Saturday, July 18, 2026
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स्पीकर बिरला के प्रयासों से बून्दी को मिली 461 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

बून्दी के सर्वागीण विकास के संकल्प साथ कर रहे हैं कार्य- बिरला

बून्दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को बून्दी जिले में लगभग 461 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। बिरला ने कहा कि कोटा-बून्दी का हर व्यक्ति मेरे परिवार का सदस्य है। जाति, धर्म, विचारधारा से ऊपर उठकर सेवा को सर्वोपरि मानकर के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए वे निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।

बिरला ने सिलोर में 434 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण किया। बहुप्रतीक्षित बून्दी-सीलोर-नमाना-गरड़दा-भोपतपुरा तक 44 किलोमीटर लंबी सड़क का 398 करोड़ रुपए की लागत से शिलान्यास हुआ।

बिरला ने कहा कि यहाँ के लोगो ने 20 सालों से इस सड़क के लिए संघर्ष किया। फॉरेस्ट के कारण सड़क में लंबे समय तक रुकावट रही, लेकिन हमने हार नहीं मानी। जयपुर से लेकर दिल्ली तक लगातार फॉलोअप कर स्वीकृति दिलवाई।

उन्होंने कहा कि कोटा-बून्दी क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 4000 करोड़ रुपए के सड़क विकास कार्य चल रहे हैं। नमाना क्षेत्र में 27 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जिनमें कई पूर्ण हो चुकी हैं और कई निर्माणाधीन हैं।

जल्द मिलेगा गरड़दा का पानी
बिरला ने कहा कि क्षेत्र के लोगो ने पानी के लिए लंबा इंतजार किया है। 424 करोड़ रुपए की गरड़दा मध्यम सिंचाई परियोजना अंतिम चरण में है। बहुत जल्द नहर का काम पूरा होगा और 44 गांवों की 9,161 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई का पानी पहुंचेगा। 111 गांवों और 98 ढाणियों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। हर खेत तक पानी और हर घर तक नल का सपना साकार होगा।

डाबी-बरड़ में 18 करोड़ के कार्य
डाबी-बरड़ क्षेत्र में 18 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण करते हुए बिरला ने कहा कि यह वीरों की भूमि है। नानक भील जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने यहीं से क्रांति की मशाल जलाई। एक समय यहां सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। बरसात में संपर्क टूट जाता था। आज करोड़ों रुपए की लागत से सड़कें बन रही हैं, बिजली व्यवस्था मजबूत हो रही है और चंबल का पानी गांवों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि हर गांव में सड़क, हर घर में बिजली और पानी, बेहतर स्कूल और स्वास्थ्य सुविधा हमारा लक्ष्य है।

गरड़दा में 9.55 करोड़ की सौगात
गरड़दा में 9.55 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण किया गया। 5.95 करोड़ रुपये के नए कार्यों में गरड़दा–पलकां सड़क, पुलियाओं का जीर्णोद्धार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शामिल है। 3.60 करोड़ रुपए के पूर्ण कार्यों में केवड़िया तालाब, पलकां के टैंक, सामुदायिक भवन और भील बस्ती में ट्यूबवेल शामिल है। बिरला ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब सड़क, पानी और स्वास्थ्य सुविधा सीधे गांव तक पहुंचे।

हाड़ोती के चारों जिलों के पर्यटन स्थलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के निर्देश

कोटा में इंडियन स्कूल आफ मैनेजमेंट एवं बांरा में पर्यटन मुख्यालय खोला जाए: माहेश्वरी

कोटा। सीएडी सभागार में संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार को पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजन किया गया। बैठक में कोटा, बूंदी, बांरा एवं झालावाड़ जिले के समस्त विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि हाड़ोती के कोटा, बूंदी, बांरा एवं झालावाड़ के पर्यटन स्थलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है।

कोटा में कुछ दिनों से पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। आने वाले पर्यटक सीजन जुलाई से मार्च तक में भारी मात्रा में पर्यटक आने की संभावना है। कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के बाद कोटा में आए 26 राज्यों के टूर ऑपरेटरों द्वारा हाड़ोती में आने वाले पर्यटक सीजन में बनाई गई।

आइटनरी के पैकेज के अनुसार पैकेज में दो दिन कोटा, एक-एक दिन बूंदी, बांरा एवं झालावाड़ को शामिल किया गया है। अतः हमें हमारे संभाग के सभी पर्यटन स्थलों में व्याप्त खामियों को दुरुस्त करना होगा।

