Saturday, July 18, 2026
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अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील मार्च में साइन होने की संभावना: गोयल

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नई दिल्ली। India US Trade Deal: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च में साइन होने की संभावना है और इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत का ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता भी अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के साथ समझौता सितंबर में लागू हो सकता है।

भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में तीन दिन की बैठक शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया था कि अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तय कर लिया गया है।

भारत के दौरा करेंगे रुबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले कुछ महीनों में भारत का दौरा करेंगे। यह जानकारी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द ही साइन होने वाला है। गोर ने क्वाड समूह को सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका अपने आपसी संबंधों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं।

Stock Market: सेंसेक्स 316 अंक चढ़कर 82814 पर बंद, निफ्टी 25500 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 316.57 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 116.90 अंक या 0.46 प्रतिशत बढ़कर 25,571.25 पर बंद हुआ।

पीएसयू बैंक और मेटल शेयरों में तेजी ने बाजार को ऊपर खींचा। इंडेक्स हैवी वेट एलएन्डटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बढ़त से भी बाजार को सपोर्ट मिला। जबकि आईटी शेयरों में दबाव ने तेजी को सीमित कर दिया।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 82,272 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में सपाट चाल के बाद दोपहर में यह 600 अंक तक चढ़ गया था। अंत में 316.57 अंक या 0.38 प्रतिशत की बढ़त लेकर 82,814.71 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) गिरावट लेकर 25,406 पर खुला। हालांकि, खुलने के बाद इंडेक्स में थोड़ी बढ़त देखने को मिली और कारोबार के दौरान यह 25,663 अंक तक चला गया था। अंत में 116.90 अंक या 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 25,571 पर बंद हुआ।

टॉप गनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की टॉप कंपनियों में एनटीपीसी, एलएंडटी, एचयूएल, पावर ग्रिड और टाटा स्टील सबसे ज्यादा बढ़त में रहे। इनके शेयरों में 2.6 फीसदी तक तेजी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, इटरनल, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और भारती एयरटेल गिरावट में रहे। इनके शेयरों में 1.7 फीसदी तक कमजोरी आई।

ब्रोडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.48 फीसदी बढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.11 फीसदी की हल्की गिरावट रही। सेक्टोरल आधार पर निफ्टी पीएसयू बैंक और मेटल इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा तेजी रही। इसके बाद एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस और ऑटो सेक्टर में भी बढ़त देखी गई। हालांकि निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

Small Cardamom: रमजान की मांग से छोटी इलायची में तेजी के आसार

कोच्चि। Small Cardamom: उत्तरी अमरीका महाद्वीप के मध्यवर्ती देश- ग्वाटेमाला में प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान के कारण उत्पादन घटने की संभावना को देखते हुए वैश्विक बाजार में छोटी (हरी) इलायची की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल देखी जा रही है।

भारत को इसका सीधा लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है। भारत से इलायची के निर्यात में जोरदार वृद्धि देखी जा रही है। चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान देश से इसका कुल शिपमेंट उछलकर 14,000 टन के आसपास पहुंच जाने के आसार हैं जो ऐतिहासिक औसत स्तर से करीब दो गुणा है।

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार ग्वाटेमाला में इलायची का उत्पादन 50 प्रतिशत तक घट जाने की संभावना है। इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति में जो अंतर (गैप) आएगा उसे भरने के लिए भारतीय इलायची उपलब्ध रहेगी।

कोई अन्य बेहतर विकल्प मौजूद नहीं होने के कारण विदेशी आयातकों को भारत से विशाल मात्रा में इलायची खरीदने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस बीच पश्चिम एशिया एवं खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम बहुल देशों में इलायची में रमजान की मांग भी बढ़ गई है।

हाल ही में समाप्त हुए गल्फ गुड एक्सपो में भारतीय निर्यातकों को इलायची की स्पॉट बुकिंग करने में काफी अच्छी सफलता मिल गई। ईरान में नौरोज सीजन के लिए छोटी इलायची की भारी मांग रही और भारत को इस अवसर का फायदा उठाते हुए उसके बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाने में अच्छी कामयाबी मिल गई। इसके अलावा मध्य-पूर्व के देशों-सऊदी अरब, कुवैत तथा संयुक्त अरब अमीरात आदि ने भी रमजान से पूर्व इलायची के आयात का अनुबंध किया। ये देश भारतीय इलायची के प्रमुख खरीदार हैं।

