Monday, July 27, 2026
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Stock Market: सेंसेक्स 503 अंक गिरकर 83313 पर बंद और निफ्टी 25700 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Closed : वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (5 फरवरी) को गिरावट के साथ बंद हुए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 503.76 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 83,313.93 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 133.20 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 25,642.80 पर बंद हुआ।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली गिरावट लेकर 83,757 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 83,784 अंक के हाई और 83,151 अंक के लो तक गया। अंत में 503.76 अंक या 0.60% की गिरावट लेकर 83,313.93 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,755.90 पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान यह लाल निशान में ही रहा। अंत में 133.20 अंक या 0.52 फीसदी की गिरावट के साथ 25,642.80 पर बंद हुआ।

सपाट शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स में गिरावट गहराई गई। ऑटो, मेटल और डिफेंस से जुड़े शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण दोनों इंडेक्स गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच कंसोलिडेशन देखने को मिला। हाल के सत्रों में अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर उम्मीदों से तेजी आई थी, जिसके बाद मुनाफावसूली का असर नजर आया।

वैश्विक संकेतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेक शेयरों में व्यापक बिकवाली की आशंका और अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ते तनाव से जोखिम से बचने की धारणा बनी। मेटल और स्मॉलकैप शेयर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में रहे, जबकि ब्रोडर इंडेक्सिस में सतर्क कारोबार दिखा।”

उन्होंने कहा, ”अब बाजार की नजरें आने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हैं। भारत की आर्थिक वृद्धि का आउटलुक मजबूत बने रहने के बीच, आम राय यही है कि ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।”

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल सबसे ज्यादा 2.46% गिरकर बंद हुआ। इसके अलावा भारती एयरटेल, भारत एलेक्ट्रॉनिस, आईटीसी, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, ट्रेंट लिमिटेड करीब 3 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। टाटा स्टील, एसबीआई और बजाज फाइनेंस के शेयर बढ़त में रहे। बीएसई पर 2,468 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 1,721 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

ब्रोडर मार्केटस में बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स 0.5 प्रतिशत फिसला, जबकि स्मॉलकैप 250 करीब 1 प्रतिशत टूट गया। सेक्टोरल स्तर पर बीएसई कैपिटल गुड्स और मेटल इंडेक्स 1-1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, ऑटो इंडेक्स 0.7 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 0.9 प्रतिशत नीचे रहा।

हंगामे के बीच पीएम बयान के बिना राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित

ससंद के इतिहास में 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा के अनुसार अपना भाषण नहीं दिया।

2004 के बाद यह पहली बार ऐसा हुआ है, जब संसद में बिना प्रधानमंत्री के भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पास हुआ। विपक्ष के लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के संशोधनों को वोटिंग के लिए रखा, जो खारिज हो गए। इसके बाद अध्यक्ष ने 28 जनवरी को दिए गए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस बीच विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा।

विपक्ष का जोरदार हंगामा
हंगामे के दौरान कांग्रेस के सदस्य सदन के बीचों-बीच यानी वेल में आ गए। उनके हाथों में पोस्टर थे जिन पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ ‘नरेंद्र-सरेंडर’ का नारा लिखा था। समाजवादी पार्टी के सदस्य भी वेल में आ गए। उन्होंने वाराणसी में गंगा नदी के किनारे मणिकर्णिका घाट पर हुए तोड़-फोड़ का मुद्दा उठाया। उनके बैनरों पर रानी अहिल्याबाई होलकर की तस्वीरें थीं। तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने भी वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, अन्य दल जैसे डीएमके और लेफ्ट पार्टियों के सदस्यों ने भी हंगामा मचाया।

संवैधानिक विशेषज्ञ ने बताया अभूतपूर्व
संवैधानिक विशेषज्ञ पी डी टी आचार्य ने इस घटना को एक अभूतपूर्व घटनाक्रम बताया है। लोकसभा के पूर्व महासचिव आचार्य ने कहा कि कि 2004 के बाद यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री ने धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण नहीं दिया। 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सदन में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने तत्कालीन विपक्षी दल बीजेपी के साथ बनी एक सहमति के तहत भाषण नहीं दिया था। 10 जून, 2004 को मनमोहन सिंह ने कहा था कि दोनों पक्षों में सहमति बनी है कि धन्यवाद प्रस्ताव को सीधे वोटिंग के लिए रखा जाए, इसलिए इसे वोट के लिए रखा जाए।

