ममता की पार्टी से दो और सांसद ने दिया इस्तीफा, राज्यसभा में अब घटकर 9 रह गए

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तीन राज्यसभा सांसदों के जाने का दुख मना रही ममता को चौथा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक इस्तीफा दे चुके हैं। कोयल मल्लिक चौथी राज्यसभा सांसद हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है। अब राज्यसभा में टीएमसी के केवल 9 सांसद बाकी हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ही ममता बनर्जी की पार्टी टूट का सामना कर रही है। पार्षदों के बाद विधायक और अब सांसद लगातार इस्तीफा दे रहे हैं।

कांग्रेस में विलय की अटकलों के बीच ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। गुरुवार को पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बरेक ने इस्तीफा दे दिया है। खास बात है कि एक सप्ताह के अंदर किसी तीसरे सांसद ने उच्च सदन का पद छोड़ा है। एक दिन पहले ही यानी 10 जून बुधवार को सुष्मिता देव ने राज्यसभा सांसद के तौर पर त्यागपत्र दिया था।

राज्यसभा में कुल 13 सांसदों वाली टीएमसी बरेक के इस्तीफे के बाद अब घटकर महज 9 पर आ गई है। इससे पहले वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रे और देव ने पद छोड़ा था।

अटकलें हैं कि पार्टी सुप्रीमो बनर्जी की मुश्किलें यहां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में 3 और सांसद पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि इनमें किसका नाम है।

एक ओर जहां रे ने टीएमसी की पूर्व सरकार पर भ्रष्टाचार, कमजोर स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था समेत सवाल उठाए थे। वहीं, देव ने इस्तीफे की वजह साफ नहीं की। वह बाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने पहुंचीं थीं।

इधर, लोकसभा में भी TMC बगावत का का सामना कर रही है। बागियों के गुट में 20 सांसदों के शामिल होने की अटकलें हैं, जिनमें यूसुफ पठान, सायोनी घोष, शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार, शत्रुघ्न सिन्हा का नाम शामिल हो सकता है। ये नेता काकोली घोष की अगुवाई में एनडीए को समर्थन देने वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप सकते हैं।

4 मई को जब ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग ने नतीजे जारी किए, तो टीएमसी ने 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, खुद बनर्जी चुनाव हार गईं थीं। इसके बाद TMC ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया था। बाद में इनकी ही अगुवाई में करीब 60 विधायक बागी हो गए थे। अब कहा जा रहा है कि इनकी संख्या 64 पर पहुंच गई है।

कांग्रेस में विलय
हाल ही में ममता बनर्जी भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंची थीं। उस दौरान ही सांसदों ने बगावत कर दी थी। इसके बाद पार्टी सुप्रीमो ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद अटकलें तेज हो गईं थीं कि कांग्रेस ने टीएमसी को विलय का प्रस्ताव दिया है।

बाद में अभिषेक और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मीटिंग ने अटकलों को और हवा दे दी थी। फिलहाल, टीएमसी और कांग्रेस ने ऐसी किसी भी योजना से इनकार किया है। साल 1997 में कांग्रेस से निकाले जाने के बाद बनर्जी ने 1998 में टीएमसी बनाई थी।