Friday, July 17, 2026
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CUET PG 2026 की सिटी स्लिप जारी, ऐसे करें आसानी से डाउनलोड

नई दिल्ली। CUET PG 2026 City Intimation: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट – पोस्टग्रेजुएट (CUET PG 2026) के उम्मीदवारों के लिए ‘एडवांस एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप’ जारी कर दी है, जिनकी परीक्षाएं 8, 9 और 10 मार्च 2026 को निर्धारित हैं। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/CUET-PG पर जाकर अपने परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सीयूईटी पीजी परीक्षा देश भर के केंद्रीय, राज्य और अन्य भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए प्रवेश द्वार है। इस वर्ष यह परीक्षा 6 मार्च से 27 मार्च 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जा रही है।

सिटी इंटिमेशन स्लिप क्या है
अक्सर छात्र सिटी इंटिमेशन स्लिप को ही एडमिट कार्ड समझ लेते हैं, लेकिन एनटीए ने स्पष्ट किया है कि यह एडमिट कार्ड नहीं है।

  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके परीक्षा शहर के बारे में पहले से सूचित करना है ताकि वे यात्रा और ठहरने की व्यवस्था समय रहते कर सकें।
  • डिटेल्स: इस स्लिप में अभ्यर्थी का नाम, परीक्षा की तारीख, आवंटित शहर और राज्य की जानकारी होती है। हालांकि, इसमें परीक्षा केंद्र का सटीक नाम और पता नहीं दिया जाता है, जो केवल एडमिट कार्ड में ही होगा।

8 से 10 मार्च का परीक्षा कार्यक्रम
एनटीए द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, 8 से 10 मार्च के बीच महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं तीन शिफ्टों में आयोजित की जाएंगी:

  • 8 मार्च: बी.एड (विभिन्न श्रेणियों में), जनरल मैनेजमेंट और जनरल पेपर।
  • 9 मार्च: सांख्यिकी, बी.एड गणित, फ्रेंच, तेलुगु और क्रिमिनोलॉजी।
  • 10 मार्च: डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, एम.ए. एजुकेशन, फॉरेंसिक साइंस और होम साइंस।

एडमिट कार्ड कब आएगा?
परीक्षा के लिए आधिकारिक एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से लगभग 3-4 दिन पहले जारी किए जाते हैं। यानी 8 मार्च की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 4 या 5 मार्च तक आने की संभावना है। एडमिट कार्ड में ही छात्र को अपना रोल नंबर, परीक्षा केंद्र का नाम, रिपोर्टिंग टाइम और शिफ्ट की सटीक जानकारी मिलेगी।

सिटी स्लिप ऐसे करें डाउनलोड

  • सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/CUET-PG पर जाएं।
    होमपेज पर ‘CUET PG 2026 City Intimation Slip’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी पिन (कैप्चा) भरकर ‘Submit’ पर क्लिक करें।
    आपकी सिटी इंटिमेशन स्लिप स्क्रीन पर आ जाएगी, इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।

मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर
यदि किसी अभ्यर्थी को सिटी स्लिप डाउनलोड करने में कोई समस्या आती है, तो वे एनटीए के हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या helpdesk-cuetpg@nta.ac.in पर ईमेल भेज सकते हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नए अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।

पश्चिम एशिया में तनाव से सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर बंद, निफ्टी 24900 से नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Closed: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला। सोमवार को बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1048.34 अंक या 1.29 प्रतिशत गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 312.95 अंक या 1.24 प्रतिशत गिरकर 24,865.70 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (2 मार्च) को बड़ी गिरावट में बंद हुए। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से मिडिल ईस्ट क्षेत्र में कारोबार करने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी ने निवेशकों को बिकवाली के लिए मजबूर कर दिया।

एलएंडटी, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे की तरफ धकेला। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से बाजार में घबराहट देखी जा रही है। ईरान के सबसे बड़े नेता आयतोल्ला अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारियों को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मार दिया गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि हालात आगे भी बिगड़ सकते हैं। इससे बाजार में चिंता बढ़ गई है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) प्री-ओपन में 78,543.73 अंक तक गिर गया था। जबकि कारोबार के दौरान यह 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट में कारोबार करता रहा। अंत में 1048.34 अंक या 1.29 प्रतिशत की गिरावट लेकर 80,238.85 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी बड़ी गिरावट लेकर 24,659.25 पर खुला। कारोबार के दौरान 24,603 अंक तक फिसला। अंत में 312.95 अंक या 1.24 फीसदी गिरका 24,865 पर बंद हुआ।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल, सन फार्मा और आईटीसी को छोड़कर सभी शेयर लाल निशान में रहे। इंडिगो और एलएन्डटी 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। अदाणी पोर्ट्स, मारुति, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व और रिलायंस प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।

