Monday, July 27, 2026
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Xiaomi का सबसे सस्ता Redmi Go फोन 19 को होगा लॉन्च

नई दिल्ली । चायनीज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Xiaomi भारत में हर सेगमेंट में अपने शानदार फोन्स कम कीमत में लाकर युवाओं की पसंद बन गई है। हाल ही में कंपनी ने रेडमी नोट 7 भारत में लॉन्च किया है। वहीं अभ खबर के ही शाओमी भारत में अपना सबसे सस्ता स्मार्टफोन पेश करने जा रही है।

जानकारी के अनुसार शाओमी गूगल के साथ मिलकर अपना पहला Android Go स्मार्टफोन लॉन्च करने वाली है। यह स्मार्टफोन 19 मार्च को भारत में लॉन्च होगा और कहा जा रहा है कि यह अब तक का सबसे सस्ता रेडमी फोन होगा।

फोन की लॉन्चिंग से पहले कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट मनु कुमार जैन ने ट्विटर पर हिंदी में ट्ववीट कर के अपने आने वाले फोन के बारे में जानकारी दी। इसी के साथ Redmi Go के टीजर में भी भारतीय रीजनल भाषा का प्रयोग किया गया है। Redmi Go के लिए एक माइक्रो साईट भी बनाई गई है जहां यूजर्स लॉन्च के बारे में Notify Me बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Xiaomi ने इस माइक्रो साईट पर Redmi Go के कुछ फीचर्स को भी हाईलाइट किया है। Redmi Go में बड़ी स्क्रीन के साथ HD डिस्प्ले एंड लम्बी बैटरी लाइफ दी जाएगी। फोन में 18:9 रेश्यो का डिस्प्ले दिया जा सकता है। स्मार्टफोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर और एक्सपैंडेबल स्टोरेज दी जाएगी। लीक हुई स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार, फोन में ब्लूटूथ 4.2, ड्यूल-सिम सपोर्ट और 1GB रैम दी जा सकती है।

सॉफ्टवेयर के मामले में, फोन Android Oreo Go Edition पर काम करेगा। पहले खबर थी की फोन Android Pie Go Edition के साथ काम करेगा। गूगल ने पिछले साल अगस्त में अपना अपडेटेड OS लॉन्च किया था। लेटेस्ट Android OS पर आधारित Android Pie Go Edition 500MB अतिरिक्त स्टोरेज के साथ आता है। Redmi Go में भारत को ध्यान में रखकर फीचर्स दिए गए हैं। यह हिंदी में गूगल असिस्टेंट के साथ 20 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।

देर रात तक जमा कवि सम्मेलन, बरसे हास्य के रंग, देखिये वीडियो

कोटा। जेसीआई कोटा स्टार की ओर से बूंदी रोड स्थित एक रिसोर्ट्स पर शनिवार को आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का रंग देर रात तक जमता रहा। देश के नामी कवियों के द्वारा प्रस्तुत हास्य की फुहारों से श्रोता रात भर भीगते रहे। मुम्बई से आए हास्य सम्राट शैलेश लोढा ने कविताओं और हंसी ठिठोली के द्वारा लोगों को खूब गुदगुदाया तो उज्जैन के कवि दिनेश दिग्गज ने भी हास्य का हंगामा बरपा दिया।

उनके साथ ही जयपुर के संजय झाला, कोटा के विश्वामित्र दाधीच, नैनीताल की कवयित्री गौरी मिश्रा ने कविताओं के के साथ गीत, गजल और श्रृंगार के रंग से सराबोर कर दिया। श्रोताओं से खचाखच भरे पांडाल में रात को तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम शैलेश लोढ़ा पहुंचे तो हर ओर से उत्साह के साथ बजी तालियों की गडगडाहट से मंडल सभागार गूंज उठा।

