Thursday, June 11, 2026
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रेड क्रॉस दिवस: TB मरीजों को पोषण किट भेंट, रक्तदान जागरूकता अभियान आयोजित

कोटा। World Red Cross Day: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी कोटा द्वारा शुक्रवार को सेवा, समर्पण और मानवता को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा कोटा के अध्यक्ष पीयूष समारिया मुख्य अतिथि तथा सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

स्टेट सेक्रेटरी जगदीश जिंदल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने जिला कलेक्टर पीयूष समारिया को विश्व रेडक्रॉस दिवस की थीम “मानवता में एकता” का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर टीबी मुक्त भारत-निक्षय योजना शिविर के अंतर्गत 100 टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गईं। साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया जिसमें 21 यूनिट रक्तदान एकत्रित हुआ।

विश्व रेड क्रॉस दिवस की थीम “मानवता में एकता” पर आधारित सामाजिक जागरूकता पोस्टर का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रेड क्रॉस ने आपदा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सहायता के क्षेत्र में सदैव मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कोटा शाखा द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं वॉलंटियर्स की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए समाजहित में इसी प्रकार सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।

चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने सभी को विश्व रेड क्रॉस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए जिला शाखा की विभिन्न गतिविधियों एवं सेवा परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी भविष्य में भी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा के वाइस चेयरमैन मोहनलाल राव, सचिव रिछपाल पारीक, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण नैनानी, डायरेक्टर महेंद्र कुमार शर्मा, जगदीश जिंदल, अशोक मीणा, सुभाष जैन, कपूरचंद सिंघल, महेशचंद अजमेरा एवं सुरेश काबरा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सीएमएचओ कार्यालय से जगदीश नागर तथा एमबीएस हॉस्पिटल के अधीक्षक धर्मराज मीणा ने भी सहभागिता निभाई।

भारत वैश्विक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है: डॉ. दीपक वोहरा

‘द जामवंत सीरीज़’ संगोष्ठी में बोले राजदूत, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम

कोटा। विश्वविद्यालय कोटा एवं दिवाथर्व विकास फाउंडेशन (DVF) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “द जामवंत सीरीज़” राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ राजनयिक डॉ. दीपक वोहरा ने कहा कि वर्तमान समय में भारत की कूटनीति और विदेश नीति विश्व स्तर पर नई पहचान बना रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को वैश्विक समर्थन मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है। इनमें नौ इस्लामिक देशों का शामिल होना विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ रही है और देश आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत प्रतिदिन 12 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछा रहा है, वहीं 100 घंटों में 100 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे निर्माण जैसे कार्य विश्व स्तर पर भारत की कार्यक्षमता को प्रदर्शित करते हैं।

उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे पुल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल विकासशील राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर शक्ति बन चुका है।

डॉ. वोहरा ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि देश की आबादी में प्रत्येक चौथा व्यक्ति विद्यार्थी है। यह भारत की जनशक्ति और भविष्य की संभावनाओं का सबसे बड़ा आधार है।

उन्होंने कहा कि आज 100 से अधिक देश भारत से रक्षा उपकरण और आयुध खरीद रहे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने आभार व्यक्त करते हुए भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत केवल भूभाग का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि वंदन और अभिनंदन की भूमि है। यहां की हर नदी और हर कण में गंगा की पवित्रता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव समाहित है।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए जीने और भारत माता के लिए समर्पित रहने की भावना ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।आरटीयू के कुलगुरू निमित चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

फाउंडेशन की निदेशक अनिता चौहान एवं कोटा विवि में डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो.डॉ. नीलू चौहान ने बताया कि DVF सलाहकार के. बी. नंदवाना ने संगठनात्मक विकास और सामाजिक सहभागिता पर विचार रखे।

जबकि विश्वविद्यालय की डीन छात्र कल्याण डॉ. नीलू चौहान ने छात्र नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

ISTD कोटा के अध्यक्ष डॉ. अमित एस. राठौड़ एवं ISTD देहरादून के अध्यक्ष अनुप कुमार ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण आधारित शिक्षा की उपयोगिता को रेखांकित किया।

संगोष्ठी में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम में भारत की सभ्यतागत चेतना, वैश्विक भूमिका और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर गंभीर एवं व्यापक विमर्श हुआ।