ब्रोडर मार्केट्स का प्रदर्शन प्रमुख इंडेक्स से कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 1.58 प्रतिशत और 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी ऑटो 2.20 प्रतिशत गिरकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। वहीं निफ्टी मेटल 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ और सेक्टर इंडेक्स में बेहतर प्रदर्शन किया।

अमेरिका के युद्ध में सबसे बड़ा हथियार बना AI, ईरान को किया बेबस

नई दिल्ली। Iran America War: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर इतिहास का सबसे बड़ा हमला कर दिया है। अमेरिका ने इस बार पूरी प्लानिंग के तहत हमला कर ना सिर्फ दर्जनों ईरानी अधिकारियों को मार गिराया, बल्कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की भी हत्या कर दी।

दावा किया जा रहा है कि हमले में खामेनेई के भाई, बेटी और दामाद सहित कई अन्य सदस्यों की भी मौत हो गई। अब यह जानकारी सामने आई है कि इस युद्ध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अमेरिका का सबसे बड़ा हथियार बना।

अमेरिका की सेना पहले से ही सैन्य योजनाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रही थी। बीते साल पेंटागन ने लगभग 200 मिलियन डॉलर तक के कॉन्ट्रैक्ट जारी किए थे, जिनका मकसद युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा में AI का इस्तेमाल बढ़ाना था।

इन समझौतों में Anthropic के अलावा OpenAI, Google और एलन मस्क की xAI भी शामिल थीं। इन प्रोजेक्ट्स में लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs), एजेंटिक वर्कफ्लो और क्लासिफाइड और अनक्लासिफाइड दोनों तरह के सिस्टम शामिल थे।

अब ईरान पर हमले के लिए अमेरिका ने इन टूल्स को अपना साथी बनाया। 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों के दौरान पेंटागन ने एंथ्रोपिक कंपनी के Claude AI मॉडल का बड़े पैमाने पर उपयोग किया। हालांकि अमेरिकी सेना ने सिर्फ इस AI सिस्टम का ही इस्तेमाल नहीं किया।

पिछले कुछ सालों में अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) ने युद्ध की तैयारी, खुफिया विश्लेषण और ऑपरेशन प्लानिंग के लिए कई बड़ी टेक कंपनियों के AI टूल अपने सिस्टम में शामिल किए हैं। एंथ्रोपिक ने 2024 के अंत से अमेरिकी रक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ काम शुरू किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया हमलों में Claude AI का इस्तेमाल खुफिया जानकारी के विश्लेषण, टारगेट पहचान और युद्ध सिमुलेशन में किया गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सैटेलाइट इमेज, इंटरसेप्ट और सिग्नल इंटेलिजेंस जैसे बड़े डेटा का विश्लेषण कराने के लिए AI की मदद ली। AI ने संभावित खतरों का आकलन, दुश्मन की लोकेशन की पहचान और हाई-वैल्यू टारगेट की प्राथमिकता तय करने में भी काफी मदद की। साथ ही हमले से पहले संभावित परिणाम, जोखिम और कोलेटरल डैमेज का अनुमान लगाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया गया।

अमेरिका ने एंथ्रोपिक के अलावा OpenAI के GPT मॉडल और ChatGPT आधारित सिस्टम का भी उपयोग किया। हालांकि यह कहा जा रहा है कि इन टूल्स ने हथियार नियंत्रित नहीं किए और ना ही खुद कोई घातक फैसला लिया।

इसकी भूमिका सिर्फ निर्णय-सहायक टूल की रही, जो डेटा प्रोसेसिंग, विश्लेषण और रणनीतिक सुझाव देता है। जानकारों की मानें तो युद्ध से जुड़े अंतिम निर्णायक फैसले आज भी इंसान ही लेंगे।

