Sunday, July 19, 2026
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Fenugreek: गुजरात में नई मेथी की आवक शुरू, भावों में गिरावट के आसार

नई दिल्ली। Fenugreek Ctop: चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात एवं राजस्थान में भी मेथी की बिजाई 15 से 20 प्रतिशत घटने के कारण देश में मेथी का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार मिल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में मेथी की बिजाई 1.28 लाख हेक्टेयर पर हुई थी जोकि वर्ष 2025 में बढ़कर 1.30 लाख हेक्टेयर हो गई है। लेकिन गत सीजन में उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण बिजाई क्षेत्रफल लगभग 1 लाख हेक्टेयर रह जाने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में मेथी का उत्पादन 17 से 18 लाख क्विंटल का रहा था जोकि वर्ष 2025 में बढ़कर 18 से 19 लाख क्विंटल का हो गया था।

लेकिन अभी तक मिल रहे समाचारों के अनुसार संभावना व्यक्त की जा रही है कि चालू सीजन के दौरान देश में मेथी का उत्पादन 14 से 15 लाख क्विंटल के आसपास रहेगा।

अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में इस वर्ष उत्पादन 7 से 8 लाख क्विंटल के अलावा राजस्थान में उत्पादन 4 से 5 लाख टन का होने के अनुमान हैं। जबकि गुजरात में उत्पादन 2 लाख क्विंटल होने की संभावना है।

वर्तमान में गुजरात की प्रमुख मंडी राजकोट में नई मेथी की आवक 300 से 350 बोरी की हो रही है और क्वालिटीनुसार भाव 5500 से 6700 रुपए प्रति क्विंटल बोले जा रहे हैं। जबकि पुराने मालों के भाव 4400 से 5700 रुपए चल रहे हैं और आवक 500 बोरी की चल रही है।

इसके अलावा मध्य देश की नीमच मंडी के पुराने मालों की आवक 1200 से 1300 बोरी, जावरा, 700 से 800 बोरी, मंदसौर 500 से 600 बोरी की हो रही है। राजस्थान की कोटा मंडी में आवक 200 से 300 बोरी, नोखा 400 से 500 बोरी की चल रही है।

संभावना व्यक्त की जा रही है कि 15 मार्च के पश्चात मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में भी नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी और अप्रैल माह में आवक का दबाव बनने लगेगा।

मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की नई आवक होने तक मेथी की कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल का तेजी-मंदी चलता रहेगी। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर स्टॉक कम होने के समाचार है। हालांकि इस वर्ष पैदावार कम रहेगी। अप्रैल में आवक का दबाव बनने पर कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। वर्तमान में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में एवरेज क्वालिटी मेथी का भाव 5100/5700 रुपए प्रति क्विंटल बोला जा रहा है।

निर्यात
चालू सीजन 2025-26 के प्रथम आठ माह में मेथी का निर्यात मात्रात्मक रूप में 15 प्रतिशत एवं आय में 6 प्रतिशत बढ़ा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल- नवम्बर- 2025 के दौरान मेथी का निर्यात 32318 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 243 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर-2024 में मेथी का निर्यात 28069 टन का हुआ था और प्राप्त आय 230.12 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 के दौरान मेथी का रिकॉर्ड निर्यात 44516 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 365.89 करोड़ की रही।

कोटा महोत्सव के राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार के लिए इन्फ्लुएंसर टीम तैयार

कोटा। कोटा महोत्सव को लेकर नगर निगम के कांफ्रेंस हॉल में कोटा महोत्सव के राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। कोटा इन्फ्लुएंसर (influencers) एसोसियेशन की अध्यक्ष भाविका प्रीत रमानी एवं समन्वयक ऋषभ भार्गव के नेतृत्व में करीब 40 सदस्यों की टीम ने गुरुवार को इस बैठक में भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम सिटी सीलिंग कृष्णा शुक्ला ने कोटा महोत्सव के आयोजन के बारे में कहा कि यह आम जनता का कार्यक्रम है, जिसकी गूंज पूरे राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना चाहिए। हमारी विरासत, संस्कृति एवं पर्यटन का प्रचार पूरे देश में हो।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट में कोटा इन्फ्लुएंसर एसोसियेशन की अध्यक्ष भाविका प्रीतरमानी एवं समन्वयक ऋषभ भार्गव द्वारा इस दिशा में बेहतरीन कार्य किया गया। शहर के 50 से अधिक इन्फ्लुएंसर और पूरे देश के 100 से अधिक इन्फ्लुएंसर को कोटा में आमंत्रित किया, जिनके माध्यम से हजारों की संख्या में पर्यटन स्थलों की रीले बनाकर पूरे देश में प्रचारित की जा रही है।

