रामगंज मंडी–भोपाल रेल लाइन पर कल होगा श्यामपुर–कुरावर खंड का CRS निरीक्षण

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हाड़ौती और मालवा क्षेत्र के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कोटा। हाड़ौती क्षेत्र को मध्यप्रदेश के मालवा अंचल एवं राजधानी भोपाल से सीधे रेल संपर्क प्रदान करने वाली बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी–भोपाल नई बड़ी रेल लाइन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।

परियोजना के अंतर्गत निर्मित श्यामपुर–कुरावर रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), मुंबई द्वारा 12 जून को संरक्षा निरीक्षण किया जाएगा। यह निरीक्षण परियोजना के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 276 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में रामगंज मंडी से ब्यावरा तक लगभग 165 किलोमीटर रेलखंड कोटा मंडल के अंतर्गत आता है।

परियोजना के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक नयागांवपुरा कुमार–खिलचीपुर, जरखेड़ा–श्यामपुर तथा खिलचीपुर–राजगढ़ सिटी खंडों का सीआरएस निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया कि 12 जून को प्रातः 8 बजे से सायं 7 बजे तक श्यामपुर–कुरावर रेलखंड पर संरक्षा एवं तकनीकी मानकों की विस्तृत जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विशेष परीक्षण ट्रेनों का संचालन उच्च गति से किया जाएगा, जिससे रेलखंड की परिचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों का आकलन किया जा सकेगा।

यह नई रेल लाइन कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर और भोपाल जिलों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। वर्तमान में कोटा और भोपाल के बीच रेल यात्रा नागदा–उज्जैन अथवा बीना मार्ग से होती है, जबकि नई लाइन शुरू होने पर दूरी में लगभग 100 किलोमीटर की कमी आएगी और यात्रा समय में 2 से 3 घंटे तक की बचत होगी।

इसके अतिरिक्त झालावाड़ स्थित कालीसिंध ताप विद्युत परियोजना तक कोयला परिवहन का मार्ग भी लगभग 42 किलोमीटर छोटा हो जाएगा, जिससे माल परिवहन अधिक किफायती बनेगा।

परियोजना पूर्ण होने पर रामगंज मंडी, झालरापाटन, असनावर, अकलेरा, घाटोली, भोजपुर और खिलचीपुर सहित अनेक क्षेत्रों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने के साथ ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।