गीता भवन में राधा-कृष्ण मंदिर का भूमिपूजन आज, बिरला रखेंगे मंदिर की आधारशिला

कोटा। गीता सत्संग आश्रम समिति द्वारा प्राचीन भगवान श्री राधा-कृष्ण मंदिर के भव्य नवनिर्माण एवं ‘कृष्ण लीला’ के सजीव चित्रण का ‘भूमिपूजन और शिलान्यास समारोह शनिवार को प्रातः 11 बजे गीता भवन प्रांगण में आयोजित होगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। समिति के अध्यक्ष गोवर्धनलाल खण्डेलवाल ने बताया कि कोटा की आध्यात्मिक विरासत को अक्षुण्ण रखने के लिए इस प्राचीन मंदिर को अब एक नवीन और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक संदीप शर्मा, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन एवं पूर्व प्रतिपक्ष नेता विवेक राजवंशी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु उपाध्यक्ष एवं निर्माण समिति संयोजक कृष्ण कुमार खण्डेलवाल, मंत्री रामेश्वर प्रसाद विजय, कोषाध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, सह-संयोजक कुन्ती मूंदड़ा एवं सह-मंत्री महेन्द्र कुमार मित्तल सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य जुटे हुए हैं।

KEDL की अनियमितताओं पर उच्च स्तरीय समिति ने कोटा में सुनीं जन-शिकायतें

कोटा। शहर में निजी बिजली फ्रेंचाइजी कंपनी केईडीएल की कार्यप्रणाली और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों पर राज्य सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देशों के बाद गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने शुक्रवार को कोटा के नयापुरा पावर हाउस में विशेष जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया। इस दौरान लोगों ने समिति के अध्यक्ष और आरयूवीआईटीएल के निदेशक (वित्त) डी.के. जैन की उपस्थिति में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने कंपनी के खिलाफ भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के साक्ष्य पेश किए।

​राजस्थान बिजली उपभोक्ता संरक्षण समिति के संयोजक हिम्मत सिंह द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में केईडीएल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी बिना किसी ठोस आधार के हजारों अवैध वीसीआर भर रही है।

एक मामले में 15 किलोवाट के स्वीकृत भार को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर लाखों रुपये के फर्जी नोटिस थमाने की शिकायत दर्ज कराई गई है। ज्ञापन के अनुसार, केईडीएल ने नगर निगम की लाइटों पर अवैध मीटर लगाकर करोड़ों रुपये की अतिरिक्त बिजली बिलिंग की।

साथ ही, सरकारी सामान (जैसे ट्रांसफार्मर और इंसुलेटर) को खुर्द-बुर्द कर पुराने सामान को नया बताकर भुगतान उठाने जैसे भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आए हैं।

कंपनी पर आरोप है कि उसने प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की जगह अप्रशिक्षित स्टाफ लगाया। जिससे शहर में शॉर्ट सर्किट और आगजनी की घटनाएं बढ़ी हैं।

​जनसुनवाई के दौरान आमजन बिजली बिलों की अधिकता, बिना नोटिस कनेक्शन काटने, और मीटरों की तेज गति को लेकर शिकायत करने पहुंचे। ​अंजली छाबड़ा व सुनील पानेता जैसे उपभोक्ताओं ने मीटर तेज चलने और गलत बिलिंग की शिकायत की।

शम्सुद्दीन और शाकिर अली ने बिना परमिशन कनेक्शन काटने और वीसीआर के नाम पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग और लो-वोल्टेज की समस्याओं का समाधान न होने पर भी आक्रोश जताया गया।

​जांच दल द्वारा जनसुनवाई के साथ केईडीएल के स्टोर और कार्यालयों का भौतिक निरीक्षण भी किया गया। समिति यह जांच कर रही है कि कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया है या नहीं। यदि भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप सिद्ध होते हैं, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार केईडीएल के ठेके को टर्मिनेट कर व्यवस्था पुनः सरकारी कंपनी जेवीवीएनएल को सौंपने की सिफारिश की जा सकती है।

​यह जांच शिविर शनिवार को भी प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक नयापुरा पावर हाउस में जारी रहेगा।

कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने बताया कलयुग में परमात्मा प्राप्ति का सहज मार्ग

कॉमर्स कॉलेज प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ

कोटा। शिक्षा नगरी के कॉमर्स कॉलेज प्रांगण में शुक्रवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। देश के विख्यात कथाकार और ‘भगवत भास्कर’ की उपाधि से विभूषित कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज से कथा श्रवण करने के लिए लोक सभा स्पीकर ओम बिरला समेत बड़ी संख्या में श्रोता भक्त पहुंचे थे।