कोटा इन्फ्लुएंसर एसोसियेशन की अध्यक्ष भाविका प्रीतरमानी ने कहा की कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट का बेहतरीन आयोजन हुआ, जिसमें शामिल हुए देशभर के 100 से अधिक इन्फ्लुएंसर का आयोजन समिति द्वारा बेहतरीन आतिथ्य सत्कार किया गया।

इन्फ्लुएंसर ने इस बात को स्वीकार किया कि आने वाले समय में हाड़ोती पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा। आने वाले पर्यटन सीजन में पर्यटकों की संख्या में पूरी तरह से बढ़ोतरी होने की संभावनाएं हैं। सभी का एक ही उद्देश्य है कि किस तरह से कोटा की अर्थव्यवस्था एवं रोजगार को नई दिशा दें। उसमें सभी के साथ-साथ उनका भी प्रमोशन होगा।

उन्होंने कहा कि कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट का बेहतरीन कवरेज करने के बाद कोटा के इन्फ्लुएंसर को गत दिनों कश्मीर के ट्रैवल मार्ट में आमंत्रित किया गया। मार्च माह में नेपाल में भी ट्रैवल मार्ट के कवरेज के लिए कोटा के इन्फ्लुएंसर को आमंत्रित किया गया है।

होली पर मुंबई सेंट्रल–वाराणसी और वडोदरा–गोरखपुर वीकली स्पेशल ट्रेन चलेगी

कोटा। होली पर यात्रियों की सुविधा एवं अतिरिक्त यात्री भार को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा मुंबई सेंट्रल–वाराणसी 4 मार्च से और और वडोदरा–गोरखपुर वीकली स्पेशल ट्रेन 2 मार्च से चलेगी।

मुंबई सेंट्रल–वाराणसी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 09183 ) का संचालन 4, 11, 18, 25 मार्च को कुल 4 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित तिथियों पर मुंबई सेंट्रल स्टेशन से 22.30 बजे प्रस्थान करेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह ट्रेन मार्ग में कोटा (12.10 बजे, अगले दिन), सवाई माधोपुर (13.38 बजे), गंगापुर सिटी (14.30 बजे) एवं भरतपुर (16.40 बजे) पर ठहरते हुए तीसरे दिन 10.30 बजे (शुक्रवार) वाराणसी पहुंचेगी। इसी प्रकार वाराणसी-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 09184) का संचालन 6, 13, 20, 27 मार्च को कुल 4 फेरे के लिए किया जाएगा।

यह ट्रेन वाराणसी स्टेशन से 14.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन मार्ग में भरतपुर (10.00 बजे, अगले दिन), गंगापुर सिटी (11.25 बजे), सवाई माधोपुर (12.18 बजे) एवं कोटा (13.40 बजे) पर ठहरते हुए तीसरे दिन 04.20 बजे (रविवार) मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में मुंबई सेंट्रल, बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, गंगापुर सिटी, भरतपुर जंक्शन, ईदगाह जंक्शन, टुंडला जंक्शन, शिकोहाबाद जंक्शन, मैनपुरी, भोंगांव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ जंक्शन, रायबरेली जंक्शन, अमेठी, मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन, जंघई जंक्शन, भदोही स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

वडोदरा–गोरखपुर–वडोदरा स्पेशल ट्रेन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि गाड़ी संख्या 09111 (वडोदरा–गोरखपुर) का संचालन दिनांक 23 फरवरी एवं 02, 09, 16, 23 मार्च 2026 सोमवार को कुल 05 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित तिथियों पर वडोदरा स्टेशन से 19:00 बजे प्रस्थान कर मार्ग में कोटा जंक्शन 02:40 बजे (अगले दिन), सवाई माधोपुर 04:18 बजे, गंगापुर सिटी 05:03 बजे एवं भरतपुर जंक्शन 07:05 बजे ठहरते हुए 23:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09112 (गोरखपुर–वडोदरा) का संचालन दिनांक 25 फरवरी एवं 04, 11, 18, 25 मार्च 2026 बुधवार को कुल 05 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन गोरखपुर स्टेशन से 05:00 बजे प्रस्थान कर मार्ग में भरतपुर जंक्शन 21:20 बजे, गंगापुर सिटी 22:31 बजे, सवाई माधोपुर 23:06 बजे एवं कोटा जंक्शन 00:25 बजे (अगले दिन) ठहरते हुए 08:35 बजे वडोदरा पहुंचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में वडोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, कोटा जंक्शन, गंगापुर सिटी, भरतपुर जंक्शन, इदगाह जंक्शन, टुंडला जंक्शन, शिकोहाबाद जंक्शन, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर, बादशाहनगर, बाराबंकी जंक्शन, गोंडा जंक्शन, बस्ती जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

जयकारों के साथ 18वीं पदयात्रा श्री सालासर धाम के लिए रवाना

कोटा। श्री सालासर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 18वीं पदयात्रा गुरूवार को कोटा से श्री सालासर धाम के लिए श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रवाना हुई। पदयात्रा का शुभारंभ श्री टीलेश्वर महादेव मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन के साथ किया गया।

