Monday, July 27, 2026
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फास्ट चार्जिंग, 32MP सेल्फी कैमरा वाला OnePlus का यह फोन 9 हजार रुपये सस्ता

नई दिल्ली। वनप्लस फैन्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। पिछले साल लॉन्च हुआ OnePlus 13 अपने लॉन्च प्राइस से सस्ता हो गया है। लॉन्च के समय फोन को 16जीबी रैम और 512जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 76999 रुपये थी।

अमेजन की डील में यह फोन अब 9 हजार रुपये सस्ता हो गया है और आप इसे 67999 रुपये में खरीद सकते हैं। फोन पर 3 हजार रुपये का फ्लैट बैंक डिस्काउंट भी दिया जा रहा है।

बैंक डिस्काउंट ऑफर 28 फरवरी तक वैलिड है। फोन पर 3399 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। एक्सचेंज ऑफर में यह फोन और सस्ता हो सकता है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
वनप्लस के इस स्मार्टफोन में आपको 3168 x 1440 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.82 इंच का शानदार 2K+ LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 4500 निट्स का है। फोन 24जीबी तक की रैम और 1टीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। फोन में कंपनी स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर दे रही है। फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर एलईडी फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है।

इसके अलावा फोन में आपको 50 मेगापिक्सल का एक अल्ट्रावाइड ऐंगल लेंस और एर 50 मेगापिक्सल का टेलिफोटो सेंसर भी देखने को मिलेगा। सेल्फी के लिए कंपनी इस फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर दे रही है। फोन की बैटरी 6000mAh की है, जो 100W की SuperVOOC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

यह फोन 50 वॉट की वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए फोन में कंपनी इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। ओएस की बात करें, तो फोन ऐंड्रॉयड 15 पर बेस्ड Oxygen OS 15 पर काम करता है।

डिग्री ही सब कुछ नहीं होती, छात्र इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से जुड़ें: पीएम मोदी

नई दिल्ली। Pariksha Pe Charcha 2026: इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पढ़ाई, स्टार्टअप, आर्ट, अनुशासन और विकसित भारत जैसे बड़े मुद्दों पर बेहद आसान और जमीन से जुड़े उदाहरणों के साथ छात्रों को समझाया। कोयंबटूर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सवालों पर पीएम मोदी ने यह साफ किया कि पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि आदतों, सोच और व्यवहार से मिलकर ही असली शिक्षा बनती है।

कोयंबटूर से आए एक छात्र ने सवाल किया कि अपनी कंपनी शुरू करने के लिए कितनी पढ़ाई जरूरी होती है। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ डिग्री ही सब कुछ नहीं होती। छात्रों को इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से जुड़ना चाहिए और यह समझना चाहिए कि वे कैसे काम करते हैं।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अगर कोई स्टार्टअप करना चाहता है, तो उसे किताबों के साथ-साथ असली दुनिया के अनुभव से भी सीखना होगा। इंडस्ट्री को समझे बिना सिर्फ क्लासरूम नॉलेज से कंपनी खड़ी करना मुश्किल हो सकता है।

Pariksha Pe Charcha 2026 में एक छात्र ने यह भी पूछा कि आर्ट, क्राफ्ट और डिजाइन जैसी रुचियों को पढ़ाई के साथ कैसे बैलेंस किया जाए। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई और आर्ट को अलग-अलग न देखें।

उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि अगर कोई छात्र साइंस पढ़ते हुए आर्ट में रुचि रखता है, तो वह दोनों को जोड़ सकता है। जैसे लैब में पढ़े जाने वाले केमिकल्स को कागज पर बोतल बनाकर लिखना, या साइंस के कॉन्सेप्ट को ड्रॉइंग और डिजाइन के जरिए समझना। इससे न सिर्फ पढ़ाई आसान होती है, बल्कि याद रखने में भी मदद मिलती है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आर्ट पढ़ाई से होने वाले तनाव और थकान को कम करने का अच्छा तरीका है। रोज़ आधा घंटा या हफ्ते में दो बार आर्ट के लिए समय निकालने से दिमाग तरोताजा रहता है।

विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका
एक अन्य छात्र ने सवाल किया कि युवा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस पर पीएम मोदी ने आदतों पर जोर देते हुए कहा कि देश का विकास सिर्फ बड़ी योजनाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों के रोज़मर्रा के व्यवहार से होता है।

उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह कभी एक मछुआरों का गांव था, लेकिन आज विकसित देश है। अगर भारत को भी विकसित बनाना है, तो हमें अपनी आदतें बदलनी होंगी। कचरा इधर-उधर न फेंकना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना और खाना बर्बाद न करना जैसे छोटे फैसले भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि अगर हर परिवार यह तय कर ले कि खाने के बाद कुछ भी बर्बाद नहीं होगा, तो देश में बहुत सारा भोजन बचाया जा सकता है। यही नागरिक जिम्मेदारी विकसित भारत की नींव है।

वोकल फॉर लोकल पर जोर
प्रधानमंत्री ने Pariksha Pe Charcha के दौरान अपने वोकल फॉर लोकल अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब हम देश में बने सामान को खरीदते और बढ़ावा देते हैं, तो यह सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।

इसके साथ ही उन्होंने Wed in India पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत लोगों को विदेश की बजाय भारत में शादी करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे देश के भीतर ही रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

सफलता के लिए मोटिवेशन या डिसिप्लिन
छात्रों के एक सवाल पर कि सफलता के लिए मोटिवेशन ज्यादा जरूरी है या डिसिप्लिन, पीएम मोदी ने कहा कि दोनों की अपनी भूमिका है। लेकिन अगर अनुशासन नहीं है, तो सिर्फ मोटिवेशन किसी काम का नहीं रह जाता।

उन्होंने समझाया कि मोटिवेशन शुरुआत करवा सकता है, लेकिन डिसिप्लिन ही उस काम को लगातार आगे बढ़ाता है और सही नतीजे तक पहुंचाता है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 का रिकॉर्ड जुड़ाव
परीक्षा पे चर्चा 2026 का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के डीडी नेशनल, डीडी न्यूज और डीडी इंडिया चैनलों पर किया गया। इसके अलावा ऑल इंडिया रेडियो, पीएमओ, शिक्षा मंत्रालय, मायगव और स्वयं प्रभा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्यक्रम लाइव दिखाया गया।

इस साल कार्यक्रम में रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली। 4।5 करोड़ से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 2।26 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुए। कुल मिलाकर 6।76 करोड़ से ज्यादा लोगों की भागीदारी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 को अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बना दिया।

MCX पर सोना 3000 रुपये उछला, चांदी 11000 रुपये महंगी, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: कमजोर डॉलर और अच्छी स्पॉट डिमांड के कारण सोमवार, 9 फरवरी को MCX पर सोने की कीमतों में तेजी से उछाल आया। सोमवार सुबह MCX पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स ₹3,000 से अधिक यानी 2% बढ़कर ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम हो गया।

MCX पर मार्च सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स करीब ₹11,000, यानी 4.79 % बढ़कर ₹2,61,870 प्रति किलोग्राम हो गए। वहीं, अंतराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस से अधिक बढ़ गई है। सिंगापुर में सुबह 8:28 बजे तक, सोना 1.3% बढ़कर 5,028.77 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी 1.7% बढ़कर 79.18 डॉलर पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी बढ़ोतरी हुई।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्पॉट गोल्ड में शुरुआती कारोबार में 1.7% की बढ़ोतरी देखी गई। इसे जापान की मौजूदा प्रधानमंत्री सानाए ताकाईची की चुनाव में भारी जीत से भी समर्थन मिला।

उनकी जीत से ढीली राजकोषीय नीति और येन पर लगातार दबाव बने रहने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं, जो सोने के लिए सहायक होगा क्योंकि निवेशक मूल्य संरक्षण का बेहतर विकल्प ढूंढ रहे हैं।

चांदी की कीमतों में भी वृद्धि हुई। पिछले महीने के अंत में एक रिकॉर्डतोड़ रैली के बाद, कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से गिर गई थीं। शुक्रवार को बंद होने तक, सोना 29 जनवरी के ऑल टाइम हाई से लगभग 11% नीचे था।

निवेशक सॉवरेन बॉन्ड और मुद्राओं से निकलकर सोने जैसी ठोस संपत्तियों में जा रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोने में पिछले सप्ताह के भारी उतार-चढ़ाव के पीछे चीनी व्यापारियों को एक कारण बताया।

