Monday, July 27, 2026
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मुंबई में इंडिगो विमान में तकनीकी खराबी से 210 यात्रियों की सांसें अटकीं

मुंबई। शुक्रवार की सुबह मुंबई हवाई अड्डे पर उस वक्त एक तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के एक विमान को लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि पायलटों की सूझबूझ से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E2157 के साथ हुई, जिसमें 210 से अधिक यात्री सवार थे। यह विमान A321 नियो (A321 neo) श्रेणी का था।

लैंडिंग के महत्वपूर्ण चरण के दौरान विमान के लैंडिंग गियर लीवर में समस्या सामने आई। सूत्रों ने बताया कि सिस्टम का ‘ऑटोमैटिक मोड’ काम नहीं कर रहा था। इस तकनीकी खामी के चलते पायलटों को ‘मैनुअल मोड’ का उपयोग करना पड़ा ताकि विमान के पहिए सुरक्षित रूप से खोले जा सकें और लैंडिंग कराई जा सके।

विमान ने दोबारा भरी उड़ान
गनीमत रही कि विमान मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से लैंड कर गया। लैंडिंग के बाद तकनीकी टीम द्वारा समस्या की जांच की गई और उसे ठीक कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, मरम्मत के बाद इस विमान ने दिन में अपनी अन्य निर्धारित उड़ानें भी संचालित कीं। फिलहाल, इस घटना पर इंडिगो की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

NEW START: संधि खत्म होते ही विश्व की दो महाशक्तियों में टकराव, जानिए क्यों

नई दिल्ली। NEW START: अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों के नियंत्रण के लिए की गई अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण न्यू START (New Strategic Arms Reduction Treaty) संधि थी, जो 5 फरवरी 2026 को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई। दुनिया की इस आखिरी परमाणु हथियार नियंत्रण संधि के समाप्त होते ही वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएँ और गहरा गई हैं।

इसी बीच, अमेरिका और चीन आपस में उलझ गए हैं। अमेरिका ने चीन पर गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी तरफ, चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “बेबुनियाद और झूठा प्रचार” बताया है।

दो महाशक्तियों के बीच यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और रूस जिनके पास दुनिया के सबसे ज़्यादा परमाणु हथियार हैं, ने माना है कि हथियार नियंत्रण पर नई बातचीत जल्द शुरू करना जरूरी है।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित निरस्त्रीकरण सम्मेलन (Conference on Disarmament) में बोलते हुए, शीर्ष अमेरिकी हथियार नियंत्रण अधिकारी थॉमस डिनानो ने कहा कि चीन ने गुप्त परमाणु परीक्षण किए हैं और उन्हें छिपाने की कोशिश की है।

समाचार एजेंसी AP के अनुसार, उन्होंने कहा, “अमेरिकी सरकार को पता है कि चीन ने परमाणु विस्फोटक परीक्षण किए हैं, जिसमें सैकड़ों टन की निर्धारित क्षमता वाले परीक्षणों की तैयारी भी शामिल है।” अमेरिका का कहना है कि चीन की परमाणु नीति में “कोई सीमा नहीं, कोई पारदर्शिता नहीं, कोई निगरानी नहीं” है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

दूसरी तरफ, चीन ने अमेरिका के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। चीन के राजदूत शेन जियान ने कहा कि बीजिंग अब भी परमाणु परीक्षण पर स्वैच्छिक रोक का पालन कर रहा है। उन्होंने अमेरिका पर पलटवार करते हुए कहा कि ये आरोप “परमाणु निरस्त्रीकरण से ध्यान हटाने और अमेरिका की परमाणु प्रभुता को सही ठहराने की कोशिश” हैं। चीन का तर्क है कि उसका परमाणु भंडार अमेरिका और रूस की तुलना में अब भी काफी छोटा है और असली जिम्मेदारी इन्हीं दो देशों की बनती है।

