमिटेड है। खबर है कि रिच स्टैरी एक मीडियम रेंज टैंकर है, जो 2 लाख 50 हजार बैरल मेथेनॉल लेकर जा रहा है। इसने यूएई के हामरियाह पोर्ट से कार्गो लोड किया था।

चीन दे चुका है धमकी
चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने कहा, ‘हमारे जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पानी में आ और जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा के समझौते हैं। हम उन समझौतों का सम्मान करेंगे और उन्हें निभाएंगे, और हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे हमारे मामलों में दखल नहीं देंगे।’

शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को कहा कि होर्मुज में सुरक्षा, स्थिरता और बिना रुकावट आने-जाने की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के आम हितों को पूरा करती है। जब ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बारे में पूछा गया कि तो गुओ ने कहा कि टैरिफ से कोई नहीं जीतता।

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि चीन का रुख बहुत साफ है, टैरिफ युद्धों से कोई नहीं जीतता। ये धमकियां ऐसे अहम समय पर आई हैं, जब ट्रंप के मई के बीच में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक अहम समिट के लिए बीजिंग आने की उम्मीद है।

अमेरिका की नाकेबंदी
UKMTO यानी ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सोमवार देर रात बताया है कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकेबंदी शुरू कर दी है। इसे अनुसार, मेरिकी सेना की इस कार्रवाई से अरब और ओमान की खाड़ी के साथ अरब सागर और होर्मुज का दक्षिण पूर्व क्षेत्र भी प्रभावित होगा। ईरान ने कार्रवाई पर धमकी देते हुए कहा है कि वे फारस और ओमान की खाड़ी स्थित बंदरगाहों को निशाने बनाएगा।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने बताया नाकेबंदी के तहत ईरान बंदरगाह से निकलने और वहां पहुंचने वाले सभी पोतों को रोका जाएगा। अरब और ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के बंदरगाह भी इस कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

सेना ने ये भी स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाह के अलावा दूसरे बंदरगाहों पर जाने वाले पोतों को होर्मुज के लिए जाने दिया जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज की पूरी तरह नाकेबंदी करने की घोषणा की थी।

अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता जल्द ही, जानिए इस बार कहां होगी बातचीत

नई दिल्ली। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने वार्ता करने के लिए संपर्क में हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बढ़े हुए संघर्ष को कम करने और लंबे समय के लिए सीजफायर पर समझौता करने के उद्देश्य से दोनों ही देश एक बार फिर चर्चा कर सकते हैं।

इसी महीने किया गया अस्थायी युद्धविराम खत्म होने वाला है। संभव है कि इससे पहले दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने चर्चा करें। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही देशों ने संकेत दिए हैं कि इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद भी वार्ता के रास्ते खुले रहेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान से निकलते हुए कहा भी था कि वह फाइनल और बेस्ट प्रस्ताव ईरान के सामने रखकर जा रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्लामाबाद में ही दूसरे चरण की वार्ता भी हो सकती है। अमेरिका और तेहरान के बीच वार्ता करवाने में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्त की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा है कि वे दोनों पक्षों के संपर्क में हैं और चाहते हैं कि अस्थायी सीजफायर खत्म होने से पहले ही वार्ता हो।

पाकिस्तान ने जताई वार्ता की उम्मीद
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को कहा कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। आसिफ ने यह बयान इस्लामाबाद में हुई वार्ता के असफल होने के एक दिन बाद दिया। शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई वार्ता 1979 के बाद इस तरह की पहली वार्ता थी, जिसमें दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। हालांकि, सप्ताहांत में पाकिस्तान में हुई वार्ता के बाद दोनों पक्ष शत्रुता समाप्त करने के लिए कोई स्थायी शांति समझौता करने में विफल रहे।

संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए आसिफ ने कहा कि बातचीत के बाद संतोष की भावना है कि अब तक कोई नकारात्मक घटनाक्रम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “केवल सकारात्मक प्रगति देखी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि चल रहे राजनयिक प्रयास रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

इस्लामाबाद में हुई वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपना “अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव” प्रस्तुत किए जाने के बावजूद ईरानी पक्ष ने युद्ध समाप्त करने के लिए वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया।