कारोबार के एक सप्ताह के बावजूद, सोना अपने नुकसान का लगभग आधा हिस्सा वापस पा चुका है। ड्यूश बैंक एजी और गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक जैसे बैंकों ने दीर्घकालिक मांग के कारकों के चलते सोने में सुधार को समर्थन दिया है। सप्ताहांत के आंकड़ों से पता चला कि चीनी केंद्रीय बैंक ने 15वें महीने तक सोने की खरीद जारी रखी, जो आधिकारिक मांग में स्थिरता को रेखांकित करता है।

Stock Market: सेंसेक्स 467 अंक उछल कर 84 हजार के पार, निफ्टी 25047 पर

नई दिल्ली। Stock Market Opened: भारतीय शेयर बाजार सोमवार को सप्ताह के पहले दिन हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 466.88 अंक या 0.56 प्रतिशत चढ़कर 84,047.28 अंक पर पहुंच गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 121.90 अंक या 0.47 प्रतिशत चढ़कर 25,047.28 अंक पर आ गया।  

अच्छे ग्लोबल संकेतों के चलते घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत बंपर उछाल के साथ हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 597 अंकों की उड़ान के साथ 84177 पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE के 50 शेयरों वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने 195 अंकों की उछाल के साथ 25889 के लेवल से आज के कारोबार की शुरुआत की।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई मार्केट
    जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची की ऐतिहासिक जीत के बाद एशियाई मार्केटों में तेजी रही। जापान का निक्केई 225 पहली बार 5.6 प्रतिशत उछलकर 57,000 को पार कर गया, जबकि टॉपिक्स 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.15 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कोस्डैक 2.97 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने उच्च उद्घाटन का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 25,947 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद होने से लगभग 212 अंक। यह भारतीय शेयर मार्केट सूचकांकों के लिए बंपर शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट
    अमेरिकी शेयर मार्केट शुक्रवार को उच्च स्तर पर बंद हुआ, जिसमें डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ऐतिहासिक 50,000 अंक से ऊपर बढ़ गया। डॉऊ जोन्स 2.47 प्रतिशत बढ़कर 50,115.67 पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक बंद है। जबकि एसएंडपी 500 ने 1.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 6,932.30 पर समाप्त हो गया। नैस्डैक 2.18 प्रतिशत बढ़कर 23,031.21 पर बंद हुआ।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) से पहले एक अंतरिम व्यापार ढांचे की घोषणा की, जिसमें दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता के साथ व्यापार को व्यापक बनाने और अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने की प्रतिबद्धता है।

India-US Deal: सोयाबीन तेल आयात पर शुल्क कटौती को लेकर असमंजस

नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण में पशु आहार और सोयाबीन तेल से जुड़े प्रावधानों को लेकर नई तस्वीर सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका को सूखा अनाज आधारित पशु आहार पर बहुत सीमित रियायत दी गई है।

यह छूट कोटा आधारित है और कुल घरेलू खपत का केवल एक छोटा हिस्सा कवर करती है। इससे बाजार और किसानों पर बड़े असर की आशंका को कम बताया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक भारत ने डीडीजीएस यानी सूखा अनाज आधारित पशु आहार पर सिर्फ 5 लाख टन तक शुल्क रियायत दी है। देश में पशु चारे की कुल खपत करीब 500 लाख टन है। इस हिसाब से अमेरिकी कोटा सिर्फ एक फीसदी बैठता है। सरकार का कहना है कि यह आयात घरेलू कमी को पूरा करने और चारे की लागत को स्थिर रखने में मदद करेगा।

अधिकारियों ने बताया कि डीडीजीएस के सीमित आयात से मक्का और सोयाबीन जैसे कच्चे माल पर दबाव कम होगा। इससे इंसानों के खाने लायक अनाज को पशु चारे में लगाने की जरूरत घटेगी। पोल्ट्री, डेयरी, एक्वाकल्चर और पशुपालन क्षेत्र को लागत में उतार-चढ़ाव से राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे खाद्य मुद्रास्फीति को काबू में रखने में भी मदद मिल सकती है।