बैठक में फेडरेशन के महासचिव संदीप पाडिया ने बताया कि चंबल में सफारी करने आने वाले पर्यटकों के लिए के केफीट एरिया मूलभूत सुविधाओं के लिए एक बड़ा स्थल विकसित किया जाना चाहिए। साथ ही इसमें नांवो की संख्या बढ़ानी होगी। इसमें क्रूज भी चलाया जाना चाहिए।

इसे जवाहर सागर तक बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही मुकुंदरा टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य में नियमित रूप से सफारी और इसकी ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गडरिया महादेव में भी आने वाले पर्यटकों के लिए केफीट एरिया और इसके मार्ग को दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।

मुख्य वन संरक्षक सुगनाराम जाट ने बताया कि मुकुंदरा के कोर एरिया में सफारी की अनुमति आ चुकी है। शीघ्र ही तीन नए मार्ग सफारी के लिए खोले जाएंगे। साथ ही एक और नया मार्ग दरा की नाल से भी खोले जाने के प्रयास चल रहे हैं। चंबल सफारी में भी नावों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

मुकुंदरा अभ्यारण्य में अभी पांच कंटेनर गाडी ओर मंगाई है। आगे भी कंटेनरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बूंदी होटल फेडरेशन के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी ने बताया कि बूंदी के जेतसागर झील में कुंभी को हटाने के लिए एक मशीन स्थाई तौर पर लगाई जाए। स्थाई रूप से नौकायन शुरू किया जाना चाहिए।

इसी के साथ एक चौपाटी की स्थापना भी की जाए, ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़ सके। रामगढ़ अभ्यारण में सफारी के लिए जो मार्ग बने हुए हैं उनको भी दुरुस्त किया जाना चाहिए।

बांरा इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, इंटेक कन्वीनर जितेंद्र शर्मा एवं हर्षित अग्रवाल ने बताया कि बांरा के रामगढ़ कैटरर्स भण्डदेवरा, शेरगढ़ किला, सोरसन अभ्यारण्य एवं शाहबाद के किले जैसे ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के रखरखाव की जरूरत है।

झालावाड़ इकाई के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह झाला ने बताया कि गागरोन फोर्ट के रास्ते को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए। कोलवी की गुफाओं को भी विकसित किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर केडीए आयुक्त ममता तिवारी ने कहा कि केशोरायपाटन कॉरिडोर का काम चल रहा है। वहां स्थित रंगपुर साइट पर गेस्ट हाउस का भी पुनर्निर्माण करवाया जा रहा है।

संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल ने बैठक में मौजूद पर्यटन अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभागीय अधिकारियों से मिलकर लंबित पड़े सभी पर्यटन स्थलों के कार्यों को शीघ्र विकसित करें।

उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि मुकुंदरा अभ्यारण्य के नए मार्ग को सफारी के लिए शुरू किया जाए। पर्यटकों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी नर्देश दिए। उन्होंने चंबल नदी के रंगपुर घाट को वाराणसी के घाट की तरह विकसित करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

कोटा जिले के वाटर पॉइंट पर बर्ड वाचिंग पर पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने, चंबल रिवर फ्रंट पर फूड कोर्ट स्थापित करने एवं ग्रामीण हाट में हस्तशिल्प दुकानों के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। बूंदी झालावाड़ कोटा में स्थित चंबल टूरिस्ट बंगला वृंदावती होटल एवं चंद्रावती होटल का नवीनीकरण करके पुनः पर्यटकों के लिए चालू किए जाने के भी निर्देश दिए।

अवैध ई-टिकट कारोबार का भंडाफोड़, 84 उपयोग किए गए ई-टिकटों का खुलासा

कोटा। कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन “उपलब्ध” के अंतर्गत अवैध रूप से रेल ई-टिकटों के व्यापार में संलिप्त एक व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई कोटा पोस्ट द्वारा प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि देवली मांझी, कोटा स्थित पवन ई-मित्र की दुकान पर अवैध रूप से ई-टिकटों का व्यापार किया जा रहा था।

सूचना के सत्यापन हेतु उप निरीक्षक सुमित रघुवंशी एवं उप निरीक्षक सूरज सिंह परमार द्वारा एक आरक्षक को बोगस ग्राहक बनाकर उक्त दुकान पर भेजा गया।

