Monday, July 27, 2026
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वैश्विक स्तर पर 2025-26 सीजन के दौरान सोयाबीन के नए रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान

मुम्बई। लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में एक बार फिर 2025-26 सीजन के दौरान सोयाबीन के नए रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे किसी की कोई खास हैरानी नहीं हो रही है क्योंकि यह वृद्धि तो वहां एक परिपाटी बन गई है।

बिजाई क्षेत्र में नियमित रूप से इजाफा होने तथा मौसम एवं वर्षा की हालत अनुकूल रहने से ब्राजील में पिछले कुछ वर्षों से सोयाबीन का उत्पादन बढ़कर नए-नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा रहा है। वैसे ब्राजील के पड़ोसी देश- अर्जेन्टीना में हालात सामान्य नहीं है।

अर्जेन्टीना के अधिकांश भाग में मौसम शुष्क एवं गर्म रहने तथा कुछ इलाकों में भयंकर सूखा पड़ने से सोयाबीन की फसल के लिए खतरा बढ़ गया है इसलिए इसके उत्पादन कटौती की जाने लगी है। अमरीका में फसल की कटाई-तैयारी पहले ही समाप्त हो चुकी है जबकि लैटिन अमरीकी देशों में अभी आरंभ हुई है।

सोयाबीन के उत्पादन एवं निर्यात में ब्राजील प्रथम अमरीका दूसरे एवं अर्जेन्टीना तीसरे नम्बर पर है। इन तीन देशों में सोयाबीन की क्रशिंग प्रोसेसिंग इस बार में इन तीन देशों में सोयाबीन की पैदावार एवं क्रशिंग 2022-23 सीजन के मुकाबले 16 प्रतिशत बढ़ गई।

विश्व स्तर पर पिछले दो दशकों के दौरान सोयाबीन की क्रशिंग में लगभग दोगुना इजाफा हुआ और इसकी मात्रा 2005-06 के 1857 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 3664 लाख टन पर पहुंच गई।

सोया तेल का सर्वाधिक उत्पादन अर्जेंटीना से होता है क्योंकि वह ब्राजील एवं अमरीका की तुलना में साबुत सोयाबीन का बहुत कम निर्यात करता है और उसके घरेलू प्रभाग में सोया तेल की खपत भी कम होती है जिससे वहां अधिक मात्रा में इसका निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद रहता है। भारत इसका सबसे बड़ा खरीदार है।

India-Us Trade: भारत अमेरिका से जीएम सोयाबीन एवं मक्का का आयात नहीं करेगा

नई दिल्ली। India-Us Trade Deal: केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा है कि अमरीका के साथ व्यापारिक करार के क्रम में भारत के जीएम मक्का एवं सोयाबीन के आयात के मुद्दे पर अपनी लक्ष्मण रेखा को सुरक्षित रखा है।

कृषि एवं डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अमरीका को कोई रियायत नहीं दी गई है। समझा जाता है कि अमरीका के भी भारत की विवशता को समझते हुए इस पर जोर देना कम कर दिया लेकिन संभवत: सेब एवं सूखे मेवे (नट्स) के मामले में उसे कुछ रियायत दी गई है। फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अमरीका को अच्छी तरह पता है कि भारत में जीएम खाद्य फसलों के उत्पादन, आयात, कारोबार एवं उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है और उसे हटाना आसान नहीं है।

भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया बाकि जीएम फसलों पर कोई समझौता नहीं होगा। इसके लिए जो लाल रेखा खींची गई उसे दोनों में से किसी देश ने पार नहीं किया। कम से कम केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री के दावे से तो ऐसा ही प्रतीत होता है।

लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापारिक करार (ट्रेड डील) के तहत जिन उत्पादों पर शुल्क कटौती या समाप्ति पर सहमति बनी उस पर अमरीका को भी समान रियायत दी गई है। इसकी भी पुष्टि होनी अभी बाकी है। धीरे-धीरे वास्तविकता सामने आएगी।