पदयात्रा संयोजक पुरुषोत्तम बिहानी ने बताया कि समस्त पदयात्रियों ने श्री सालासर बालाजी की विशेष पूजा-अर्चना कर हवन के माध्यम से बालाजी का आह्वान किया। समिति के अध्यक्ष एवं महापौर राजीव भारती सहित सभी पदाधिकारियों ने पदयात्रियों को माला एवं दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

समिति के संस्थापक अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने 71 पदयात्रियों को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया। महासचिव गोविंद सोनी ने बताया कि मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया।

शॉपिंग सेंटर, चौपाटी एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर पूर्व पार्षद सुभाष सैनिक, रोटरी क्लब कोटा, गुमानपुरा व्यापार संघ, नगर निगम कोटा, जगत माता मंदिर समिति, मंशापूर्ण गणेश नवयुवक मित्र मंडल मोखापाड़ा, सत्यनारायण मंदिर परिवार केथनीपोल, नगर निगम कर्मचारीगण पाटनपोल एवं साईं बाबा सेवा समिति सहित अनेक संगठनों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।

पदयात्रा में दो घोड़ों पर बालाजी का ध्वज लेकर संस्था के पदाधिकारी अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। मशक बैंड, डीजे एवं सुसज्जित घोड़ा बग्गी में विराजमान श्री सालासर बालाजी महाराज की झांकी यात्रा का विशेष आकर्षण रही। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण एवं जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

वीवो के दो फोन 6500mAh बैटरी, दमदार कैमरा और प्रोसेसर के साथ लॉन्च

नई दिल्ली। Vivo V70, Vivo V70 Elite 5G launched in india: वीवो ने भारतीय बाजार में आज नई वीवो V70 सीरीज को लॉन्च कर दिया है। सीरीज में दो स्मार्टफोन मॉडल Vivo V70 और Vivo V70 Elite 5G शामिल हैं। दोनों ही मॉडल दिखने में बेहद खूबसूरत हैं।

वीवो V70 एलीट मॉडल स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 चिपसेट से लैस है, जबकि स्टैंडर्ड वीवो V70 मॉडल में स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 चिप है। दोनों ही फोन में 6.59-इंच 1.5K डिस्प्ले है, जो 120 हर्ट्ज तक रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स तक पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। दोनों ही फोन 6500mAh की बैटरी से लैस हैं। चलिए एक नजर डालते हैं इन दोनों फोन्स की कीमत और खासियत पर…

कीमत और उपलब्धता
Vivo V70 के 8GB+256GB मॉडल की कीमत 45,999 रुपये है। इसके 12GB+256GB मॉडल की कीमत 49,999 रुपये है। वीवो V70 को लेमन येलो और पैशन रेड शेड्स में लॉन्च किया गया है।

Vivo V70 Elite के 8GB+256GB मॉडल की कीमत 51,999 रुपये है, जबकि इसके 12GB+256GB मॉडल की कीमत 56,999 रुपये और टॉप-एंड 12GB+512GB मॉडल की कीमत 61,999 रुपये है। वीवो V70 एलीट को ऑथेंटिक ब्लैक, पैशन रेड और सैंड बेज जैसे कलर्स में लॉन्च किया गया है।

कंपनी SBI, HDFC बैंक और यस बैंक कार्ड पर 10 प्रतिशत तक कैशबैक दे रही है। इनकी प्री-बुकिंग आज, 19 फरवरी दोपहर 3PM बजे से Vivo.com, Amazon.in, Flipkart और ऑफलाइन स्टोर से शुरू होगी। फोन 26 फरवरी से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

Vivo V70 Elite और Vivo V70 की खासियत
वीवो V70 Elite और वीवो 70 डुअल सिम स्मार्टफोन हैं जो एंड्रॉयड 16-बेस्ड ओरिजनओएस 6 पर चलते हैं। ये फोन छह साल के सिक्योरिटी अपडेट के लिए एलिजिबल हैं। दोनों फोन में 6.59-इंच (1260×2750 पिक्सेल) VM9 एमोलेड डिस्प्ले है, जो 120 हर्ट्ज तक रिफ्रेश रेट, 5000 निट्स तक पीक ब्राइटनेस, 459 पीपीआई पिक्सेल डेंसिटी और P3 वाइड कलर गैमट देता है। कंपनी का दावा है कि फोन डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस के लिए IP68 + IP69 रेटिंग के साथ आते हैं।