जांच के दौरान दुकान पर कार्यरत कर्मचारी द्वारा अपनी निजी यूजर आईडी के माध्यम से दो रेल आरक्षित ई-टिकट तैयार किए गए तथा प्रति टिकट 50 रुपये अतिरिक्त कमीशन लिया गया।

सत्यापन उपरांत टीम द्वारा दुकान पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपनी निजी यूजर आईडी से टिकट तैयार कर अतिरिक्त राशि वसूलता था तथा उसके पास कोई वैध अधिकृत एजेंट आईडी नहीं थी।

मामले को रेल अधिनियम की धारा 143 का उल्लंघन पाए जाने पर शुभम धाकड़, उम्र 22 वर्ष, निवासी कोटा के विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की गई। उसके कब्जे से 375 रुपये मूल्य के दो आरक्षित ई-टिकट तथा टिकट बनाने में प्रयुक्त कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया गया।

साइबर सेल भोपाल से प्राप्त डाटा के अनुसार उक्त यूजर आईडी से कुल 84 उपयोग किए गए ई-टिकट बनाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 20,061 रुपये पाई गई। इस संबंध में प्रकरण धारा 143 रेल अधिनियम के अंतर्गत 25 फरवरी 2026 को मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

कोटा से गुजरने वाली राजधानी एक्सप्रेस में सेकंड एसी का अतिरिक्त कोच लगाया

कोटा। कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली गाड़ी संख्या 12951/12952 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली–मुंबई सेंट्रल राजधानी एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से एक द्वितीय वातानुकूलित अतिरिक्त कोच जोड़ा गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 12951 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में यह अतिरिक्त कोच दिनांक 27 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक लगाया जाएगा। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 12952 नई दिल्ली–मुंबई सेंट्रल राजधानी एक्सप्रेस में यह कोच 28 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक अस्थायी रूप से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि अतिरिक्त कोच जुड़ने के उपरांत उक्त ट्रेन में कुल 21 कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में अतिरिक्त आरक्षण क्षमता बढ़ेगी तथा यात्रियों को अधिक सुविधा प्राप्त होगी।

रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग के अनुरूप समय-समय पर कोच वृद्धि की व्यवस्था की जाती है, ताकि यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन सुचारु रूप से किया जा सके।

27 फरवरी को हल्दीघाटी एक्सप्रेस चित्तौड़ तक ही चलेगी
माल्हारगढ़–मंदसौर के मध्य दोहरीकरण कार्य के कारण गाड़ी संख्या 19818 यमुना ब्रिज आगरा–रतलाम हल्दीघाटी एक्सप्रेस दिनांक 27 फरवरी 2026 को यमुना ब्रिज आगरा से प्रस्थान कर चित्तौड़ जंक्शन तक ही संचालित होगी।

यह गाड़ी चित्तौड़ जंक्शन से रतलाम जंक्शन के मध्य निरस्त रहेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पूर्व गाड़ी की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें।

AI फीचर्स वाला सैमसंग का यह सुपर कैमरा फोन 25 हजार रुपये सस्ता, जानें ऑफर्स

नई दिल्ली। सैमसंग कंपनी के नए फ्लैगशिप फोन Galaxy S26 सीरीज के लॉन्च से पहले ही पिछले मॉडल की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली है। Samsung Galaxy S25 Plus अब अपनी लॉन्च कीमत से पूरे 25,000 रुपए सस्ता हो गया है।

पहले इसकी कीमत ज्यादा होने की वजह से कई लोग इसे खरीदने से रुक जाते थे। लेकिन अब कीमत कम होने के बाद यह डील और भी आकर्षक बन गई है।

कीमत में हुई कटौती
सबसे पहले आपको बता दें कि Galaxy S25 Plus का बेस 12GB + 256GB वैरिएंट फोन 99,999 रुपए में लॉन्च हुआ था। लेकिन यह फोन 25,000 रुपए की छूट के बाद 74,999 रुपए में फ्लिपकार्ट पर बेचा जा रहा है।

बैंक ऑफर्स
Samsung Galaxy S25 Plus को और सस्ते में खरीदने के लिए बैंक ऑफर्स और नो-कास्ट EMI का फायदा उठाया जा सकता है। फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक का फायदा लेकर आप 3750 रुपए का कैशबैक पा सकते हैं जिससे फोन की कीमत और कम हो जाएगी।