ट्रेड डील को लेकर भारत का अमेरिकी धमकी के आगे झुकने से साफ इनकार

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील हो चुकी है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अमेरिकियों के सामने एक बड़ी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं, वहीं एक दिलचस्प जानकारी सामने आई है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार ने वॉशिंगटन डीसी को बताया कि भारत ट्रेड डील पर ट्रंप का राष्ट्रपति कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को तैयार है। इस रिपोर्ट से भारत के सख्त रुख का पता चलता है। भारत ने अमेरिका धमकी के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया था।

ब्लूमबर्ग ने सबसे पहले सितंबर 2025 की शुरुआत में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच हुई मीटिंग के बारे में रिपोर्ट किया था। इसमें भारत सरकार ने अपना कड़ा रुख बताया था। यह मीटिंग ट्रंप प्रशासन की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर लगातार हमलों और भारतीय एक्सपोर्ट पर 50% अमेरिकी टैरिफ के माहौल में हुई थी।

यह रिपोर्ट तब और अहम हो जाती है जब ट्रंप ने जल्दबाजी में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान कर दिया। साथ ही, उनके सहयोगियों ने इसे अमेरिका, खासकर उसके कृषि सेक्टर के लिए एक बड़ी जीत बताया। कृषि और डेयरी दो ऐसे सेक्टर हैं जिन पर भारत ने एक लक्ष्मण रेखा खींच रखी थी।

ब्लूमबर्ग ने डोभाल के हवाले से बताया कि उन्होंने रूबियो से कहा कि “भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके टॉप सहयोगियों से दबने वाला नहीं है। वह उनका कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को तैयार रहेगा, क्योंकि उसने पहले भी अमेरिका के दूसरे विरोधी प्रशासनों का सामना किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मीटिंग में डोभाल ने रूबियो को बताया कि भारत चाहता है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक आलोचना कम करें ताकि रिश्ते फिर से पटरी पर आ सकें। मीटिंग के बाद ट्रंप और उनके सहयोगियों की बयानबाजी में कुछ नरमी आई थी। सितंबर में बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन करके बधाई दी थी।

इससे पहले, ट्रंप और पीटर नवारो जैसे उनके साथियों ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर के झूठे दावों पर राष्ट्रपति की आलोचना करने को निजी मामला बना लिया था। रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी का युद्ध’ बताने के बाद नवारो ने कहा था कि भारत तानाशाहों के साथ मिल रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट नई दिल्ली में मीटिंग की जानकारी रखने वाले अधिकारियों से मिली जानकारी पर आधारित थी। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी क्योंकि ‘मीटिंग प्राइवेट थी’। बिजनेस न्यूज एजेंसी ने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और अमेरिकी विदेश विभाग दोनों से इस मीटिंग पर कमेंट करने से मना कर दिया।

भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों पक्ष ट्रेड डील को ‘फाइनल रूप’ देने में कामयाब रहे हैं, जिस पर बातचीत फरवरी 2025 में शुरू हुई थी।

पिप्पलेश्वर महादेव के सानिध्य में 8 फरवरी को होगा विराट हिंदू सम्मेलन

भव्य कलश यात्रा, वीरांगना जीवन चरित्र नाट्य मंचन, नारी शक्ति व मलखंभ प्रदर्शन होंगे

कोटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हो रही विराट हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला के अंतर्गत कोटा महानगर में एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। टीचर्स कॉलोनी, रंगविहार एवं कंपीटीशन बस्ती क्षेत्र में 8 फरवरी को पिप्पलेश्वर महादेव के सानिध्य में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

आयोजन समिति अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ प्रातः 11:30 बजे टीचर्स कॉलोनी स्थित विश्वनाथ महादेव एवं कामखेड़ा हनुमान मंदिर से विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। यह कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर स्थित पिप्पलेश्वर वाटिका कंपीटीशन कॉलोनी पहुंचेगी।