कार्यक्रम के आयोजक महंत पं. अशोक तिवारी ने बताया कि कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए भक्तों को भक्ति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

कथाव्यास कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने वेदों और उपनिषदों की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान राम और कृष्ण ‘परिपूर्ण अवतार’ हैं। कलयुग की विभीषिका का वर्णन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस युग में कठिन तप और साधन करना सामान्य मनुष्य के लिए संभव नहीं है।

परमात्मा को पाने का सबसे सरल और सहज मार्ग ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ महामंत्र का जाप है। महाराज ने कहा कि जिनकी प्रभु में अनन्य भक्ति और समर्पण है, वही वास्तव में परमहंस हैं।

उन्होंने संस्कारों पर बल देते हुए कहा कि जो व्यक्ति संतों और विद्वानों को नमन करते हैं, उनकी आयु, विद्या, यश और बल में स्वतः ही वृद्धि होती है। महापुरुषों की संगति ही जीवन की दिशा और दशा बदलने में सक्षम है।

नारी सम्मान और जीवन की सहजता
मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए महाराज ने नारी शक्ति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहाँ नारी और बेटी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। जहाँ नारी का निरादर होता है, वहाँ समस्त सत्कर्म निष्फल हो जाते हैं। उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में कहा कि कई विकसित देशों में आज भी नारी को दोयम दर्जा प्राप्त है, लेकिन भारत की संस्कृति में नारी आज भी घर की ‘मालकिन’ और पूजनीय शक्ति है।

लोकसभा अध्यक्ष ने किया कथा श्रवण
कथा के प्रथम दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी पांडाल में पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और कथा श्रवण किया। कथा विश्रांति के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जन्म से मोक्ष तक का मार्ग दिखाती है। यह हमें जीवन की कठिन चुनौतियों से लड़ने का साहस प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक पहचान पूरे विश्व में है और ऐसी कथाओं के श्रवण से ही समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

10 मई को समय में परिवर्तन
महंत पं. अशोक तिवारी ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित की जा रही है। हालांकि, 10 मई (रविवार) को समय में विशेष परिवर्तन किया गया है। उस दिन श्रद्धालु शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक अमृत वर्षा का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर राकेश जैन, अरुणा नागर, सुरेंद्र विजय, मोहन ईंट, अजय कपिल सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण कल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो गया है। भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी राज्य के अगले सीएम होंगे। कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु के नाम पर मुहर लगी। उनके नाम पर आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए।  कल पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु के नाम का ऐलान किया और कहा कि दूसरे नाम के लिए भी विधायकों को पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन सभी से सिर्फ शुभेंदु का ही नाम मिला। सीएम पद की रेस में शुभेंदु ही सबसे आगे चल रहे थे। कई अन्य नामों पर भी अटकलें लगीं, लेकिन शुभेंदु का ही पलड़ा भारी माना जा रहा था।

शुभेंदु अधिकारी का पूरा परिवार राजनीति से जुड़ा है। उनके पिता शिशिर अधिकारी दिग्गज नेता रह चुके हैं और मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे। शुभेंदु के एक भाई सांसद और दूसरे विधायक हैं। शुभेंदु ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 1995 में कांथी नगरपालिका में पार्षद चुने गए थे। जब ममता बनर्जी ने 1997 में कांग्रेस से अलग होकर टीएमसी बनाई, तब शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद, 2006 में, अधिकारी कांथी दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए। उसी वर्ष वे कांथी नगरपालिका के अध्यक्ष भी बने।

नंदीग्राम आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
साल 2007 में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन की अगुवाई की। दरअसल, बंगाल की तत्कालीन लेफ्ट सरकार ने एसईजेड स्थापित करने के लिए एक गांव में दस हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की योजना बनाई थी। ममता बनर्जी ने इसके खिलाफ आंदोलन किया और उसमें शुभेंदु अधिकारी ने उनका साथ दिया। पूरे आंदोलन के दौरान अधिकारी की अहम भूमिका रही। इसी आंदोलन से ममता बनर्जी की पहली बार सरकार पश्चिम बंगाल में बनी। शुभेंदु की गिनती ममता के करीबी नेताओं में की जाने लगी। वह ममता सरकार में मंत्री भी रहे। इसके अलावा, तमलुक लोकसभा सीट से 2009 और 2014 में सांसद बने।

