Sunday, July 26, 2026
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प्रकृति प्रेम की भावना जगाने में स्काउट गाइड संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका: जायसवाल

शिक्षा सहकारी स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन

कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारी गण सहकारी सभा 696 एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एंड गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के तत्वावधान में मनाए जा रहे वन एवं वन्य जीव संरक्षण पखवाड़े के अंतर्गत रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास, डाइट परिसर में शिक्षा सहकारी स्काउट गाइड वाटिका का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्काउट गाइड के जिला प्रधान एवं शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा आदित्य विजय ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा सहकारी के उपाध्यक्ष महेंद्र नागर, मंत्री जमनालाल गुर्जर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुल्तानपुर एवं शिक्षा सहकारी डायरेक्टर गायत्री मीणा उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सुल्तानपुर प्रधानाचार्य सुरेंद्र मीणा एवं समग्र शिक्षा कार्यक्रम प्रभारी अनुमेहा शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन छात्रावास अधीक्षक उदय सिंह गुर्जर द्वारा किया गया। सर्वप्रथम सभी सम्माननीय अतिथियों का भारत स्काउट एवं गाइड की परंपरागत रीति से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि प्रकाश जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वन और वन्य जीव संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी है। स्काउट-गाइड जैसे संगठन युवाओं में प्रकृति प्रेम और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अध्यक्षता कर रहे आदित्य विजय ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संस्कार विद्यार्थियों में बचपन से विकसित किया जाना चाहिए। ऐसी वाटिकाएँ बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण एवं जलवायु संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला।

मंचीय कार्यक्रम के समापन के पश्चात शिक्षा सहकारी स्काउट गाइड वाटिका का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से एक पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सह वार्डन मुकेश मीणा, गोविंद मीणा , राम प्रसाद सहित अन्य गणमान्यजन एवं कर्मचारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर पर रंग गुलाल के साथ पाटोत्सव मनाया

श्रीनाथ जी का पाटोत्सव मनाया, भक्तों संग खेली रंग से होली

कोटा। शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर पर रविवार को श्रीनाथजी का पाटोत्सव मनाया गया। इस दौरान 40 दिवसीय होली महोत्सव के तहत् प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी ने ठाकुर श्री मथुराधीश प्रभु को रंग और गुलाल सेवित किए। पिचकारी से प्रभु और भक्तों को रंग चढ़ाकर गीली होली की शुरुआत की। वहीं महाराज इज्येराज सिंह को बीड़ा भेंट किया गया। उत्सव में धमार रसिया गायन किया गया।

पाटोत्सव के अवसर पर मथुराधीश मंदिर में पुष्टिमार्गीय परंपरा के साथ होली महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों के साथ पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के रंगों से सराबोर नजर आया। प्रभु के जयकारों से हवेली गूंज उठी। मंगला दर्शन के पश्चात श्रीनाथजी को पुष्टिमार्गीय परंपरा अनुसार अबीर-गुलाल अर्पित किया गया। मंदिर में सजीव कीर्तन, हवेली संगीत और पद गायन के माध्यम से रसिया गायन किया गया। भक्तों ने “होरी खेलत नंदलाल..” के जयघोष के साथ उत्सव में सहभागिता निभाई।

पाटोत्सव के अवसर पर प्रभु को विशेष श्रृंगार, पुष्प अलंकरण एवं ऋतु अनुरूप वस्त्र धारण कराए गए। सेवायतों द्वारा परंपरागत विधि से होली खेली गई। श्रद्धालुओं ने प्रभु के चरणों में अबीर अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

बसंत पंचमी से होली तक चलता है महोत्सव
पुष्टिमार्ग के मंदिरों में होली का पर्व 40 दिन का होता है। क्योंकि सबजग होरी या ब्रज होरा अर्थात ब्रज मंडल में 40 दिन की होली होती है। जिसे होरा कहते हैं। युवराज मिलन बावा ने बताया कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिरों में बसंत पंचमी के दिन से ठाकुरजी को अबीर गुलाल धराया जाता है। 40 दिवसीय होली महोत्सव के तहत प्रथम 10 दिन अबीर और गुलाल से होली खेली जाती है। इसके बाद चंदन से, फिर हरी गुलाल, पीली गुलाल से होली खेली जाती है। होली उत्सव का क्रम दिनों के अनुपात में बढ़ता जाता है।