पश्चिमी एशिया के हालत चिंताजनक, बातचीत से निकले समाधान: पीएम मोदी

नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात को चिंताजनक बताते हुए शांति और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थक रहा है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी तरह के सैन्य टकराव से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ती है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क में है और शांति बहाली के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।

कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने बताया कि भारत और कनाडा ने यूरेनियम पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर एक साथ मिलकर काम करेंगे।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस संबंध में विदेशों में भारतीय मिशनों के संपर्क में है। मंत्री ने बताया कि युद्ध की स्थिति से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है।

जोशी ने कहा ‘जब भी कन्नड़िगा और अन्य भारतीय दुनिया में कहीं भी संकट में होते हैं, केंद्र सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती है। इससे पहले हमने यूक्रेन में फंसे नागरिकों को भी लाया। जहां भी भारतीय हैं, उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’

जोशी ने चिंतित परिवारों को आश्वासन देते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और सरकार सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में विमान यात्रा फिलहाल जोखिमपूर्ण है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही आगे कदम उठाए जाएंगे।

India-Canada Deal: भारत-कनाडा के बीच ऐतिहासिक आर्थिक समझौता

नई दिल्ली। India-Canada Deal: वैश्विक स्तर पर चल रही उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच, भारत ने कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा कदम उठाया है।

एक ओर जहां भू-राजनीतिक संकट ने बाजारों को झकझोर कर रख दिया है, वहीं भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक खनिजों को लेकर ऐतिहासिक समझौते हुए हैं।

इन समझौतों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देशवासियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है। भारत और कनाडा ने यूरेनियम पर एक ऐतिहासिक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद, पीएम मोदी ने साफ किया कि मानवता की भलाई भारत और कनाडा का साझा दृष्टिकोण है। वैश्विक अस्थिरता का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भारत विश्व में शांति और स्थिरता चाहता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है और देश बातचीत के जरिए सभी मुद्दों के समाधान का पक्षधर है। युद्ध के बढ़ते जोखिम के बीच प्रधानमंत्री ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा करने के लिए भारत ने कनाडा के साथ अपनी रणनीतिक भागीदारी को मजबूत किया है। दोनों देशों के बीच हुए प्रमुख समझौते इस प्रकार हैं:

  • यूरेनियम और परमाणु सहयोग: कनाडाई पीएम कार्नी के साथ वार्ता के बाद पीएम मोदी ने बताया कि भारत और कनाडा ने यूरेनियम पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर एक साथ मिलकर काम करेंगे।
  • क्रिटिकल मिनरल्स: भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित करने के लिए, भारत और कनाडा ने महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • नवीकरणीय ऊर्जा: स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए, दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर मुहर लगाई है।
  • व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता: व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए भारत और कनाडा ने ‘व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते’ के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ दस्तावेज को अंतिम रूप दे दिया है। पीएम मोदी के अनुसार, दोनों देशों ने इस व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने का फैसला किया है।

कनाडा के साथ समझौतों का कैसे मिलेगा फायदा
कनाडा के साथ हुए ये समझौते भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। यूरेनियम और नवीकरणीय ऊर्जा पर हुए समझौतों से भारत के पावर और एनर्जी सेक्टर को भारी बूस्ट मिलेगा, जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। वहीं, क्रिटिकल मिनरल्स समझौता भारत के उभरते इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। एक ओर जहां पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक आपूर्ति शृंखला और बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार कूटनीतिक स्तर पर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है।

खामेनेई की हत्या का बदला लेगा ईरान, अमेरिका के खाड़ी देशों में मिसाइल अटैक

नई दिल्ली। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का रविवार को संकल्प लिया। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को अपने ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिका और इजरायल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी।

ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजरायली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इससे पहले, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी अरब देशों में स्थित वृहद लक्ष्यों पर मिसाइलें दागीं, जबकि इजरायल ने ईरान के नेताओं और सेना के खिलाफ ‘लगातार’ हमले करने का संकल्प लिया।

इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। इजरायल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है।

अमेरिकी सेना ने रविवार को पुष्टि कि अभियान शुरू होने के बाद से उसके तीन सैनिक मारे गए हैं और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये लड़ाई में मारे गए पहले ज्ञात अमेरिकी सैनिक हैं।

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सरकारी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित एक पूर्व-रिकॉर्डिड संदेश में कहा कि एक नई नेतृत्व परिषद ने अपना काम शुरू कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि नए सर्वोच्च नेता का चुनाव ‘एक . दो दिन’ में किया जाएगा।