पीएम के साथ अप्रत्याशित घटना की आशंका से मैंने आने से मना किया, स्पीकर बिरला बोले

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान इन दिनों लोकसभा में लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के कारण यह संभव नहीं हो सका।

हालात बिगड़ते देख सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में गंभीर और अहम बयान दिया है।

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जिस तरह का माहौल उस दिन लोकसभा में बना, उसमें कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था।

ओम बिरला ने सदन को बताया कि लोकसभा के इतिहास में पहली बार उन्होंने इस तरह का आचरण देखा है। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों ने न केवल सदन के भीतर बल्कि अध्यक्ष के कार्यालय में भी जिस प्रकार का व्यवहार किया, वह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं था।

स्पीकर ने इसे संसदीय व्यवस्था पर काला धब्बा बताया और कहा कि अब तक राजनीतिक मतभेदों को कभी भी अध्यक्ष के कार्यालय तक नहीं ले जाया गया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सदन को सुचारू रूप से चलाने में सभी सांसदों का सहयोग आवश्यक है।

स्पीकर ओम बिरला ने सदन में यह भी खुलासा किया कि जब प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तब उन्हें पुख्ता जानकारी मिली थी कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं सदन में ऐसे दृश्य देखे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी। स्पीकर ने कहा कि यदि ऐसा होता तो यह न केवल अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होता, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को भी गहरा आघात पहुंचता। इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने एहतियातन प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया।

ओम बिरला ने बताया कि सदन के नेता होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके आग्रह को स्वीकार किया और सदन में नहीं आए। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे एक बड़े अप्रिय दृश्य को टालने में मदद मिली और सदन की गरिमा बनी रही।

स्पीकर ने दोहराया कि सदन के अध्यक्ष के रूप में उनकी यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वे लोकसभा की उच्च परंपराओं और मर्यादा की रक्षा करें।

बिना पीएम भाषण के पारित हुआ धन्यवाद प्रस्ताव
गुरुवार को बजट सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में टकराव का माहौल बना रहा। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

प्रधानमंत्री सदन में मौजूद थे और बोलने वाले भी थे, लेकिन लगातार व्यवधान के चलते अंततः सत्ता पक्ष ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया। यह 2004 के बाद पहला मौका रहा, जब लोकसभा में प्रधानमंत्री के संबोधन के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ।

NIFT 2026 के एडमिट कार्ड जारी, सीधे लिंक से करें डाउनलोड

नई दिल्ली। NIFT Admit Card 2026: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (National Institute of Fashion Technology) में एडमिशन की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NIFTEE 2026 (स्टेज-1) प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं।

फैशन डिजाइनिंग और मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्र अब अपना हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/niftee से डाउनलोड कर सकते हैं। यह प्रवेश परीक्षा 8 फरवरी 2026 (रविवार) को देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

NIFT Admit Card 2026 Direct Link

ऐसे डाउनलोड करें अपना एडमिट कार्ड

  1. सबसे पहले NTA NIFT की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/niftee पर जाएं।
    होमपेज पर “NIFT 2026 Admit Card” वाले लिंक पर क्लिक करें।
  2. अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड (या जन्मतिथि) दर्ज करें।
  3. कैप्चा कोड भरकर ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
  4. आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा, इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक साफ प्रिंटआउट ले लें।

परीक्षा का समय और पैटर्न

  • NIFT 2026 की स्टेज-1 परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी।
  • पहली शिफ्ट (सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक): इसमें GAT होगा, जो कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
  • दूसरी शिफ्ट (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00/6:30 बजे तक): इसमें CAT होगा, जो पेन-एंड-पेपर मोड (PBT) में आयोजित किया जाएगा।

परीक्षा केंद्र पर ले जाने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट
अभ्यर्थियों को ध्यान देना चाहिए कि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों को अपने साथ ये चीजें ले जानी अनिवार्य हैं:

  • एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट: एडमिट कार्ड पर लगा फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट होना चाहिए।
  • वैलिड फोटो आईडी कार्ड: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट (ओरिजिनल कॉपी)।
  • फोटो: दो पासपोर्ट साइज फोटो (वही जो फॉर्म भरते समय अपलोड किए गए थे)।
  • लेखन सामग्री: CAT परीक्षा के लिए नीले/काले बॉलपॉइंट पेन, पेंसिल, इरेजर और ड्राई कलर्स।

महत्वपूर्ण निर्देश: रिपोर्टिंग समय और परीक्षा केंद्र का पता आपके एडमिट कार्ड पर अंकित होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 45-60 मिनट पहले पहुंचें। गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे। केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कैलकुलेटर या स्मार्टवॉच ले जाना प्रतिबंधित है।

तेल के मुद्दे पर रूस ने भारत के समर्थन में दिया बड़ा बयान, जानिए क्या बोला

नई दिल्ली। रूस ने कहा है कि इस बात पर भरोसे की कोई वजह नहीं है कि ‘दोस्त’ भारत अपना रुख बदल सकता है। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा।

इससे पहले रूस ने कहा था कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया झाकारोवा ने कहा कि इस बात पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं है कि भारत ऐसा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के राष्ट्रपति का किसी स्वतंत्र देश को यह बताना कि वह किसके साथ व्यापार कर सकता है, कोई नई बात नहीं है। रूस के पास इस बात को मानने का कोई कारण नहीं है कि हमारे भारतीय मित्रों ने अपना रुख बदल लिया है।’

उन्होंने कहा, ‘हम इस बात से सहमत है कि भारत का रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है। हम भारत में हमारे साझेदारों के साथ इस क्षेत्र में करीबी सहयोग को जारी रखने के लिए तैयार हैं।’

क्रेमलिन ने बुधवार को कहा कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और विविधता लाने के उसके फैसले में कुछ भी नया नहीं है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हम और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि रूस, भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला एकमात्र देश नहीं है। भारत हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए हमें इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता।’

इससे एक दिन पहले पेसकोव ने स्पष्ट किया था कि रूस को भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रूस के नेशनल एनर्जी सिक्योरिटी फंड के प्रमुख विशेषज्ञ इगोर युशकोव ने कहा कि भारतीय तेल शोधन संयंत्र रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद नहीं कर सकते।

उन्होंने तकनीकी कारण बताते हुए कहा, ‘अमेरिका जिस ‘शेल ऑयल’ का निर्यात करता है, वह हल्के श्रेणी का होता है। इसके विपरीत, रूस भारी और सल्फर युक्त ‘यूराल्स’ तेल की आपूर्ति करता है।

भारतीय तेल शोधन संयंत्रों के ढांचे के अनुसार, उन्हें अमेरिकी तेल को अन्य श्रेणी के साथ मिलाना होगा, जिससे अतिरिक्त लागत आएगी। ऐसे में रूस के तेल को पूरी तरह अमेरिका से बदलना संभव नहीं होगा।’

UGC NET दिसंबर 2025 के परिणाम जारी, यहां से डाउनलोड करें स्कोरकार्ड

नई दिल्ली। UGC NET 2025 Result: दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब अपनी आवेदन संख्या और जन्मतिथि के माध्यम से लॉग इन कर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

यह परिणाम जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पदों और पीएचडी प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करता है। अंतिम उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्राप्तांक, योग्यता स्थिति और कट-ऑफ अंकों की सावधानीपूर्वक जांच करें तथा भविष्य में उपयोग के लिए स्कोरकार्ड की एक प्रति डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

विषयवार कट-ऑफ भी जारी
परिणाम के साथ ही कट-ऑफ अंक भी जारी कर दिए गए हैं। ये कट-ऑफ विषय और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियां शामिल हैं। केवल उन्हीं उम्मीदवारों को उत्तीर्ण घोषित किया गया है, जिन्होंने अपने संबंधित विषय और श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम कट-ऑफ अंक प्राप्त किए हैं।

सामान्य और जनरल-ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए दोनों पेपरों को मिलाकर न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी, पीडब्ल्यूडी और थर्ड जेंडर श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 35 प्रतिशत तय की गई है।