गरम वस्तुओं का भोग हुआ बंद
प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी को विशेष भोग धराया गया। जिसमें शक्कर पाडा, मोहन थाल, मोती चूर के लड्डू, बासुन्दी, श्रीखंड आरोगाए। बसंत पंचमी से ठाकुर जी को गरम वस्तुओं का भोग आना भी बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर में आम के पत्तों की बंदनवार सजाई गई।

दूसरों के लिए प्रेरणा बने 78 नेत्रदानी परिजनों ने नम आंखों से प्राप्त किया सम्मान

दुख में भी सेवा का संकल्प समाज के लिए प्रेरणा: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर

कोटा। दुख की घड़ी में भी दूसरों के जीवन में उजाला भर देने वाले नेत्रदानी परिजनो का सम्मान समारोह रविवार को आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चेप्टर की ओर से विवेकानंद नगर स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में भावुक और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।

अध्यक्ष के के कंजोलिया ने बताया कि इस अवसर पर हाड़ौती अंचल के 78 से अधिक नेत्रदानी परिवारों को माला, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सचिव सुरेश सेडवाल ने बताया कि डॉ. सुरेश पाण्डेय ने नेत्र माॅडल, वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से नेत्र की संरचना, विभिन्न नेत्र रोग, दृष्टि दोष व नेत्रदान की प्रक्रिया इत्यादि की विस्तार से जानकारी दी।

समारोह के मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि नेत्रदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी के अंधकारमय जीवन में प्रकाश भरने का पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने के गहन दुख के बीच भी सेवा का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और मानवीय मूल्यों को जीवित रखता है।

विशिष्ट अतिथि रेड क्रॉस सोसायटी राजस्थान के चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने नेत्रदान को जन-जन का आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से ही इस पुण्य कार्य को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। उन्होने नेत्रदान, रक्तदान व देहदान के लिए आव्हान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि नेत्रदानी परिवारों का यह त्याग मानवता की सच्ची मिसाल है। ऐसे आयोजनों से समाज में संवेदनशीलता, सेवा और सहयोग की भावना सुदृढ़ होती है।

आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चेप्टर के अध्यक्ष डॉ. कंजोलिया ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2011 से निरंतर नेत्रदान एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय संस्था अब तक 2180 से अधिक कॉर्निया संकलित कर चुकी है, जिनमें से 1258 कॉर्निया का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है। वर्ष 2025 में अकेले कोटा शहर से 113 जोड़ी नेत्रदान प्राप्त होना जनचेतना का प्रमाण है।

समारोह में मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना, लेफ्टिनेंट कमांडर सौरभ घोष, डॉ. गिरिश वर्मा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक हरिमोहन शर्मा, अस्पताल निदेशक प्रदीप दाधीच, जयपुर से आई बैंक सोसायटी राजस्थान के प्रेसिडेंट बी.एल. शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट एल.पी. कोठरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

भक्ताम्बर महामंडल विधान विधि-विधान से श्रद्धा के साथ हुआ संपन्न

कोटा। गणिनी आर्यिका शिरोमणि विशुद्ध मति माताजी एवं प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञ मति माताजी ससंघ के सानिध्य में रविवार को तलवंडी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में श्री भक्ताम्बर महामंडल विधान विधि-विधानपूर्वक, श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ।

प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ विधान की विधिवत शुरुआत की गई। इसके पश्चात भक्ताम्बर विधान आरंभ हुआ, जिसमें भक्तामर स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक के साथ अर्घ्य समर्पण किया गया। विधान के अंतर्गत कुल 48 अर्घ्य समर्पित किए गए, जो भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों का प्रतीक हैं।

जेके जैन ने बताया कि विधान की प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक अर्घ्य के समय देवाधिदेव की स्तुति, मंत्रोच्चार एवं संगीतमय पाठ किया गया। भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक, लयबद्ध और भावपूर्ण गायन वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरता रहा। इस दौरान देव, शास्त्र एवं गुरु की विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ अर्जित किया।

श्री विज्ञ मति माताजी माताजी ससंघ के प्रवचन हुए, जिसमें उन्होंने भक्तामर विधान के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विधान आत्मशुद्धि, संकट निवारण और आत्मकल्याण का प्रभावशाली साधन है। विधान में बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।

Trump Tariff: ट्रंप ने भारत से डील में कर दिया गेम, शर्त तोड़ी तो एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ वापस

