Stock Market: अगले सप्ताह कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल, जानिए एक्सपर्ट से

0
8

नई दिल्ली। Stock Market This Week : इस सप्ताह शेयर बाजारों के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बने रहने की संभावना है। खासकर अमेरिका और ईरान से जुड़ी मौजूदा स्थिति पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाक्रमों का सीधा असर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें इस समय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कच्चे तेल का भाव 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे स्थिर रहता है या भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो बाजार में रिकवरी रैली देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि तनाव लंबे समय तक बना रहता है या हालात और बिगड़ते हैं, तो बाजार में दबाव और अस्थिरता बढ़ सकती है।

इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर तथा विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। विदेशी निवेशकों के रुझान में बदलाव से घरेलू बाजार पर तेजी या गिरावट दोनों तरह का असर पड़ सकता है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, इस सप्ताह बाजार मुख्य रूप से भू-राजनीतिक खबरों से प्रभावित रह सकता है और इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर बनी रहेंगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

भारतीय शेयर बाजार आने वाले सप्ताह में वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों से प्रभावित रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के आंकड़ों और कॉर्पोरेट नतीजों की घोषणाएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

इस सप्ताह भारत के अप्रैल महीने के खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिस पर निवेशकों की खास नजर होगी। यह डेटा भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के भविष्य के रुख को लेकर संकेत दे सकता है। इसके साथ ही अमेरिका के अप्रैल CPI और PPI आंकड़े भी वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित करेंगे।

कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे रुझान
इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करने जा रही हैं। इनमें केनरा बैंक, टाटा पावर कंपनी, भारती एयरटेल, DLF, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और JSW स्टील शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन से संबंधित क्षेत्रों में हलचल देखने को मिल सकती है।

सिद्धार्थ खेमका, जो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में रिसर्च के प्रमुख, वेल्थ मैनेजमेंट हैं, के अनुसार भारतीय बाजार में मौजूद वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। उनके अनुसार बाजार एक व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की महंगाई दर के आंकड़े और अमेरिका के आर्थिक डेटा से यह तय होगा कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर क्या रुख बनता है। इसका असर बॉन्ड यील्ड और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी पड़ेगा।