Sunday, July 19, 2026
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ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों के रकबा में बढ़ोतरी, सबसे ज्यादा उछाल उड़द में

नई दिल्ली। pulses sowing: भारत में ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों की बोआई शुरू हो चुकी है और किसान इन फसलों को खूब बो रहे हैं। जिससे ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों के रकबा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा उछाल उड़द में देखा जा रहा है।

किसान इस गर्मियों के सीजन में दलहन फसलों की बोआई अच्छी कर रहे हैं। कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में 13 फरवरी तक 0.58 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई हो चुकी है। पिछले ग्रीष्मकालीन सीजन में किसानों ने इसी अवधि में 0.50 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई की थी। इस तरह दलहन फसलों के रकबा में 13 फरवरी तक 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अभी ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों की बोआई शुरुआती चरण में है।

इस साल ग्रीष्मकालीन सीजन में दलहन फसलों के रकबा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन दलहनों में सबसे अधिक उड़द का रकबा बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में 13 फरवरी तक उड़द का रकबा दोगुना बढ़कर 0.10 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले सीजन की इसी अवधि में यह आंकड़ा 0.05 लाख हेक्टेयर था। अन्य दलहन की बोआई 0.01 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.04 लाख हेक्टेयर पहुंच गई।

ग्रीष्मकालीन सीजन में दलहन फसलों का कुल रकबा भले बढ़ा हो, लेकिन इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का रकबा अब तक स्थिर रहा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 13 फरवरी तक मूंग की बोआई 0.44 लाख हेक्टेयर पर स्थिर रही।

दलहन फसलों का रकबा
ग्रीष्मकालीन सीजन में दलहन फसलों की बोआई अभी शुरुआती दौर में चल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में दलहन फसलों का सामान्य क्षेत्र 23.4 लाख हेक्टेयर है। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का सामान्य रकबा 20.44 लाख हेक्टेयर और उड़द का 2.96 लाख हेक्टेयर है।

सोया एवं सरसों डीओसी के निर्यात में 50 प्रतिशत की भारी गिरावट

मुम्बई। गैर प्रतिस्पर्धी कीमत एवं कमजोर वैश्विक मांग के कारण जनवरी में भारतीय ऑयल मील के निर्यात में करीब 42 प्रतिशत की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। दोनों प्रमुख ऑयल मील- सोया डीओसी एवं सरसों खल (रेपसीड मील) के शिपमेंट में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आ गई। अन्य ऑयल मील का निर्यात लगभग सामान्य रहा।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से ज्ञात होता है कि भारत से जनवरी 2025 में 4.52 लाख टन ऑयल मील का निर्यात हुआ था जो जनवरी 2026 में 42.5 प्रतिशत लुढ़ककर 2.60 लाख टन पर अटक गया। समीक्षाधीन अवधि के दौरान सोयामील का निर्यात 2.86 लाख टन से घटकर 1.32 लाख टन तथा सरसों खल का शिपमेंट 1.31 लाख टन से गिरकर 65 हजार टन रह गया।

लगातार कमजोर प्रदर्शन के कारण चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 10 महीनों में यानी अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान भारत से ऑयल मील का कुल निर्यात 32.35 लाख टन तक ही पहुंच सका जो 2024-25 वित्त वर्ष के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 36.03 लाख टन से करीब 10 प्रतिशत कम रहा।

एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि हाल के दिनों में सरसों की क्रशिंग की रफ्तार धीमी पड़ी है जिससे इसके तेल एवं मील या सीमित उत्पादन हो रहा है।

अब सरसों की नई फसल की आवक शुरू हो गई है और मार्च से इसकी जोरदार आपूर्ति तथा क्रशिंग होने लगेगी। तब सरसों खल का निर्यात योग्य स्टॉक भी बढ़ेगा और इसके शिपमेंट की गति सामान्य हो सकेगी। जनवरी में सोयाबीन का घरेलू बाजार भाव तेज रहा जिससे सोयामील का निर्यात ऑफर मूल्य ऊंचा हो गया।