छह साल पहले भाजपा में हुए शामिल
तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के बढ़ते प्रभाव की वजह से शुभेंदु नाराज हुए और साल 2020 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। 17 दिसंबर 2020 को उन्होंने टीएमसी की सदस्यता से इस्तीफा दिया। 19 दिसंबर 2020 को, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन कर ली। धीरे-धीरे वह अमित शाह के भरोसेमंद नेताओं की लिस्ट में शामिल हो गए। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर सभी को चौंका दिया। भले ही भाजपा को 77 सीटें मिलीं, लेकिन पार्टी का जनाधार राज्य में लगातार बढ़ता गया। 2026 विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने भवानीपुर से भी चुनाव लड़ा और ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से पराजित कर दिया। अब वे राज्य के अगले व भाजपा के पश्चिम बंगाल में पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

Kota Mandi: तेलों की धार तेज रहने से कोटा मंडी में सोयाबीन, सरसों तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को तेलों की धार तेज रहने से सोयाबीन और सरसों 50 रुपये तेज रही। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब पौने दो लाख और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे

गेहूं नया मिल लस्टर 2350 से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा2800 से3,701धान (1509 )3400 से 4250 धान (1847) 3200 से 4101 धान (1718-1885) 4200 से 4550 धान (पूसा-1)3000से 4000 धान (1401-1886)-4100से 4250 धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6500, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6600 से 6711, सरसों 6400 से 7191, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 700, चना देशी 4800 से 5250, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 15000, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

तनाडु: विजय लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, गवर्नर ने दिया सरकार बनाने का न्योता

नई दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय शुक्रवार को तीसरी बार लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मिले। विजय द्वारा समर्थन पत्र सौंपने के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात संक्षिप्त रही। कल सुबह 11 बजे विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

कांग्रेस और वामपंथी दलों से समर्थन मिलने के बाद विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। वामपंथी दलों द्वारा बिना शर्त समर्थन देने के कुछ घंटों बाद विजय शुक्रवार को तीसरी बार राजभवन पहुंचे, उन्होंने सरकार बनाने के जरूरी आंकड़े का समर्थन पत्र सौंपा।

टीवीके ने चुनाव में कुल 108 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया है। पार्टी प्रमुख विजय खुद दो सीटों से विजयी हुए हैं, जिसके चलते उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है। ऐसे में विजय को सरकार गठन के लिए अभी और विधायकों के समर्थन की जरूरत है।
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वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), वीसीके और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) के पास 2-2 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन टीवीके को पहले से मिला हुआ है।

इन सभी को जोड़ने के बाद भी विजय के पास कुल 118 विधायकों का समर्थन बनता है। माकपा ने आधिकारिक पत्र जारी कर TVK सरकार को समर्थन देने की घोषणा की, जबकि CPI ने “स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन” के नाम पर सशर्त समर्थन दिया।

इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने भी अपने पांच विधायकों का समर्थन विजय को दिया है। इन सभी के समर्थन के बाद टीवीके और उसके सहयोगी विधायकों की कुल संख्या 118 हो जाती है। यह संख्या बहुमत के आंकड़े के करीब है। चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, टीवीके के संस्थापक विजय को उन दो विधानसभा सीटों में से एक से इस्तीफा देना होगा, जिन पर उन्होंने जीत दर्ज की है। विजय ने चेन्नई की पेरांबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से चुनाव जीता है।

अप्रैल में 2% महंगी हुई आपकी थाली, टमाटर और एलपीजी ने बिगाड़ा स्वाद

नई दिल्ली। आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। अप्रैल 2026 में घर में पकी शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह की थालियों की कीमत में दो प्रतिशत का उछाल आया है।

क्रिसिल की हालिया रोटी राइस रेट’ रिपोर्ट के मुताबिक, टमाटर के लाल होते दाम, महंगे खाद्य तेल और एलपीजी सिलेंडर ने आम आदमी की जेब का बोझ काफी बढ़ा दिया है। आइए, इस पूरी रिपोर्ट को आसान सवालों और जवाबों के जरिए समझते हैं कि आखिर आपकी थाली का स्वाद क्यों और कितना महंगा हो गया है।

क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों के इनपुट मूल्यों के आधार पर अप्रैल 2026 में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की लागत सालाना आधार पर 2 प्रतिशत बढ़ गई है।

इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण टमाटर, वनस्पति तेल और रसोई गैस (एलपीजी) के दाम में हुआ इजाफा है। महीने-दर-महीने के आधार पर देखें तो अप्रैल में शाकाहारी थाली की कीमत स्थिर रही, जबकि मांसाहारी थाली 1 प्रतिशत महंगी हो गई।

टमाटर की कीमतों में उछाल क्यों
थाली की कीमत बढ़ने में टमाटर की सबसे अहम भूमिका रही है। पिछले साल के 21 रुपये प्रति किलो के मुकाबले अप्रैल 2026 में टमाटर की कीमतें 38 प्रतिशत बढ़कर 29 रुपये प्रति किलो हो गईं। इसका मुख्य कारण दक्षिणी राज्यों में टमाटर की खेती का रकबा कम होना है, जिससे इसके उत्पादन में 3-4 प्रतिशत की गिरावट आई है। क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पुषन शर्मा के मुताबिक, उत्तरी क्षेत्रों में हीटवेव (लू) की चिंताओं और कमजोर बुवाई के कारण जुलाई-अगस्त के दौरान टमाटर की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।

गैस और तेल ने भी असर डाला
सब्जियों के अलावा वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं ने भी रसोई का बजट बिगाड़ा है। इसके परिणामस्वरूप, वनस्पति तेल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में सालाना आधार पर 7-7 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसने घरेलू खर्चों को बढ़ा दिया है।

मांसाहारी थाली के महंगे होने की क्या वजह
रिपोर्ट के अनुसार, मांसाहारी थाली की लागत बढ़ने का मुख्य कारण ब्रॉयलर (चिकन) की कीमतों में 2 प्रतिशत का इजाफा होना है, जो कि मांसाहारी प्लेट की कुल लागत का लगभग आधा (50%) हिस्सा होता है। भीषण गर्मी के कारण मुर्गियों की मौत का आंकड़ा बढ़ा है, जिससे बाजार में सप्लाई में कमी आई और इसके दाम बढ़ गए।

पाम तेल महंगा होने से सरसों के भाव में अभी और तेजी आने का अनुमान

नई दिल्ली। कुछ विशेष कारणों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पाम तेल एवं सोयाबीन तेल का भाव ऊंचा एवं तेज हो गया है जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखा जा रहा है। भारतीय उपभोक्ता अब महंगे आयातित खाद्य तेलों के बजाए स्वदेशी खाद्य तेल और खासकर सरसों तेल के उपयोग को प्राथमिकता देने लगे हैं जिससे इसकी मांग, खपत एवं कीमत में बढ़ोत्तरी होने के संकेत मिल रहे हैं।

इस बदलते परिदृश्य का अपना खास महत्व है। संभवतः पहली बार सरसों तेल का भाव विदेशों से आयातित खाद्य तेलों की प्रतिस्पर्धा में खड़ा हो गया है। पाम तेल का दाम तेजी से बढ़ रहा है और सोयाबीन तेल का आयात भी महंगा बैठ रहा है क्योंकि एक तो वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति की स्थिति जटिल है और दूसरे, डॉलर की तुलना में रुपया का भारी अवमूल्यन हो चुका है। इसके फलस्वरूप घरेलू तेल के प्रति उपभोक्ताओं का आकर्षण बढ़ गया है। यदि स्थिति निकट भविष्य में कायम रह सकती है।

स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के एक अग्रणी संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि विभिन्न उत्पादक देशों में बायोडीजल निर्माण में खाद्य तेलों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है जबकि पश्चिम एशिया में संकट के कारण सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल का दाम ऊंचा हो गया। मोटे अनुमान के अनुसार मार्च-अप्रैल 2026 के दो महीनों में गत वर्ष की समान अवधि के मुकाबले सरसों तेल की घरेलू बिक्री में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हो गई।

इस बार सरसों का शानदार उत्पादन हुआ और क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों को इसकी समुचित आपूर्ति भी हो रही है। सरसों का थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा होने के कारण किसान अपने स्टॉक की बिक्री करने में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सरसों तेल की मांग एवं कीमत ऊंची रहने से मिलर्स- प्रोसेसर्स सरसों की भारी खरीद करने से नहीं हिचक रहे हैं।

भारतीय उपभोक्ताओं का घरेलू खाद्य तेलों की ओर बढ़ता झुकाव एक महत्वपूर्ण घटना है और इससे किसानों को खासकर सरसों का उत्पादन बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल सकता है। सोयाबीन तेल, मूंगफली तेल तथा बिनौला तेल की कीमतों में भी तेजी-मजबूती देखी जा रही है।