रैम और प्रोसेसर
वीवो V70 Elite में क्वालकॉम का ऑक्टा कोर 4nm स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 चिपसेट है, जो 3 गीगाहर्ट्ज की पीक क्लॉक स्पीड देता है। इसमें 12GB तक LPDDR5x रैम और 512GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज है। दूसरी ओर, वीवो V70 में ऑक्टा कोर 4nm स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 चिपसेट है, जिसकी क्लॉक स्पीड 2.8 गीगाहर्ट्ज है, साथ ही 8GB LPDDR5x रैम और 256GB UFS 4.1 इंटरनल स्टोरेज है।

कैमरा सेटअप
फोटोग्राफी के लिए, वीवो V70 Elite और वीवो V70 में Zeiss-ट्यून्ड ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइज़ेशन (OIS) के साथ 50-मेगापिक्सेल (f/1.88) का प्राइमरी कैमरा, OIS के साथ 50-मेगापिक्सेल (f/2.65) का सुपर टेलीफोटो कैमरा और 8-मेगापिक्सेल (f/2.2) का अल्ट्रावाइड कैमरा है। दोनों में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 50-मेगापिक्सेल (f/2.0) के फ्रंट-फेसिंग कैमरे हैं। ये फोन 4K रिजॉल्यूशन तक के वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं।

फास्ट चार्जिंग
वीवो के V70 Elite और V70 में 6,500mAh की बैटरी है जो 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। दोनों फोन का साइज 157.52×74.33×7.59 एमएम है, जबकि हर एक का वजन लगभग 194 ग्राम है।

वीवो V70 एलीट में मिलने वाले सेंसर्स की लिस्ट में एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, ई-कंपास, प्रॉक्सिमिटी सेंसर, कलर टेम्परेचर सेंसर, इंफ्रारेड (IR) ब्लास्टर और सिक्योरिटी के लिए 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट स्कैनर शामिल हैं।

वहीं, वीवो V70 में IR ब्लास्टर नहीं है और इसकी जगह जायरोस्कोप है। वीवो V70 सीरीज कनेक्टिविटी के लिए 5G, 4G, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, एनएफसी, जीपीएस, बेईडौ, ग्लोनास, गैलीलियो, क्यूजेडएसएस और नाविक को सपोर्ट करती है।

एआई के बुनियादी ढांचे के लिए अगले 7 साल में 10 लाख करोड़ का निवेश: अंबानी

नई दिल्ली। India AI Impact Summit 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुरुवार को भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी ढांचे और सर्विसेज तैयार करने के लिए अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया।

अंबानी ने नई दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है और यह तकनीक दुनिया में ‘सुपर अबंडेंस’ यानी बहुत ज्यादा उपलब्धता और समृद्धि का नया दौर ला सकती है। उन्होंने कहा कि दुनिया में इस बात पर बहस चल रही है कि एआई से ताकत कुछ गिने-चुने लोगों के हाथ में सिमट जाएगी, या फिर यह सबको बराबर मौके देगा।

मुकेश अंबानी ने कहा, ”दुनिया आज एआई को लेकर एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। एक रास्ता ऐसा है जहां एआई कम उपलब्ध, महंगी होगी और डेटा कुछ लोगों के नियंत्रण में रहेगा। दूसरा रास्ता ऐसा है जहां एआई सस्ती और सबके लिए आसानी से उपलब्ध होगी।”

उन्होंने कहा, ”जियो और रिलायंस मिलकर इस साल से अगले 7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे।” उन्होंने साफ किया कि यह निवेश सिर्फ दिखावे या वैल्यूएशन बढ़ाने के लिए नहीं है। यह देश के निर्माण के लिए धैर्य और अनुशासन के साथ किया जाने वाला निवेश है।

अंबानी ने कहा कि एआई में सबसे बड़ी कमी टैलेंट की नहीं है, बल्कि कंप्यूटिंग (कंप्यूट) की लागत बहुत ज्यादा होना है। उन्होंने कहा, ”जियो इंटेलिजेंस भारत का सॉवरिन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा।” इसमें गीगावॉट स्तर के बड़े डेटा सेंटर भी शामिल होंगे। अंबानी ने कहा कि जियो ने भारत को इंटरनेट के दौर से जोड़ा था और अब वह भारत को इंटेलिजेंस (एआई) के दौर से जोड़ेगा।

उन्होंने कहा, ”हम हर नागरिक, अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर और समाज के हर हिस्से तक एआई की ताकत पहुंचाएंगे। यह काम जियो उसी भरोसे, बड़े पैमाने और बेहद सस्ती कीमत पर करेगा, जैसे उसने मोबाइल डेटा को सस्ता करके कनेक्टिविटी में बदलाव किया था।”

जियो की योजनाओं की रूपरेखा बताते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी गीगावाट स्तर के डेटा सेंटर के जरिये भारत का स्वतंत्र कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करेगी। उन्होंने कहा, ”जामनगर में एक बहु-गीगावाट एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। 2026 की दूसरी छमाही में 120 मेगावाट से अधिक क्षमता चालू हो जाएगी और टेस्टिंग के लिए गीगावाट स्तर की क्षमता विकसित करने का रास्ता साफ़ होगा।