डिस्प्ले
फोन में बड़ी 6.7-इंच Dynamic AMOLED 2X स्क्रीन दी गई है, जिसमें Quad HD+ रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है। यह स्क्रीन बहुत ब्राइट है इसलिए धूप में भी देखने में साफ दिखती है। वीडियो, गेम और रोज़मर्रा का उपयोग बेहद स्मूथ और कलरफुल अनुभव देता है। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए Corning Gorilla Glass Victus 2 का उपयोग किया गया है, जिससे यह खरोंच और गिरने से बेहतर सुरक्षा देती है।

पावरफुल परफॉर्मेंस
Galaxy S25 Plus को Qualcomm Snapdragon 8 Elite for Galaxy प्रोसेसर पर चलाया गया है, जो एक शानदार चिपसेट है और मजबूत परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। इसमें 12GB RAM के साथ 256GB या 512GB तक की इनबिल्ट स्टोरेज मिलती है, जिससे बड़ी फ़ाइलें, गेम्स और ऐप्स बिना दिक्कत के रखे जा सकते हैं। 5G, Wi-Fi 7 और Bluetooth 5.4 जैसी कनेक्टिविटी भी है, जिससे तेज नेटवर्क और डाटा ट्रांसफर संभव होता है।

कैमरा से आएंगे प्रो-लेवल शॉट्स
Galaxy S25 Plus फोन का कैमरा सिस्टम शानदार है। पीछे 50MP मुख्य कैमरा, 12MP अल्ट्रा-वाइड और 10MP टेलीफोटो लेंस दिया गया है। यह कैमरा कम रोशनी, पोर्ट्रेट और लैंडस्केप फोटो में अच्छा काम करता है। टेलीफोटो लेंस से 3x ऑप्टिकल जूम और 30x तक डिजिटल जूम भी मिलता है। फोन 8K वीडियो रिकॉर्डिंग तक सपोर्ट करता है, जिससे हाई-क्वालिटी वीडियो बनाना आसान हो जाता है। सामने 12MP का फ्रंट कैमरा है, जो सेल्फी और वीडियो कॉल को कई बेहतर बनाता है।

वाटरप्रूफ और फ़ास्ट चार्जिंग
यह फोन IP68 सर्टिफ़ाइड है, मतलब पानी और धूल से सुरक्षा मिलती है। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स भी मौजूद हैं। फोन 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, जिससे करीब 30 मिनट में बैटरी 65% तक चार्ज हो सकती है। इसके अलावा 15W वायरलेस चार्जिंग और 4.5W रिवर्स वायरलेस चार्जिंग भी मिलता है, जिससे आप अन्य डिवाइस को चार्ज कर सकते हैं।

ईडी ने 3716 करोड़ का अनिल अंबानी का घर ‘अबोड’ कुर्क किया, जानिए क्यों

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नई दिल्‍ली। Anil Ambani House Attached: अनिल अंबानी को प्रतर्वतन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा झटका दिया है। ईडी ने एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनिल अंबानी के घर ‘अबोड’ को कुर्क किया है। इसका मूल्‍य 3,716 करोड़ रुपये है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

ऑफिशियल सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई वाले घर ‘अबोड’ को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अटैच कर लिया है। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये है। यह शानदार घर 66 मीटर ऊंचा है। इसमें 17 मंजिलें हैं। यह मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है ताकि उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की ओर से बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में मल्टी-स्टोरी घर को अटैच किया जा सके।

उन्होंने बताया कि अटैच की गई संपत्ति की कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है। 66 साल के अंबानी के दूसरे राउंड की पूछताछ के लिए यहां फेडरल जांच एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद है।

उन्होंने पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने गवाही दी थी। PMLA के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। नए ऑर्डर के साथ इस मामले में अटैच की कुल कीमत लगभग 15,700 करोड़ रुपये हो गई है।

NCDEX पर 4 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से धनिया 200 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडेक्स पर 4 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को धनिया 200 रुपये उछल गया। दो दिन में धनिया में 500 रुपये क्विंटल की तेजी आ चुकी है। लिवाली के अभाव में लहसुन 300 रुपये मंदा बिका, गेहूं 40 रुपये और चना 50 रुपये लुढ़क गया।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडेक्स अप्रैल का धनिया वायदा 4.20 प्रतिशत यानी 476 रुपये उछल कर 11806 रुपए और मई वायदा 4.76 प्रतिशत यानी 542 रुपये बढ़कर 11936 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 90 हजार कट्टे और लहसुन की 1500 कट्टे की आवक रही। मंडी में जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे –

गेहूं 2275 से 2390, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1550, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 4050, धान (1847) 3200 से 3701, धान (1718-1885) 3900 से 4400, धान (पूसा-1) 3600 से 4250, धान (1401-1846) 3800 से 4350, धान दागी 1500 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5351, सरसों 5300 से 6500, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500, रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8200, चना देशी 4700 से 5001, चना मौसमी 4700 से 5000, चना पेप्सी 4800 से 5001, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4500 से 4900 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 3300 से 7000, मैथी 4000 से 5200, धनिया बादामी 7500 से 9300, धनिया ईगल 9200 से 9800, धनिया नया गीला 6700 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 13000 रुपये प्रति क्विंटल।

अब 8 घंटे की शिफ्ट; हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम, जानिए कहां लागू हुआ यह श्रम कानून

नई दिल्ली। आज के दौर में जहां काम का बोझ बढ़ता जा रहा है और वर्क-लाइफ बैलेंस की बातें जोर-शोर से हो रही हैं, मैक्सिको ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। क्लाउडिया शीनबाम के नेतृत्व वाली सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लिया है।

देश की कार्य सप्ताह को 48 घंटे से घटाकर 40 घंटे करने का विधेयक संसद में पारित हो गया है। बताया जा रहा है कि यह सुधार न सिर्फ कार्य घंटों में कमी लाएगा, बल्कि श्रमिकों को प्रति सप्ताह एक अनिवार्य सवैतनिक अवकाश भी सुनिश्चित करेगा।

धीरे-धीरे लागू होने वाला यह बदलाव 2027 से शुरू होगा और 2030 तक पूरी तरह 40 घंटे का कार्य सप्ताह स्थापित कर देगा, वो भी बिना वेतन या अन्य लाभों में कटौती के।

मैक्सिको में क्लाउडिया शीनबाम के नेतृत्व वाली सरकार ने सर्वसम्मति से नए श्रम सुधार को मंजूरी दे दी है, जो मैक्सिकन कार्य सप्ताह को कम करने की अनुमति देगा।

राष्ट्रपति शीनबाम द्वारा समर्थित इस सुधार से मौजूदा 48 घंटे के कार्य सप्ताह को धीरे-धीरे घटाकर 40 घंटे कर दिया जाएगा, साथ ही प्रति सप्ताह एक अनिवार्य सवैतनिक अवकाश का प्रावधान भी मजबूत होगा।

यह श्रम सुधार विधेयक 500 सदस्यीय निचले सदन (चैंबर ऑफ डेप्युटीज) में कुल 469 वोटों से पक्ष में पारित हो गया। इससे पहले मैक्सिकन सीनेट ने भी इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी।

इस प्रस्ताव को सबसे पहले राष्ट्रपति शीनबाम ने दिसंबर 2025 में पेश किया था। हालांकि, व्यापारिक नेताओं के विरोध और पैरवी के कारण इस पर चर्चा कई हफ्तों तक टलती रही।

नए सुधार में क्या है
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह सुधार 2027 से लागू होना शुरू होगा और 2030 तक हर दो साल में कार्य घंटों में कमी की जाएगी। मैक्सिको में 48 घंटे के कार्य सप्ताह को घटाकर 40 घंटे कर दिया जाएगा, जिसका मतलब है कि पांच दिन का कार्य सप्ताह संभव हो सकेगा। वर्तमान में मैक्सिकन श्रमिकों को साप्ताहिक सवैतनिक अवकाश नहीं मिलता है। एक दिन छुट्टी हर छह कार्य दिवसों पर होती है।

शीनबाम द्वारा समर्थित इस विधेयक के तहत श्रमिकों को हर छह कार्य दिवसों में एक अनिवार्य सवैतनिक अवकाश मिलेगा। इस प्रस्ताव में संवैधानिक संशोधन की मांग की गई है, जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र के श्रमिकों को ओवरटाइम काम से प्रतिबंधित किया जाएगा।

ओवरटाइम के लिए अन्य बदलाव: प्रति सप्ताह ओवरटाइम की सीमा 12 घंटे तक होगी (प्रतिदिन अधिकतम 4 घंटे तक वितरित)। दोगुने ओवरटाइम (डबल टाइम) के लिए नियमित प्रति घंटा वेतन से 100% अधिक मुआवजा देना होगा। तिगुने ओवरटाइम के मामले में नियोक्ताओं को 200% अधिक भुगतान करना होगा।