नई दिल्‍ली। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगे 25% एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ हट गए हैं। अंतरिम व्‍यापार समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एग्‍जीक्‍यूटिव ऑर्डर जारी किए हैं। इसमें भारत को तत्काल यह राहत दी गई है।

हालांकि, एक्‍सपर्ट का कहना है कि इस रिलीफ से कहीं ज्‍यादा महत्वपूर्ण वो सख्त निगरानी तंत्र है जो इसके साथ आया है। जियो स्‍ट्रेटेजिस्‍ट ब्रह्मा चेलानी ने यह बात कही है। चेलानी ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट किया है।

इसमें उन्‍होंने कहा कि यह आदेश अमेरिकी वाणिज्य मंत्री को भारत के तेल स्रोत को ट्रैक करने का काम सौंपता है। इससे एक्‍शन के लिए एक साफ ट्रिगर बनता है। ट्रंप के ऑर्डर सशर्त हैं। इसका मतलब है कि शर्त टूटने पर 25% टैरिफ की वापसी हो सकती हैं।

एक्‍सपर्ट ने लिखा, ‘रूसी तेल पर ट्रंप के कार्यकारी आदेश में असली चुभन इसके निगरानी जनादेश में निहित है। यह औपचारिक रूप से वाणिज्य मंत्री को भारतीय तेल आयात पर नजर रखने का काम सौंपता है जो स्पष्ट ट्रिगर बनाता है। यह पता चलने पर कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल का आयात फिर से शुरू कर दिया है, 25% अतिरिक्‍त (दंडात्मक) टैरिफ वापस लागू किया जा सकता है।’

चेलानी ने चेतावनी दी कि ‘अप्रत्यक्ष रूप से’ शब्द का समावेश प्रवर्तन के दायरे को काफी हद तक बढ़ा देता है। उन्‍होंने कहा, ‘शब्द ‘अप्रत्यक्ष रूप से’ एक वेटेड वर्ड है। यह यूरोपीय संघ या अमेरिका को बेचे जाने वाले भारतीय परिष्कृत ईंधन – डीजल, जेट ईंधन और अन्य उत्पादों – को दंडित करने का दरवाजा खोलता है। अगर वॉशिंगटन उसे रूसी कच्चे तेल से उत्पन्न मानता है।’

ब्रह्मा चेलानी ने यह भी बताया कि रियायती रूसी यूराल क्रूड को बाजार-मूल्य वाले अमेरिकी तेल से बदलना भारत के तेल आयात बिल में सालाना 4 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी कर सकता है। यह लंबी परिवहन दूरी के कारण और भी महंगा हो गया है। उन्‍होंने कहा, ‘वॉशिंगटन का इरादा साफ है- भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ज्‍यादा महंगा और भौगोलिक रूप से दूर सप्‍लायर अमेरिका से जोड़ना।’

अमेरिका ने कहा है कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल का आयात बंद करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस कदम से वॉशिंगटन ने पिछले अगस्त में भारतीय सामानों पर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ को हटा दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी एक कार्यकारी आदेश के अनुसार, भारत ने अगले 10 सालों में रक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ एक ढांचे के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि टैरिफ रोलबैक सशर्त है।

आदेश का मतलब
चेलानी ने बताया कि कार्यकारी आदेश में अमेरिका भारत के तेल स्रोत पर बारीकी से नजर रखेगा। उन्‍होंने कहा, ‘वाणिज्य मंत्री, राज्य मंत्री, वित्त मंत्री और किसी भी अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ समन्वय में जिसे वाणिज्य मंत्री उचित समझता है, यह निगरानी करेगा कि क्या भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात फिर से शुरू करता है, जैसा कि कार्यकारी आदेश 14329 की धारा 7 में परिभाषित है।’

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से एक निर्धारण आगे की कार्रवाई को ट्रिगर कर सकता है। वह बोले, ‘अगर वाणिज्य मंत्री को पता चलता है कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात फिर से शुरू कर दिया है तो राज्य मंत्री, वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, गृह मंत्री, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए राष्ट्रपति के सहायक, आर्थिक नीति के लिए राष्ट्रपति के सहायक और व्यापार और विनिर्माण के लिए राष्ट्रपति के सहायक और वरिष्ठ सलाहकार के साथ परामर्श में यह सिफारिश करेगा कि क्या और किस हद तक मुझे भारत के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई करनी चाहिए।’

