Sunday, July 19, 2026
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राजस्थान बजट में कर्मचारियों, किसानों और विद्यार्थियों को राहत

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट बहस में विपक्ष को दिया करारा जवाब

जयपुर। राजस्थान में बजट बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कई अहम घोषणाएं कर कर्मचारियों, युवाओं और किसानों को बड़ी सौगातें दीं। बजट रिप्लाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों, इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और शिक्षा क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता दे रही है।

कर्मचारियों को राहत
वित्त मंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब ट्रेनिंग की दो वर्ष की अवधि के दौरान यदि किसी कर्मचारी का चयन केंद्र या राज्य की दूसरी नौकरी में हो जाता है तो उसे मौजूदा पद छोड़ने पर वेतन और भत्तों की वसूली नहीं करनी होगी। अब तक ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को प्रशिक्षण अवधि का वेतन लौटाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था।

इसके साथ ही राज्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक इंश्योरेंस कवर देने की घोषणा की गई। मंत्री ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जिस वर्ष कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, उसी वर्ष 1 अप्रैल को उसकी स्टेट इंश्योरेंस पॉलिसी परिपक्व हो जाती है।

इससे कर्मचारी रिटायरमेंट की वास्तविक तिथि तक बीमा सुरक्षा से वंचित रह जाता है। नई व्यवस्था में एक्सटेंडेड इंश्योरेंस मेच्योरिटी लागू कर रिटायरमेंट की तारीख तक पूर्ण बीमा कवर सुनिश्चित किया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
सरकार ने पेयजल और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। पुराने पेयजल पाइपलाइन बदलने के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि 220 करोड़ रुपये के नए पेयजल कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

खेती तक पहुंच आसान बनाने के लिए खेतों तक रास्ते हेतु 20 फीट तक सरकारी भूमि की पट्टी आवंटित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए डीएलसी की दोगुनी दर से भुगतान करना होगा। मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर खातेदारी भूमि और सड़क के बीच सरकारी भूमि होने से अप्रोच रोड नहीं बन पाता, जिससे किसानों को दिक्कत होती है। नई व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होगा और कृषि भूमि का उपयोग सुगम बनेगा।

पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve में सफारी सुविधाओं के विकास पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा नए वेटरनरी अस्पताल और सब सेंटर खोले जाएंगे। बीकानेर जिले के लूणकरणसर में मिनी सचिवालय के निर्माण की भी घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

शिक्षा और युवाओं के लिए विशेष घोषणाएं
शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन पर जोर देते हुए Indian Institute of Information Technology Kota में नए कोर्स शुरू करने की घोषणा की गई। साथ ही कोटा ट्रिपलआईटी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 75 हजार बच्चों की आंखों की जांच कर उन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर की गई है, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

इसके अलावा अंबेडकर ओबीसी छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाने का ऐलान किया गया है, जिससे पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा में राहत मिलेगी।

समावेशी विकास पर जोर
वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है। बजट में किए गए प्रावधानों के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता, कर्मचारियों का मनोबल, किसानों की सुविधा और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

बजट बहस के दौरान सत्तापक्ष ने इन घोषणाओं को ऐतिहासिक बताते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि विपक्ष ने क्रियान्वयन की समयसीमा और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए। हालांकि, वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

कुल मिलाकर, बजट रिप्लाई में की गई ये घोषणाएं कर्मचारियों, किसानों और विद्यार्थियों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई हैं, जिनका असर आगामी समय में प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे पर दिखाई देगा।

375hp की ताकत वाली Toyota की नई ऑफ-रोडर EV लॉन्च, जानिए फीचर्स

नई दिल्ली। टोयोटा और ईवी फैन्स के लिए गुड न्यूज है। मार्केट में टोयोटा ने अपने नए इलेक्ट्रिक वीइकल, 2026 bZ Woodland को अनवील किया है। यह नया मॉडल छोटी bZ एसयूवी का ज्यादा रगेड वर्जन और 2023 में लॉन्च हुई ओरिजिनल bZ4X का अपग्रेड है।