Stock Market: सेंसेक्स 1236 अंक टूटा, निवेशकों के 7 लाख करोड़ स्वाहा

नई दिल्ली। Stock Market Closed February 19, 2026: हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार 19 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट से बीएसई का मार्केट कैप 7.55 लाख करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 464 लाख करोड़ रुपये रह गया है।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,498.14 पर और 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 365.00 अंक या 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 83,979 अंक पर खुला। लेकिन खुलने के कुछ देर में ही बढ़त गंवा दी। दोपहर के कारोबार में गिरावट बढ़ गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,400 अंक तक गिर गया था। अंत में यह 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत की गिरावट लेकर 82,498.14 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 25,873 पर खुला लेकिन कुछ ही देर में सपाट स्तर पर आ गया। बाद में बिकवाली हावी हो गई। अंत में 365 अंक या 1.41 फीसदी की गिरावट के साथ 25,454.35 पर बंद हुआ। फाइनेंशियल, मेटल, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में सभी 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इंडिगो, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और बीईएल सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे। इन शेयरों में करीब 3.2% तक की गिरावट दर्ज हुई। वहीं, ब्रोडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.59% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.27% गिरकर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा टूटे और करीब 2% गिर गए। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट व पीएसयू बैंक इंडेक्स रहे, जो 1% से ज्यादा गिरकर बंद हुए।

इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने फरवरी के पहले आधे हिस्से में आईटी शेयरों में 10,956 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसी अवधि में दलाल स्ट्रीट में कुल 29,709 करोड़ रुपये का निवेश आया, लेकिन सबसे ज्यादा बिकवाली आईटी शेयरों में ही देखने को मिली।

रिलायंस के शेयरों में गिरावट
देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब एक फीसदी गिरावट आई। पिछले सत्र में यह 1441.25 रुपये पर बंद हुआ था और आज 1441.55 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1426.65 रुपये तक गिरा। रिलायंस का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,611.20 रुपये और न्यूनतम स्तर 1,115.55 रुपये है। आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई। 11 बजे यह 0.52% की गिरावट के साथ 1400.65 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

IIT JAM 2026 रिस्पॉन्स शीट जारी, सीधे लिंक से ऐसे करें डाउनलोड

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नई दिल्ली। IIT JAM 2026 Response Sheet: देश के टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) और आईआईएससी (IISc) में पोस्ट-ग्रेजुएट साइंस कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित ‘जैम’ (JAM 2026) परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है।

परीक्षा के आयोजक संस्थान, आईआईटी बॉम्बे ने उम्मीदवारों की ‘रिस्पॉन्स शीट’ आधिकारिक वेबसाइट jam2026.iitb.ac.in पर जारी कर दी है। इस रिस्पॉन्स शीट के माध्यम से छात्र यह देख सकते हैं कि उन्होंने परीक्षा के दौरान किन प्रश्नों के क्या उत्तर दिए थे। यह डॉक्यूमेंट छात्रों को उनके संभावित स्कोर का अनुमान लगाने में मदद करेगा।

रिस्पॉन्स शीट का महत्व और अगला कदम
आईआईटी जैम (जॉइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स) एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) है। रिस्पॉन्स शीट जारी होने का अर्थ है कि अब छात्र अपने द्वारा चुने गए विकल्पों का मिलान कर सकते हैं।

जल्द ही आईआईटी बॉम्बे द्वारा ‘प्रोविजनल आंसर-की’ भी जारी की जाएगी। जब आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट दोनों उपलब्ध होंगे, तो छात्र आधिकारिक उत्तरों के साथ अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे। यदि किसी छात्र को किसी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति होगी, तो वे निर्धारित शुल्क के साथ ऑब्जेक्शन विंडो पर अपनी आपत्ति दर्ज कर सकेंगे।

IIT JAM 2026: मुख्य तिथियां और परीक्षा डिटेल्स

  • परीक्षा की तिथि: 8 फरवरी 2026
  • रिस्पॉन्स शीट की उपलब्धता: 19 फरवरी 2026
  • परिणाम (Result) की घोषणा: 18 मार्च 2026
  • स्कोरकार्ड डाउनलोड: 25 मार्च 2026
  • काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू: अप्रैल 2026 (संभावित)

यह परीक्षा सात अलग-अलग विषयों (जैसे बायोटेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, मैथमैटिकल स्टैटिस्टिक्स और फिजिक्स) के लिए आयोजित की गई थी।