लोढ़ा ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से श्रोताओं को अपनी संस्कृति के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। वहीं बच्चों को मोबाइल से दूर रहने व किताबों के नजदीक लाने का आह्वान किया। उन्होंने पुरुषों पर टिपण्णी करते हुए उपस्थित महिलाओं से कहा ‘‘इनका भरोसा मत करना। ये दो कौड़ी के होते हैं, करते हैं हमेशा जुल्फों की बात और दाल में एक बाल पड़ जाय तो तमाचा जड़ देते हैं।

शैलेश की यह पंक्तियां सुन श्रोताओं की भीड़ में शामिल महिलाओं के मुंह से हंसी की फुहार बरस पड़ी। अपनी मशहूर रचना सच-सच बताना यार मिस करते हो कि नहीं.., सुनाकर लोगों को पुराने दिनों व बचपन की यादों में समा दिया। गुम होती चिट्ठी लिखने की व्यवस्था, दोस्तों के साथ भीसीआर मंगाकर फिल्में देखने, भाड़ा पर लेकर साइकिल चलाने सहित कई प्रकार की यादों को तरोताजा कर दिया।

कवयित्री गौरी मिश्रा ने श्रृंगार रस बरसाते हुए ‘‘गुलाबी नोट से ज्यादा गुलाबी गाल कर दूंगी, तुम्हें अपनी मोहब्बत से मैं मालामाल कर दूंगी, बहुत नादान है यूं तो यह नैनीताल की गौरी, मिली ताली तो कोटा को भी नैनीताल कर दूंगी… बीमारी इश्क में दिल की दवा के साथ आई हूं, मोहब्बत की अनोखी सी अदा के साथ आई हूं, महकने लग गई कोटा शहर की हर गली क्योंकि, मैं नैनीताल की ताजी हवा के साथ आई हूं…’’ से श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।

इस दौरान कार्यक्रम निदेशक क्रांति जैन, राजकुमार माहेश्वरी, सोनल गुप्ता, स्टार अध्यक्ष सौरभ जैन, मीडिया प्रभारी संजय गोयल, सचिव तनुज खण्डेलवाल, विनोद जैन, राजकुमार अग्रवाल, राजेश जैन, गौरव सोनी, जितेन्द्र गोयल , कमलकांत मित्तल , शंकर मित्तल, प्रदीप अग्रवाल समेत कईं लोग मौजूद थे।

BSNL लैंडलाइन यूजर्स को मिलेगा फ्री ब्रॉडबैंड, रोज 5GB डाउनलोड डेटा

नई दिल्ली। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अपने लैंडलाइन यूजर्स के लिए फ्री ब्रॉडबैंड सर्विस को लॉन्च किया है। इस ऑफर के तहत यूजर्स से कोई इंस्टॉलेशन चार्ज नहीं लिया जा रहा है। इसके साथ ही यूजर्स को 10Mbps स्पीड के साथ प्रतिदिन डाउनलोड के लिए 5जीबी डेटा दिया जा रहा है।

बता दें कि हाल ही में बीएसएनएल ने अपने ऐनुअल ब्रॉडबैंड प्लान पर दिए जाने वाले 25 प्रतिशत कैशबैक ऑफर को भी 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है जो पहले केवल 31 दिसंबर तक के लिए ही उपलब्ध था।

इसके अलावा मौजूदा बीएसएनएल ब्रॉडबैंड यूजर्स जो जनवरी में लॉन्च हुई Bharat Fiber सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें एक जान-मानी विडियो स्ट्रीमिंग वेबसाइट का फ्री सब्सक्रिप्शन भी दिया जा रहा है।

लैंडलाइन सब्सक्राइबर्स को दिए जा रहे फ्री ब्रॉडबैंड ऑफर के अलावा बीएसएनएल ने देश में मौजूद अपने लैंडलाइन, मोबाइल और ब्रॉडबैंड यूजर्स के लिए ‘फ्री वॉइस कॉलिंग’ को लॉन्च किया है। बीएसएनएल अपने सब्सक्राइबर्स को BSNL Wings के जरिए भी प्लान उपलब्ध करा रहा है।