वैगन जैसे डिजाइन के बावजूद, bZ वुडलैंड में दमदार इंजन और बड़ा केबिन है, जो इसे सिटी रोड्स के साथ-साथ ऑफ-रोड एडवेंचर के लिए एक आइडियल फैमिली कार बनाता है।

पावरट्रेन
bZ वुडलैंड में ड्यूल-मोटर पावरट्रेन है। यह जबर्दस्त 375hp की ताकत पैदा करता है, जो स्टैंडर्ड bZ मॉडल से 37hp ज्यादा है। इसमें 67kWh का बैटरी पैक लगा है, जो इसके छोटे मॉडल की 52kWh यूनिट से बड़ी है। हालांकि, एक्सट्रा मोटर, ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस और वुडलैंड मॉडल के अधिक वजन के कारण इसकी रेंज छोटे मॉडल के मुकाबले थोड़ी कम है।

बैटरी
bZ वुडलैंड में टेस्ला सुपरचार्जर के कंपैटिबल NACS पोर्ट दिया गया है, लेकिन DC फास्ट चार्जिंग की मैक्सिमम कैपेसिटी 150kW तक लिमिटेड है। इससे बैटरी लगभग 30 मिनट में 10-80% तक चार्ज हो जाती है। कंपनी की इस नई ईवी में 2026 bZ में इंट्रोड्यूस किया गया ऑनबोर्ड चार्जर भी है, जिससे लेवल 2 चार्जिंग में सात घंटे लगते हैं। टोयोटा अपने ग्राहकों को घर पर यूज के लिए चार्जिंग केबल और नॉन-टेस्ला DC फास्ट चार्जर के लिए CCS-से-NACS अडैप्टर दे रही है।

टेललाइट डिजाइन
bZ वुडलैंड और bZ SUV का प्लेटफॉर्म और फ्रंट-एंड स्टाइलिंग एक जैसा है। इसमें टोयोटा की LED हैमरहेड डे-टाइम रनिंग लाइट्स हैं, जो इसे एक खास लुक देती हैं। यह गाड़ी अपने पिछले मॉडल से 5.6 इंच लंबी है। साथ ही इसमें सीधा D-पिलर, पूरी चौड़ाई वाली टेललाइट डिजाइन और ज्यादा मस्कुलर रियर बंपर है। ये बदलाव इसे ईवी मार्केट में मौजूद दूसरी गाड़ियों से अलग बनाते हैं।

डिजिटल गेज क्लस्टर
इलेक्ट्रिक वीइकल होने के बावजूद, bZ वुडलैंड 8.3 इंच के ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चल सकती है। इसके इलेक्ट्रिक मोटर चढ़ाई के लिए जरूरी टॉर्क देते हैं, जबकि X-मोड सिस्टम ढलान पर उतरते समय ट्रैक्शन और स्पीड कंट्रोल को मैनेज करता है। केबिन स्टैंडर्ड bZ जैसा है। इसके आसान नेविगेशन के लिए 14 इंच का टचस्क्रीन और डिजिटल गेज क्लस्टर दिया गया है। कार में ऑफर किए जा रहे अडिशनल फीचर्स में ड्यूल वायरलेस चार्जिंग पैड, हीटेड फ्रंट सीट, हीटेड स्टीयरिंग वील, पैनोरमिक सनरूफ और जेबीएल का 9-स्पीकर सिस्टम शामिल है।

Stock Market: सेंसेक्स 283 अंक चढ़कर 83734 पर, निफ्टी 25800 के पार बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक या 0.34 प्रतिशत चढ़कर 83,734.25 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 93.95 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 25,819.35 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (18 फरवरी) को बढ़त में बंद हुए। मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। जेपी मॉर्गन के सकारात्मक रुख के चलते SAIL, टाटा स्टील, JSW और जिंदल स्टील के शेयरों में बढ़त देखी गई।