बढ़ती मांग के कारण पहले भी हुआ आयात
पिछले कुछ वर्षों में मांग बढ़ने के कारण भारत को पशु आहार और उससे जुड़े उत्पादों का आयात करना पड़ा है। वर्ष 2021 में घरेलू कीमतों के दबाव के चलते करीब 15 लाख टन सोयाबीन मील आयात किया गया था। छह लाख टन से अधिक पशु आहार श्रीलंका, चीन, अमेरिका, थाईलैंड और नेपाल से आया। इसके अलावा म्यांमार, यूक्रेन, सिंगापुर और यूएई से मक्का तथा अफ्रीकी देशों से सोयाबीन का आयात भी हुआ है।

सोयाबीन तेल और चारे पर उद्योग सतर्क
व्यापार समझौते के मसौदे का खाद्य तेल और सोयाबीन प्रसंस्करण उद्योग ने सतर्क स्वागत किया है। समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। बदले में भारत अमेरिकी औद्योगिक सामान, सोयाबीन तेल, पशु चारा, अखरोट और कुछ फलों पर शुल्क घटाएगा या खत्म करेगा। हालांकि उद्योग जगत टैरिफ कटौती, कोटा व्यवस्था और गुणवत्ता मानकों के स्पष्ट विवरण का इंतजार कर रहा है।

कीमत और जीएम उत्पादों पर सवाल
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि भारत सोयाबीन तेल के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए यह कदम अवसर भी हो सकता है। अभी अमेरिका से आने वाला तेल शुल्क के कारण महंगा पड़ता है और अर्जेंटीना के मुकाबले 30 से 40 डॉलर प्रति टन ज्यादा कीमत पर आता है। उद्योग संगठनों ने यह भी कहा कि अभी साफ नहीं है कि जेनेटिकली मोडिफाइड और गैर-जीएम उत्पादों पर सरकार क्या रुख अपनाएगी।

कोटा के औद्योगिक एवं पर्यटन विकास में निवेश के लिए युवा आगे आएं: माहेश्वरी

कोटा। बोहरा समाज द्वारा रविवार को मुस्तफा हाल पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में हाड़ोती को नए क्षेत्रों में कैसे विकसित किया जाए इस पर टॉक शो का आयोजन किया गया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव एवं होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी एवं दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल ने किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अशोक माहेश्वरी ने कहा कि हमें ट्रेडिंग व्यवसाय से उठकर उद्योग एवं पर्यटन विकास के क्षेत्र में आगे आना होगा। आज वह समय आ गया है जब बड़ी-बड़ी कंपनियां उत्पादन के साथ-साथ ऑनलाइन मार्केट भी कर रही हैं, जिससे ट्रेडिंग व्यवसाय खतरे में पड़ रहा है।

माहेश्वरी ने कहा कि उत्पादन क्षेत्र में भी हमारी युवा पीढ़ी को आगे लाना होगा। हमें आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी पर्यटन एवं स्वदेशी उत्पादन जैसे क्षेत्रों में निवेश करना होगा। स्वदेशी पर्यटन में हो रही निरंतर प्रगति के चलते हमें होटल रिसोर्ट एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसाय को भी हमारी नई पीढ़ी को आगे लाना होगा, जिससे हाड़ोती के पर्यटन का इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा एवं हमारी अर्थव्यवस्था भी पुनः गति पकड़ेगी।

माहेश्वरी ने कहा कि बोहरा समाज की व्यापार में अलग ही साख है, लेकिन अभी तक ट्रेडिंग से ही ज्यादा काम कर रहे हैं। बोहरा समाज कर्मशील समाज है जो सदैव देश के प्रति पूर्ण निष्ठावान है। सदैव देश के सर्वांगीण विकास में विश्वास रखता है। इस अवसर पर बोहरा समाज के सैकड़ो व्यवसाई मौजूद थे।

बोहरा समाज के युवाओं द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न उत्पादकों की प्रदर्शनी एवं टॉक शो के माध्यम से नए क्षेत्रों में प्रवेश करने के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई।

टॉक शॉ को संबोधित करते हुए संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल एवं भावी अध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि बोहरा समाज की पहचान ट्रेडिंग व्यवसाय में ज्यादा है लेकिन आने वाले समय उत्पादन और ट्रेडिंग हमेशा साथ करनी होगी। साथ ही स्वदेशी उत्पादन को आगे बढ़ाने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा।

बोहरा समाज की तिजारत राबेडा कमेटी द्वारा युवा पीढ़ी को नए क्षेत्र में प्रवेश करने की दिशा में यह आयोजन किया गया जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सके।

