Friday, July 17, 2026
Home Blog Page 224

iPhone 17e हाई रेजॉल्यूशन कंटेंट एवं AI फीचर्स के साथ लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। Apple ने 2026 में अपने iPhone लाइनअप को अपडेट करते हुए iPhone 17e लॉन्च कर दिया है। यह नया मॉडल Apple की अफॉर्डेबल प्रीमियम स्ट्रेटजी को मजबूत करता है और पिछले e-सीरीज मॉडल के मुकाबले कई अपग्रेड लेकर आया है।

iPhone 17e को iPhone 17 सीरीज का सबसे अफॉर्डेबल मॉडल माना जा रहा है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत 64,900 रुपये रखी गई है, जिसमें अब 256GB बेस स्टोरेज मिलता है। यानी पिछले मॉडल की तुलना में स्टोरेज क्षमता सीधे दोगुनी कर दी गई है। कंपनी ने यह कदम बढ़ते ऐप साइज, AI फीचर्स और हाई-रेजॉल्यूशन कंटेंट को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

बता दें, नए आईफोन के प्री-ऑर्डर 4 मार्च, 2026 से शुरू होंगे, जबकि इसकी सेल 11 मार्च से भारत समेत कई देशों में शुरू हो जाएगी। भारत में iPhone 17e की कीमत 256GB वाले बेस वेरियंट के लिए 64,900 रुपये और 512GB स्टोरेज वेरियंट के लिए 84,900 रुपये रखी गई है। सेल शुरू होने पर चुनिंदा बैंक कार्ड्स से भुगतान करने वालों को 5000 रुपये तक कैशबैक मिल सकता है।

iPhone 17e में Apple का लेटेस्ट A19 चिपसेट दिया गया है, जो 3nm प्रोसेस पर बेस्ड है। यह चिप ना सिर्फ तेज परफॉर्मेंस देती है बल्कि बैटरी एफिशिएंसी भी बेहतर मिलती है।

इसमें 16-core Neural Engine शामिल है, जो Apple Intelligence और AI बेस्ड फीचर्स को ज्यादा स्मूद तरीके से चलाने में मदद करता है। इसके साथ Apple ने नया C1X modem भी दिया है, जो पहले के मुकाबले तेज 5G स्पीड और कम पावर कंजम्पशन ऑफर करता है।

iPhone 17e में 6.1 इंच का Super Retina XDR OLED डिस्प्ले मिलता है। इसका डिजाइन काफी हद तक पिछले मॉडल जैसा ही रखा गया है लेकिन इस बार कंपनी ने Ceramic Shield 2 प्रोटेक्शन दी है, जिससे स्क्रीन की स्क्रैच और ड्रॉप रेजिस्टेंस बेहतर हो जाती है। फोन IP68 रेटिंग के साथ आता है, यानी यह पानी और धूल से सेफ रहता है।

Apple ने पहली बार e-सीरीज में 48MP Fusion कैमरा दिया है। यह कैमरा 2x optical-quality zoom सपोर्ट करता है और डिफॉल्ट रूप से 24MP फोटो कैप्चर करता है जिससे क्वॉलिटी और फाइल साइज का बैलेंस बना रहे।

फोन में बेहतर Portrait processing, Dolby Vision के साथ 4K वीडियो रिकॉर्डिंग और Spatial Audio सपोर्ट भी मिलता है, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स को फायदा होगा।

iPhone 17e का सबसे बड़ा हाइलाइट है MagSafe सपोर्ट, जो पिछले मॉडल में मौजूद नहीं था। अब यूजर 15W तक वायरलेस चार्जिंग और मैग्नेटिक एक्सेसरीज का इस्तेमाल कर सकते हैं।

USB-C फास्ट चार्जिंग के जरिए फोन लगभग 30 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज हो सकता है और कंपनी पूरे दिन की बैटरी लाइफ देने का दावा करती है। इसके अलावा फोन में Satellite Emergency SOS, Crash Detection और ऑफ-ग्रिड मेसेजिंग जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल हैं।