हालांकि, आईटी शेयरों में लगातार जारी बिकवाली ने बढ़त को सीमित कर दिया। इसके अलावा इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी ने भी बाजार को ऊपर की तरफ खींचा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक चढ़कर 83,553 पर खुला। कारोबार के दौरान इंडेक्स में उतार-चढ़ाव हावी रहा। लेकिन अंत में 283.29 अंक या 0.34 प्रतिशत की बढ़त लेकर 83,734.25 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,752 पर खुला और खुलने के कुछ देर में 25,700 के नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान ज्यादातर समय यह सपाट रहा। लेकिन अंत में 93.95 अंक या 0.37 फीसदी की वृद्धि लेकर 25,819 पर बंद हुआ।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील, आईटीसी, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़ने वालों में रहे। इनमें 2.8 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। वहीं, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, इटरनल, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक और टीसीएस सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। ये 1.6 प्रतिशत तक नीचे कारोबार करते दिखे।

बाजार के बाकी हिस्सों की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 में 0.5 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.54 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इस बीच, बाजार में उतार-चढ़ाव को दिखाने वाला डर सूचकांक इंडिया वीआईएक्स बुधवार को बाजार बंद होने तक 3.5 प्रतिशत गिर गया।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.33 प्रतिशत चढ़ा, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.3 प्रतिशत बढ़ा और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1.2 प्रतिशत ऊपर रहा। वहीं, निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.23 प्रतिशत फिसल गया।

Silver: मार्च में कैसी रहेगी चांदी की चाल, भाव गिरेंगे या बढ़ेंगे जानिए एक्सपर्ट से

नई दिल्ली। Silver Price prediction: निवेशकों की नजर इस बात पर है कि मार्च के महीने में चांदी की चाल कैसी रहेगी। इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड तेजी से चांदी ने हर किसी को चौंका दिया था।

जनवरी के अंत में चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार किया था। हालांकि, इसके बाद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई और अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या मार्च के महीने में चांदी की चाल कैसी रहेगी। आइए जान लेते हैं एक्सपर्ट के अनुमान

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज(MCX) पर 29 जनवरी को चांदी ने ₹4,20,000 प्रति किलो का सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया था। वहां से कीमतों में करीब 46% की गिरावट आ चुकी है और भाव लगभग ₹2 लाख तक फिसल चुके हैं।

हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद विशेषज्ञ मानते हैं कि लॉन्ग टर्म में चांदी मजबूत रहने वाली है। लगातार सप्लाई घाटा, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मजबूत औद्योगिक मांग तथा निवेशकों की बढ़ती रुचि कीमतों को मध्यम और लंबी अवधि में सहारा दे सकती है।

एक्सपर्ट की राय
वेंचुरा के कमोडिटी प्रमुख एनएस रामास्वामी के अनुसार मौजूदा करेक्शन का पैटर्न पहले की तरह है। आने वाले वक्त में फिर से तेजी देखी जा सकेगी। 20 फरवरी तक चलने वाले चीनी नववर्ष के दौरान आमतौर पर बाजार में उतार-चढ़ाव और कम भागीदारी रहती है।

इसके बाद लिक्विडिटी और फिजिकल मांग बढ़ती है, जिससे फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में तेजी आ सकती है। वहीं, ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी का मानना है कि फिलहाल चांदी $70–$90 (करीब ₹2,25,000–₹2,85,000) के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकती है।

उनका सुझाव है कि ट्रेडर गिरावट में खरीद और उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाएं। तमाम एक्सपर्ट मानते हैं कि अमेरिका-ईरान तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी लेकिन अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। बाजार अब जून 2026 से दर कटौती की संभावना जता रहा है।

सोने-चांदी की कीमत
बुधवार को लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आया। अमेरिका-ईरान तनाव में कमी और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश की मांग पर दबाव पड़ा और बढ़त सीमित रही। एमसीएक्स गोल्ड अप्रैल वायदा में दिन के दौरान 1.24 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 1,53,294 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा में 3.81 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 2,37,490 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