अमेरिकी डीडीजीएस के भारत में आयात पर ड्यूटी में छूट मिलेगी, पीयूष गोयल का दावा

नई दिल्ली। India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते के पहले चरण का ढांचा तैयार हो गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका से आने वाले ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGS) पर कोटा के आधार पर ड्यूटी में छूट दी जाएगी।

DDGS एक तरह का पशु आहार है, जिसमें पोषण की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसमें प्रोटीन भी भरपूर होता है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में एनिमल हसबैंडरी और पोल्ट्री सेक्टर इस प्रोडक्ट की काफी मांग कर रहा है। पोल्ट्री कारोबार से जुड़े लोग इसे खास तौर पर पसंद करते हैं, क्योंकि इससे मुर्गियां ज्यादा सेहतमंद होती हैं। गोयल ने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह बहुत हाई प्रोटीन वाला फीड है, जिससे चिकन काफी ज्यादा हेल्दी हो जाता है।”

गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत ने बाजार को बहुत सोच-समझकर और बैलेंस्ड तरीके से खोला है। DDGS पर सिर्फ कोटा के अंदर ही ड्यूटी छूट मिलेगी, ताकि घरेलू हितों को कोई नुकसान न हो। उन्होंने कहा, “कोटा पर DDGS अच्छा है इकोनॉमी के लिए।” कुछ एक्सपर्ट्स ने ड्यूटी कट पर चिंता जताई थी, लेकिन मंत्री ने साफ किया कि यह फैसला सबके हित में लिया गया है।

यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच व्यापार डील के पहले चरण से जुड़ा है, जिस पर मिड-मार्च तक साइन होने की उम्मीद है। दोनों देशों की ओर से जारी जॉइंट स्टेटमेंट में भी इसकी पुष्टि की गई है।

बता दें कि DDGS अमेरिका में एथनॉल बनाने की प्रक्रिया से निकलने वाला एक बाय-प्रोडक्ट है, जो पोषण से भरपूर होता है। यूएस ग्रेन्स एंड बायोप्रोडक्ट्स काउंसिल के मुताबिक, यह एनिमल फीड के तौर पर एनर्जी और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। अमेरिका के एथनॉल प्लांट्स में हर साल 15 बिलियन गैलन से ज्यादा एथनॉल और करीब 44 मिलियन मीट्रिक टन DDGS बनाने की क्षमता है।

यूएस ग्रेन्स एंड बायोप्रोडक्ट्स काउंसिल ने दुनिया भर में DDGS के फायदे बताने में अहम भूमिका निभाई है। साल 2009 में इसका एक्सपोर्ट करीब 5 मिलियन टन था, जो 2022-23 में बढ़कर 10 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा हो गया। फिलहाल DDGS की सप्लाई 58 देशों तक पहुंच रही है।

मैक्सिको इसका सबसे बड़ा खरीदार है, जो कुल एक्सपोर्ट का 20 फीसदी से ज्यादा हिस्सा लेता है। इसके बाद साउथ कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और कनाडा जैसे देश बड़े इंपोर्टर्स में शामिल हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता इंडिया की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इससे भारतीय किसानों को भी फायदा मिलेगा, खासकर प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में। उन्होंने कहा कि सरकार का हर फैसला पूरी सोच-समझ के साथ लिया गया है और किसानों के हित को ध्यान में रखकर ही किया गया है।

SOPA ने किया था डीडीजीएस का विरोध
वहीं, सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) ने बयान जारी कर कहा कि अक्टूबर से शुरू होने वाले तेल वर्ष 2024-25 के पहले छह महीनों में एनिमल फीड सेगमेंट ने सोयाबीन खली का उठाना कम किया, जिसमें 7 प्रतिशत से ज्‍यादा की गिरावट देखी गई। चालू सीजन में अक्टूबर से मार्च के बीच फीड सेक्टर ने 32.50 लाख टन सोयाबीन खली का उठान किया, जबकि‍ पिछले सीजन में इसी अवधि के दौरान यह 35 लाख टन था। सोपा ने मांग में गिरावट के पीछे एनिमल फीड के रूप में डीडीजीएस को प्राथमिकता देना बताया, क्‍याेंकि यह पशुपालकों के लिए खली से सस्‍ता है.