बीएसएनएल विंग्स एक इंटरनेट टेलिफोनी सर्विस है जिसकी शुरुआत पिछले साल जुलाई में की गई थी। फ्री ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए बीएससएनएल यूजर्स को टॉल फ्री नंबर 18003451504 पर पर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल या लैंडलाइन नंबर से कॉल करना है।

पुरानी कीमत में मिलेगा ज्यादा मात्रा में सामान, GST में कटौती का असर

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कोटा। जीएसटी रेट में कटौती के बाद कंपनियों को यह छूट होगी कि वे अपने उत्पाद की कीमत कम करने की बजाय उसकी मात्रा बढ़ा दें। इससे लोगों को पुरानी कीमत में ही ज्यादा मात्रा में सामान मिल जाएगा। हालांकि नमकीन, बिस्कुट, शैम्पू समेत fast moveble conjumer goods(FMCG) सामानों की पैकिंग का साइज बढ़ जाएगा।

नेशनल एंटी-प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी (एनएए) के चेयरमैन बी.एन. शर्मा ने कहा है कि जीएसटी दरों में बदलाव के बाद कंपनियां अपने प्रोडक्ट की कीमत कम करने या उसका वजन बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं। ग्राहकों को टैक्स में कटौती का लाभ दिलाने के लिए एनएए ने कुछ पैमाने तय किए हैं।

इनमें तय समय में लाभ देने के अलावा टैक्स कटौती के अनुपात में प्रोडक्ट का वजन बढ़ाना भी शामिल हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट मिलिंद विजयवर्गीय ने कहा कि प्रोडक्ट का वजन बढ़ाने की सुविधा मिलने से कंपनियों को दोतरफा फायदा होगा। इससे एक तो उनका टर्नओवर बढ़ेगा, दूसरा उनका मुनाफा भी बढ़ेगा।

एनएए चेयरमैन ने कहा कि छोटे सैशे वाले प्रोडक्ट में ग्राहकों को जीएसटी कटौती का लाभ देना कई बार व्यावहारिक नहीं हो पाता है। टैक्स घटने का असर इतना कम होता है कि छोटे पैकेट में वजन बढ़ाना मुमकिन नहीं होता। छोटे पैकेट में एफएमसीजी प्रोडक्ट ही ज्यादा बिकते हैं। जीएसटी रेट घटने पर उसे एडजस्ट करने के लिए पैकेट का वजन बढ़ाया जाए या नहीं, इस पर सरकार में मतभेद हैं।

जीएसटी कानून के तहत मुनाफाखोरी रोकने के लिए बनाई गई अथॉरिटी एनएए पैकेट का वजन बढ़ाने पर सहमत है। लेकिन पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि टैक्स घटने पर सरकार वजन बढ़ाने पर रोक लगा सकती है। अभी कंपनियां दाम कम करने के बजाय पैकेट का वजन बढ़ा देती हैं।

सोना दो माह के निचले स्तर पर, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली। जेवराती मांग सुस्त पड़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में लगातार तीसरे दिन गिरावट रही। शनिवार को सोना 50 रुपए लुढ़ककर दो महीने से ज्यादा के निचले स्तर 33,060 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 160 रुपए फिसलकर डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर 39,010 रुपए प्रति किलोग्राम पर रही।

डॉलर की तुलना में रुपए में जारी मजबूती का असर स्थानीय बाजार पर दिखा रहा है। इससे सोने-चांदी में नरमी है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर इनमें तेजी बनी हुई है। विदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, सप्ताहांत पर शुक्रवार को वहां सोना हाजिर 6.30 डॉलर चमककर 1,302.15 डॉलर प्रति औंस पर रहा।