परीक्षा में कुल 7,35,592 अभ्यर्थी हुए शामिल
इस परीक्षा में कुल 7,35,592 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा अलग-अलग दिनों में आयोजित की गई, जिसके कारण हर दिन उम्मीदवारों की संख्या में अंतर देखा गया। हालांकि, सभी परीक्षा दिनों में कुल उपस्थिति 71 से 75 प्रतिशत के बीच रही।

UGC NET Dec Result 2025 Download Scorecard

ऐसे देखें अपना रिजल्ट

  1. सबसे पहले संबंधित परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिख रहे “Result/Scorecard” लिंक पर क्लिक करें।
  3. अब लॉगिन पेज खुलेगा, जहां आवेदन संख्या (Application Number) और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करें।
  4. सभी विवरण सही भरने के बाद Submit/Login बटन पर क्लिक करें।
  5. स्क्रीन पर आपका स्कोरकार्ड/रिजल्ट दिखाई देगा।
  6. रिजल्ट को ध्यान से जांचें और डाउनलोड या प्रिंट करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

UPSC: सिविल सेवा परीक्षा के नियम बदले, चयनित बार-बार नहीं दे सकेंगे एग्जाम

नई दिल्ली। UPSC CSE 2026 Attempt Limit : यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी कर दिया। इस बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा के नियमों में कई बदलाव किए है।

सबसे बड़ा बदलाव यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अफसरों की प्रयासों की सीमा से जुड़ा है। अब यूपीएससी सीएसई के जरिए चयनित अफसरों के लिए फिर से परीक्षा में बैठने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी।

नए नियमों में सर्विस में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने के रास्ते पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। यूपीएससी ने सीएसई प्रीलिम्स 2026 नोटिफिकेशन में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस (फॉरेन सर्विसेज) के लिए चुने जा चुके अभ्यर्थियों के लिए पिछले सालों की तुलना में और ज्यादा पाबंदियों के बारे में बताया है।

नए नियमों के तहत आईपीएस (IPS) और आईएएस (IAS) और आईएफएस (IFS) सहित अन्य ग्रुप ए सेवाओं में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों पर लगी पाबंदियों को ज्यादा साफ तौर पर बताया गया है कि वे सिविल सेवा परीक्षाओं के अगले राउंड में कब शामिल हो सकते हैं, या नहीं हो सकते हैं।

अब किसी का 2026 में आईपीएस में चयन हुआ तो वह 2027 में प्रदर्शन ‎बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। ‎उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो ‎उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा।‎ वहीं पहले से आईपीएस में चयनित‎ या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा‎ आईपीएस नहीं पा सकेंगे।

इसके अलावा सिविल सर्विस एग्जाम 2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई 2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई 2026 और सीएसई 2027 दोनों के आधार पर मिली सर्विस खुद ब खुद रद्द हो जाएगी। सीएसई 2026 से चयनित उम्मीदवार सीएसई 2027 देना चाहते हैं, तो अनुमति जरूरी होगी। सीएसई 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए इस्तीफा अनिवार्य होगा।

प्रयासों की सीमा पर प्रतिबंध

कोई उम्मीदवार किसी पूर्व परीक्षा के परिणाम के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अथवा भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में नियुक्त हो जाता है और उस सेवा का सदस्य बना रहता है तो वह इस परीक्षा यानी सिविल सेवा परीक्षा, 2026 में प्रवेश का पात्र नहीं होगा।

यदि ऐसा कोई उम्मीदवार सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 के पूरे होने के बाद IAS या IPS में नियुक्त हो जाता है और वह उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो वह सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 में बैठने का पात्र नहीं होगा भले ही उसने प्रारंभिक परीक्षा 2026 पास कर ली हो।

यह भी प्रावधान है कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 के शुरू होने के बाद लेकिन उसके परीक्षा परिणाम से पहले किसी उम्मीदवार की IAS / IFS में नियुक्ति हो जाती है और वह उसी सेवा का सदस्य बना रहता है तो सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के परिणाम के आधार पर उस पर सेवा/पद पर नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

चयनित को दोबारा आईपीएस नहीं

यदि किसी उम्मीदवार को किसी पूर्व परीक्षा के परिणाम के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित या नियुक्त किया गया है, वह सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के परिणाम के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा के विकल्प का चयन करने या उसके आवंटन का पात्र नहीं होगा।