हालांकि लाल सागर क्षेत्र से मिलिंग में कुछ समस्या आ रही है लेकिन मध्य-पूर्व एशिया तक कोई खास संकट नहीं है। उससे आगे यूरोप की तरफ जाने वाले जहाजों पर ही खतरा है। इस बीच अमरीका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटा दिया है इसलिए वहां भारतीय इलायची के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। यूरोप में निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है।

Gold Silver: अमेरिका-ईरान टेंशन ने बढ़ाए सोने-चांदी के भाव, जानिए आज की कीमतें

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today : एमसीएक्स पर चांदी के भाव शुक्रवार को एक प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,43,874 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए। वहीं, सोने की कीमतों में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह 0.2 प्रतिशत चढ़कर 1,55,365 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत के लिए केवल 10 से 15 दिनों का समय तय किया है। उनकी इस टिप्पणी के बाद तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह 2003 के इराक युद्ध से पहले की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट का हाल
ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सिल्वर 0.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.29 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट गोल्ड भी 0.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,995.91 डॉलर प्रति औंस पर था। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.3 प्रतिशत की तेजी रही। चीन, हांगकांग, सिंगापुर और ताइवान में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारान कारोबार पतला रहा, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

निवेशकों के लिए एक राहत की खबर यह भी है कि एमसीएक्स और एनएसई दोनों ने कीमती धातुओं पर लगाई गई अतिरिक्त मार्जिन को वापस ले लिया है। गुरुवार से प्रभावी इस फैसले के तहत गोल्ड फ्यूचर्स पर 3 प्रतिशत और सिल्वर फ्यूचर्स पर 7 प्रतिशत का अतिरिक्त मार्जिन खत्म कर दिया गया है।

डॉलर की मजबूती ने रोकी रफ्तार
हालांकि, कीमती धातुओं में तेजी को अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने कुछ हद तक रोका है। डॉलर इंडेक्स एक महीने के हाई के करीब पहुंच गया है, जिससे सोने की मांग प्रभावित हो रही है। डॉलर के मजबूत होने का मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है। डॉलर में यह मजबूती अमेरिका के बेहतर आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत के कारण आई है।

शेयर मार्केट में रौनक लौटी, सेंसेक्स 82800 और निफ्टी 25500 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Update: कमजोर शुरुआत के बाद शेयर मार्केट ने शुक्रवार को तेजी की पटरी पर अपनी स्पीड बढ़ा दी है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अब 392 अंक ऊपर 82890 के लेवल पर पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 141 अंकों की तेजी के साथ 25576 के लेवल पर है।

निफ्टी मेटल, ऑटो, बैंक निफ्टी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस में जहां तेजी है, वहीं, आईटी और रियल्टी इंडेक्स लाल हैं। सेंसेक्स में बीईएल, एनटीपीसी, एलएंडटी, टाइटन, एक्सिस बैंक टॉप गेनर हैं। जबकि, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, ईटरनल, एयरटेल, एचसीएल टेक टॉप लूजर।

इससे पहले शेयर मार्केट की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। गुरुवार की भारी गिरावट के बाद आज शुक्रवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अब 225 अंक नीचे 82272 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 47 अंकों की गिरावट के साथ 25406 के लेवल पर खुला।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट
    वॉल स्ट्रीट में रातोंरात गिरावट और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद एशियाई बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 1.04 प्रतिशत गिर गया, जबकि टॉपिक्स 1.12 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.66 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन कोस्डैक 0.19 प्रतिशत गिर गया। चीन और हांगकांग के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टी के लिए बंद हैं।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 25,418 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 28 अंकों की छूट है। यह भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट
    अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के के साथ बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.54 प्रतिशत से 49,395.16 तक गिर गया, जबकि एसएंडपी 500 ने सत्र को 6,861.89 पर समाप्त करने के लिए 0.28 प्रतिशत टूटा। नैस्डैक 0.31 प्रतिशत गिरकर 22,682.73 पर बंद हुआ।

ट्रेड वॉर में डोनाल्ड ट्रंप की हर चाल पर ड्रेगन भारी पड़ा, जानिए कैसे

नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप जब से अमेरिका के दोबारा से राष्ट्रपति बने हैं, उन्होंने दुनिया के खिलाफ ट्रेड वॉर छेड़ दिया है। एक ऐसा वॉर जिसमें उन्होंने भारत और चीन समेत कई देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाया।