1अप्रैल का अमेरिकी सोना वायदा भी 7.20 डॉलर की गिरावट में 1,302.30 डॉलर प्रति औंस बोला गया। विदेशों में चांदी हाजिर 0.12 डॉलर चढ़कर 15.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। स्थानीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट का रुख रहा। सोना स्टैंडर्ड 50 रुपए फिसलकर 33,060 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया।

यह 12 जनवरी के बाद का इसका निचला स्तर है। सोना बिटुर भी इतनी ही नरमी के साथ 32,890 रुपए प्रति दस ग्राम के भाव बिका। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी पूरी मजबूती के साथ 26,400 रुपए पर टिकी रही। सोना तीन दिन में 325 रुपए सस्ता हो चुका है। इस दौरान चांदी के भाव भी 700 रुपए उतर चुके हैं।

चांदी हाजिर शनिवार को 160 रुपए की गिरावट में 39,010 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। यह गत 07 मार्च के बाद का इसका निचला स्तर है। चांदी वायदा 255 रुपए लुढ़ककर 38,085 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली में कोई बदलाव नहीं हुआ तथा ये क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा के भाव बिके।

बिजाई क्षेत्र में कमी आने से इस बार अलसी की पैदावार घटेगी

मुकेश भाटिया
कमोडिटी एक्सपर्ट
कोटा।
इस बार राष्ट्रीय स्तर पर अलसी का उत्पादन क्षेत्र घटकर 3.48 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 4.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था। उससे पूर्व इसका उत्पादन क्षेत्र 2016-17 में 3.85 लाख हेक्टेयर, 2015-16 में 3.26 लाख हेक्टेयर, 2014-15 में 3.19 लाख हेक्टेयर तथा 2013-14 के रबी सीजन में 3.48 लाख हेक्टेयर रहा था।

अलसी की बिजाई क्षेत्र गत वर्ष की तुलना में इस बार मध्य प्रदेश में 1.62 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.52 लाख हेक्टेयर, झारखंड में 52 हजार हेक्टेयर से गिरकर 40 हजार हेक्टेयर, छत्तीसगढ़ में 51 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 43 हजार हेक्टेयर तथा उड़ीसा में 12 हजार हेक्टेयर पर से गिरकर 11 हजार हेक्टेयर रह गया। बिहार में बिजाई क्षेत्र 37 हजार हेक्टेयर पर स्थिर रहा, जबकि UP में 30 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 32 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।

बिजाई क्षेत्र में करीब 54 हजार हेक्टेयर या 13.50 प्रतिशत की भारी गिरावट आने के बावजूद केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने इसके उत्पादन में महज 8 हजार टन की कमी आने का अनुमान लगाया है। इसके तहत अरंडी का उत्पादन 2017-18 सीजन के 1.75 लाख टन से घटकर 2018-19 के सीजन में 1.67 लाख टन पर सिमटने की संभावना व्यक्त की गई है।

मंत्रालय ने इसका उत्पादन लक्ष्य 2.01 लाख टन नियत किया था। इससे पूर्व 2016-17 में 1.84 लाख टन अलसी के उत्पादन का आंकड़ा दिया गया था। अलसी का वास्तविक उत्पादन 1.25-1.30 लाख टन से अधिक होने की उम्मीद नहीं है जिससे इसका घरेलू बाजार भाव आगामी महीनों में तेज रह सकता है।

GST काउंसिल की बैठक 19 को होगी, मिल सकती है खुशखबरी

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 19 मार्च को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक को मंजूरी दे दी है। आचार संहिता लागू होने के बाद इस बैठक के लिए आयोग की मंजूरी लेना जरूरी था। परिषद की यह 34वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। आयोग की मंजूरी के बाद जीएसटी परिषद सचिवालय ने राज्यों को इस बाबत नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।

इस बैठक में रियल एस्टेट क्षेत्र को जीएसटी में दी गई छूट को लागू करने पर चर्चा होगी। परिषद ने पिछली बैठक में निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 फीसदी और किफायती मकानों पर 8 से घटाकर 1 फीसदी कर दिया था। अब इसे लागू करने के लिए जरूरी बदलाव के प्रावधानों पर चर्चा की जानी है।