बोर्ड ऑफ पीस की सदस्यता पाक सरकार और सेना के गले की हड्डी बना

शहबाज शरीफ एवं मुनीर के लिए ट्रंप की खुशामद करना महंगा पड़ा

इस्लामाबाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग 19 फरवरी को वाशिंगटन में होनी है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ इसमें शामिल हो रहे हैं।

मीटिंग में- गाजा में सीजफायर मजबूत करने, बोर्ड के लिए 5 अरब डॉलर जुटाने का रास्ता तलाशने और प्रस्तावित ग्लोबल फोरम की रूपरेखा फाइनल करने पर चर्चा की उम्मीद है। साथ ही गाजा में अंतरराष्ट्रीय बल (आईएसएफ) की तैनाती पर भी बात होगी। यह ऐसा मुद्दा है, जो पाकिस्तानी सरकार और सेना के गले की हड्डी बना हुआ है।

बोर्ड की बैठक में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (आईएसएफ) पर चर्चा हो सकती है। इस फोर्स को गाजा में रिकंस्ट्रक्शन जोन को सुरक्षित रखने और गवर्नेंस अरेंजमेंट का काम सौंपा जाना है। पाकिस्तान के सामने आईएसएफ में सैनिकों को भेजने का सवाल बना हुआ है। पाकिस्तान के अखबार डॉन का कहना है कि बोर्ड की बैठक में इस्लामाबाद के सामने विदेश नीति में संतुलन रखने की चुनौती है।

डॉन के मुताबिक, डिप्लोमैटिक सूत्रों का कहना है कि कई मुस्लिम देश आईएसएफ में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं लेकिन वे ऐसी भूमिका स्वीकार करने से हिचकिचा रहे हैं, जिसमें हमास के साथ टकराव हो। मुस्लिम मुल्क आजाद फिलिस्तीनी देश के लिए पॉलिटिकल माहौल और वेस्ट बैंक में इजरायल के कब्जे की कोशिशों के खिलाफ दिखना चाहते हैं।

पीस बोर्ड के डिजाइन पर डिप्लोमैट और स्कॉलर्स ने सवाल उठाए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और यूएन में पाकिस्तान की एम्बेसडर रहीं मलीहा लोधी कहती हैं, ‘बोर्ड ऑफ पीस सचमुच शांति ला सकता है, अभी तो इसी सवाल का जवाब नहीं मिला है। बोर्ड में कोई फिलिस्तीनी रिप्रेजेंटेशन नहीं है। फिर कैसे ये बोर्ड इस क्षेत्र के भविष्य के बारे में फैसला ले सकता है।’

मलीहा लोधी का कहना है कि पाकिस्तान ने बोर्ड ऑफ पीस पर ज्यादा ही तेजी दिखाई। इस्लामाबाद को जल्दबाजी में बोर्ड में शामिल होने के बजाय इंतजार करना चाहिए था कि इसका डिजाइन किस तरह का होगा। पाकिस्तान को इसलिए भी एहतियात रखनी चाहिए थी क्योंकि यह इजरायली कब्जे को जारी रखने का जरिया बन सकता है।

अमेरिकन यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज के अकबर अहमद कहते हैं, ‘शहबाज शरीफ का पीस बोर्ड में शामिल होने के लिए वॉशिंगटन का दौरा सिर्फ आईएसएफ में पाकिस्तान की संभावित भूमिका के बारे में नहीं है। शहबाज शरीफ के सामने घरेलू और बाहरी दबावों (अमेरिका) के एक जटिल जाल से निपटने की भी चुनौती है।’

सैमसंग का वॉटर प्रोटेक्शन वाला फोन 7499 रुपये में, जानिए कीमत और ऑफर्स

नई दिल्ली। 7 से 8 हजार रुपये के बजट में सैमसंग का फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो हम आपको एक धांसू ऑप्शन के बारे में बता रहे हैं। इस फोन का नाम Samsung Galaxy M07 है। फोन IP54 डस्ट और वॉटर प्रोटेक्शन रेटिंग के साथ आता है।