कलश यात्रा के उपरांत धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रबोध से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों में गणेश वंदना, वीरांगना महारानी अबक्का जी के जीवन चरित्र पर आधारित नाट्य मंचन, सामूहिक नृत्य, नारी शक्ति द्वारा शौर्य प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहेंगे। साथ ही क्षेत्रीय बालिकाओं द्वारा मलखंभ प्रदर्शन भी किया जाएगा।

सम्मेलन में इस्कॉन कोटा के मायापुरवासी दास प्रभु के आशीर्वचन होंगे, जबकि मुख्य वक्ता द्वारा हिंदू समाज के संगठन, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर समस्त बस्तीवासियों के लिए सहभोज की व्यवस्था भी की गई है।

आयोजन को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न स्वयंसेवी टोलियों का गठन किया गया है। इनमें भीड़ नियंत्रण, जल व्यवस्था, भोजन निर्माण एवं भोजन वितरण जैसी जिम्मेदारियों का दायित्व स्वयंसेवकों को सौंपा गया है। सम्मेलन से जुड़े सभी कार्यक्रम पिप्पलेश्वर वाटिका एवं पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में होंगे।

जेईई-मेन 2026: एलन के छात्रों ने नौ प्रश्नों पर आपत्ति जताई, सात में बोनस अंक की मांग

कोटा। Jee Main january session answer Key objections: एनटीए द्वारा आयोजित जेईई-मेन जनवरी सेशन के प्रश्नपत्र, आंसर की और रिकॉर्डेड रेस्पोंस बुधवार को जारी कर दिए गए। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को आपत्तियां लगाने का भी अवसर दे दिया गया। स्टूडेंट्स ने अपने रिकॉर्डेड रेस्पोंस और आंसर का मिलान किया। स्टूडेंट्स की कई सवालों पर आपत्तियां भी रही।

इन सवालों के जवाबों को लेकर स्टूडेंट्स ने एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट्स से चर्चा की और उसके बाद नौ सवालों के जवाब सामने आए जिसमें एनटीए और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट्स व स्टूडेंट्स की राय भिन्न थी। सबसे ज्यादा पांच आपत्तियां फिजिक्स के पेपर में दर्ज कराई गई है।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के प्रेसिडेंट विनोद कुमावत ने बताया कि स्टूडेंट्स और एलन एक्सपर्ट्स के अध्ययन के बाद जेईई मेन जनवरी सेशन की परीक्षाओं में नौ सवालों के जवाब ऐसे थे जिनके एलन के जवाब कुछ और थे और एनटीए द्वारा जारी की गई आंसर की में जवाब कुछ और दिए गए हैं।

नौ में से सात प्रश्नों में बोनस अंक देने की मांग की गई है। कुमावत ने बताया कि एलन एक्सपर्ट्स द्वारा पेपर्स का अध्ययन कर आंसर की तैयार की जा चुकी है और स्टूडेंट्स अपने आंसर का मिलान कर सकते हैं। एनटीए की ओर से जारी नोटिस के अनुसार विद्यार्थी 6 फरवरी रात 11.50 बजे तक आंसर की को चैलेन्ज कर सकता है।

21 व 22 को एक-एक आपत्तियां
जेईई मेन परीक्षा के पहले दिन यानी 21 जनवरी को सुबह की पारी में कैमिस्ट्री के पेपर में थर्मोडाइनेमिक्स टाॅपिक से जुड़े एक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराई। जबकि 22 जनवरी को शाम की पारी में फिजिक्स के पेपर में वेव आॅप्टिक्स टाॅपिक से आए प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराते हुए बोनस अंक देने की मांग की गई है।

23 जनवरी को तीन आपत्तियां
सुबह की पारी में कैमिस्ट्री में हैलोजन डेरिवेटिव्स टाॅपिक से आए प्रश्न में आपत्ति दर्ज कराई है। जबकि शाम की पारी में फिजिक्स में एनएलएम टाॅपिक एवं एरर एंड मेजरमेंट से जुड़े प्रश्न में आपत्ति दर्ज कराते हुए बोनस अंक देने की मांग की गई है।

