Tuesday, July 14, 2026
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GST: 20 गुना ज्यादा ब्याज चुकाने को मजबूर टैक्सपेयर

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कोटा । जैसे-जैसे सालाना जीएसटी रिटर्न भरने की डेडलाइन करीब आ रही है, वैसे-वैसे टैक्स पेमेंट में देरी पर ब्याज को लेकर ट्रेड-इंडस्ट्री की बेचैनी बढ़ रही है। जीएसटी एक्ट के सेक्शन 50 के तहत ब्याज की गणना डीलर के कुल मंथली आउटपुट टैक्स पर 1.5% की दर से होती आई है, जबकि इंडस्ट्री शुरू से ही मांग करती आई है कि यह आउटपुट टैक्स के बजाय नेट टैक्स पर लगना चाहिए।

खुद सरकार भी इसे विसंगति मान चुकी है और संशोधन की बात भी कह चुकी है, लेकिन नोटिफिकेशन के अभाव में टैक्सपेयर छह महीने की देरी पर कम से कम 20 गुना ज्यादा ब्याज चुकाने पर मजबूर हैं। ज्यादातर ट्रेडर आशंकित हैं कि अगर उन्होंने ज्यादा रेट से ब्याज चुका दिया और चुनाव बाद सरकार ने संशोधन कर दिया तो उनकी अतिरिक्त रकम रिफंड नहीं होगी, जैसा कि जीएसटी रिटर्न की लेट फीस के मामले में देखा जा चुका है।

अगर किसी डीलर का मंथली आउटपुट टैक्स 1 करोड़ रुपये है और इनपुट टैक्स 95 लाख है, तो उसका नेट टैक्स 5 लाख बनता है। अगर वह छह महीने बाद टैक्स जमा करा रहा है तो सेक्शन 50 के मुताबिक उसे 1 करोड़ के 1.5% मंथली के हिसाब से 9 लाख रुपये ब्याज चुकाना होगा, जबकि नेट टैक्स 5 लाख पर छह महीने का ब्याज 45 हजार ही होगा। 30 जून तक भरे जाने वाले एनुअल रिटर्न से पहले बकाया टैक्स भुगतान हर हाल में किया जाना है।

जीएसटी कंसल्टेंट अनिल काला ने बताया कि 22 दिसंबर 2018 को जीएसटी काउंसिल ने सेक्शन 50 को संशोधित करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक यह नोटिफाई नहीं हो सका है। हाल ही में तेलंगाना हाई कोर्ट के एक फैसले से समस्या और गहरा गई है कि ब्याज आउटपुट टैक्स पर ही देय होगा।

जो डीलर आउटपुट टैक्स के हिसाब से अधिक ब्याज चुकाने को तैयार हैं, उन्हें भी उम्मीद है कि चुनाव बाद सरकार काउंसिल के फैसले को नोटिफाई कर सकती है। ऐसे में उनका पैसा रिफंड नहीं होगा। गौरतलब है कि दिसंबर में रिटर्न फीस माफी के ऐलान से पहले तक फीस भर चुके लोगों को रिफंड नहीं मिला है।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा गिरा, निफ्टी 11,450 से नीचे

मुंबई। अमेरिका और चीन के संबंधों में तनाव बढ़ने के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बुधवार को शुरुआती कारोबार बीएसई का सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ चल रहा है। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 205.12 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,071.51 अंक पर चल रहा है। इसी तरह एनएसई निफ्टी 63.65 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,434.25 अंक पर कारोबार कर रहा है

अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव जारी रहने और कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम फीके रहने से निवेशकों का उत्साह प्रभावित हुआ है। मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स ने जहां 324 अंक का गोता लगाया वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 100 अंक से अधिक टूट गया। पिछले तीन माह के दौरान बाजार में यह सबसे ज्यादा दिन तक जारी रहने वाली गिरावट रही है।

सुबह 9:55 तक सेंसेक्स में गिरावट बढ़कर 243 अंकों तक पहुंच गई और यह 38,033.58 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 61.75 अंकों की गिरावट के साथ 11,436.15 पर था। इस दौरान सेंसेक्स पर आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, कोलइंडिया, एलटी, आईटीसी, एम&एम, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, एचसीएलटेक के शेयरों को छोड़कर अन्य सभी लाल निशान में थे।

निफ्टी पर जेएसडब्ल्यू स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, इंडसइंड बैंक, कोल इंडिया के शेयर टॉप गेनर्स थे तो जी एंटरटेनमेंट, ओएनजीसी, एनटीपीसी, बजाज फाइनैंस, रिलायंस के शेयर टॉप लूजर्स की श्रेणी में थे।