Jawa की बाइक नए अवतार में आई, जानिए फीचर्स और कीमत

नई दिल्ली। Jawa Bike: क्लासिक लुक और मॉडर्न स्टाइल के लिए मशहूर जावा 42 (Jawa 42) अब नए आइवरी (Ivory) कलर में लॉन्च हो गई है। इस नए शेड की एक्स-शोरूम कीमत ₹1.85 लाख रखी गई है।

खास बात यह है कि यह अब 42 लाइन-अप का सबसे महंगा कलर वैरिएंट बन गया है। इससे पहले ड्यूल-चैनल ABS और अलॉय व्हील वैरिएंट की कीमत ₹1.83 लाख तक जाती थी। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

नया आइवरी (Ivory) कलर एक सॉफ्ट पेस्टल टोन में आता है, जो बाइक को अलग पहचान देता है।इस शेड में फ्रंट फेंडर, हेडलैम्प नैसेल, फ्यूल टैंक, साइड पैनल, रियर फेंडर बिल्कुल अलग है। फ्यूल टैंक पर बड़ा और बोल्ड ‘42’ लिखा गया है, जबकि साइड पैनल पर ‘42’ की ब्रांडिंग दी गई है।

इंजन और बाकी साइकिल पार्ट्स को ब्लैक फिनिश में रखा गया है, जो इसे “फैक्ट्री कस्टम” जैसा लुक देता है, यानी क्लासिक और मॉडर्न का शानदार मेल मिलता है।

इंजन और परफॉर्मेंस
नए आइवरी (Ivory) वैरिएंट में मैकेनिकल तौर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें 294.7cc लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है, जो 27 bhp की पावर और 26.84 Nm का टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम है। इसमें 6-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच देखने को मिलता है। यह इंजन स्मूद राइडिंग और शहर व हाइवे दोनों के लिए बढ़िया परफॉर्मेंस देता है।

सस्पेंशन और हार्डवेयर
इसमें डबल क्रैडल फ्रेम, फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क, रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर मिलता है। टॉप वैरिएंट में अलॉय व्हील मिलते हैं, जबकि चाहें तो वायर-स्पोक रिम्स का विकल्प भी चुना जा सकता है।

जावा येज्दी ओनरशिप एश्योरेंस प्रोग्राम (Jawa Yezdi Ownership Assurance Programme) के तहत 4 साल / 50,000 किमी की स्टैंडर्ड वारंटी मिलती है, जिसको एक्स्ट्रा पेमेंट से 6 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें 8 साल तक रोडसाइड असिस्टेंस, 5 साल तक AMC (वार्षिक मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) मिलता है, यानी खरीद के बाद भी लंबी अवधि तक भरोसे का साथ मिलता है।

बांग्लादेश के नए पीएम रहमान हिंदुओं पर क्या बोले, जानिए उनके विचार

ढाका। बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शपथ लेकर प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। इसके साथ ही बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का शासन खत्म हो गया है।

जहां एक तरफ यूनुस के राज में बांग्लादेश में अराजकता और भीड़ तंत्र पूरी तरह हावी रहा, वहीं दूसरी तरफ पीएम पद की जिम्मेदारी संभालते ही तारिक रहमान ने बड़ा बयान दिया है। रहमान ने कहा है कि उनकी सरकार देश को सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित बनाएगी, चाहे वे किसी भी पार्टी, मत, धर्म या जातीयता के हों।

इससे पहले रहमान ने बीते मंगलवार को 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनावों में उनकी पार्टी BNP को भारी बहुमत मिला।