होली पर 5 जोड़ी साप्ताहिक स्पेशल रेल सेवाओं की अवधि में विस्तार

कोटा। होली के अवसर पर विभिन्न दिशाओं में यात्रा करने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली पांच जोड़ी साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवाओं की संचालन अवधि में विस्तार किया गया है। ये विशेष रेलसेवाएं पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार अब मार्च माह तक संचालित की जाएंगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यात्री मांग की समीक्षा के उपरांत यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक रेल यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन विशेष रेलसेवाओं की अवधि बढ़ाई गई है। ये रेलसेवाएं कोटा मंडल से होकर विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए संचालित होंगी।

विस्तारित अवधि वाली विशेष रेलसेवाएं

  1. गाड़ी संख्या 04715/04716 बीकानेर–साईनगर शिर्डी–बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा
    बीकानेर से दिनांक 07.03.2026 से 28.03.2026 तक तथा साईनगर शिर्डी से 08.03.2026 से 29.03.2026 तक संचालित की जाएगी।
  2. गाड़ी संख्या 04725/04726 हिसार–खडकी–हिसार साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा
    हिसार से 01.03.2026 से 29.03.2026 तक तथा खडकी से 02.03.2026 से 30.03.2026 तक संचालित की जाएगी।
  3. गाड़ी संख्या 09621/09622 अजमेर–बांद्रा टर्मिनस–अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा
    अजमेर से 01.03.2026 से 29.03.2026 तक तथा बांद्रा टर्मिनस से 02.03.2026 से 30.03.2026 तक संचालित की जाएगी।
  4. गाड़ी संख्या 09625/09626 अजमेर–दौंड–अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा
    अजमेर से 05.03.2026 से 26.03.2026 तक तथा दौंड से 06.03.2026 से 27.03.2026 तक संचालित की जाएगी।
    गाड़ी संख्या 09627/09628 अजमेर–सोलापुर–अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा
  5. अजमेर से 04.03.2026 से 25.03.2026 तक तथा सोलापुर से 05.03.2026 से 26.03.2026 तक संचालित की जाएगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पूर्व गाड़ियों की स्थिति, समय-सारणी एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए रेलवे की अधिकृत वेबसाइट अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है।

आरक्षित श्रेणी में यात्रा के दौरान आईडी नहीं दिखाने पर यात्रियों को बेटिकट माना जाएगा

कोटा। ट्रैन में आरक्षित श्रेणी में यात्रा करते समय यात्रियों के समूह में से कम से कम एक यात्री को निर्धारित पहचान पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो संबंधित सभी यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार यात्रा के दौरान निर्धारित पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, जिन यात्रियों ने किसी विशेष श्रेणी के लिए आरक्षित कोटे के अंतर्गत टिकट बुक कराया है अथवा किसी प्रकार की रियायत का लाभ लिया है, उन्हें अपनी पात्रता एवं दावे की पुष्टि हेतु वैध प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रमाण प्रस्तुत न करने की स्थिति में रियायत अथवा आरक्षण सुविधा अमान्य मानी जाएगी।

रेलवे बोर्ड ने इन निर्देशों के सख्त अनुपालन पर विशेष जोर देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में संचालित रेल सेवाओं जैसे भारत–नेपाल, भारत–बांग्लादेश आदि मार्गों पर पहचान सत्यापन को और अधिक सतर्कता के साथ सुनिश्चित किया जाए।

रेलवे प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सके।

FPI: फरवरी में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 8129 करोड़ का निवेश किया

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए फरवरी का पहला हफ्ता एक बड़ी राहत लेकर आया है। पिछले तीन महीनों से लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का रुख अब बदल गया है और वे फिर से भारतीय बाजार में खरीदारी की ओर लौटे हैं।

फरवरी के पहले हफ्ते (6 फरवरी तक) में ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 8,129 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इस बड़े बदलाव के पीछे भारत और अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील और ग्लोबल मार्केट में सुधरते हालात को मुख्य वजह माना जा रहा है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस डील से निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है और भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को लेकर उनका भरोसा फिर से बहाल हुआ है।

विदेशी निवेशकों की इस वापसी के कई ठोस कारण हैं। एंजेल वन के सीनियर एनालिस्ट वकारजावेद खान के मुताबिक, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में मिली सफलता ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता को कम कर दिया है।

इसके साथ ही, हाल ही में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट में दिए गए राजकोषीय प्रोत्साहन (fiscal stimulus) और सेक्टर-आधारित रियायतों ने भी निवेशकों को आकर्षित किया है।