ऐसे डाउनलोड करें अपनी रिस्पॉन्स शीट
अभ्यर्थी नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी रिस्पॉन्स शीट देख और डाउनलोड कर सकते हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jam2026.iitb.ac.in पर जाएं।
    होमपेज पर ‘JOAPS’ (JAM Online Application Processing System) पोर्टल के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपनी एनरोलमेंट आईडी / ईमेल एड्रेस और पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करें।
  • डैशबोर्ड पर ‘View Candidate Response’ लिंक पर क्लिक करें।
  • आपकी रिस्पॉन्स शीट स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसे पीडीएफ (PDF) के रूप में डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।

किन संस्थानों में मिलेगा दाखिला
जैम 2026 के स्कोर के आधार पर देश के 21 आईआईटी में एमएससी (M.Sc.), एमएससी-पीएचडी डुअल डिग्री, और अन्य पोस्ट-बैचलर प्रोग्राम में प्रवेश मिलेगा। इसके अतिरिक्त, आईआईएससी बेंगलुरु के साथ-साथ कई एनआईटी (NIT) और सीएफटीआई (CFTI) भी जैम स्कोर के आधार पर काउंसलिंग आयोजित करेंगे।

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिस्पॉन्स शीट में किसी भी तकनीकी गलती के मामले में तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से आईआईटी बॉम्बे से संपर्क करें।

AI Impact Summit: भारत को एआई में भय नहीं, भाग्‍य दिखता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली। PM Modi’s address : प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एआई इम्‍पैक्‍ट समिट 2026 में दिए अपने भाषण में कहा है कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्‍य दिखता है। पीएम ने कहा कि मानव इत‍िहास में शताब्‍द‍ियों के बाद एक बड़ा टर्निंग पॉइंट आया है, लेकिन मौजूदा समय में हमें इसके असर का अंदाजा नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ी के हाथ में हम AI का क्‍या स्‍वरूप सौंपकर जाएंगे। आज कल्‍पना करना मुश्किल है कि आने वाले समय में इस फील्‍ड में किस तरह की जॉब आएंगी। प्रधानमंत्री ने समिट में भारत का MANAV विजन भी पेश किया।

पीएम ने कहा कि इस समिट का भारत में होना, भारत के साथ पूरे ग्‍लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। भारत में AI जगत के दिग्‍गज यहां मौजूद हैं। दुनिया के 100 से ज्‍यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहा है।

इसमें यंग जनरेशन की उपस्‍थ‍ित‍ि नया विश्‍वास पैदा करती है। आमतौर पर नई टेक्‍नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआत में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी AI को स्‍वीकार कर रही है। AI का इस्‍तेमाल कर रही है, वह अभूतपूर्व है।

यहां AI समिट की एग्‍जीबिशन को लेकर भी बहुत उत्‍साह रहा है। खासकर यंग टैलंट बहुत बड़ी संख्‍या में आया है। एग्रीकल्‍चर, सिक्‍योर‍िटी, दिव्‍यांगजनों की मदद, मल्‍टीलिंगुअल पॉपुलेशन की जरूरतों से जुड़े जो भी सल्‍यूशन यहां दिखाए गए हैं, वो मेड इन इ‍ंडि‍या की ताकत का बहुत बड़ा उदाहरण हैं।

मानव इत‍िहास का टर्निंग पॉइंट
पीएम ने कहा, मानव इत‍िहास में शताब्‍द‍ियों के बाद एक बड़ा टर्निंग पॉइंट आया है, लेकिन मौजूदा समय में हमें इसके असर का अंदाजा नहीं है। उन्‍होंने कहा कि जब पत्‍थरों से‍ चिंगारी निकली तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह सिविलाइजेशन की फाउंडेशन बनेगी।

पीएम ने कहा कि जब पहली बार सिग्‍नल्‍स को वायरलैस ट्रासमिट किया गया तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्‍ट‍ होगी। AI मानव इत‍िहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है। आज जो हम देख रहे हैं, वह इसका प्रारंभ‍िक संकेत है। AI मशीनाें को इंटेलि‍जेंट बना रही है, लेकिन उससे कहीं ज्‍यादा मानव सामर्थ को बढ़ा रही है। इस बार स्‍पीड भी है और स्‍केल भी है।

वर्तमान के साथ, भविष्‍य की भी करनी है चिंता
पीएम मोदी ने कहा, पहले टेक्‍नोलॉजी का असर दिखने में दशकों लगते थे। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन का सफर व्‍यापक है। इसीलि‍ए हमें विजन बड़ा रखा है। हमें जिम्‍मेदारी बड़ी निभानी होगी। वर्तमान पीढ़ी के साथ हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ी के हाथ में हम AI का क्‍या स्‍वरूप सौंपकर जाएंगे।