सिविल सेवा परीक्षा 2026 के परिणाम के आधार पर आईपीएस या केन्द्रीय सेवा ग्रुप ए के लिए आवंटित उम्मीदवार को तुरंत बाद आयोजित होने वाली सिविल सेवा परीक्षा, 2027 में निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन भाग लेने का विकल्प होगा यदि वह अन्यथा पात्र है:

(क) ऐसे उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा, 2027 में उपस्थित होने के लिए तभी पात्र होंगे जब उन्हें सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के आधार पर आवंटित सेवा के प्रशिक्षण से संबंधित अधिकारी द्वारा छूट प्रदान की गई हो। वे प्रशिक्षण में ज्वाइन करने के संबंध में केवल एक-बार की छूट के लिए पात्र होंगे ताकि वे सिविल सेवा परीक्षा- 2027 में उपस्थित हो सकें।

(ख) चयनित उम्मीदवार फाउंडेशन पाठ्यक्रम (एफसी) में ही ज्वाइन कर सकता है।

(ग) तथापि, ऐसा उम्मीदवार यदि सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के आधार पर उसे आवंटित की गई सेवा हेतु प्रशिक्षण में न तो ज्वाइन करता है और न ही प्रशिक्षण में ज्वाइन करने से छूट लेता है, तो सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के आधार पर उनको आवंटित की गई सेवा को निरस्त किया जाएगा।

(घ) यदि सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के आधार पर उम्मीदवार की अनुशंसा अंतिम रूप से होती है तो, वे सिविल सेवा परीक्षा, 2026 या सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के आधार पर आवंटित किसी भी सेवा को स्वीकार कर सकते हैं तथा वह सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के लिए निर्दिष्ट प्रशिक्षण के लिए ज्वाइन करेंगे। इस चरण में उनके द्वारा चयनित सेवा के अलावा अन्य सेवाओं का आवंटन निरस्त रहेगा। यदि उनको सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के आधार पर उन्हें किसी भी सेवा का आवंटन नहीं किया गया है तो वे सिविल सेवा परीक्षा, 2026 में आवंटित सेवा में ज्वाइन कर सकते हैं।

(ङ) सिविल सेवा परीक्षा, 2026 या सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के आधार पर यदि आवंटित सेवा हेतु प्रशिक्षण में वह ज्वाइन नहीं करते हैं तो दोनों सेवाओं के लिए उनका आवंटन निरस्त किया जाएगा।

(च) ऐसे उम्मीदवारों की वरिष्ठता सिविल सेवा परीक्षा, 2026 या सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के आधार पर उन्हें आवंटित सेवा में उनके द्वारा ज्वाइन करने के आधार पर किया जाएगा तथा इसे कम नहीं किया जाएगा।

(छ) तथापि, उन्हें सिविल सेवा परीक्षा, 2028 में तथा आगे की किसी भी सिविल सेवा परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि वह आवंटित सेवा से इस्तीफा न दे दें।

(ज) यदि उम्मीदवार आने वाली किसी सिविल सेवा परीक्षा में अपने शेष अवसरों का प्रयोग करने के इच्छुक है तो, अन्यथा पात्र होने पर, प्रशिक्षण में ज्वाइन करने के एक-बार मिलने वाली छूट प्राप्त करने के बाद उन्हें सिविल सेवा परीक्षा, 2026 या सिविल सेवा परीक्षा, 2027 के आधार पर आवंटित किसी भी सेवा, जैसा भी मामला हो, के लिए ज्वाइन नहीं करना चाहिए तथा उक्त सेवा का आवंटन स्वतः निरस्त हो जाएगा।

(झ) अपने शेष अवसरों का उपयोग करने के इच्छुक उम्मीदवार जो सिविल सेवा परीक्षा, 2025 अथवा पूर्व की किसी परीक्षा के आधार पर सेवा आवंटन प्राप्त कर चुके हों, उनको सिविल सेवा परीक्षा, 2026 या सिविल सेवा परीक्षा, 2027, जैसा उनका विकल्प हो, में उपस्थित होने के लिए एक-बार अवसर दिया जाएगा। यह उनके द्वारा अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करने के अध्यधीन होगा तथा उन्हें सेवा से इस्तीफा नहीं देना होगा। तथापि, जो उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा, 2028 या आगे की परीक्षाओं में बैठने के इच्छुक हैं उन्हें आवंटित सेवा से इस्तीफा देना होगा।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के अन्य बदलाव