इस सुधार के साथ मैक्सिको उन अन्य लैटिन अमेरिकी देशों जैसे चिली और कोलंबिया में शामिल हो गया है, जिन्होंने साप्ताहिक कार्य घंटे कम किए हैं। इसके अलावा, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भी अक्टूबर में अपने पुनर्निर्वाचन अभियान से पहले इसी तरह के प्रस्ताव का समर्थन किया था।

व्यावसायिक समूहों का विरोध
यह सुधार शीनबाम सरकार की श्रमिक-समर्थक नीतियों का हिस्सा है, लेकिन कई व्यावसायिक समूहों ने इसका विरोध किया है। उन्होंने दावा किया है कि इन बदलावों से श्रम लागत बढ़ेगी और देश की कुल उत्पादकता प्रभावित होगी। विपक्षी सांसदों ने भी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने विधेयक में हर सप्ताह दो दिन की छुट्टी शामिल करने की मांग की है।

Stock Market: सेंसेक्स 50 अंक सुधरकर 82250 के पार और निफ्टी 25482 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: शेयर बाजार के लिए बुधवार 25 फरवरी का दिन फिर से निराश करने वाला रहा, क्योंकि मार्केट ने अच्छी शुरुआत के बाद सारी बढ़त गंवा दी। सेंसेक्स 50.15 अंकों की बढ़त के साथ 82276.07 जबकि निफ्टी 57.85 अंक चढ़कर 25,482.50 के स्तर पर बंद हुआ।

हालांकि दिन के मध्य में निफ्टी 25,650 के करीब से फिसलकर 25,450 तक आया, लेकिन आखिरी घंटे में रिकवरी देखने को मिली। बैंक निफ्टी लगभग सपाट रहा, जो दर्शाता है कि बड़ी तेजी फिलहाल सीमित दायरे में है।

खास बात है कि आज के सत्र में आईटी शेयरों में रिकवरी देखने को मिली, साथ ही मेटल, फार्मा और स्माॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। लेकिन अन्य सेक्टर्स में खरीदारी का रुझान फीका रहा।

Rice Export: भारत की वापसी से पाकिस्तान का चावल एक्सपोर्ट 40 फीसदी गिर गया

इस्लामाबाद। ग्लोबल मार्केट में भारत के वापसी ने पाकिस्तान के चावल निर्यात की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान को मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीने बड़ा घाटा उटाना पड़ा है, क्योंकि उसका निर्यात 40.5 प्रतिशत गिरकर 1.31 अरब डॉलर रह गया है।

मंगलवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की स्टैंडिंग कमेटी ऑन कॉमर्स के डेटा से यह जानकारी सामने आई है। इसकी वजह वैश्विक बाजार में भारत की वापसी है, जिससे इस्लामाबाद का मार्केट शेयर और प्राइसिंग पावर कम हो गया। नॉन-बासमती चावल में पाकिस्तान का नुकसान तो और भी बड़ा है।

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, नॉन-बासमती चावल का निर्यात घटकर 82.78 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 50.8 प्रतिशत की गिरावट है। वहीं, इसका वॉल्यूम एक साल पहले के 31.5 लाख टन से घटकर 20 लाख टन रह गया।

हालांकि, पाकिस्तान के बासमती चावल के निर्यात में अपेक्षाकृत कम कमी आई है। बासमती एक्सपोर्ट 6.62 प्रतिशत गिराकर 47.77 करोड़ डॉलर रह गया। वहीं, इसका वॉल्यूम 487,278 टन से घटकर 436,484 रह गया।

पाकिस्तान को इस झटके के पीछे भारत है और इसे पाकिस्तानी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है। मंत्रालय ने दिसम्बर और जनवरी में दो अलग-अलग बैठक में संसदीय कमेटी को इस बारे में जानकारी दी है। इसमें बताया गया कि ग्लोबल मार्केट में भारत की दोबारा एंट्री इसकी एक बड़ी वजह थी। भारत की बढ़ती सप्लाई ने पाकिस्तानी चावल को बाजार में कमजोर कर दिया है।

भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का असर
पाकिस्तानी अधिकारियों ने सांसदों को भारत की मजबूती की वजह कई देशों और संगठनों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को बताया। भारत को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से फायदा होता है। भारत ने दुनिया भर के देशों और समूहों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है। इसके सामने पाकिस्तानी निर्यातकों का टिकना मुश्किल हो जाता है। हालत यह है पाकिस्तान के एक्सपोर्टर अब खुद को बचाए रखने के लिए मार्केट को डाइवर्सिफाइ करने पर विचार कर रहा है।