इन हमलों और जवाबी हमलों, खामेनेई के मारे जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दशकों पुराने इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने के आह्वान से एक लंबे संघर्ष की आशंका बढ़ गई है जिसकी चपेट में पूरा मध्य एशिया आ सकता है।

ईरान के खिलाफ दूसरा ऑपरेशन
पिछले आठ महीनों में यह दूसरी बार है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से सैन्य अभियान शुरू किया है। अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा सैन्य शक्ति का प्रदर्शन चौंकाने वाला है क्योंकि वह ‘अमेरिका फर्स्ट’ के नारे के साथ सत्ता में आए थे और ‘अनंत युद्धों’ से दूर रहने का संकल्प लिया था।

पिछले साल जून में चले 12 दिनों के युद्ध में, इजरायल और अमेरिका के हमलों ने ईरान की हवाई सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को काफी कमजोर कर दिया था। लेकिन तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान पर शासन करने वाले खामेनेई के मारे जाने से नेतृत्व में शून्यता पैदा हो गयी है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

ईरान ने खामनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने रविवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा, ‘आपने हमारी लक्ष्मण रेखा पार कर ली है और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी।’ उन्होंने कहा, ‘हम आप पर ऐसे विनाशकारी प्रहार करेंगे कि आप स्वयं जान की भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे।’

ट्रंप का पलटवार
ट्रंप ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, ‘उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा!’

इस हमले से क्षेत्रीय अशांति भड़कने की आशंका का संकेत तब मिला जब रविवार को सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों के अनुसार, इस झड़प में कम से कम नौ लोग मारे गए।

ईरान के जवाबी हमले
ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के जवाब में ईरान ने अमेरिकी सेनाओं के खाड़ी देशों में स्थित ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की।

हवाई युद्ध से वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक यातायात के लिए असुरक्षित बना देता है। विश्व के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है, और तेल की कीमतों में पहले से ही उतार-चढ़ाव की आशंका बनी रहती है।

इजरायली सेना के मुताबिक पूरे देश में लगातार हुए हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए और 120 से अधिक घायल हुए। सेना ने बताया कि कई मिसाइलों को नाकाम कर दिया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने रविवार को कहा कि उनका देश ईरान में सैन्य और नेतृत्व के ठिकानों पर लगातार हवाई हमले करेगा।

CA Final में दीक्षा गोयल ने हासिल की 1st रेंक, यहां देखें पूरी टॉपर्स लिस्ट

नई दिल्ली। ICAI CA Final Jan 2026 Toppers: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने सीए फाइनल परीक्षा (जनवरी 2026 सत्र) का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार के नतीजों में बेटियों ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। करनाल की रहने वाली दीक्षा गोयल ने ऑल इंडिया लेवल पर पहली रैंक (AIR 1) हासिल कर इतिहास रच दिया है।

सीए फाइनल की परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, और इसमें टॉप रैंक हासिल करना किसी बड़े सपने के सच होने जैसा है। दीक्षा की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।

टॉपर्स लिस्ट
ICAI द्वारा जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार, टॉप तीन स्थानों पर रहने वाले मेधावी छात्र इस प्रकार हैं:

  1. दीक्षा गोयल (AIR 1): दीक्षा ने कुल 800 अंकों में से शानदार अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। उनकी सफलता की कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।
  2. दूसरे स्थान पर (AIR 2): इस गौरवशाली लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल करने वाले छात्र अनिरुध्द गर्ग ने भी कड़ी मेहनत और निरंतरता का परिचय दिया है।
  3. तीसरे स्थान पर (AIR 3): तीसरे स्थान पर रहने वाले मेधावी छात्र रिषभ जैन और ध्रुव डेंबला ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया है।

संस्थान ने परिणामों के साथ-साथ ग्रुप-वाइज पास प्रतिशत भी जारी किया है, जो पिछले सत्रों की तुलना में काफी बेहतर नजर आ रहा है। कुल 7,590 उम्मीदवारों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में अपनी योग्यता पूरी की और सफलता प्राप्त की।

रिजल्ट ऐसे करें चेक

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट icai.nic.in या icai.org पर जाएं।
  • होमपेज पर “CA Final Result January 2026” लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें।
  • “Check Result” पर क्लिक करें।
  • आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे पीडीएफ के रूप में डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है।