जबरदस्त ऑफर के साथ Redmi Note 7 Pro की सेल आज

नई दिल्ली। Xiaomi Redmi Note 7 Pro आज एक बार फिर से सेल में उपलब्ध होने वाला है। सेल की शुरुआत ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart के साथ Mi.com और Mi Home stores पर दोपहर 12 बजे से होगी। गौरतलब है कि रेडमी नोट 7 प्रो को इसी साल फरवरी में Redmi Note 7 के साथ लॉन्च किया गया था।

रेडमी नोट 7 और नोट 7 प्रो स्मार्टफोन्स सेल में कुछ देर में आउट ऑफ स्टॉक हो जाते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप ऊपर बताई गईं साइट्स पर जाकर पहले से ही लॉगइन कर फोन को कार्ट में ऐड कर दें और अपनी पेमेंट डीटेल्स को सेव कर दें। ऐसा करने से जैसे ही फोन सेल में आएगा आप बिना ज्यादा वक्त गंवाए इसे ऑर्डर कर सकेंगे।

रेडमी नोट 7 प्रो के फीचर व स्पेसिफिकेशन
फोन की सबसे बड़ी खासियत है फोन के रियर में दिया गया ड्यूल रियर कैमरा सेटअप। यहां आपको पिक्सल बाइनिंग टेक्नॉलजी वाला 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 5 मेगापिक्सल का सेकंडरी डेप्थ सेंसर मिलेगा। सेल्फी के लिए फोन में 13 मेगापिक्सल का कैमरा यूनिट दिया गया है। डिस्प्ले की बात करें तो फोन में 1080X2340 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.3 इंच का एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है।

6जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज के साथ आने वाला यह फोन ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 675 एसओसी से लैस है। फोन माइक्रो एसडी कार्ड सपॉर्ट के साथ आता है और इसकी मदद से फोन की मेमरी को 256जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। रेडमी नोट 7 प्रो ऐंड्रॉयड 9 पाई पर बेस्ड MIUI 10 ओएस पर काम करता है। फोन को पावर देने के लिए इसमें क्विक चार्ज टेक्नॉलजी के साथ 4,000mAh की बैटरी दी गई है।

सेल में मिलेंगे ये ऑफर
रेडमी नोट 7 प्रो का 4जीबी रैम+64जीबी स्टोरेज वाला वेरियंट 13,999 रुपये और 6जीबी+128जीबी वाला वेरियंट 16,999 रुपये में आता है। फोन को इस सेल में खरीदने पर ग्राहकों को Reliance Jio की तरफ से 198 रुपये या उससे ऊपर के रिचार्ज पर डबल डेटा बेनिफिट मिलेगा। इसके साथ ही अगर आप एयरटेल के सबस्क्राइबर हैं, तो आपको 1120GB तक का डेटा फ्री मिलेगा। एयरटेल की तरफ से ग्राहकों को फोन की खरीद पर अनलिमिटेड कॉलिंग और Airtel Thanks बेनिफिट भी ऑफर किया जा रहा है।

Nokia 4.2 के इस फीचर से आप कर सकेंगे अपने स्मार्टफोन से बात

नई दिल्ली । Nokia 4.2 ऐसा पहला स्मार्टफोन है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस Google Assistant पावर बटन के साथ लॉन्च किया गया है। इस फोन के पावर बटन में आपको एलईडी लाइटिंग मिलती है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो इस फीचर की वजह से आप अपने स्मार्टफोन से बात कर सकेंगे या इंटरेक्ट कर सकेंगे। आइए, जानते हैं यह पावर बटन कैसे करता है काम-

इस तरह काम करेगा पावर बटन
सिंगल प्रेस- जब आप एक बार इस पावर बटन को प्रेस करते हैं तो आपको गूगल मैप्स, म्यूजिक, गूगल सर्च और कॉल करने के ऑप्शन मिलेंगे। आप वॉयस कमांड का इस्तेमाल करके इन फीचर्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। Nokia 4.2 का यह पावर बटन फीचर पूरी तरह से गूगल असिस्टेंस सपोर्ट के साथ काम करता है।