5G हुआ पुराना, अब आ रहा है भारत में 6G का जमाना, जानिए कब होगा लॉन्च

बार्सिलोना। MWC 2026 में क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो अमोन ने एक जबरदस्त घोषणा की है। दरअसल क्वालकॉम ने एक गठबंधन तैयार किया है जिसा मकसद साल 2029 तक 6G सर्विस को बाजार में लाना है।

गौर करने वाली बात है कि 6G सिर्फ इंटरनेट स्पीड नहीं बढ़ाएगा बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बना देगा। क्वालकॉम की कमेटी में भारत की जियो और एयरटेल भी हिस्सा हैं। इनकी भी कोशिश रहेगी कि भारत में भी 6G पूरी दुनिया के साथ-साथ ही दस्तक दे।

क्वालकॉम का मानना है कि 6G एक AI Native सिस्टम होगा। इसका मतलब है कि यह नेटवर्क खुद सोच-समझ पाएगा। इन नेटवर्क के तीन मुख्य खूबियां होंगी कनेक्टिविटी, सेंसिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग। इसमें ऐसे स्मार्ट रेडियो का इस्तेमाल किया जाएगा जो न सिर्फ सिग्नल देंगे बल्कि आसपास के माहौल को सेंस भी कर पाएंगे।

यह नेटवर्क क्लाउड आधारित होगा। AI से लैस होने की वजह से यह खुद अपनी समस्याओं को ठीक कर सकेगा। इससे कॉल ड्रॉप और बफरिंग जैसी समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।

क्वालकॉम ने 6G के कमर्शियल लॉन्च के लिए एक डेडलाइन तय की है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2028 तक 6G के स्टैंडर्ड्स को पूरा कर लिया जाएगा और शरुआती ट्रायल शुरू हो जाएंगे। सबकुछ सही रहा तो 2029 तक दुनिया भर में कमर्शियल 6G सिस्टम रोलआउट होना शुरू हो जाएगा।

बता दें कि क्वालकॉम के गठबंधन में भारत की जियो और Airtel जैसी कंपनियां शुरूआत से ही इसका हिस्सा हैं। इसके अलावा इसमें सैमसंग, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। ये सभी मिलकर एक ऐसा कॉमन बेंचमार्क तैयार कर रहे हैं जिससे 6G पूरी दुनिया में एक जैसा और बेहद तेज काम करे।

आम जनता के लिए क्या बदलेगा
6G को सिर्फ फोन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसका इस्तेमाल ट्रैफिक मैनेजमेंट, बड़े पैमाने पर डेटा एनालिसिस और एडवांस्ड AI-एजेंट्स के लिए किया जाएगा। इसकी मदद से ड्रोन और उड़ने वाली टैक्सियों को मैनेज करना संभव हो सकेगा। इसके अलावा कंज्यूमर डिवाइसेज पहले से कई ज्यादा स्मार्ट हो जाएंगे। क्वालकॉम के साथ जियो और एयरटेल का होना यह सुनिश्चित करेगा कि भारत में भी 6G तब उपलब्ध हो जाएगा, जब इसे पूरी दुनिया के लिए पेश किया जाएगा।

ईरान-इजरायल युद्ध की आंच में झुलसा भारतीय बासमती चावल का निर्यात

समंदर में ही अटके छह लाख टन बासमती चावल के कंशाइनमेंट

नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पश्चिम एशियाई देश पूरी तरह से झुलस रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के बंद होने से खाड़ी के अधिकतर देशों में पानी के जहाजों का आवागमन अवरूद्ध हो गया है।

इस वजह से भारत समेत दुनिया के अधिकतर देशों में क्रूड ऑयल (Crude Oil) और नेचुरल गैस (Natural Gas) की आपूर्ति तो रुक ही गई है। खाड़ी देशों को भारत से होने वाला चावल का निर्यात भी ठहर गया है।

ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विजय सेतिया बताते हैं कि भारत से खाड़ी देशों को भेजा जाने वाला चावल का ट्रांजिट समय करीब 40 दिनों का है।

इनमें भारतीय बंदरगाह पर लगने वाला समय, जहाजों पर रहने का समय और डेस्टिनेशन कंट्री के बंदरगाह पर लगने वाला समय शामिल है। अभी तो चावल का एक्सपोर्ट रुक गया है, लेकिन इससे पहले भेजा गया करीब छह लाख बासमती चावल बंदरगाह में, समंदर में या डेस्टिनेशन कंट्री के बंदरगाहों पर अटके हैं।

भारत से खाड़ी देशों को भेजा जाने वाला चावल का ट्रांजिट समय करीब 40 दिनों का है। इनमें भारतीय बंदरगाह पर लगने वाला समय, जहाजों पर रहने का समय और डेस्टिनेशन कंट्री के बंदरगाह पर लगने वाला समय शामिल है।

अभी तो चावल का एक्सपोर्ट रुक गया है, लेकिन इससे पहले भेजा गया करीब छह लाख बासमती चावल बंदरगाह में, समंदर में या डेस्टिनेशन कंट्री के बंदरगाहों पर अटके हैं।

सेतिया ने बताया कि इस समय विभिन्न बंदरगाहों और समंदर में जो भारतीय बासमती चावल के कंशाइनमेंट अटके हैं, उसका वैल्यू पांच से छह हजार करोड़ रुपये है।

निर्यातकों का जब इतना ज्यादा माल अटक गया है तो उन्होंने नए कंशाइनमेंट भेजने के लिए बैगिंग या पैकिंग का काम पूरी तरह से रोक दिया है। जब हालात सुधरेंगे, तब यह काम फिर से शुरू होगा।

70% निर्यात खाड़ी देशों को
भारत से हर साल करीब 60 लाख टन बासमती चावल का निर्यात होता है। इसमें से करीब 70 फीसदी निर्यात खाड़ी देशों को होता है। मतलब कि साल में करीब 45 लाख टन बासमती चावल हम खाड़ी देशों को ही बेचते हैं। इसमें से छह से सात लाख टन बासमती चावल का निर्यात तो ईरान को होता रहा है। ईरान को बासमती निर्यात का रिकॉर्ड 14 लाख टन का है। अब जबकि वहां युद्ध छिड़ गया है तो खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात का क्या होगा, आप समझ सकते हैं।

पिछले साल 60 लाख टन का निर्यात
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत से कुल 60.65 लाख टन बासमती चावल का निर्यात किया गया। रुपये में इसकी वैल्यू 50,312 करोड़ रुपये और डॉलर में 5.94 अरब डॉलर थी। भारत में 2024-25 में कुल 15.01 करोड़ टन चावल का उत्पादन हुआ था। बासमती चावल का उत्पादन 70 से 75 लाख टन का था। चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से दिसंबर तक ही खाड़ी देशों को 32 लाख टन से ज्यादा बासमती चावल का निर्यात किया जा चुका है।

घटेंगे चावल के दाम
विजय सेतिया का कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है उसका असर जल्दी ही भारत में बासमती चावल की कीमतों पर भी दिख सकता है। इसके दाम गिर सकते हैं। फिलहाल तो निर्यातकों ने पैकिंग को रोक दिया है। वे वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं।

ईरान-इजरायल युद्ध से गैस कीमतों में 50% का इजाफा, LPG की सप्लाई संकट में

नई दिल्ली। ईरान में हुए अमेरिका और इजरायल के हुए संयुक्त हमले के बाद दुनिया भर में नया संकट खड़ा हो गया है। भारत भी इस युद्ध से प्रभावित हो रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। जिसके बाद से ही एनर्जी सेक्टर में एक नई समस्या को जन्म दे दिया है।