प्रकृति प्रेम की भावना जगाने में स्काउट गाइड संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका: जायसवाल

शिक्षा सहकारी स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन

कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारी गण सहकारी सभा 696 एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एंड गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के तत्वावधान में मनाए जा रहे वन एवं वन्य जीव संरक्षण पखवाड़े के अंतर्गत रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास, डाइट परिसर में शिक्षा सहकारी स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्काउट गाइड के जिला प्रधान एवं शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा आदित्य विजय ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा सहकारी के उपाध्यक्ष महेंद्र नागर, मंत्री जमनालाल गुर्जर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुल्तानपुर एवं शिक्षा सहकारी डायरेक्टर गायत्री मीणा उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सुल्तानपुर प्रधानाचार्य सुरेंद्र मीणा एवं समग्र शिक्षा कार्यक्रम प्रभारी अनुमेहा शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन छात्रावास अधीक्षक उदय सिंह गुर्जर द्वारा किया गया। सर्वप्रथम सभी सम्माननीय अतिथियों का भारत स्काउट एवं गाइड की परंपरागत रीति से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि प्रकाश जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वन और वन्य जीव संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी है। स्काउट-गाइड जैसे संगठन युवाओं में प्रकृति प्रेम और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अध्यक्षता कर रहे आदित्य विजय ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संस्कार विद्यार्थियों में बचपन से विकसित किया जाना चाहिए। ऐसी वाटिकाएँ बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण एवं जलवायु संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला।

मंचीय कार्यक्रम के समापन के पश्चात शिक्षा सहकारी स्काउट गाइड वाटिका का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से एक पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सह वार्डन मुकेश मीणा, गोविंद मीणा , राम प्रसाद सहित अन्य गणमान्यजन एवं कर्मचारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर पर रंग गुलाल के साथ पाटोत्सव मनाया

श्रीनाथ जी का पाटोत्सव मनाया, भक्तों संग खेली रंग से होली

कोटा। शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर पर रविवार को श्रीनाथजी का पाटोत्सव मनाया गया। इस दौरान 40 दिवसीय होली महोत्सव के तहत् प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी ने ठाकुर श्री मथुराधीश प्रभु को रंग और गुलाल सेवित किए। पिचकारी से प्रभु और भक्तों को रंग चढ़ाकर गीली होली की शुरुआत की। वहीं महाराज इज्येराज सिंह को बीड़ा भेंट किया गया। उत्सव में धमार रसिया गायन किया गया।

पाटोत्सव के अवसर पर मथुराधीश मंदिर में पुष्टिमार्गीय परंपरा के साथ होली महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों के साथ पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के रंगों से सराबोर नजर आया। प्रभु के जयकारों से हवेली गूंज उठी। मंगला दर्शन के पश्चात श्रीनाथजी को पुष्टिमार्गीय परंपरा अनुसार अबीर-गुलाल अर्पित किया गया। मंदिर में सजीव कीर्तन, हवेली संगीत और पद गायन के माध्यम से रसिया गायन किया गया। भक्तों ने “होरी खेलत नंदलाल..” के जयघोष के साथ उत्सव में सहभागिता निभाई।

पाटोत्सव के अवसर पर प्रभु को विशेष श्रृंगार, पुष्प अलंकरण एवं ऋतु अनुरूप वस्त्र धारण कराए गए। सेवायतों द्वारा परंपरागत विधि से होली खेली गई। श्रद्धालुओं ने प्रभु के चरणों में अबीर अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

बसंत पंचमी से होली तक चलता है महोत्सव
पुष्टिमार्ग के मंदिरों में होली का पर्व 40 दिन का होता है। क्योंकि सबजग होरी या ब्रज होरा अर्थात ब्रज मंडल में 40 दिन की होली होती है। जिसे होरा कहते हैं। युवराज मिलन बावा ने बताया कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिरों में बसंत पंचमी के दिन से ठाकुरजी को अबीर गुलाल धराया जाता है। 40 दिवसीय होली महोत्सव के तहत प्रथम 10 दिन अबीर और गुलाल से होली खेली जाती है। इसके बाद चंदन से, फिर हरी गुलाल, पीली गुलाल से होली खेली जाती है। होली उत्सव का क्रम दिनों के अनुपात में बढ़ता जाता है।