डबल प्रेस– Nokia 4.2 के Google Assistant पावर बटन को जब आप दो बार प्रेस करते हैं तो आपको यह वॉयस असिस्टेंस आपके दिन के हाइलाइट का इंटेलिजेंस सजेशन देता है। यह फीचर आपको आपकी रूचि के मुताबिक पर्सनलाइज्ड सजेशन देता है। डबल प्रेस करने के बाद आपको फ्लाइट टाइमिंग, महत्वपूर्ण टू डू टास्क, बिल पेमेंट और इवेंट्स के बारे में आपको सजेशन देता है।

लॉन्ग प्रेस- Nokia 4.2 के पावर बटन को जब आप लॉन्ग प्रेस करते हैं तो वॉकी-टॉकी मोड एक्टिवेट हो जाता है। यानी की आप अपने स्मार्टफोन से अब बात कर सकेंगे। जब तक आप पावर बटन को दबाए रखते हैं तब तक Google Assistant आपकी क्वेरी को सुनता रहता है। पावर बटन को छोड़ते ही यह आपकी क्वेरी के मुताबिक सजेशन देता है।

Google ऑनलाइन ट्रैक करने पर लगाएगा रोक, लाने वाला है नया प्राइवेसी टूल

नई दिल्ली । सर्च इंजन कंपनी Google अपने ब्राउजर Chrome के लिए प्राइवेसी कंट्रोल्स को और टाइट करने की तैयारी कर ली है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार सर्च इंजन कंपनी एक डैशबोर्ड की तरह टूल लेकर आने वाली है जो क्रोम पर ट्रैकिंग कूकीज को टार्गेट करेगा और उन पर रोक लगाने के लिए विकल्प देगा।

अगर यह टूल पास हो जाता है तो गूगल की तरह से उठाया गया यह एक बेहद महत्वपूर्ण कदम होगा जो कि इसके विरोधी ब्राउजर्स के लिए बड़ी चुनौती होगा। हालांकि, इसके विरोधा ब्राउजर्स जैसे मोझिला और सफारी के पास पहले से ही कुछ हद तक कूकी ब्लॉक करने वाले कंट्रोल्स हैं।

कहा जा रहा है कि यह नया टूल गूगल की ट्रैकिंग स्क्रीप्ट को तो प्रभावित नहीं करेगा लेकिन डिजिटल एडवर्टाइजिंग फर्म्स को खासा नुकसान पहुंचाएगा जो इन कूकीज के आधार पर अपने ऑनलाइन एड्स बनाते और लोगों को परोसते हैं। यह टूल गूगल को इस बात का भी बड़ा फायदा देगा कि वो विरोधी कंपनियों के एड्स को रोक सके।

अनिल की आरकॉम पर दिवालिया कार्रवाई शुरू, कंपनी पर 50 हजार करोड़ का कर्ज

मुंबई। अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) पर मंगलवार को दिवालिया कार्रवाई शुरू हुई। नया रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) नियुक्त करने और क्रेडिटर्स की कमेटी (सीओसी) बनाने के लिए आरकॉम के कर्जदाता नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) पहुंचे। यह किसी कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए पहला कदम होता है।

आरकॉम ने पिछले साल दिवालिया प्रक्रिया पर स्टे लिया था लेकिन असेट्स की बिक्री में विफल रहने पर इस साल फरवरी में खुद ही दिवालिया प्रक्रिया में जाने का फैसला लिया था। कंपनी के बोर्ड ने कहा था कि यह कदम सभी संबंधित पक्षों के हित में होगा। इससे 270 दिन की तय अवधि में आरकॉम की संपत्ति बेचकर कर्ज के भुगतान की पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित हो सकेगी। पिछले दिनों आरकॉम ने अपीलेट ट्रिब्यूनल से स्टे की अपील वापस ले ली थी।

कारोबार में घाटा होने और कर्ज बढ़ने की वजह से आरकॉम ने 2 साल पहले ऑपरेशंस बंद कर दिए थे। उसने रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बेचकर दिवालिया होने से बचने की कोशिश की लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया और सरकार की ओर से मंजूरी में देरी की वजह से डील नहीं हो पाई।

इस साल मार्च में आरकॉम के चेयरमैन अनिल अंबानी ने बड़े भाई की मदद से एरिक्सन के 480 करोड़ रुपए चुकाए और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से बचे, नहीं तो अनिल अंबानी को जेल जाना पड़ता। एरिक्सन ही पिछले साल आरकॉम के खिलाफ एनसीएलटी गई थी।

एरिक्सन से पहले चाइना डेवलपमेंट बैंक ने भी दिवालिया अदालत (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया था। आरकॉम ने उससे 1 अरब डॉलर का कर्ज लिया था। बाद में आरकॉम ने मुंबई स्थित अपने मुख्यालय का एक हिस्सा देकर सेटलमेंट किया।