बाद में कुछ शर्तों के साथ ट्रंप ने ट्रेड डील की और टैरिफ में ढील दी। लेकिन इस ट्रेड वॉर में चीन अमेरिका पर भारी पड़ गया। ट्रंप के टैरिफ के बीच चीन ऐसी कई डील करने की दिशा में बढ़ रहा है जो अमेरिका के लिए मुसीबत बन सकती हैं।

टाइम्स नाउ के मुताबिक चीन चुपचाप 20 नए व्यापारिक समझौते करने, अपने सहयोगियों को मजबूत करने और एक ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो भविष्य में अमेरिका के दबाव का सामना कर सके।

चीन को लगता है कि ट्रंप के टैरिफ ने उसे एक अनपेक्षित मौका दिया है। चीनी नेता इसे अपनी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के बजाय, वैश्विक व्यापार को इस तरह से बदलने का अवसर देख रहे हैं, जिससे चीन की 19 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था भविष्य में अमेरिकी दबाव से सुरक्षित रह सके।

दुनिया भर में चीन की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता, बाजार तक सीमित पहुंच और कमजोर घरेलू मांग को लेकर चिंताएं होने के बावजूद, बीजिंग आगे बढ़ने के लिए दृढ़ संकल्पित दिख रहा है।

रॉयटर्स ने साल 2017 के बाद से चीनी भाषा में लिखे गए 100 लेखों की समीक्षा की है, जो सरकारी-समर्थित व्यापार विद्वानों द्वारा लिखे गए थे। इससे पता चलता है कि चीन के सलाहकार अमेरिकी व्यापार रणनीति का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर रहे थे। उनका लक्ष्य था- वाशिंगटन की ‘रोकथाम’ की रणनीति को समझना और उसका मुकाबला करने के तरीके डिजाइन करना। अब, चीन उन विचारों को अमल में ला रहा है।

अमेरिका से आगे ड्रैगन
रॉयटर्स ने चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज (CASS) और पेकिंग यूनिवर्सिटी द्वारा समर्थित 2000 से अधिक व्यापार रणनीति पत्रों की समीक्षा की है। इससे पता चलता है कि चीन के कई नीति विशेषज्ञ वैश्विक व्यापार में दीर्घकालिक प्रभुत्व हासिल करने के लिए अल्पकालिक आर्थिक दर्द को स्वीकार करने को तैयार हैं। इन पत्रों की सामग्री पहली बार सामने आ रही है।

दो पश्चिमी राजनयिकों ने रॉयटर्स को बताया कि यदि चीन सफल होता है, तो वह एक दशक से अधिक समय की अमेरिकी व्यापार नीति को उलट सकता है और खुद को एक नई, चीन के नेतृत्व वाली बहुपक्षीय व्यवस्था के केंद्र में स्थापित कर सकता है। ब्रूगल थिंक टैंक की वरिष्ठ फेलो एलिसिया गार्सिया हेरेरो ने कहा, ‘चीनी लोगों के पास अब एक सुनहरा अवसर है।’

भारत पर क्या पड़ेगा असर
चीन की इस रणनीति का असर भारत पर भी दिखाई दे सकता है। ट्रंप के टैरिफ के बाद भारत और चीन के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। टैरिफ के बाद चीन ने भारतीय सामान के लिए अपने दरवाजे खोल दिए थे। वहीं भारत भी अब चीन के लिए एफडीआई से लेकर सरकारी ठेकों तक के दरवाजे खोलने के विचार कर रहा है।

ऐसे में चीन भारत में फिर से अपना निर्यात बढ़ा सकता है। हालांकि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के लिए कुछ चिंता की बात हो सकती है। वहीं दूसरी ओर कई भारतीय कंपनियां कह चुकी हैं कि बेहतर प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन का साथ जरूरी है। ऐसे में चीन की ट्रेड से जुड़ी लंबी सोच भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है और भारत अमेरिका पर अपनी निर्भरता घटा सकता है।

ऊर्जा मंत्री की अनुशंसा पर सांगोद क्षेत्र के 15 गांवों को 17.87 करोड़ की पेयजल सौगात