इसे कंपनी 6 साल तक लेटेस्ट ऐंड्रॉयड ओएस अपग्रेड भी देगी। अमेजन इंडिया पर फोन की कीमत बिना किसी ऑफर मात्र 7499 रुपये है। 4जीबी रैम और 64जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन का आप 374 रुपये तक के कैशबैक के साथ भी खरीद सकते हैं।

फोन एक्सचेंज ऑफर में और सस्ता हो सकता है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा। आइए डीटेल में जानते हैं इस फोन के फीचर और स्पेसिफिकेशन्स के बारे में।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
सैमसंग अपने इस इस बजट स्मार्टफोन में 720 x 1600 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.7 इंच का एचडी+ डिस्प्ले ऑफर कर रहा है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 90Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन 4जीबी LPDDR4x रैम और 64जीबी के eMMC 5.1 स्टोरेज के साथ आता है। प्रोसेसर के तौर पर गैलेक्सी M07 में कंपनी मीडियाटेक हीलियो G99 चिपसेट ऑफर कर रही है।

फोटोग्राफी के लिए फोन में एलईडी फ्लैश के साथ दो रियर कैमरे दिए गए हैं। इसमें 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी लेंस के साथ एक 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर शामिल है। सेल्फी के लिए फोन में 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मौजूद है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 5000mAh की बैटरी दी गई है। यह बैटरी 25 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन के साथ कंपनी चार्जर नहीं ऑफर कर रही है। चार्जर आपको अलग से खरीदना होगा।

ओएस की जहां तक बात है, तो यह फोन ऐंड्रॉयड 15 पर बेस्ड OneUI 7 पर काम करता है। फोन को 6 ओएस अपग्रेड के साथ सिक्योरिटी अपग्रेड्स भी मिलेंगे। फोन IP54 रेटिंग वाले डस्ट और वॉटर प्रोटेक्शन के साथ आता है।

बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर लगा है। कनेक्टिविटी के लिए आपको इसमें ड्यूल 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, जीपीएस, यूएसबी टाइप-C पोर्ट और 3.5mm हेडफोन जैक जैसे ऑप्शन देखने को मिलेंगे। फोन की थिकनेस 7.6mm है, जो इसे काफी स्लीक बनाता है।

सहमति से बने शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट की टिप्पणी

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कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक पुरुष पर महिला की तरफ से लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों की सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में अदालत ने कहा है कि अगर शादी नहीं हो पाती है और रिश्ते टूट गया है, तो सिर्फ इसलिए ही आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।

मामले की सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि शुरुआत से ही धोखा देने का इरादा होना चाहिए था। जज ने आगे कहा कि जिस तरह से दोनों (महिला और पुरुष) व्यवहार कर रहे थे, उससे दोनों की आपसी सहमति के संकेत मिल रहे थे।

जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार (16 फरवरी) को हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिया। शख्स पर आरोप थे कि उसने शादी का वादा कर महिला के साथ दुष्कर्म किया और जबरन गर्भपात भी कराया है।

इस मामले में जस्टिस चैताली चटर्जी (दास) की बेंच ने कहा कि जब दोनों साथ में घूमे और पति पत्नी की तरह रहे। ऐसे में यह आपसी सहमति दर्शाता है। कोर्ट ने कहा कि शुरुआत से ही धोखा देने या गलत इरादा होना चाहिए था, इसके तहत महिला को यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया गया हो।

मामले में जज ने आगे टिप्पणी की कि जो रिश्ता साल 2017 में शुरू हुआ और 2022 में कड़वाहट आने तक जारी रहा। इस रिश्ते के दौरान, दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए और तमाम जगहों पर घूमे और कई होटलों में पति-पत्नी की भी तरह रहे।