सीए फाइनल जनवरी 2026 में कितने छात्र पास हुए
चार्टर्ड अकाउंटेंट इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा जारी परिणाम के अनुसार, सीए फाइनल रिजल्ट जनवरी 2026 का पास परसेंटेज इस प्रकार है-

  • ग्रुप 1 में- 53652 ने परीक्षा दी- 11282 पास हुए- पास परसेंट रहा 21.03
  • ग्रुप 2 में- 38169 ने परीक्षा दी- 3726 पास हुए- 9.76 रहा पास परसेंट
  • दोनों ग्रुप्स में- 22293 ने परीक्षा दी- 2446 पास हुए- 10.94 प्रतिशत पास

ईरान संकट के बीच MCX पर सोना 5000 रुपये महंगा, चांदी 10 हजार रुपये उछली

नई दिल्ली। ईरान संकट के कारण सोने और चांदी की कीमत में आज भारी तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 5,000 रुपये महंगा हो गया जबकि चांदी की कीमत में 10,000 रुपये से ज्यादा की उछाल आई। दुनिया में जब भी संकट गहराता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने और चांदी का रुख करते हैं। इसी वजह से इनकी कीमत में उछाल आती है।

2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना एमसीएक्स पर पिछले सत्र में 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। आज यह 1,65,501 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 5,000 रुपये से अधिक तेजी के साथ 1,67,915 रुपये तक पहुंचा। सुबह 9.42 बजे यह 4647 रुपये यानी 2.87 फीसदी तेजी के साथ 1,66,751 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी की कीमत में शुरुआती कारोबार में 10,000 रुपये से ज्यादा की तेजी आई। पिछले सत्र में यह 282644 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी और आज 2,82,644 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में यह 10,508 रुपये की तेजी के साथ 2,93,152 रुपये तक उछली। सुबह 9.45 बजे यह 8,672 रुपये यानी 3.07 फीसदी तेजी के साथ 2,91,316 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

शेयर बाजार में हाहाकार; सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का, निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ स्वाहा

नई दिल्ली। Stock Market Update Today1:50 PM: ईरान-इजरायल-अमेरिका में जंग का असर घरेलू शेयर मार्केट पर देखने को मिल रहा है। दोपहर बाद 1.00 बजे सेंसेक्स 1553.48 अंक यानी 1.91% की गिरावट के साथ 79,733.71 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 476.55 अंक यानी 1.89% की गिरावट के साथ 24,702.10 अंक पर था।

सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में गिरावट आई है। एनटीपीसी, इंडिगो और लार्सन एंड टुब्रो में सात फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसी तरह कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स और मारुति के शेयर 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए।

इटरनल, अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील और आईटीसी में चार फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इस गिरावट से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप में 9 लाख करोड़ रुपये की गिरकर 454 लाख करोड़ रुपये रह गया।

सेंसेक्स 2743 अंकों के भारी नुकसान के साथ 78543 पर खुला। हालांकि, बहुत जल्द सेंसेक्स ने रिकवरी की और अब केवल 723 अंक नीचे 80563 पर है। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 519 अंक नीचे 24659 के लेवल पर खुला और 210 अंक नीचे 24968 पर है। सेंसेक्स एक समय 78543 पर आ गया था।

सेंसेक्स 2743 अंकों के भारी नुकसान के साथ 78543 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 519 अंक नीचे 24659 के लेवल पर खुला। एनएसई पर केवल 288 स्टॉक्स हरे और 2437 लाल निशान पर थे। 509 शेयर 52 हफ्ते के लो पर आ गए हैं।

सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में गिरावट आई है। एनटीपीसी, इंडिगो और लार्सन एंड टुब्रो में सात फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसी तरह कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स और मारुति के शेयर 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए। इटरनल, अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील और आईटीसी में चार फीसदी से ज्यादा गिरावट आई।