24 जनवरी को दो आपत्तियां
शाम की पारी में फिजिक्स के पेपर में केटीजी एंड थर्मोडाइनेमिक्स टाॅपिक एवं मैथ्स के पेपर में वेक्टर्स से जुड़े प्रश्न में आपत्ति दर्ज कराते हुए बोनस अंक देने की मांग की गई है।

28 जनवरी को दो आपत्तियां
सुबह की पारी में फिजिक्स के पेपर में न्यूक्लियर फिजिक्स टाॅपिक एवं शाम की पारी में कैमिस्ट्री के पेपर में इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री टाॅपिक से आए प्रश्न में आत्तियां दर्ज कराते हुए बोनस अंक देने की मांग की है।

वायदा बाजार में 4% मंदी का सर्किट लगने से कोटा मंडी में धनिया 200 रुपये ढीला रहा

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडेक्स पर 4 फीसदी मंदी का सर्किट लगने से भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को धनिया 200 रुपये ढीला रहा। मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन और धान 100 रुपये उछल गया। कमजोर उठाव से लहसुन 500 रुपये और उड़द 100 रुपये ढीला रहा।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडेक्स पर 4 फीसदी मंदी का सर्किट लगने से अप्रैल का धनिया वायदा 416 रुपये गिरकर 11418 रुपये और मई का वायदा 358 रुपये टूटकर 11550 रुपये पर बंद हुआ। मंडी में सभी कृषि जिंसों मिलाकर करीब70 हजार कट्टे और लहसुन की 2000 कट्टे आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800, जौ 2000,से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3351, धान (1509) 3000 से 3831, धान (1847) 3200 से 3651, धान (1718-1885) 3700 से 4300, धान (पूसा-1) 3400 से 4100, धान (1401-1846) 3800 से 4200, धान दागी 1200 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5851, सरसो 6200 से 6850, सरसों नयी 5300 से 6500, अलसी 7000 से 7800, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8400, चना देशी 4700 से 5350, चना मौसमी 4700 से 5250, चना पेप्सी 4800 से 5301, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।

पुराना लहसुन 3000 से 11000, नया लहसुन 7500 से 11000, मैथी 4000 से 5500, धनिया बादामी 7500 से 9300, धनिया ईगल 9500 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

JEE Main 2026 सेशन-1 की आंसर की जारी, 6 फरवरी तक दर्ज कराएं आपत्ति

नई दिल्ली। JEE Main 2026 Answer Key: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जेईई मेन 2025 सेशन 1 परीक्षा का आयोजन 21 से लेकर 29 जनवरी तक देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर करवाया गया था। एग्जाम संपन्न होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आज यानी 4 फरवरी को प्रोविजनल आंसर की एवं रिस्पॉन्स शीट डाउनलोड के लिए उपलब्ध करवा दी गई है।

JEE Main Answer Key 2026 ऑनलाइन माध्यम से एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जारी की गई है जहां से अभ्यर्थी लॉग इन डिटेल दर्ज करके डाउनलोड कर सकते हैं।

दर्ज कर सकते हैं आपत्ति
जेईई मेन प्रोविजनल आंसर की द्वारा छात्र अपने सभी प्रश्न उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। इस दौरान अगर वे इसमें दिए किसी उत्तर से संतुष्ट नहीं होंगे तो वे 6 फरवरी रात्रि 11:50 तक ऑनलाइन माध्यम से ऑब्जेक्शन दर्ज कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने के लिए 200 रुपये प्रति प्रश्न के हिसाब से भुगतान करना होगा।