हथियारों पर कोई कानूनी रोक नहीं
न्यू स्टार्ट संधि के खत्म होने के साथ ही पहली बार पिछले पचास वर्षों में ऐसा हुआ है कि अमेरिका और रूस के परमाणु हथियारों पर कोई कानूनी सीमा नहीं बची है। यह संधि दोनों देशों को अधिकतम 1,550 तैनात परमाणु हथियारों तक सीमित करती थी। इसके समाप्त होने के बाद अमेरिका और रूस के वार्ताकारों ने अबू धाबी में मुलाकात कर जल्द बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक साल के लिए संधि की शर्तें बनाए रखने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे स्वीकार नहीं किया। ट्रंप का कहना है कि कोई भी नया समझौता चीन को शामिल किए बिना अधूरा होगा।

अमेरिका का दबाव
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि चीन को शामिल किए बिना कोई भी समझौता अमेरिका और उसके सहयोगियों को “कम सुरक्षित” बनाएगा। अमेरिका का दावा है कि चीन का परमाणु भंडार 2020 में लगभग 200 था, जो अब बढ़कर 600 से अधिक हो गया है और 2030 तक 1,000 से ज़्यादा हो सकता है। वहीं, चीन ने इस पर साफ इनकार करते हुए कहा कि वह फिलहाल किसी त्रिपक्षीय समझौते में शामिल नहीं होगा।

किस देश के पास ज्यादा परमाणु हथियार
बता दें कि अमेरिका और रूस के पास मिलकर दुनिया के 80% से ज़्यादा परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन का भंडार सबसे तेजी से बढ़ रहा है। न्यू स्टार्ट संधि के खत्म होने से दुनिया इस समय एक खतरनाक परमाणु शून्य में प्रवेश कर चुकी है, जहां अमेरिका तीन देशों का समझौता चाहता है, रूस और देशों को जोड़ने की बात करता है वहीं चीन बातचीत से दूरी बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कोई नया समझौता नहीं हुआ, तो दुनिया शीत युद्ध के बाद के सबसे अस्थिर परमाणु दौर में प्रवेश कर सकती है।

अपने शैक्षिक कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित करें: पीएम मोदी की छात्रों को सलाह

नई दिल्ली। Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को छात्रों को सलाह दी कि वे देश में डेटा सस्ता होने के कारण इंटरनेट पर समय बर्बाद न करें और अपने जीवन एवं शैक्षिक कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित करें।

मोदी ने ‘प्रधानमंत्री के साथ परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के नौवें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं होनी चाहिए। सभी को इसमें पूरी तरह शामिल होना चाहिए, क्योंकि आधे-अधूरे मन से की गई पढ़ाई जीवन को सफल नहीं बनाती।

उन्होंने यहां अपने आवास पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों से कहा, ‘शिक्षा मजबूरी नहीं होनी चाहिए। शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए। हमारी पूरी तल्लीनता चाहिए। अगर पूरी तल्लीनता से पढ़ाई नहीं की है, तो फिर आधी-अधूरी शिक्षा, जीवन को कहीं सफल नहीं बनने देती।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अंकों पर ध्यान देने के बजाय सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए कि वे जीवन में कहां पहुंचे हैं। आपके माता-पिता, शिक्षक या साथी क्या कहते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता, खुद पर भरोसा रखिए और अपने सामने आने वाले सभी सुझावों पर विचार करते हुए अपने हिसाब से चलिए।’

मोदी ने बच्चों से कहा, ‘हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच के भीतर हो, लेकिन आसानी से प्राप्त होने वाला न हो। पहले मन को साधो, फिर मन को जोड़ो और फिर जिन विषयों की पढ़ाई करनी है, उन्हें सामने रखो। तब आप हमेशा सफल होंगे।’

गेमिंग एक कौशल
मोदी ने छात्रों को मनोरंजन के लिए ‘गेम’ खेलने में समय बर्बाद नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘आपकी गेमिंग में रुचि है लेकिन भारत में डेटा सस्ता है तो सिर्फ समय काटने के लिए इसमें लिप्त न हों। इसे मनोरंजन के लिए न करें। जो लोग पैसे कमाने के लिए गेमिंग में लिप्त होते हैं, उनका ही नुकसान होता है। हमें देश में जुए को बढ़ावा नहीं देना है।