इससे पहले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध ने नए घरेलू ट्रिगर की अनुपस्थिति के बीच निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। सेंसेक्स ने 81,287.19 पर बंद करने के लिए 961.42 पॉइंट या 1.17 प्रतिशत को क्रैक किया, जबकि निफ्टी 50 ने 317.90 पॉइंट या 1.25 प्रतिशत को 25,178.65 पर कम कर दिया।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट
    ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध बढ़ने के कारण एशियाई बाजारों में सोमवार को तेजी से गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 लगभग 2 प्रतिशत गिर गया, और टॉपिक्स 2.1 प्रतिशत गिर गया। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया। दक्षिण कोरिया के बाजार सार्वजनिक अवकाश के लिए बंद हैं।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 25,223 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 115 अंकों की छूट है, जो भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों के लिए बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट
    ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी शेयर वायदा रातोंरात कारोबार में गिर गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 517 अंक या 1 प्रतिशत गिर गए, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 1 प्रतिशत खो गए और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 1 प्रतिशत से अधिक गिर गए। शुक्रवार को एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने मार्च 2025 के बाद से अपनी सबसे तेज मासिक गिरावट दर्ज की, जबकि डॉव जोन्स ने अपने दसवें सीधे महीने की बढ़त दर्ज की। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 521.28 अंक या 1.05 प्रतिशत गिरकर 48,977.92 पर आ गया, जबकि एसएंडपी 500 29.98 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 6,878.88 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 210.17 अंक या 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,668.21 पर बंद हुआ।

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध
अमेरिका-इजरायल संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद मध्य पूर्व में युद्ध बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देश पर चल रहे अमेरिका-इजरायल हमलों में ईरान के 48 नेता मारे गए हैं। अयातुल्ला अराफी को इस्लामिक गणराज्य के अंतरिम सर्वोच्च नेता के रूप में नामित किया गया है।

सिद्धचक्र महामंडल विधान में पूजा-अर्चना के साथ तीर्थंकरों को अर्घ्य समर्पित किए

मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर से निकली भव्य चक्रवर्ती दिग्विजय यात्रा

कोटा। आरकेपुरम स्थित मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, त्रिकाल चौबीसी के तत्वावधान में आर्यिका विभाश्री माताजी एवं आर्यिका विनयश्री माताजी के सानिध्य में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत रविवार को विशेष पूजा-अर्चना के साथ तीर्थंकरों को अर्घ्य समर्पित किए गए।

मंदिर समिति के अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि प्रातः विशेष पूजा-अर्चना के उपरांत समवशरण में विराजित जिनेंद्र देव का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। विधानाचार्य पंडित जितेंद्र शास्त्री एवं स्वतंत्र भैया के सान्निध्य और निर्देशन में सिद्धचक्र महामंडल विधान किया जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा विधिवत अर्घ्य समर्पित किए गए।

समिति उपाध्यक्ष लोकेश जैन बरमुंडा ने बताया कि सायंकाल चक्रवती इन्द्र ज्ञानचंद जैन,संजय—तृप्ति जैन के स्व निवास से चक्रवर्ती भव्य दिग्विजय यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में चक्रवती इंद्र परिवार हाथी पर सवार रहे। वहीं सोधर्म इंद्र के रूप में एस के जैन परिवार घोड़े पर विराजमान रहे। अन्य इंद्र बग्घियों में सवार होकर बैंड-बाजों एवं लवाजमे के साथ यात्रा नगर भ्रमण को निकली।

दिग्विजय यात्रा के दौरान मार्ग में स्थान-स्थान पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। जैन श्रद्धालु नृत्य करते हुए जिन प्रभावना करते नजर आए। इन्द्र अपने हाथो से मोती व अर्शिफा लुता रहे थे और श्रृद्धालु महावीर के जयकारो के साथ नाचते गाते आगे बढ रहे थे।

महिला मंडल की भव्य नाटिका
रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में धार्मिक नाटिका में भारत—बाहुबली युद्ध मंचन किया गया, जिसमें धर्म, त्याग और वैराग्य के संदेश को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया। नाटिका को उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना के साथ देखा।

धर्म और धन पर प्रवचन
आर्यिका विभाश्री माताजी ने प्रवचन में धर्म और धन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्रद्धालुओं को बताया गया कि जो व्यक्ति धर्म को छोड़कर केवल धन के पीछे भागता है, उसका पतन निश्चित है। जबकि धर्म के पथ पर चलने वाला व्यक्ति कभी अभावग्रस्त नहीं होता। धर्म के बिना धन का कोई मूल्य नहीं है और धर्मयुक्त धन ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने 60 हजार वर्षों में छह खंडों पर विजय प्राप्त कर धर्मध्वजा फहराई थी।