सांगोद/ कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अनुशंसा पर राजस्थान सरकार के संशोधित बजट प्रस्तावों में सांगोद क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। जिसके तहत् नगरपालिका सांगोद के विस्तार क्षेत्र में शामिल 15 गांवों में सुचारू एवं मानक स्तर की पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 17.87 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की गई है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत संबंधित गांवों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर जल उपलब्ध कराने के मान से पेयजल योजना विकसित की जाएगी। परियोजना के अंतर्गत 5 उच्च जलाशय, 2 स्वच्छ जलाशय तथा 2 पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा। साथ ही राइजिंग एवं वितरण व्यवस्था के लिए लगभग 70 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

इस योजना से जोगडा, जोगडी, बोरदा, तालची, रकसपुरिया, लसेडीया खुर्द, हरिपुरा, ठीमली, धीराहेडी, जालीहेडा, बेसार, नागराहेडी, लक्ष्मीपुरा, अमृत खेडी एवं पामलाखेडी ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि ग्राम कोटडी में अतिरिक्त जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिसके पूर्ण होने और नई वितरण प्रणाली स्थापित होने के बाद क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

ऊर्जा मंत्री नागर ने ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के दिए निर्देश

सांगोद/ कोटा। कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जिला कलेक्टर से दूरभाष पर विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने प्रशासन को तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने और वास्तविक नुकसान का आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मंत्री नागर ने कहा कि कई गांवों में फसलों को क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। ऐसी स्थिति में प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करे और एक-एक खेत का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति दर्ज करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बीमा कंपनियों से समन्वय स्थापित कर दावों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके। साथ ही गिरदावरी की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर जोर दिया।

ऊर्जा मंत्री ने किसानों से भी संवाद कर उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नुकसान की जानकारी संबंधित पटवारी एवं कृषि विभाग को समय पर दें, जिससे सर्वे में सटीकता बनी रहे।

मंत्री नागर ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि सर्वे रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाए, ताकि आवश्यक राहत की कार्रवाई प्रारंभ की जा सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर किसानों को राहत पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता से करें।

16वें दाधीच सामूहिक विवाह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 6 जोड़े बने हमसफर

कोटा। फुलेरा दूज के पावन दिन गुरुवार को दाधीच छात्रावास समिति के तत्वावधान में 16वां दाधीच सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। अध्यक्ष रवींद्र जोशी ने बताया कि 6 जोड़ों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर हिंदू रीति रिवाज से फेरे लिए और अपना जीवनसाथी चुना।

महामंत्री निमेश पुरोहित ने बताया कि विनायक स्थापना, वर निकासी, तोरण प्रक्रिया, वरमाला, अग्नि फेरे, पाणिग्रहण संस्कार तक कार्य विधिवत मंत्र उचारण व हर्षोउल्लास के साथ आयोजित किए गए।

नागेश दाधीच ने बताया कि विवाह के दौरान दाधीच समिति की ओर से वर-वधुओं को उपहार में गृहस्थी का सामान भेंट किया गया। युवा अध्यक्ष कमल किशोर दाधीच व गोपाल दाधीच ने बताया कि अलग अलग मंडपों में हिंदू रीति रिवाज से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में संपन्न कराई गई।

महिला अध्यक्ष स्मिता व अम्बिका की महिला टीम ने कार्यक्रम बासन से दुल्हन श्रृंगार तक समस्त कार्यो में भागीदारी निभाई।

मुख्य अतिथि कोटा बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ रहे। उन्होने आशीर्वाद समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह मात्र एक विवाह का आयोजन भर नहीं हैं अपितु इसके प्रभाव व समाज हित में लाभ बड़े दूरगामी हैं। किसी जरूरतमंद या असहाय परिवार की कन्या का विवाह करानें से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं है।

कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर भाजपा वरिष्ठ नेता पंकज मेहता रहे। उन्होने कहा कि सामूहिक विवाह दाधीच समाज की एक प्रशंसनीय पहल है। सामूहिक विवाह समय की बर्बादी, दान-दहेज व फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से भी समाज को मुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक है। हमें समाज हित में सामूहिक विवाह आयोजनो का सार्थक बनाना होगा। विशिष्ट अतिथि के तौर पर सूर्यप्रकाश दौरासरी, अशोक दौरासरी, दिवाकर दाधीच,आचार्य कौशल किशोर दाधीच उपस्थित रहे।