मैंने ऑनलाइन जुए के खिलाफ कानून बनाया है।’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि गेमिंग एक कौशल है, क्योंकि इसमें काफी गति होती है और इसका उपयोग सतर्कता परखने तथा आत्म-विकास के लिए किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी का कार्य करने का अपना तरीका या शैली होती है।

उन्होंने कहा, ‘जो बीत गया, मैं उसे नहीं देखता। मैं हमेशा आगे आने वाली चीजों के बारे में सोचता हूं। कुछ शिक्षक होते हैं जो केवल महत्त्वपूर्ण चीजें पढ़ाते हैं और अच्छे अंक लाने में आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन अच्छे शिक्षक सर्वांगीण विकास के लिए पूरा पाठ्यक्रम पढ़वाते हैं। जीवन में केवल परीक्षा अहम नहीं है। शिक्षा हमारे विकास का माध्यम है।’

‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण का प्रसारण संसद परिसर स्थित बाल योगी सभागार में भी किया गया। साल 2018 में शुरू हुए ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में ‘टाऊनहॉल’ के प्रारूप में छात्रों से बातचीत होती थी और यह धीरे-धीरे भारत का सबसे बड़ा शिक्षा से संबंधित सहभागिता वाला कार्यक्रम बन गया।

वर्ष 2023 में लगभग 38.8 लाख बच्चों ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया और यह 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.26 करोड़ हो गया। 2025 में यह आंकड़ा 3.53 करोड़ तक पहुंच गया और ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बन गया।

वहीं, नौवें संस्करण ने 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण के साथ पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस वर्ष, गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए गए।

भारत-यूएस के बीच अंतरिम ट्रेड डील, 25% टैरिफ हटाने के फैसले पर ट्रंप ने किए साइन

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच पिछले लंबे समय से चल रहे टैरिफ वॉर का अंत शनिवार को औपचारिक तौर पर हो गया है।। वाइट हाउस की ओर से जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है।

यह समझौता न केवल टैरिफ वॉर को समाप्त करेगा बल्कि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में एक नए रणनीतिक युग की शुरुआत भी करेगा। इस समझौते की सबसे बड़ी घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करना है, जिसके तहत रूसी तेल आयात के कारण भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है।

वाइट हाउस ने शनिवार सुबह जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका पारस्परिक और आपसी लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं। यह फ्रेमवर्क व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) वार्ताओं के प्रति दोनों भागीदारों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसे फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था।

अंतरिम समझौते की मुख्य शर्तें:

  • इस फ्रेमवर्क के तहत, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को खत्म करने या काफी कम करने पर सहमत हुआ है। इनमें सूखे डिस्टिलर अनाज (DDGs), पशु आहार के लिए इस्तेमाल होने वाला लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, साथ ही शराब और स्पिरिट शामिल हैं।
  • इसके बदले में अमेरिका एक कार्यकारी आदेश के तहत भारतीय मूल के सामानों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा। इन सामानों में कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, कार्बनिक रसायन, घर की सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और मशीनरी की कुछ श्रेणियां शामिल हैं।
    अंतरिम समझौते के सफल समापन के अधीन, वाशिंगटन भारतीय निर्यात की एक विस्तृत श्रृंखला पर भी पारस्परिक टैरिफ हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे शामिल हैं।
  • वाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका एल्यूमीनियम, स्टील और तांबे के आयात को कवर करने वाली अलग-अलग घोषणाओं के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा आधार पर पहले लगाए गए भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर अतिरिक्त टैरिफ हटा देगा। इस बीच, भारत को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप, अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले ऑटोमोटिव पुर्जों के लिए एक तरजीही टैरिफ दर कोटा मिलेगा।
  • जेनेरिक दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री पर बातचीत के परिणाम चल रही अमेरिकी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर होंगे। दोनों देशों ने आपसी हित के क्षेत्रों में एक-दूसरे को निरंतर तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने यह भी सहमति जताई कि ओरिजिन के नियम बनाए जाएंगे ताकि यह पक्का हो सके कि समझौते का फायदा मुख्य रूप से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका को मिले।
  • अंतरिम समझौते का मुख्य फोकस नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करना होगा। भारत ने अमेरिकी मेडिकल उपकरणों को प्रभावित करने वाले लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को हल करने, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सामानों के लिए प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को हटाने और छह महीने के भीतर यह समीक्षा करने पर सहमति जताई है कि क्या पहचाने गए क्षेत्रों में भारतीय बाजार में अमेरिकी निर्यात के लिए अमेरिका द्वारा विकसित या अंतर्राष्ट्रीय मानकों और परीक्षण आवश्यकताओं को स्वीकार किया जा सकता है।
    भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि निर्यात को प्रभावित करने वाली लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को हल करने के लिए भी काम करेगा। नियामक सहयोग को बेहतर बनाने के लिए,
  • दोनों पक्षों ने कहा कि वे तकनीकी नियमों का पालन आसान बनाने के लिए आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करने का इरादा रखते हैं।
    बयान में कहा गया है कि अगर भविष्य में कोई भी देश अपने सहमत टैरिफ स्तरों में बदलाव करता है, तो दूसरे पक्ष को उसी के अनुसार अपनी प्रतिबद्धताओं को संशोधित करने का अधिकार होगा। वाइट हाउस ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत बातचीत के माध्यम से बाजार पहुंच का और विस्तार करने के लिए काम करेंगे।
  • वाशिंगटन ने यह भी संकेत दिया कि वह बातचीत के दौरान भारतीय सामानों पर टैरिफ में और कटौती के लिए भारत के अनुरोध पर विचार करेगा। दोनों पक्षों ने आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन को बेहतर बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सुरक्षा पर तालमेल को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
  • भारत ने अगले पांच वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर का सामान खरीदने का इरादा जताया है। उम्मीद है कि इन खरीद में अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल होंगे।
  • दोनों देशों ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में गहरे संयुक्त सहयोग के साथ-साथ ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) और डेटा केंद्रों में उपयोग किए जाने वाले अन्य उपकरणों जैसे प्रौद्योगिकी उत्पादों में व्यापार का काफी विस्तार करने की भी योजना बनाई है।
  • अमेरिका और भारत ने डिजिटल व्यापार को प्रभावित करने वाली भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं को संबोधित करने और मजबूत, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों की दिशा में एक स्पष्ट मार्ग बनाने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है।

राजस्थान एवं गुजरात में इस बार मसालों का उत्पादन कम होने की संभावना

राजकोट। रबी कालीन मसाला फसलों के अग्रणी उत्पादक राज्य- गुजरात में इस बार कम क्षेत्रफल में बिजाई होने तथा मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं रहने से उत्पादन में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है।

ज्ञात हो कि रबी सीजन के दौरान मुख्यतः जीरा, धनिया एवं सौंफ जैसे मसालों का उत्पादन होता है जबकि हल्दी एवं लालमिर्च की खेती खरीफ सिजा में होती है। हल्दी एवं लालमिर्च का उत्पादन मुख्यतः आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में होता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान गुजरात में जीरा का उत्पादन क्षेत्र 4,76,537 हेक्टेयर से 68,338 हेक्टेयर लुढ़ककर 4,08,199 हेक्टेयर, धनिया का बिजाई क्षेत्र 1,30,731 हेक्टेयर से 4261 हेक्टेयर गिरकर 1,26,470 हेक्टेयर,

सौंफ का क्षेत्रफल 57,206 हेक्टेयर से 8261 हेक्टेयर घटकर 48,945 हेक्टेयर तथा ईसबगोल का रकबा 27,488 हेक्टेयर से फिसलकर 17,284 हेक्टेयर रह गया। ईसबगोल के रकबे में 10,204 हेक्टेयर की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा 2 फरवरी तक का है।

गुजरात के अलावा राजस्थान में भी उपरोक्त मसाला फसलों की अच्छी बिजाई होती है। आमतौर पर राजस्थान में मसाला फसलों का रकबा गुजरात से ज्यादा रहता है लेकिन वहां उपज दर नीचे रहने से उत्पादन गुजरात में अधिक होता है।

राजस्थान में भी जीरा के बिजाई क्षेत्र में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आने की सूचना मिल रही है। धनिया का उत्पादन गुजरात एवं राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी होता है।