पिछले हफ्ते 3 तारीख को एसबीआई ने आरकॉम पर दिवालिया प्रक्रिया के लिए आरपी शॉर्टलिस्ट करने के लिए मीटिंग रखी। अप्रैल में इसका प्रस्ताव पेश किया था। आरकॉम के क्रेडिटर्स की कमेटी को 66 फीसदी वोटों के साथ नए आरपी के लिए मंजूरी देनी होगी। एनसीएलटी की मुंबई बेंच ने मौजूदा आरपी को 30 मई तक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। उसी दिन मामले की सुनवाई होगी।

कोटा ब्लड बैंक सोसाइटी मनाएगी आज थेलिसिमिया दिवस

कोटा। कोटा ब्लड बैंक सोसाइटी थेलिसिमिक पीड़ित बच्चों के साथ वर्ल्ड थेलेसिमिया दिवस आज सुबह 9 बजे मनाएगी। इस अवसर पर खेल कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन होगा।

कोटा ब्लड बैंक सोसाइटी के सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि इस अवसर पर सीनियर बच्चो के डॉक्टर अविनाश बंसल व डॉक्टर सीबी दास गुप्ता द्वारा थैलेसीमिया की रोक थाम व भविष्य में थेलेसिमिया नहीं हो इसकी जानकारी भी दी जाएगी।

सोसाइटी के अध्यक्ष प्रेम बाठला ने बताया कि इस अवसर पर थेलिसिमिक बच्चे जो कि विभिन्न जगह नोकरी या व्यापार कर रहे है उनके अनुभव की जानकारी भी दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर दूसरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स वाले नेता बने मोदी

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नई दिल्ली।भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनियाभर में सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलोअर्स वाले दूसरे नेता बन गए हैं। उनके आगे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं, जिनके Facebook, Twitter और Instagram पर कुल 18.27 करोड़ फॉलोअर्स हैं। इन तीनों प्लेटफॉर्म पर मोदी के कुल फॉलोअर्स की संख्या 11.09 करोड़ है।

डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म SEMrush की रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी ने मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पीछे कर दिया है। ट्रंप के कुल 9.6 करोड़ फॉलोअर्स हैं। एजेंसी के मुताबिक मोदी के फेसबुक पर 4.3 करोड़ से ज्यादा, ट्विटर पर तकरीबन 4.7 करोड़ और इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

हालांकि ट्विटर पर दूसरे सबसे ज्यादा वाले नेता अभी भी डोनाल्ड ट्रंप ही हैं। उनके 5.98 करोड़ फॉलोअर्स हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इन तीनों सोशल मीडिया साइट्स पर 1.2 करोड़ फॉलोअर्स हैं।

ट्विटर पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं नेताओं के फॉलोअर्स
रिपोर्ट के मुताबिक सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से, ट्विटर पर नेताओं के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स एक्टिव रहते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, इन नंबरों से यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है कि ये सब यूनीक यूजर्स हैं। यानी यह हो सकता है कि एक ही व्यक्ति कई सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म्स पर एक ही नेता को फॉलो कर रहा हो।

निर्यात मांग के कारण ग्वारगम वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में निर्यात मांग में तेजी आने के बीच मंगलवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 20 रुपये की तेजी के साथ 9,085 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के सर्वाधिक सक्रिय जून महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 20 रुपये अथवा 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,085 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसें 315 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारगम के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 49 रुपये अथवा 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,220 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसें 2,045 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

मांग में तेजी से ग्वारसीड वायदा कीमत में 19 रुपये की तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में मजबूती के रुख के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे मंगलवार को वायदा कारोबार में ग्वारसीड की कीमत 19 रुपये की तेजी के साथ 4,510 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई।

बाजार सूत्रों ने ग्वारसीड वायदा कीमतों में तेजी आने का श्रेय ग्वारगम निर्माताओं की मजबूत मांग के बीच उत्पादक क्षेत्रों से मामूली आपूर्ति के कारण हाजिर बाजार में मजबूती के रुख की वजह से कारोबारियों द्वारा अपने सौदों के आकार बढ़ाने को दिया।

एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड के जून महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 19 रुपये अथवा 8.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,510 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई जिसमें 90,770 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारसीड के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत भी 14.5 रुपये अथवा 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,568 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई जिसमें 3,500 लॉट के लिए कारोबार हुआ।