राजेश व गोपाल दाधीच ने बताया कि कार्यक्रम में 75 वर्ष से अधिक आयु के 140 समाजबंधुओं का सम्मान किया। वधू पक्ष के परिजन ने अपनी लाड़ली को भींगी पलकों के साथ विदा किया।

आर्थिक सुदृढ़ता का आधार
सामूहिक विवाह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष रवींद्र जोशी ने सामूहिक विवाह के जोडो को आशीर्वाद देते हुए सामूहिक विवाह को समाज के लिए हितकारी बताया। नागेश दाधिच ने कहा कि सामूहिक विवाह से धन व समय की बचत होती है। आचार्य कोशल किशोर दाधीच ने कहा कि व्यक्ति शादी के लिए एक बड़ी धनराशि जोडता है। कई बार कर्ज लेकर भी विवाह करना पडता है, ऐसे में यदि सामूहिक विवाह हो तो आर्थिक बोझ नहीं होता और वह धनराशि भविष्य के कार्यो के लिए आर्थिक सुदृढ़ता प्रदान करती है।

हर दिन कुछ नया पाने की इच्छा हमें पाप की ओर धकेल रही है: योग सागर महाराज

कोटा। चंद्र प्रभु दिगंबर जैन समाज समिति द्वारा जैन मंदिर ऋद्धि-सिद्धि नगर कुन्हाड़ी में अध्यामित्क ज्ञान सरिता में योग सागर महाराज ने धर्मसभा में अपने पुण्य और पाप के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि जब जीवन में समस्याएं आती हैं, तो हम उन्हें व्यक्तिगत रूप से लेते हैं, लेकिन वे हमारे कर्मों का परिणाम होती हैं।

अच्छे कार्यों का श्रेय दूसरों को देते हैं, परंतु हमें खुद को भी श्रेय देना चाहिए। क्योंकि यह हमारे पुण्य का उदय होता है। वर्तमान समय में लोग पाप के साधनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जबकि पुण्य के साधन कम हो रहे हैं। हमें राम के मार्ग पर चलकर पुण्य का संग्रह करना चाहिए, न कि रावण जैसे कार्यों में लिप्त होना चाहिए। जीवन में सही दिशा चुनना और अपने कर्मों पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग पुण्य के बजाय पाप के साधनों की तलाश में ज्यादा लगे हुए हैं। पहले के समय में लोग सीमित साधनों में संतुष्ट रहते थे, लेकिन अब हर दिन कुछ नया पाने की इच्छा लोगों को पाप की ओर धकेल रही है। इसके बावजूद कुछ लोग अभी भी पुण्य के साधनों में लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य केवल अपना काम बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारे कारण किसी और का नुकसान न हो। हम अक्सर अपने दिन को संवारने में लगे रहते हैं, जबकि दूसरों का दिन संवारने की ओर ध्यान नहीं देते। उदाहरण के तौर पर, रास्ते में ठंड में खड़ी गाय की मदद करना या सिग्नल पर गुब्बारे बेचते बच्चे की मदद करना, ये छोटे कार्य भी पुण्य का संग्रह करते हैं।

उन्होंने कहा कि राम ने अपने वनवास के दौरान कई लोगों का उद्धार किया, उन्होंने केवल खुद के लिए नहीं बल्कि दूसरों के भले के लिए भी काम किया। इसी प्रकार, हमें अपने जीवन में स्वार्थ छोड़कर दूसरों के लिए कुछ अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। अगर हम दूसरों को खुश करने की कोशिश करेंगे, तो उनके आशीर्वाद हमें जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

यदि आपकी इच्छाएं बड़ी हैं, तो आपको उतनी ही मेहनत भी करनी होगी। केवल आकांक्षाएं रखना पर्याप्त नहीं है; पुरुषार्थ के बिना आपको सफलता नहीं मिलेगी। छोटे-छोटे कर्मों से पुण्य और पाप दोनों का संग्रह होता है।

मंच संचालन पारस कासलीवाल एवं संजय सांवला ने किया। इस अवसर ऋद्धि-सिद्धि जैन मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा, सचिव पंकज खटोड़, कोषाध्यक्ष ताराचंद बडला,टीकम पाटनी, पारस कासलीवाल, पारस लुहाड़िया, पारस बज आदित्य, निर्मल अजमेरा,पीयूष बज, सहित श्रावक उपस्थित रहे।