घरेलू बाजार भाव ज्यादा आकर्षक नहीं होने के कारण किसानों द्वारा इस बार मसाला फसलों की खेती पर कम ध्यान दिया गया और इसके बजाए गेहूं, चना तथा सरसों जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने का प्रयास किया गया।

अगैती बिजाई वाली मसाला फसलों की आवक आगामी सप्ताहों में जोर पड्कने की संभावना है। जीरा का निर्यात प्रदर्शन कमजोर चल रहा है और सौंफ के शिपमेंट में भी गिरावट आ रही है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए एडीएम (सिटी) सिंघल सम्मानित

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव एवं होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं चंबल फिल्म फेस्टिवल के निदेशक कपिल सिद्धार्थ ने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) अनिल कुमार सिंघल को उनके उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

माहेश्वरी ने बताया कि 16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में विधानसभा क्षेत्र कोटा दक्षिण के निर्वाचक अनिल कुमार सिंघल को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित उत्तरदायित्वों का अत्यंत निष्ठा के साथ निर्वहन किया।

मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और पुनरीक्षण कार्यक्रम में उनके बेहतरीन प्रबंधन को देखते हुए राज्य स्तर पर समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे द्वारा सम्मानित किया गया ।

ईथॉस हॉस्पिटल में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार, डॉ. संदीप जैन की ओपीडी शुरू

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कोटा। ईथॉस हॉस्पिटल, कोटा में इंटरनल मेडिसिन की उन्नत सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए डॉ. संदीप जैन (एमबीबीएस, एमडी) ने कंसल्टेंट फिजिशियन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। उनके जुड़ने से कोटा–हाड़ौती क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ एवं समग्र आंतरिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा।

डॉ. संदीप जैन अपने व्यापक अनुभव तथा रोगी-केंद्रित उपचार पद्धति के लिए जाने जाते हैं। ईथॉस हॉस्पिटल से जुड़ने के साथ ही उन्होंने अपनी पूर्णकालिक सेवाएं प्रारंभ कर दी हैं। वे प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी में उपलब्ध रहेंगे।

निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि डॉ. जैन के आगमन से ईथॉस हॉस्पिटल की क्लिनिकल टीम और अधिक सशक्त होगी तथा जटिल आंतरिक रोगों के उपचार में मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी।

Kota Mandi: धान, धनिया और मैथी 200 रुपये मंदी, सोयाबीन 150 रुपए टूटी

एनसीडेक्स पर धनिया में तीन फीसदी मंदी का सर्किट लगा

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली के अभाव में चना 50, सोयाबीन 150 रुपये, लहसुन 500 रुपये, धान, धनिया और मैथी के भाव 200 रुपये लुढ़क गए।

एनसीडेक्स पर धनिया में तीन फीसदी मंदी का सर्किट लगने से मंडी में धनिया के भाव 200 रुपये प्रति क्विंटल गिर गए। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 80 हजार कट्टे और लहसुन की 2000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2451 से 2520, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800 जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3000 से 3751, धान (1847) 3200 से 3651, धान (1718-1885) 3700 से 4150, धान (पूसा-1) 3400 से 4100, धान (1401-1846) 3800से 4200, धान दागी 1200 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5851, सरसो 6200 से 6700, सरसों नयी 5300 से 6500, अलसी 7000 से 7800, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8200, चना देशी 4700 से 5271, चना मौसमी 4700 से 5200, चना पेप्सी 4800 से 5251, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।

पुराना लहसुन 3000 से 10000, नया लहसुन 7500 से 10000, मैथी 4000 से 5200, धनिया बादामी 7500 से 9000 धनिया ईगल 9500 से 9800 रुपये प्रति क्विंटल।

GATE कल से चार दिनों तक, जानें सवालों के प्रकार और जरूरी नियम

नई दिल्ली। GATE 2026 : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IIT Guwahati) ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी गेट 2026 की परीक्षा 7 फरवरी से आयोजित करेगा। यह परीक्षा 8, 14 और 15 फरवरी को भी देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अलग-अलग शिफ्ट में होगी।