पदभार ग्रहण करने के बाद राष्ट्र को दिए गए अपने पहले टेलीविजन भाषण में, 60 वर्षीय रहमान ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री रहमान ने कहा, ”हम इस देश को हर नागरिक के लिए सुरक्षित बनाना चाहते हैं। मुसलमान, हिंदू, बौद्ध, ईसाई। चाहे किसी पार्टी, धर्म, मत या जातीयता को मानने वाले हों। चाहे पहाड़ों में हों या मैदानों में-यह देश हम सभी का है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चाहे लोगों ने बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) या ना दिया हो, सरकार पर सभी का बराबर अधिकार है। उन्होंने कहा, “एक बांग्लादेशी के रूप में हम सभी को इस देश में समान अधिकार प्राप्त हैं।”

रहमान की बहुलतावादी समाज पर की गई यह टिप्पणी इसलिए अहम है क्योंकि अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद देश में हिंदू समुदाय को लगातार निशाना बनाया गया है। अंतरिम सरकार के शासनकाल में भीड़ हिंसा के साथ साथ अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की कई खबरें सामने आईं।

हिंदुओं पर लगातार अत्याचार
मानवाधिकार संगठन एमएसएफ (मनवाधिकार संघर्षकृति फाउंडेशन) ने जनवरी 2026 में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की 21 और मारपीट की 28 घटनाएं दर्ज की है। वहीं, बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने 2025 में 522 सांप्रदायिक हमले दर्ज किए, जिनमें हत्याएं, बलात्कार और मंदिरों में तोड़फोड़ शामिल हैं। जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के 116 लोग मारे गए जिनमें अधिकांश हिंदू हैं।

Gold Silver Price: एमसीएक्स पर गिरे सोना-चांदी के दाम, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: MCX पर आज यानी गुरुवार 19 फरवरी को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है।

दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक के मिनट्स जारी हुए हैं, जिनसे पता चलता है कि नीति निर्माता ब्याज दरों को लेकर एकमत नहीं हैं। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 97.73 के स्तर पर पहुंच गया, जो एक सप्ताह से अधिक का हाई है। इससे डॉलर में कारोबार होने वाली कीमती धातु दूसरे देशों की मुद्रा वाले निवेशकों के लिए महंगी हो जाती है।

एमसीएक्स पर चांदी का भाव करीब 0.07% गिरकर 2,42,439 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर आ गया। एमसीएक्स गोल्ड की कीमत में 0.04% की गिरावट आई और यह 1,55,116 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 0.5% गिरकर 76.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 5% से अधिक की गिरावट आई थी। स्पॉट गोल्ड में 0.4% की गिरावट आई और यह 4,961.57 डॉलर प्रति औंस पर था। अमेरिकी गोल्ड वायदा (अप्रैल डिलीवरी) 0.6% की गिरावट के साथ 4,981 डॉलर पर था। अन्य कीमती धातुओं में स्पॉट प्लैटिनम 0.1% फिसलकर 2,069.35 डॉलर प्रति औंस और पैलेडियम 0.5% की गिरावट के साथ 1,707.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

फेड नीति को लेकर अनिश्चितता का माहौल
फेडरल रिजर्व की जनवरी बैठक के मिनट्स बताते हैं कि अधिकारियों के बीच राय बंटी हुई है। कुछ अधिकारी अगर महंगाई दर और कम होती है तो रेट कट की संभावना देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि अगर कीमतों का दबाव बना रहा तो रेट बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

Stock Market: सेंसेक्स 132 अंक गिरकर 83602 पर, निफ्टी 25800 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Updates:शेयर मार्केट गुरुवार को हरे निशान पर खुलने के बाद अब लाल निशान में आ गया है। सेंसेक्स अब 132 अंक नीचे 83602 के लेवल पर है। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 32 अंकों की गिरावट के साथ 25786 के लेवल पर ट्रेंड कर रहा है।

एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (19 फरवरी) को बढ़त के साथ खुले। बाजार में भारी वजन रखने वाले आईटी शेयरों में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिला रहा है। अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेजी का असर देसी कंपनियों पर भी पड़ा। इसके चलते बाजार मजबूती के साथ खुला। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में गिरावट से बाजार में दबाव दिख रहा है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 83,979 अंक पर खुला। लेकिन खुलने के कुछ देर में ही बढ़त गंवा दी। सुबह 9:31 बजे यह 30.02 अंक या 0.04 फीसदी की बढ़त लेकर 83,704.23 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 25,873 पर खुला लेकिन कुछ ही देर में सपाट स्तर पर आ गया। सुबह 9:32 बजे यह 5.30 अंक की मामूली गिरावट लेकर 25,814.05 पर कारोबार कर रहा था।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स टॉप गेनर्स की लिस्ट में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस हैं। दूसरी ओर टॉप लूजर्स में इंडिगो, एशियन पेंन्ट्स, अडानी पोर्ट्स, क्वॉलिटी, बीईएल, ट्रेंट, आईटीसी।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
एशिया के शेयर बाजार गुरुवार सुबह की ट्रेडिंग में बढ़त के साथ खुले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। जापान का निक्केई 225 करीब 1 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 3 प्रतिशत तक चढ़ गया। चीन और हांगकांग के बाजार लूनर न्यू ईयर (नए साल) की छुट्टियों की वजह से बंद रहे।

वहीं, अमेरिका के शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेजी से बाजार को सहारा मिला। एसएंडपी 500 करीब 0.56 प्रतिशत और डाउ जोंस 0.26 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। नैस्डैक 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

रुपया कमजोर होने एवं आयात महंगा पड़ने से तेल से लेकर साबुन तक के दाम बढ़े

नई दिल्ली। FMCG Inflation: देश में महंगाई फिर लौट आई है। एफएमसीजी यानी रोजमर्रा के सामान बनाने वाली कंपनियां अब अपनी चीजों के दाम बढ़ाने लगी हैं। इनमें तेल से लेकर साबुन तक शामिल हैं।

कंपनियों ने सितंबर 2025 में जीएसटी में कटौती के बाद चीजों की कीमत नहीं बढ़ाई थी। लेकिन अब बढ़ती महंगाई और कमजोर होते रुपये की वजह से उनके मुनाफे पर असर पड़ रहा है।

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इसलिए कंपनियां रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की 5% तक कीमतें बढ़ा रही हैं। डिस्ट्रिब्यूटर्स ने बताया कि इस तिमाही में डिटर्जेंट, हेयर ऑयल, चॉकलेट, नूडल्स और अनाज जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमत बढ़ गई है। बढ़ी हुई कीमतों के साथ इस चीजों के पैकेट दुकानों तक पहुंचने लगे हैं।

कंपनियों ने बताया कीमत बढ़ाने का कारण
डाबर इंडिया के सीईओ मोहित मल्होत्रा ने बताया कि उनकी कंपनी, जो रियल जूस और वाटिका हेयर ऑयल बनाती है, इस तिमाही में 2% कीमतें बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ये बढ़ी हुई कीमतें अगले साल भी जारी रहेंगी। उन्होंने बताया, ‘हमें एंटी-प्रॉफिटियरिंग (मुनाफेखोरी विरोधी) नियमों की वजह से कीमतें बढ़ाने में देरी करनी पड़ी थी।’

कीमतें बढ़ने के कारण

  • हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे सल्फर और एन-पैराफिन जैसे जुड़े हुए सामानों की लागत भी बढ़ गई है। वहीं, नारियल तेल की कीमतें पिछले साल दोगुनी हो गई हैं।
  • रुपये के कमजोर होने से भी सामानों को बनाने की लागत बढ़ गई है। रुपया कई महीनों से लगातार गिर रहा है और 30 जनवरी को डॉलर के मुकाबले यह 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसका मुख्य कारण व्यापार घाटा और वैश्विक आर्थिक असंतुलन है।