दोनों ने यह भी स्वीकार किया गया है कि महिला गर्भवती हो गई थी और पीड़िता और आरोपी की सहमति से गर्भपात कराया गया था।’ उन्होंने कहा, ‘आरोपी के खिलाफ कोई शिकायत करने के बजाए महिला ने रिश्ता जारी रखा। ऐसे में किसी भी तरीके से यह साफ नहीं होता कि महिला बीते पांच या छह वर्षों से किसी भी तरह की गलतफहमी में थी।’

महिला ने लगाए आरोप
इस विवाद में महिला ने आरोप लगाए थे कि उसे कुछ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया, लेकिन वह चुप रही क्योंकि आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था। जिसके बाद वे कई जगहों पर घूमने भी गए और इस दौरान संबंध भी बनाए। इसी बीच 2022 में महिला गर्भवती हुई, इस दौरान भी वो शादी के वादे के बाद गर्भपात कराने के लिए तैयार हुई थी। इसके बाद साल 2022 में जब आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया तो महिला ने 16 फरवरी 2022 में पश्चिम मिदनापुर में केस दर्ज कराया। इसके बाद आरोपी को 23 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया।

घरेलू बाजार भाव ऊंचा होने से भारत से 25 लाख टन गेहूं का निर्यात मुश्किल

नई दिल्ली। यद्यपि केंद्र सरकार ने 25 लाख टन गेहूं के व्यापारिक निर्यात की अनुमति दी है मगर घरेलू एवं वैश्विक बाजार के परिदृश्य को देखते हुए चालू वर्ष के दौरान इस सम्पूर्ण मात्रा का शिपमेंट होना मुश्किल लगता है।

साबुत गेहूं के साथ-साथ सरकार ने गेहूं के मूल्य संवर्धित उत्पादों का निर्यात कोटा भी 5 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन नियत कर दिया है। इससे आयातक देशों में गेहूं की खरीद के प्रति दिलचस्पी घट सकती है।

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार गेहूं का घरेलू बाजार भाव वैश्विक बाजार मूल्य से ऊंचा चल रहा है। रूस, अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, अर्जेंटीना एवं फ़्रांस सहित अन्य आपूर्तिकर्ता देश अपने गेहूं का निर्यात बढ़ाने के लिए आक्रामक नीति अपना रहे हैं और उसकी सख्त प्रतिस्पर्धा एवं कठिन चुनौती का सामना करना भारत के लिए आसान नहीं होगा। कुछ पड़ोसी देश भारत से गेहूं का आयात कर सकते हैं।

समीक्षकों के अनुसार केंद्र सरकार ने 2025-26 के रबी सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसान इससे नीचे दाम पर व्यापारियों को अपना उत्पाद नहीं बेचना चाहेंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि व्यापारियों/निर्यातकों को करीब 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं मिल सकता है और अन्य खर्चों को मिलाने पर यह और भी ऊंचा हो जाएगा। निर्यातकों को कुछ प्रॉफिट भी चाहिए। इतने ऊंचे मूल्य स्तर पर कोई भी दूरस्थ देश भारतीय गेहूं खरीदना पसंद नहीं करेंगे।

हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का औसत थोक मंडी भाव जनवरी में 2587 रुपए प्रति क्विंटल रहा था जो फरवरी के प्रथम पखवाड़े में घटकर 2527 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया लेकिन फिर भी निर्यात उद्देश्य के लिए यह भाव ऊंचा माना जा रहा है।

MCX पर 5000 रुपये महंगी हुई चांदी, सोना भी उछला, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमत में दो दिन की गिरावट के बाद आज फिर तेजी आई है। MCX पर चांदी की कीमत में शुरुआती कारोबार में 5,000 रुपये से अधिक की तेजी आई है जबकि सोना भी 1,500 रुपये से ज्यादा महंगा हुआ है।

5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,28,783 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी जबकि आज यह 2,32,929 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में यह 5,087 रुपये की तेजी के साथ 2,33,870 रुपये तक पहुंची। 9.27 बजे यह 4,962 रुपये की तेजी के साथ 2,33,745 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