इस बार परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जा रही है और कुल 30 पेपर शामिल हैं। इंजीनियरिंग साइंसेज (XE) के अंतर्गत एनर्जी साइंस नाम से नया सेक्शनल पेपर भी जोड़ा गया है।

हर पेपर की अवधि तीन घंटे की होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे तय समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। परीक्षा शुरू होने से 40 मिनट पहले एंट्री शुरू हो जाएगी, जबकि उम्मीदवार 20 मिनट पहले सिस्टम में लॉगिन कर जरूरी निर्देश पढ़ सकेंगे।

परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं मिलेगा और एग्जाम खत्म होने से पहले बाहर जाने की अनुमति भी नहीं होगी।

गेट 2026 में पूछे जाएंगे तीन तरह के प्रश्न
इस बार उम्मीदवार एक या दो पेपर के लिए परीक्षा दे सकते हैं। हर प्रश्न पत्र में ऑब्जेक्टिव टाइप के तीन प्रकार के सवाल होंगे-

  • एमसीक्यू (Multiple Choice Questions)
  • एमएसक्यू (Multiple Selection Questions)
  • एनएटी (Numerical Answer Type)
  • एमसीक्यू में चार विकल्प होंगे, जिनमें से केवल एक सही होगा। गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग लागू होगी।
  • एमएसक्यू में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं। इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, लेकिन आंशिक अंक भी नहीं मिलेंगे।
  • एनएटी प्रश्नों में उम्मीदवारों को ऑन-स्क्रीन कीपैड से संख्यात्मक उत्तर दर्ज करना होगा और इनमें भी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
  • उदाहरण से समझें सवालों का पैटर्न
    एमसीक्यू के उदाहरण में पूछा जा सकता है कि गेट 2026 का आयोजन कौन-सा संस्थान कर रहा है, जिसका सही उत्तर आईआईटी गुवाहाटी होगा।
  • एमएसक्यू में जैसे 96 के गुणकों से जुड़े सवाल दिए जा सकते हैं, जहां सही विकल्पों का पूरा संयोजन चुनना जरूरी होगा।
  • एनएटी प्रश्नों में गणितीय या इंजीनियरिंग कैलकुलेशन आधारित सवाल होंगे, जिनका उत्तर दशमलव सहित दर्ज करना होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि गणना के दौरान बीच में राउंड-ऑफ न करें और अंतिम परिणाम में ही इसे लागू करें।
  • उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ने और समय पर केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

Forex Reserves: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 723 अरब डॉलर के पार

नई दिल्ली। Forex Reserve: भारतीय अर्थव्यवस्था के बाहरी मोर्चे से एक और बड़ी खुशखबरी आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार नई ऊंचाइयों को छूते हुए अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 14.361 अरब डॉलर की भारी बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद कुल भंडार 723.774 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा के दिन आए ये आंकड़े केंद्रीय बैंक के गवर्नर द्वारा अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जताए गए भरोसे की पुष्टि करते हैं। इससे पिछले सप्ताह में भी भंडार में 8.053 अरब डॉलर की वृद्धि देखी गई थी।

इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस ऐतिहासिक तेजी का मुख्य कारण डॉलर या यूरो नहीं, बल्कि ‘सोना’ है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भंडार में यह उछाल पूरी तरह से सोने के भंडार के पुनर्मूल्यांकन और कीमतों में तेजी से प्रेरित है।

गोल्ड रिजर्व: समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 14.595 अरब डॉलर की भारी छलांग लगाकर 137.683 अरब डॉलर हो गया है।
फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए): दिलचस्प बात यह है कि भंडार के सबसे बड़े घटक, एफसीए में वास्तव में गिरावट आई है। इसकी वैल्यू 49.3 करोड़ डॉलर घटकर 562.392 अरब डॉलर रह गई है। एफसीए में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राएं शामिल होती हैं।

एसडीआर और आईएमएफ में स्थिति
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार में 21.6 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई है, जिससे यह 18.953 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत की रिजर्व स्थिति भी 4.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.746 अरब डॉलर पर पहुंच गई है।