चीजों पर रुपये का असर क्यों और कैसे?
ब्रेकफास्ट सीरियल्स, मूसली और ओट्स बनाने वाली कंपनी बैगरीज (Bagrry’s) के ग्रुप डायरेक्टर आदित्य बैगरी ने कहा कि ओट्स और बादाम जैसे नाश्ते के सामानों में इस्तेमाल होने वाली बहुत सारी सामग्री आयात की जाती है। रुपये के गिरने से आयात की लागत काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी इस तिमाही में चुनिंदा पैकेटों पर कीमतों में मामूली बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है।

साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट और पर्सनल केयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां काफी हद तक कच्चे तेल से बनने वाले प्रोडक्ट पर निर्भर करती हैं। इससे लिक्विड पैराफिन और सर्फेक्टेंट जैसे जुड़े हुए सामानों की लागत पर असर पड़ता है।

आचार्य विद्यासागर भारत रत्न से सम्मानित हों, दिगम्बर जैन समाज की मांग

कोटा। आचार्य विद्यासागर महाराज का द्वितीय समाधि दिवस महोत्सव रिद्धि सिद्धि नगर जैन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया।

मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि यह आयोजन आचार्य समयसागर महाराज के आशीर्वाद तथा मुनि योगसागर महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। रिद्धि सिद्धि जैन मंदिर में आचार्य श्री का संगीतमय पूजन, विनयांजलि सभा एवं संगीतमय महाआरती आयोजित की गई। इसके उपरांत विशेष थाल सजाकर अष्ट द्रव्य से पूजन किया गया।

विनयांजलि सभा में योगसागर महाराज ने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज में मात्र 9 वर्ष की आयु में आचार्य शांतिसागर महाराज के दर्शन एवं प्रवचन सुनने के बाद वैराग्य की प्रबल भावना जागृत हुई थी।

बाल्यकाल में ही उनके मन में धर्म और आत्मा के प्रति गहन जिज्ञासा उत्पन्न हो गई थी, जिससे लौकिक शिक्षा में उनका मन नहीं लगा। वे अन्य बच्चों की भांति खेलकूद में न लगकर मंदिरों में प्रवचन एवं चिंतन में लीन रहने लगे।

उसी समय उन्होंने बाल ब्रह्मचर्य धारण कर आगे चलकर पूर्ण वैराग्य ग्रहण करने का दृढ़ संकल्प लिया। बाद में वे पदयात्री बनकर गुरु ज्ञानसागर महाराज के पास पहुंचे और वैराग्य जीवन का प्रारंभ किया।

गणिनी आर्यिकाप्रशममति माताजी ने कहा कि आचार्य श्री के प्रति बच्चों में भी गहरी श्रद्धा विद्यमान है। बच्चे विश्वास से कहते हैं कि यदि वे बीमार हों और आचार्य श्री का नाम लें तो वे स्वस्थ हो जाएंगे।

सभा में मुनि निरोगसागर, मुनि निर्मोहसागर, मुनि निरामयसागर एवं मुनि निर्भीकसागर ने भी अपने अनुभव साझा किए। निर्मोहसागर महाराज ने कहा कि “आचार्य श्री साधना के हिमालय थे। जिसके जीवन में गुरु नहीं, उसका जीवन प्रारंभ नहीं।” उन्होंने कहा कि गुरु मिट्टी को सोना बना देते हैं और गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा ही जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।

मुनि निरोगसागर जी ने कहा कि “यदि जीवन भी लगा दें तो आचार्य श्री के गुणों की पूर्ण माला नहीं लिख सकते। वे शारीरिक रूप से भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर आत्मिक रूप से सदैव जुड़े रहेंगे।”

मुनि योगसागर जी महाराज ने कहा कि उन्हें अत्यंत हर्ष है कि वे आचार्य परंपरा में साधु बने। उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था में ही आचार्य श्री ने उन्हें नमोकार मंत्र सिखाया था और पिछले 65 वर्षों से वे उनके धर्मगुरु रहे। उन्होंने कहा कि आत्मकल्याण गुरु आज्ञा के पालन में निहित है।