पाकिस्तान से बिना समझौते के क्यों लौटा अमेरिका, जेडी वेंस ने किया खुलासा

नई दिल्ली। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच समझौता ना हो पाने को लेकर एक नया खुलासा किया है। वेंस ने संकेत दिए हैं कि ईरान ने जिन प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद भेजा था, उनके पास फैसला लेने की क्षमता ही नहीं थी और यह बातचीत फेल होने की एक बड़ी वजह रही। वेंस ने इस दौरान कहा है कि अमेरिका ने युद्धविराम को लेकर सभी शर्तों को स्पष्ट कर दिया है और अब आगे की बातचीत को लेकर गेंद ईरान के पाले में हैं।

रविवार को फॉक्स के साथ एक इंटरव्यू में, वेंस ने विस्तार से बताया कि पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में US और ईरान के बीच शांति वार्ता के दौरान क्या हुआ और क्यों कोई डील नहीं हो पाई। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता अंततः इसलिए समाप्त हो गई क्योंकि ईरानी वार्ताकार किसी समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पाए।

उन्होंने आगे कहा कि इस बातचीत से यह समझने में मदद मिली कि तेहरान में निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है। उन्होंने कहा, ”हमें यह समझ आया कि वहां मौजूद टीम समझौता करने में असमर्थ थी। उन्हें तेहरान लौटना पड़ा ताकि या तो सर्वोच्च नेता से या किसी और से उन शर्तों पर मंजूरी ली जा सके जो हमने तय की थीं।”

वेंस ने कहा कि वह इस बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शत प्रतिशत सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर राष्ट्रपति ट्रंप से शत प्रतिशत सहमत हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए… अगर वे पूरी दुनिया के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद फैलाने को तैयार हैं तो सोचिए कि अगर तेहरान के पास परमाणु बम हो तो इसका क्या मतलब होगा और उनके पास क्या ताकत होगी।”

वेंस ने कहा कि यह पहली बार था जब अमेरिका और ईरान की सरकारें इतने उच्च स्तर पर मिलीं। उन्होंने कहा, ”इसलिए मेरा मानना है कि यह सकारात्मक बात है और हमने बातचीत में कुछ प्रगति की।” वेंस ने जोर देकर कहा कि अगर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर अमेरिका की ‘सीमाओं’ का पालन किया जाता है तो ”यह दोनों देशों के लिए बहुत, बहुत अच्छा समझौता हो सकता है।” वेंस ने कहा, ”क्या हमारी आगे और बातचीत होगी, क्या हम किसी समझौते तक अंततः पहुंचेंगे? मुझे लगता है कि गेंद अब ईरान के पाले में है।’’

समझौता नहीं करवा पाया पाकिस्तान
इससे पहले अमेरिका और ईरान सप्ताहांत में इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली लंबी शांति वार्ता के बाद किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। अमेरिका का कहना है कि तेहरान ने परमाणु हथियार संबंधी शर्त को मानने से इनकार कर दिया।

वेंस ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई इस वार्ता में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल में उसकी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे।

शेयर मार्केट आज अंबेडकर जयंती पर बंद, MCX पर शाम को होगा कारोबार

नई दिल्ली। Stock Market Holiday: भारतीय शेयर मार्केट मंगलवार, 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के कारण बंद रहेगा। आज बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग पूरी तरह से बंद रहेगी। कल यानी 15 अप्रैल से बाजार सामान्य समय पर खुलेंगे।

इक्विटी, डेरिवेटिव और एसएलबी सेगमेंट में भी कोई कारोबार नहीं होगा। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे से रात 11:55 बजे तक कारोबार चलेगा।

अब कब है छुट्टी
अगली छुट्टी 1 मई को महाराष्ट्र दिवस पर होगी। इसके बाद 28 मई को बकरीद के अवसर पर शेयर मार्केट बंद रहेगा। जून में केवल 1 छुट्टी है। 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर बाजार में कोई कारोबार नहीं होगा। जबकि, जुलाई में कोई छुट्टी नहीं है। अगस्त में 15 अगस्त शनिवार को पड़ रहा है। इस दिन बाजार बंद रहेगा। सितंबर में भी केवल 1 छुट्टी है। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर मार्केट में छुट्टी रहेगी।