इस बार से फेस ऑथेंटिकेशन होगा
वर्ष 2026 से सिविल सेवा समेत यूपीएससी की सभी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों का परीक्षा केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। सभी भर्ती परीक्षाओं से पहले आर्टिशियल इंटेलिजेंस (AI) सभी परीक्षार्थियों का ‘फेस टेस्ट’ यानी ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ किया जाएगा। एआई फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए जालसाजों को पकड़ा जा सकेगा और परीक्षा की शुचिता पहले से सुरक्षित होगी। एआई फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम न सिर्फ फर्जी उम्मीदवारों की पहचान करेगा, बल्कि मैन्युअल चेकिंग के मुकाबले अधिक तेज होगा। इससे परीक्षाओं में होने वाली जालसाजी और डमी कैंडिडेट्स जैसी घटनाओं को रोकने में काफी मदद मिलेगी।

दिव्यांगों को बड़ी सुविधा
इसके अलावा इस बार से दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी मन-पसंद का सेंटर अलॉट किया जाएगा। अब हर दिव्यांग उम्मीदवार को उनके द्वारा चुना गया केंद्र मिलेगा।

प्रीलिम्स के बाद आंसर-की मिलेगी
प्रीलिम्स के बाद आंसर-की जारी होगी। यूपीएससी अब प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद उत्तर कुंजी प्रकाशित करेगा जिसमें गलत उत्तर पर अभ्यर्थी ऑब्जेक्शन भी कर सकेंगे। हालांकि फाइनल आंसर-की परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किए जाने के बाद ही जारी होगी।

Stock Market: सेंसेक्स 399 अंक टूटकर 83422 पर, निफ्टी 25650 के नीचे

नई दिल्ली। 11:10 AM Share Market Updates: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी आज लाल निशान पर खुला। सेंसेक्स अब 399 अंक नीचे 83422 के लेवल पर है।

जबकि, निफ्टी 140 अंकों के नुकसान के साथ 25635 पर है। निफ्टी टॉप गेनर्स की लिस्ट में ट्रेंट, स्टेट बैंक, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान यूनीलीवर और डॉक्टर रेड्डी हैं। जबकि, निफ्टी टॉप लूजर्स की लिस्ट में हिंडाल्को, टाटा मोटर्स, इटरनल, एशियन पेंट्स और इंडिगो हैं।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली गिरावट लेकर 83,757 पर खुला। खुलने के कुछ ही देर में इसमें गिरावट बढ़ गई। सुबह 9:22 बजे यह 273.15 अंक या 0.33 फीसदी गिरकर 83,544.54 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,755.90 पर ओपन हुआ। सुबह 9:23 बजे यह 87.15 अंक या 0.34 फीसदी गिरकर 25,685 पर ट्रेड कर रहा था।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
एशिया के शेयर बाजारों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी गई। यह गिरावट वॉल स्ट्रीट के पिछले सत्र के रुख के अनुरूप रही, जहां टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली जारी है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 इंडेक्स क्रमशः 2.35 प्रतिशत और 0.49 प्रतिशत तक टूट गए।

एसएंडपी 500 और टेक्नोलॉजी शेयरों से भरा नैस्डैक 100 क्रमशः 0.51 प्रतिशत और 1.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों को टेक शेयरों के महंगे वैल्यूएशन को लेकर चिंता सता रही है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, नैस्डैक 100 ने अक्टूबर के बाद की सबसे बड़ी दो-दिवसीय गिरावट दर्ज की और अपने 100-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे चला गया। अब सबकी नजर भारत के निफ्टी आईटी इंडेक्स पर रहेगी, जिसने एक दिन पहले वैश्विक बिकवाली के बीच छह साल से ज्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट देखी थी।

Gold Future: सोने का भाव गिरकर फिर 1.50 लाख से नीचे, चांदी भी लुढ़की

नई दिल्ली। Gold Silver Price today: सोने-चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखने को मिल रही है। दोनों के भाव गुरुवार (5 जनवरी) को तेजी के साथ खुले। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में सोने के वायदा भाव 1,49,00 रुपये, जबकि चांदी के भाव 2,52,750 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी नरमी के साथ कारोबार कर रही है।