इस अवसर पर सकल समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज ने विनयांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरु की प्रसन्न मुद्रा मात्र से लोगों के कष्ट दूर हो जाते थे। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आचार्य विद्यासागर महाराज को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। कार्यक्रम का संचालन संजय सांवला ने किया।

सालासर बालाजी के जयकारों के साथ आज कोटा से रवाना होगी 18वीं पदयात्रा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दिखाएंगे हरी झंडी

​कोटा। Salasar Balaji Pad Yatra: श्री सालासर सेवा समिति के तत्वावधान में गुरुवार को कोटा से श्री सालासर धाम तक की 18वीं विशाल पदयात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा। लगभग 400 किलोमीटर की यह आध्यात्मिक यात्रा श्री टीलेश्वर महादेव मंदिर, टीलेश्वर चौराहा से प्रस्थान करेगी।

समिति के महासचिव गोविंद सोनी ने बताया कि इस वर्ष पदयात्रा का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया जाएगा। यह पदयात्रा 10 दिनों का सफर तय कर 1 मार्च को श्री सालासर धाम पहुंचेगी।

पदयात्रा संयोजक पुरुषोत्तम बिहानी ने बताया कि 71 पदयात्रियों का यह जत्था डीजे, गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ रवाना होगा। यात्रा के मुख्य आकर्षण के रूप में श्री सालासर बालाजी की विशेष सवारी बग्गी में सजी होगी।

यात्रा टीलेश्वर मंदिर से शुरू होकर चौपाटी, रोटरी क्लब, शॉपिंग सेंटर, गुमानपुरा, कैथूनीपोल थाना, साईं बाबा मंदिर और टिपटा होते हुए बोट के बालाजी पर सम्पन्न होगी।

पदयात्रा के स्वागत के लिए पूरे मार्ग में जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार लगाए जा रहे हैं। समिति द्वारा 10 दिवसीय यात्रा के दौरान पदयात्रियों के ठहरने, विश्राम और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धा और भक्ति के साथ यह यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

ऊर्जा मंत्री नागर ने दी सांगोद क्षेत्र में नौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

सांगोद/कोटा। ऊर्जा मंत्री एवं सांगोद विधायक हीरालाल नागर के प्रयासों से सांगोद विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए नौ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न ग्राम पंचायतों में पुलिया निर्माण कार्यों की महत्वपूर्ण स्वीकृति जारी की गई है।

ऊर्जा मंत्री द्वारा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। इस राशि से सम्पर्क सड़क चरेल पुलिया निर्माण हेतु सर्वाधिक 3.25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

वहीं अमृतकुआं से खजुरी के मध्य पुलिया निर्माण के लिए 1.10 करोड़ रुपए, मालीहेड़ा बेसक से बम्बुलिया कटारिया पुलिया निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए, गुंजारा से किशनपुरा आवागमन सुगम बनाने के लिए 1 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इसके अलावा आवां से मंगलपुरा पुलिया निर्माण के लिए 90 लाख रुपए मंजूर किये हैं

फतेहपुर से डूंगरज्या दो पुलियाओं के निर्माण के लिए 60 लाख रुपए, सुरेला से खोड़ली घाटा पुलिया निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, दीगोद से कोटसुआं पुलिया निर्माण के लिए 35 लाख रुपए, मुण्डला से मण्डावरी पुलिया निर्माण हेतु 30 लाख रुपए, पोलाई से बगरू एवं ककरावदा से कचनावदा पुलिया निर्माण कार्यों के लिए क्रमशः 5-5 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

सांगोद का चहुंमुखी विकास प्राथमिकता
“सांगोद का चहुंमुखी विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन पुलियाओं के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दिनों में होने वाली यातायात की समस्या समाप्त होगी और ग्रामीणों को तहसील व जिला मुख्यालय तक पहुंचने में सुगमता होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ सांगोद को विकास के पथ पर अग्रणी बनाया जा रहा है।” -हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री