ऐसे करें आंसर की डाउनलोड

  1. जेईई मेन आंसर की 2026 जारी होते ही स्टूडेंट्स को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर विजिट करें।
  2. वेबसाइट के होम पेज पर आपको लेटेस्ट न्यूज में Answer Key Challenge for JEE(Main) – 2026 [Session-I] is LIVE! लिंक पर क्लिक करना होगा।
  3. अब आपको मांगी गई डिटेल (एप्लीकेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ) दर्ज करके सबमिट करनी होगी।
  4. इसके बाद आंसर की स्क्रीन पर ओपन हो जाएगी जहां से आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

JEE Main Answer Key Link

रिजल्ट 12 फरवरी को होगा जारी
एनटीए की ओर से जारी ब्रोशर के मुताबिक रिजल्ट 12 फरवरी को घोषित कर दिया जायेगा। नतीजे फाइनल आंसर की के आधार पर जारी किये जायेंगे। जो छात्र परीक्षा में सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।

सेशन 2 के लिए आवेदन का मौका
जो छात्र परीक्षा में सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। एनटीए द्वारा जेईई मेन सेशन 2 एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन स्टार्ट कर दिए गये हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 फरवरी तक जारी रहेगी। ऐसे में स्टूडेंट्स तय तिथियों के अंदर ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे। सेशन 2 एग्जाम का आयोजन 2 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक करवाया जायेगा। रिजल्ट 20 अप्रैल तक घोषित किया जायेगा।

ऐसे बदली किसान की तक़दीर, 17 वर्ष पुराने अवधिपार ऋण का समाधान

कोटा। लंबे समय से अवधिपार ऋण के बोझ तले दबे किसानों के लिए राहत की एक सशक्त मिसाल सामने आई है। कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड की पहल से मुख्यमंत्री अविधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025–26 के अंतर्गत 17 वर्ष पुराने ऋण खाते का सफल निस्तारण कर किसान को नई उम्मीद दी गई है।

बैंक अध्यक्ष चैनसिंह राठौड ने बताया कि ग्राम चौमावद तहसील दीगोद निवासी किसान हेमराज पुत्र भैरूलाल मीणा का 17 वर्षों से अविधिपार चला आ रहा ऋण खाता इस योजना के तहत सुलझाया गया।

योजना के अंतर्गत किसान को कुल 19.43 लाख रुपये की ब्याज राहत प्रदान की गई, जिसके पश्चात किसान द्वारा 9.32 लाख रुपये जमा कर 28.75 लाख रुपये के ऋण खाते का पूर्ण भुगतान किया गया।

इस अवसर पर बैंक अध्यक्ष चेन सिंह राठौड़ ने इसे सहकारिता की संवेदनशीलता और सरकार की किसान-हितैषी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल किसानों को ऋण के बोझ से मुक्त कर रही है, बल्कि उन्हें फिर से आर्थिक मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य भी कर रही है।

ऋण खाता पूर्ण रूप से चुकता होने पर बैंक द्वारा किसान को नो-ड्यूज प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बैंक सचिव एवं उप रजिस्ट्रार ऋतु सागर, बैंक अधिकारी खलीलुद्दीन एवं धर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।

राठौड़ ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की कि वे 31 मार्च 2026 तक मुख्यमंत्री अविधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि अविधिपार ऋण के निस्तारण के बाद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर नवीन ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