महंगे हो सकते हैं वाहनों के ट्यूब
मोटर वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ट्यूब आने वाले दिनों में महंगे हो सकते हैं। अखिल भारतीय टायर डीलर्स फेडरेशन (एआईटीडीएफ) ने वाहनों के ट्यूब पर जीएसटी बढ़ाने संबंधी प्रतिवेदन बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है। इस पर जीएसटी परिषद की 19 मार्च को होने वाली बैठक में चर्चा हो सकती है।

एआईटीडीएफ ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि शुरू में मोटर वाहनों में उपयोग होने वाले रबर के टायर और ट्यूब पर 28 फीसदी की दर से समान कर लगता था। पिछले साल ट्रक, बस, कार, एसयूवी, दोपहिया और तिपहिया वाहनों, अर्थमूविंग मशीनों में लगने वाले ट्यूब पर जीएसटी 28 से घटा 18 फीसदी कर दिया गया।

हालांकि, जीएसटी परिषद ने तय किया कि यदि कोई ग्राहक टायर के साथ ट्यूब (पूरा व्हील सेट) खरीदता है तो उसे दोनों पर 28 फीसदी जीएसटी देना होगा, लेकिन ग्राहक यदि सिर्फ ट्यूब खरीदता है तो 18 फीसदी ही जीएसटी देगा।

डीलरों की बढ़ी परेशानी
एआईटीडीएफ के संयोजक एसपी सिंह ने कहा कि ट्यूब पर जीएसटी दर घटने से डीलरों की परेशानी बढ़ गई है। यदि डीलर टायर और ट्यूब का अलग-अलग बिल बनाये तो जीएसटी के इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट वाले उन पर कर चोरी का आरोप लगाते हैं।

इसलिए डीलरों की मांग है कि टायर-ट्यूब पर दोबारा एकसमान 28 फीसदी जीएसटी कर दिया जाए। अगर परिषद यह फैसला करती है तो इस पर चुनाव आचार संहिता का भी कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इसमें दर घटाने के बजाए बढ़ाई जा रही है।

साजिश: करतारपुर के बहाने भारत की जमीन हड़प रहा पाकिस्तान

नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद करतारपुर कॉरिडोर के बहाने संबंधों को मधुर करने की कोशिश करने वाला पाकिस्तान अपनी चालों से बाज नहीं आ रहा है। अब पाकिस्तान ने इस कॉरिडोर के बहाने भारतीय जमीन को हड़पने की नापाक चाल चली है। इसको लेकर भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है।

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान के अधिकारियों से बातचीत करने वाले भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गलियारा विकसित करने के नाम पर करतारपुर गुरूद्वारे की जमीन ‘चोरी-छिपे हड़प’ ली। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने इस परियोजना के लिए भारत के ज्यादातर प्रस्तावों पर आपत्ति जताई है।

यह पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को दर्शाता है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पाकिस्तान गुरू नानक देव के श्रद्धालुओं की भावनाओं के प्रतिकूल इस पावन जमीन पर ‘धड़ल्ले से अतिक्रमण’ कर रहे। इसको लेकर भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है।

महाराजा रणजीत सिंह ने दान दी थी जमीन
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि करतारपुर गुरूद्वारे को लेकर पाकिस्तान का नापाक चेहरा पहली ही बैठक में सामने आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से जिस जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, वह महाराजा रणजीत सिंह और अन्य श्रद्धालुओं ने करतारपुर साहिब को दान में दी थी।

अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान पाकिस्तान झूठे वादे और ऊंचे दावे करने एवं जमीनी स्तर पर कुछ नहीं करने की अपनी पुरानी छवि पर खरा उतरा है। भारत की ओर से इस कॉरिडोर पर 190 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है।