सोने के वायदा भाव की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 1,098 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,948 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 1,53,046 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 3,964 रुपये की गिरावट के साथ 1,49,082 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था।

इस समय इसने 1,51,948 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 1,48,455 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने पिछले महीने 1,80,779 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत सुस्त रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मार्च कॉन्ट्रैक्ट 10,754 रुपये की गिरावट के साथ 2,58,096 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 2,68,850 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 16,131 रुपये की गिरावट के साथ 2,52,719 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 2,58,096 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 2,52,719 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 4,20,048 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

चांदी में मची अफरातफरी
जहां सोना संभलने की कोशिश कर रहा है, वहीं चांदी पूरी तरह झटके में है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के दाम एक ही दिन में 7 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 77 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। भारत में MCX पर हालात और भी डराने वाले रहे, जहां चांदी करीब 2.44 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई और सिर्फ एक हफ्ते में 21 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई।

UBS ने निवेशकों को साफ चेतावनी दी है। बैंक का कहना है कि अभी चांदी में लंबी अवधि के निवेश की बात करना जल्दबाजी होगी। हालिया तेज उतार-चढ़ाव ने जोखिम काफी बढ़ा दिया है। UBS के मुताबिक, चांदी में और गिरावट के बाद ही जोखिम और रिटर्न का संतुलन बेहतर होगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के वायदा भाव तेज शुरुआत के बाद तेजी से लुढ़क गए। Comex पर सोना 4,986 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 4,950.80 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 102.90 डॉलर की गिरावट के साथ 4,847.90 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

Comex पर चांदी के वायदा भाव 87.64 डॉलर के भाव पर खुले। पिछला क्लोजिंग प्राइस 84.39 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 10.14 डॉलर की गिरावट के साथ 74.25 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस महीने 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।

वैश्विक स्तर पर 2025-26 सीजन के दौरान सोयाबीन के नए रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान

मुम्बई। लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में एक बार फिर 2025-26 सीजन के दौरान सोयाबीन के नए रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे किसी की कोई खास हैरानी नहीं हो रही है क्योंकि यह वृद्धि तो वहां एक परिपाटी बन गई है।

बिजाई क्षेत्र में नियमित रूप से इजाफा होने तथा मौसम एवं वर्षा की हालत अनुकूल रहने से ब्राजील में पिछले कुछ वर्षों से सोयाबीन का उत्पादन बढ़कर नए-नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा रहा है। वैसे ब्राजील के पड़ोसी देश- अर्जेन्टीना में हालात सामान्य नहीं है।

अर्जेन्टीना के अधिकांश भाग में मौसम शुष्क एवं गर्म रहने तथा कुछ इलाकों में भयंकर सूखा पड़ने से सोयाबीन की फसल के लिए खतरा बढ़ गया है इसलिए इसके उत्पादन कटौती की जाने लगी है। अमरीका में फसल की कटाई-तैयारी पहले ही समाप्त हो चुकी है जबकि लैटिन अमरीकी देशों में अभी आरंभ हुई है।

सोयाबीन के उत्पादन एवं निर्यात में ब्राजील प्रथम अमरीका दूसरे एवं अर्जेन्टीना तीसरे नम्बर पर है। इन तीन देशों में सोयाबीन की क्रशिंग प्रोसेसिंग इस बार में इन तीन देशों में सोयाबीन की पैदावार एवं क्रशिंग 2022-23 सीजन के मुकाबले 16 प्रतिशत बढ़ गई।

विश्व स्तर पर पिछले दो दशकों के दौरान सोयाबीन की क्रशिंग में लगभग दोगुना इजाफा हुआ और इसकी मात्रा 2005-06 के 1857 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 3664 लाख टन पर पहुंच गई।

सोया तेल का सर्वाधिक उत्पादन अर्जेंटीना से होता है क्योंकि वह ब्राजील एवं अमरीका की तुलना में साबुत सोयाबीन का बहुत कम निर्यात करता है और उसके घरेलू प्रभाग में सोया तेल की खपत भी कम होती है जिससे वहां अधिक मात्रा में इसका निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद रहता है। भारत इसका सबसे बड़ा खरीदार है।