Special Train: होली पर्व पर चलेगी सोगरिया कोटा–दानापुर विशेष ट्रेन

यह गाड़ी कोटा मंडल के बारां, सालपुरा एवं छबड़ा गुगोर स्टेशनों से गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा होली पर्व के अवसर पर सोगरिया (कोटा)–दानापुर–सोगरिया (कोटा) के मध्य विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह विशेष गाड़ी कुल दो-दो फेरे करेगी तथा कोटा मंडल के बारां, सालपुरा एवं छबड़ा गुगोर स्टेशनों से होकर संचालित होगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09821 सोगरिया (कोटा) से 28 फरवरी एवं 7 मार्च 2026 (शनिवार) को 23.10 बजे प्रस्थान करेगी। यह गाड़ी मार्ग में बारां 23.53 बजे, सालपुरा 00.28 बजे एवं छबड़ा गुगोर 00.48 बजे ठहराव लेते हुए अगले दिन 23.45 बजे दानापुर पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09822 दानापुर से 2 मार्च 2026 एवं 9 मार्च 2026 (सोमवार) को 01.15 बजे प्रस्थान करेगी तथा मार्ग में छबड़ा गुगोर 22.18 बजे, सालपुरा 22.33 बजे एवं बारां 23.13 बजे ठहराव लेते हुए अगले दिन 01.10 बजे सोगरिया (कोटा) पहुंचेगी।

इस विशेष ट्रेन में वातानुकूलित प्रथम सह तृतीय श्रेणी, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, शयनयान एवं सामान्य श्रेणी के डिब्बों सहित कुल 22 कोच होंगे।

यह गाड़ी मार्ग में बारां, सालपुरा, छबड़ा गुगोर, रूठियाई, गुना, अशोक नगर, महादेवखेड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छेओकी, मिर्जापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा स्टेशनों पर ठहरेगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व गाड़ियों की स्थिति, समय एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग करें।

सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बंद किए 2.5 करोड़ आधार कार्ड

नई दिल्ली। भारत सरकार ने आधार सिस्टम को सेफ और ट्रांसपैरेंट बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 2.5 करोड़ से ज्यादा मृत व्यक्तियों के आधार (Aadhaar) नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं।

इस फैसले के साथ सरकार की कोशिश पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकना और यह तय करने कि है कि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का फायदा केवल सही पात्रों और जीवित लाभार्थियों तक ही पहुंचे। आइए आपको इस क्लीनअप के बारे में विस्तार से बताते हैं।

बड़े स्तर पर किए गए डाटाबेस क्लीन-अप की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और IT राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित में दी। सरकार के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक पहचान सिस्टम को अपडेट रखना एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है।

हर साल लाखों नए आधार बनते हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु भी होती है, ऐसे में मृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड को समय पर हटाना जरूरी हो जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने कहा है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार ऐक्टिव रहना पहचान चोरी और फ्रॉड का जोखिम बढ़ा सकता है।

कई मामलों में मृत लोगों के आधार का इस्तेमाल कर पेंशन, सब्सिडी या अन्य सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाने की कोशिश की जाती है। आधार नंबर को डिसेबल करने से ऐसे अवैध इस्तेमाल पर इफेक्टिवली रोक लगती है।

देश में करीब 134 करोड़ ऐक्टिव आधार कार्ड धारक हैं। सरकार ने बताया कि कई बार मृत्यु का पंजीकरण उस जगह पर होता है, जो आधार कार्ड में रिजस्टर्ड एड्रेस से अलग होता है।

इस वजह से डाटा के मिलान में देरी हो सकती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच डाटा शेयर करने और आधार रिकॉर्ड को रेग्युलरली अपडेट करने पर जोर दिया जा रहा है।

डाटाबेस क्लीन करने के साथ-साथ आधार की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई टेक सॉल्यूशंस भी लागू किए गए हैं। इनमें बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक की सुविधा और फेस ऑथेंटिकेशन में लाइवनेस डिटेक्शन शामिल है, जिससे फोटो या वीडियो के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोका जा सके।

साथ ही, आधार वैलिडेट करने वाली संस्थाओं को डाटा केवल एन्क्रिप्टेड आधार डाटा वॉल्ट में रखने के निर्देश दिए गए हैं। UIDAI ने साफ किया है कि नागरिकों की बायोमेट्रिक जानकारी किसी थर्ड-पार्टी से शेयर नहीं की जाती।

बता दें अब नए आधार ऐप के जरिए परिवार के सदस्य मृत्यु की सूचना भी दे सकते हैं और इसके बाद सदस्य के आधार को डिसेबल कर दिया जाता है।