गरम वस्तुओं का भोग हुआ बंद
प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी को विशेष भोग धराया गया। जिसमें शक्कर पाडा, मोहन थाल, मोती चूर के लड्डू, बासुन्दी, श्रीखंड आरोगाए। बसंत पंचमी से ठाकुर जी को गरम वस्तुओं का भोग आना भी बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर में आम के पत्तों की बंदनवार सजाई गई।

दूसरों के लिए प्रेरणा बने 78 नेत्रदानी परिजनों ने नम आंखों से प्राप्त किया सम्मान

दुख में भी सेवा का संकल्प समाज के लिए प्रेरणा: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर

कोटा। दुख की घड़ी में भी दूसरों के जीवन में उजाला भर देने वाले नेत्रदानी परिजनो का सम्मान समारोह रविवार को आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चेप्टर की ओर से विवेकानंद नगर स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में भावुक और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।

अध्यक्ष के के कंजोलिया ने बताया कि इस अवसर पर हाड़ौती अंचल के 78 से अधिक नेत्रदानी परिवारों को माला, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सचिव सुरेश सेडवाल ने बताया कि डॉ. सुरेश पाण्डेय ने नेत्र माॅडल, वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से नेत्र की संरचना, विभिन्न नेत्र रोग, दृष्टि दोष व नेत्रदान की प्रक्रिया इत्यादि की विस्तार से जानकारी दी।

समारोह के मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि नेत्रदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी के अंधकारमय जीवन में प्रकाश भरने का पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने के गहन दुख के बीच भी सेवा का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और मानवीय मूल्यों को जीवित रखता है।

विशिष्ट अतिथि रेड क्रॉस सोसायटी राजस्थान के चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने नेत्रदान को जन-जन का आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से ही इस पुण्य कार्य को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। उन्होने नेत्रदान, रक्तदान व देहदान के लिए आव्हान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि नेत्रदानी परिवारों का यह त्याग मानवता की सच्ची मिसाल है। ऐसे आयोजनों से समाज में संवेदनशीलता, सेवा और सहयोग की भावना सुदृढ़ होती है।

आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चेप्टर के अध्यक्ष डॉ. कंजोलिया ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2011 से निरंतर नेत्रदान एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय संस्था अब तक 2180 से अधिक कॉर्निया संकलित कर चुकी है, जिनमें से 1258 कॉर्निया का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है। वर्ष 2025 में अकेले कोटा शहर से 113 जोड़ी नेत्रदान प्राप्त होना जनचेतना का प्रमाण है।

समारोह में मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना, लेफ्टिनेंट कमांडर सौरभ घोष, डॉ. गिरिश वर्मा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक हरिमोहन शर्मा, अस्पताल निदेशक प्रदीप दाधीच, जयपुर से आई बैंक सोसायटी राजस्थान के प्रेसिडेंट बी.एल. शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट एल.पी. कोठरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

भक्ताम्बर महामंडल विधान विधि-विधान से श्रद्धा के साथ हुआ संपन्न

कोटा। गणिनी आर्यिका शिरोमणि विशुद्ध मति माताजी एवं प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञ मति माताजी ससंघ के सानिध्य में रविवार को तलवंडी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में श्री भक्ताम्बर महामंडल विधान विधि-विधानपूर्वक, श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ।

प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ विधान की विधिवत शुरुआत की गई। इसके पश्चात भक्ताम्बर विधान आरंभ हुआ, जिसमें भक्तामर स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक के साथ अर्घ्य समर्पण किया गया। विधान के अंतर्गत कुल 48 अर्घ्य समर्पित किए गए, जो भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों का प्रतीक हैं।

जेके जैन ने बताया कि विधान की प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक अर्घ्य के समय देवाधिदेव की स्तुति, मंत्रोच्चार एवं संगीतमय पाठ किया गया। भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक, लयबद्ध और भावपूर्ण गायन वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरता रहा। इस दौरान देव, शास्त्र एवं गुरु की विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ अर्जित किया।

श्री विज्ञ मति माताजी माताजी ससंघ के प्रवचन हुए, जिसमें उन्होंने भक्तामर विधान के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विधान आत्मशुद्धि, संकट निवारण और आत्मकल्याण का प्रभावशाली साधन है। विधान में बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।