भारत ने 5000 श्रद्धालुओं को रोजाना प्रवेश की मांग
करतारपुर कॉरिडोर को लेकर हुई दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में भारत ने 5000 श्रद्धालुओं को रोजाना प्रवेश की मांग की थी। लेकिन पाकिस्तान रोजाना मात्र 700 श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की बात कर रहा है।

साथ ही पाकिस्तान का कहना है कि वह कम से कम 15 श्रद्धालुओं के जत्थे को ही प्रवेश की अनुमति देगा। पहली बैठक में इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। अब दोनों देशों के अधिकारियों के बीच 2 अप्रैल को बैठक होगी।

रेल टिकट PNR के नए नियम होंगे लागू , जानिए कैसे होगा फायदा

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नई दिल्ली। रेल यात्रियों को 1 अप्रैल से एक नई सुविधा मिलने वाली है। भारतीय रेलवे अब संयुक्त पैसेंजर नेम रेकॉर्ड (PNR) जारी करेगा। यानी अब रेल यात्री एक यात्रा के दौरान एक के बाद दूसरी ट्रेन में सफर करेंगे तो उन्होंने संयुक्त PNR मिलेगा।

इस नए नियम के आने से अगर यात्रियों की पहली ट्रेन देर होती है और इस कारण उनकी अगली ट्रेन छूट जाती है तो उन्हें बिना कोई पैसे दिए आगे की यात्रा रद्द करने की अनुमति होगी।

गौर करने वाली बात है कि अगर अभी एक यात्रा के लिए 2 ट्रेन बुक करते हैं तो यात्रियों के नाम पर 2 पीएनआर नंबर जेनरेट होते हैं। यह पीएनआर नंबर वह यूनीक कोड होता है जिससे ट्रेन और यात्री की जानकारी मिलती है।

लेकिन नए नियम के आने के बाद अब 2 पीएनआर को लिंक कर दिया जाएगा यानी संयुक्त पैसेंजर नेम रिकॉर्ड जारी होगा। नए नियम के आने के बाद अब पहले की तुलना में रिफंड मिलना आसान हो जाएगा।

दूसरी ट्रेन के रिफंड के लिए शर्तें
नए नियम के तहत संयुक्त पीएनआर नंबर वाले टिकट कैंसल होने पर मिलने वाले रिफंड के लिए कुछ शर्ते भी हैं।

  1. सबसे जरूरी कि दोनों टिकट में यात्रियों की डीटेल एक जैसी होनी चाहिए।
  2. जिस स्ट्रेशन पर पहली ट्रेन पहुंचने और दूसरी ट्रेन पकड़ने वाले स्टेशन एक ही होने चाहिए।
  3. ये नियम सभी क्लास के लिए लागू होगा, चाहें आपने टिकट ऑनलाइन या फिर काउंटर से बुक किया हो।

रिफंड के लिए बने नए नियम

  • अगर आपको स्टेशन से रिफंड नहीं मिलता है तो आप टीडीआर फाइल कर सकते हैं जो 3 दिन तक मान्य होगा।
  • अगर आपने काउंटर से रिजर्वेशन का टिकट लिया है तो पहली ट्रेन आने के 3 घंटे के अंदर आप दूसरी ट्रेन का टिकट कैंसल कर सकते हैं। रिफंड का पैसा काउंटर से ले सकते हैं।
  • ध्यान देने वाली बात है कि जिस स्टेशन पर आपकी पहली ट्रेन पहुंची है और जहां से आपको दूसरी ट्रेन लेनी है, उसी स्टेशन पर आपको टीडीआर फाइल करना होगा।
  • ध्यान रहे कि आपको टिकट कैंसल होने का पूरा पैसा तभी मिलेगा, जब आप टीडीआर में पहली ट्रेन के लेट होने के चलते दूसरी ट्रेन न पकड़ पाने की वजह बताएंगे।