आज असली सवाल यह नहीं कि भविष्‍य में AI क्‍या कर सकता है। सवाल यह है कि वर्तमान में हम AI के साथ क्‍या करते हैं। ऐसे सवाल मानवता के सामने पहले भी आए हैं। सबसे बड़ा उदाहरण न्‍यूक्‍ल‍ियर पावर है। AI भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है। द‍िशाहीन हुई तो ड‍िस्‍पर्सन। सही दिशा मिली तो सॉल्‍यूशन। AI को संवेदनीशल और उत्तरदायी कैसे बनाएं, यही इस समिट का मकसद है।

इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट ना बन जाए
पीएम ने कहा कि भारत AI को कैसे द‍िखता है यह इस समिट की थीम- सर्वजन ह‍िताय, सर्वजन सुखाय में है। यही हमारा बेंचमार्क है। AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट ना बन जाए, इंसान सिर्फ रॉ मटीरियल तक सीमित ना रहे, इसलिए AI को ड्रेमोक्रटाइज करना होग। इसे इन्‍क्‍लूजन और इम्‍पावरमेंट का माध्‍यम बनाना होगा, खासकर ग्‍लोबल साउथ में। हमें AI को ओपन स्‍काई भी देना है। कमांड भी अपने हाथ में रखनी है। जैसे GPS हमें रास्‍ता दिखता है, लेकिन हमें किस रास्‍ते जाना है, इसकी फाइनल कॉल हमारे हाथ में होती है। आज हम AI को जिस दि‍शा में ले जाएंगे, वैसा ही हमारा भविष्‍य तय होगा।

PM का MANAV विजन
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज AI के लिए MANAV विजन प्रस्‍तुत करता हूं। मानव का अर्थ होता है, ह्यूमन।

M- मोरल एंड एथिकल सिस्‍टम, यानी AI एथिकल गाइडेंस पर हो
A- अकाउंटेबल गवर्नेंस यानी पारदर्शी नियम, सशक्‍त न‍िगरानी
N- नेशनल सॉवरेनिटी (जिसका डेटा उसका अध‍िकार)
A- एक्‍सेसेबल एंड इन्‍क्‍यूलिसव (AI मॉनोपिली नहीं मल्‍टीप्‍लायर बने)
V- वैली एंड लेजिट‍िमेट (AI लॉ फुल और वेरिफायर हो)

AI में किस तरह की जॉब आएंगी
पीएम ने कहा, भारत का यह मानव विजन 21वीं सदी की AI आधारित दुनिया में मानव कल्‍याण की अहम कड़ी बनेगा। दशकों पहले जब इंटरनेट की शुरुआत हुई तो कोई नहीं सोच पाता था कि इससे कितनी जॉब बनेंगी। यही बात AI में है। आज कल्‍पना करना मुश्किल है कि आने वाले समय में इस फील्‍ड में किस तरह की जॉब आएंगी। AI का ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ तय नहीं है। यह हमारे कोर्स ऑफ एक्‍शन पर न‍िर्भर होगा। हमारे लिए ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ नया मौका है। यह मशीन और इंसानों के मिलकर काम करने का युग है।

AI तभी फायदेमंद, जब उसे शेयर किया जाए
पीएम ने कहा, हमें स्‍क‍िलिंग-रीस्‍किलिंग को मास मूवमेंट बनाना होगा। ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ ह्यूमन सेंट्रिक होगा। मिलकर आगे बढ़ेगे तो AI पूरी मानवता की क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। कहा जाता कि पादर्शिता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। कुछ देश और कंपनियां मानती हैं कि AI एक स्‍ट्रैटिजिक एसेट है इसलिए इसे कॉन्‍फ‍िडेंशिल ड‍िवेलप किया जाना चाहिए। भारत की सोच अलग है। AI जैसी तकनीक तभी दुनिया के लिए फायदेमंद होगी जब उसे शेयर किया जाएगा। कोड ओपन होंगे, शेयर किए जाएंगे, तभी लोग उसे सुरक्ष‍ित बना पाएंगे ।

कंटेंट में भी लेबल होने चाहिए
पीएम ने कहा, आज की एक बहुत जरूरत ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड बनाने की है। डीपफेक, ओपन सोसायटी में अस्‍थि‍रता ला रहा है। डिजिटल वर्ल्‍ड में कंटेंट में भी लेबल होने चाहिए, ताकि लोगों को पता हो क्‍या असली है और क्‍या AI से बनाया गया है। जैसे-जैसे AI ज्‍यादा टेक्‍स्‍ट, इमेज और वीडियो बना रहा है, वैसे-वैसे इंडस्‍ट्री में वॉटरमार्किंग की जरूरत बढ़ रही है।

गूगल विशाखापट्टनम में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा: सुंदर पिचाई

नई दिल्ली। AI Impact Summit 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक असमान पहुंच से वैश्विक असमानताएं और बढ़ सकती हैं। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचाई ने गुरुवार को कहा कि दुनिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल डिवाइड आगे चलकर “AI डिवाइड” में न बदल जाए। इसके लिए कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में निवेश जरूरी है।