वहीं, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार का मानना है कि रुपये की मजबूती ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.30 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया था, लेकिन अब इसमें सुधार की उम्मीद दिख रही है। अनुमान है कि मार्च 2026 तक रुपया संभलकर 90 प्रति डॉलर के नीचे आ सकता है, जिससे विदेशी निवेश में और बढ़ोतरी हो सकती है।

2026 साल की शुरुआत भी खराब रही और निवेशकों ने 35,962 करोड़ रुपये बाहर निकाल लिए। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिछले महीनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल, डॉलर की उठापटक और व्यापारिक तनाव की वजह से विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे थे।

हालांकि, अब स्थितियां बदल रही हैं। मॉर्निंगस्टार इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि घरेलू ब्याज दरों में स्थिरता की उम्मीद और भारत-अमेरिका के बीच बेहतर होते रिश्तों ने बाजार में नई जान फूंक दी है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे और वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव नहीं बढ़ा, तो आने वाले समय में निवेश की यह रफ्तार और तेज हो सकती है।

Income Tax: नई टैक्स व्यवस्था 1 अप्रैल से होगी लागू, स्टॉक मार्केट से वेतन तक बदलेगा

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नई दिल्ली। Income Tax new rules: 1 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 को लागू करने की तैयारी है। ये नियम नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 पर आधारित होंगे। सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना, नियमों की अस्पष्टता को खत्म करना और टैक्स चोरी पर सख्ती से रोक लगाना है।

आने वाले समय में टैक्स प्रशासन पूरी तरह डेटा पर आधारित होगा, जहां हर आय, खर्च और निवेश का डिजिटल रिकॉर्ड निर्णायक भूमिका निभाएगा।शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नए नियम बेहद अहम हैं। अब स्टॉक एक्सचेंजों को हर तरह के लेनदेन का पूरा ऑडिट ट्रेल कम से कम सात साल तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

यदि किसी ट्रेड में बाद में बदलाव किया जाता है, तो उसकी जानकारी हर महीने आयकर विभाग को देनी होगी। इसका मतलब यह है कि कोई भी ट्रांजेक्शन सिस्टम से पूरी तरह हटाया नहीं जा सकेगा। कैश मार्केट से लेकर डेरिवेटिव सेगमेंट तक हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

इसके साथ ही कैपिटल एसेट्स के होल्डिंग पीरियड को लेकर नियमों को और स्पष्ट किया गया है, ताकि शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को लेकर भविष्य में विवाद न हों।

नौकरीपेशा लोगों के लिए बदलेगा नियम
नई टैक्स व्यवस्था सैलरी पाने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी। कंपनी की ओर से मिलने वाली सुविधाएं जैसे रेंट फ्री घर, कार, बच्चों की पढ़ाई, क्लब मेंबरशिप, सस्ते लोन, यात्रा और खाने-पीने से जुड़े खर्च अब तय फॉर्मूले के आधार पर टैक्स के दायरे में आएंगे।

पहले इन सुविधाओं के मूल्यांकन को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं होती थीं, जिससे विवाद और कानूनी मामले सामने आते थे। नए नियमों में हर सुविधा के लिए स्पष्ट गणना, सीमा और कैप तय की गई है। इससे कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को पहले से पता रहेगा कि किस सुविधा पर कितना टैक्स देना होगा।

विदेशी कंपनियों पर सख्ती
नए इनकम टैक्स नियमों में विदेशी कंपनियों और नॉन रेजिडेंट्स पर भी फोकस किया गया है। जो विदेशी संस्थाएं भारत से कमाई तो करती हैं, लेकिन टैक्स से बच जाती थीं, उनके लिए अब नियम और कड़े होंगे।

यदि किसी विदेशी संपत्ति का मूल्य भारतीय संपत्तियों से जुड़ा है, तो तय फॉर्मूले के अनुसार उस पर भारत में टैक्स लगाया जाएगा। वहीं डिजिटल बिजनेस और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए सिग्निफिकेंट इकोनॉमिक प्रेजेंस के मानकों को और सख्त किया गया है, ताकि भारत में होने वाली कमाई पर देश को उसका उचित टैक्स मिल सके।

इन नए नियमों का असर
ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में टैक्स सिस्टम ज्यादा स्पष्ट, तकनीक आधारित और जवाबदेह होगा। निवेशक, नौकरीपेशा और विदेशी कंपनियां सभी इसके दायरे में आएंगे। अब टैक्स व्यवस्था में अनुमान की जगह साफ नियम और मजबूत डेटा ही आधार बनेंगे।