इस बीच सोने की कीमत में भी तेजी आई है। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,51,418 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और आज यह 1,53,303 रुपये पर खुला।

शुरुआती कारोबार में यह 1,888 रुपये की तेजी के साथ 1,53,303 रुपये तक पहुंचा। सुबह 9.30 बजे यह 1,533 रुपये यानी 1.01 फीसदी तेजी के साथ 1,52,951 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

वकालत में AI का अंधाधुंध इस्तेमाल पड़ेगा भारी, सुप्रीम कोर्ट की गंभीर चेतावनी

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को अदालती फाइलिंग में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) टूल के बिना सत्यापन उपयोग पर गहरी चिंता जताई है। अदालत में तमाम अनेक याचिकाएं आ रही हैं, जिनमें ऐसे फैसलों और उद्धरणों का हवाला दिया गया, जो या तो गलत हैं अथवा पूरी तरह काल्पनिक आधार पर गढ़े गए।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना के पीठ ने कहा कि उनके समक्ष ऐसे तमाम हलफनामे आ रहे हैं, जो एआई से तैयार किए गए प्रतीत होते हैं और उनकी मानवीय स्तर पर उनकी कोई जांच भी नहीं की जाती।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हमें बताया गया है कि कुछ वकीलों ने ड्राफ्टिंग के लिए एआई का उपयोग करना शुरू कर दिया है।’

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने एक ऐसे मामले का उल्लेख किया, जिसमें अदालत के सामने एक गैर-मौजूद मिसाल पेश की गई थी। उन्होंने एआई जैसे स्वचालित टूल पर आंख मूंदकर भरोसा करने के जोखिमों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘मर्सी वर्सस मैनकाइंड का एक मामले का अदालत में उदाहरण पेश किया गया। असलियत में यह केस कभी किसी अदालत के समक्ष आया ही नहीं।’

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता के सामने भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई, जहां तर्कों के समर्थन में काल्पनिक मिसालें रख दी गईं। उन्होंने टिप्पणी की, ‘न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

उद्धृत सभी मिसालें कभी अस्तित्व में थी ही नहीं।’ पीठ ने ऐसे उदाहरणों पर भी ध्यान दिलाया, जहां उच्चतम न्यायालय से जुड़े मामलों का हवाला दिया गया, लेकिन उनके साथ ऐसे अंश जोड़ दिए गए, जो वास्तविक फैसले का हिस्सा नहीं थे।

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने बताया, ‘कुछ लोग उच्चतम न्यायालय के असली फैसलों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन उद्धृत अंश संबंधित फैसले में मौजूद ही नहीं हैं।’ ये टिप्पणियां कानूनी ड्राफ्टिंग और शोध में एआई के बढ़ते उपयोग के बारे में व्यापक संस्थागत चिंता को दर्शाती हैं।

हाल के महीनों में अदालतों को ऐसी फाइलिंग और कुछ मामलों में ड्राफ्ट आदेश भी मिले हैं, जिनमें उन मिसालों का उल्लेख किया गया है, जिनका आधिकारिक लॉ रिपोर्ट या कोर्ट डेटाबेस में कोई पता नहीं है। इससे एक बात और साबित हो जाती है कि तकनीकी सहायता कभी भी पेशेवर परिश्रम की जगह नहीं ले सकती।

जजों ने इस बात पर जोर दिया है कि डिजिटल टूल अनुसंधान और केस प्रबंधन में तो मदद कर सकते हैं, लेकिन सटीकता सुनिश्चित करने का दायित्व बार और बेंच के सदस्यों के ऊपर ही है और वे पूरी सतर्कता से जांच-पड़ताल के बाद ही आगे बढ़ें। रिकॉर्ड में पेश करने से पहले हर मिसाल और कानूनी प्रस्ताव को प्रामाणिक एवं अधिकृत स्रोतों से सत्यापित किया जाना चाहिए।