उन्होंने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा, “हम डिजिटल डिवाइड को AI डिवाइड नहीं बनने दे सकते।” उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी का मतलब यह भी है कि AI के कारण अर्थव्यवस्था में होने वाले बड़े बदलावों को संभाला जाए, क्योंकि AI कुछ कामों को ऑटोमेट करेगा और साथ ही बिल्कुल नए करियर भी बनाएगा।

विशाखापट्टनम में बनेगा फुल-स्टैक AI हब
सुंदर पिचाई ने घोषणा की कि गूगल विशाखापट्टनम में एक फुल-स्टैक AI हब स्थापित कर रहा है। यह भारत में कंपनी के 15 अरब डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का हिस्सा होगा। यह हब पूरा होने के बाद गीगावॉट-स्केल कंप्यूट और एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे भी रखेगा।

पिचाई ने कहा कि दुनिया तकनीकी प्रगति के एक अहम मोड़ पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम हाइपर प्रोग्रेस के दौर के करीब हैं, और ऐसी नई खोजों के करीब हैं जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं को पुराने अंतराल (legacy gaps) तेजी से पाटने में मदद कर सकती हैं। लेकिन यह नतीजा न तो तय है और न ही अपने आप होगा।

उन्होंने आगे कहा कि उपयोगी AI बनाने के लिए हमें इसे साहस के साथ आगे बढ़ाना होगा, जिम्मेदारी से अपनाना होगा और इस निर्णायक समय में मिलकर काम करना होगा।

अलग-अलग क्षेत्रों में AI की बड़ी क्षमता
AI के व्यापक असर पर बात करते हुए पिचाई ने कहा कि AI अरबों लोगों की जिंदगी बेहतर कर सकता है और कुछ सबसे कठिन समस्याओं को हल कर सकता है। उन्होंने दुनिया भर में तकनीक तक पहुंच के अंतर को कम करने की जरूरत पर जोर दिया और कई उदाहरण दिए।

उन्होंने कहा कि एल साल्वाडोर में गूगल ने सरकार के साथ साझेदारी की है ताकि हजारों लोगों को कम कीमत पर AI आधारित जांच और इलाज मिल सके, जो सामान्य तौर पर इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।

सुंदर पिचाई ने कहा, भारत में, जहां हमारा काम किसानों को मानसून के असर के बीच अपनी आजीविका बचाने में मदद कर रहा है। पिछले साल भारतीय सरकार ने पहली बार गूगल के Neural GCM मॉडल की मदद से लाखों किसानों को AI आधारित मौसम पूर्वानुमान भेजे थे।

भाषा को शामिल करना बड़ी प्राथमिकता
पिचाई ने कहा कि भाषा को शामिल करना (language inclusion) अभी भी एक बड़ी प्राथमिकता है। घाना में गूगल विश्वविद्यालयों और NGOs के साथ मिलकर 20 से अधिक अफ्रीकी भाषाओं में रिसर्च और ओपन-सोर्स टूल्स बढ़ाने पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि हमें ऐसी ही साहसी सोच और ज्यादा जगहों पर चाहिए ताकि स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक अवसर और अन्य क्षेत्रों में और ज्यादा समस्याओं का समाधान किया जा सके। तकनीक बहुत बड़े फायदे देती है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी को इसकी पहुंच मिले।

भरोसा, नियम और सहयोग जरूरी
सुंदर पिचाई ने कहा कि AI अपनाने के लिए भरोसा सबसे जरूरी होगा। उन्होंने SynthID जैसे टूल्स का जिक्र किया, जो पत्रकारों और फैक्ट-चेकर्स को डिजिटल कंटेंट की असलियत जांचने में मदद करते हैं। AI की पूरी क्षमता हासिल करने के लिए सरकारों, नियामकों और उद्योग जगत के बीच सहयोग जरूरी है।

उन्होंने कहा कि चाहे हम कितने भी जिम्मेदार हों, अगर हम मिलकर काम नहीं करेंगे तो AI के पूरे फायदे हासिल नहीं कर पाएंगे। सरकारों की भूमिका अहम है, क्योंकि उन्हें नियम तय करने और जोखिमों को संभालने की जरूरत होगी। टेक कंपनियों को भी ऐसे उत्पाद बनाने होंगे जो ज्ञान, रचनात्मकता और उत्पादकता बढ़ाएं। साथ ही हर आकार के व्यवसायों को AI का उपयोग कर नवाचार करना होगा, क्षेत्रों को बदलना होगा और कामगारों को सशक्त बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि हमारे पास एक ऐसा मौका है जिससे हम एक पीढ़ी में एक बार आने वाले स्तर पर लोगों की जिंदगी बेहतर कर सकते हैं। मुझे भरोसा है कि हमारे पास यह करने की क्षमता भी है और इच्छा भी।