अगर यह युद्ध लम्बा चल गया तब की स्थिति में एलपीजी की बड़ी समस्या देश के अंदर खड़ी हो सकती है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए नए विकल्प खोजने होंगे।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट अनुसार यूरोपियन गैस की कीमतों में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। ईरान-अमेरिका युद्ध का सबसे बड़ा असर एलपीजी पर पड़ेगा। भारत अरब देशों से अपनी कुल एलपीजी आपूर्ति का 80 से 85 प्रतिशत इंपोर्ट करता है।

यह सभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। ऐसे में भारत के सामने एलपीजी की समस्या खड़ी है। कच्चे तेल की तरह भारत के पास एलपीजी का बड़ा रिजर्व नहीं है। ऐसे में एलपीजी के लिए कोई समस्या ना खड़ी हो इसके लिए जरूरी है कि आपूर्ति समय से हो।

एलपीजी की तरह ही एलएनजी के लिए भी कोई बड़ा रिजर्व नहीं है। मौजूदा समय में देश अपनी जरूरत का 60 प्रतिशत एलएनजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते मंगाता है। ऐसे में एलपीजी और एलएनजी के लिए जल्द ही भारत को नए विकल्प खोजने होंगे।

ईरान के ड्रोन अटैक के बाद कतर ने दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी एक्सपोर्ट सेंटर पर प्रोडक्शन रोक दिया है। मौजूदा समय में कतर दुनिया का 5वां सबसे बड़ा एलएनजी प्रोडक्शन करने वाला देश है। ऐसे में प्रोडक्शन में गिरावट का बुरा असर आपूर्ति पर पड़ेगा।

भारत को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए तत्काल कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। मौजूदा समय में देश के पास 70 से 80 दिन का रिजर्व है। पिछले महीने भारत ने सउदी अरब से जमकर कच्चा तेल खरीदा था।

लेकिन ईरान युद्ध की वजह से उपजे नए हालात के बाद भारत, अमेरिका, रूस और अन्य देशों को ज्यादा प्राथमिकता दे सकता है। बता दें, ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की उम्मीद की जा रही है। आने वाले समय में कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल हो सकता है।

मंत्रालय ने बुलाई आनन-फानन में बैठक
इस पूरे मामले पर सरकार की तरफ से काफी सक्रियता दिखाई जा रही है। सोमवार को पेट्रोलियम डिपार्टमेंट की तरफ से आनन-फानन में एक बड़ी बैठक बुलाई गई। सरकार स्थितियों के आकलन में जुटी है। साथ ही नए विकल्प तलाश रही है।

शिल्पा शेट्टी के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर पुलिस से झड़प पर BJP नेता के खिलाफ FIR

कोटा। राजस्थान में कोटा जिला क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से जेके पवेलियन स्टेडियम में कोटा प्रीमियर लीग का आयोजन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन आयोजकों के खिलाफ पुलिस थाने में रपट दर्ज होने के मामले में तूल पकड़ लिया है।

फाइनल मुकाबले के दौरान कोटा में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी आईं थीं। अभिनेत्री के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर एसोसिएशन के सचिव सत्यप्रकाश शर्मा उर्फ ‘सत्तू बालिता’ का पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया। भाजपा नेता सत्तू बालिता और अन्य लोगों पर पुलिसकर्मी के साथ मारपीट, महिला पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा में बातचीत करने और गाली-गलौज करने का आरोप लगा है।

बताया जा रहा है कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया था। पुलिसकर्मी की शिकायत पर नयापुरा थाना पुलिस ने सत्तू बालिता के खिलाफ राजकाज में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया है। सत्तू बालिता भाजपा जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और उनके बड़े भाई राजेश बिरला के भी काफी करीबी माने जाते हैं।

कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि स्टेडियम में प्रतियोगिता के दौरान अभद्रता और गाली-गलौज का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में पुलिस लाइन से गई टीम की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

दर्ज मुकदमे में सत्तू बालिता और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिसकर्मियों की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। सत्तू बालिता का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई कुछ नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जब शिल्पा शेट्टी पहुंची थीं, तब धक्का-मुक्की और भीड़भाड़ हो गई थी। उन्होंने किसी से गाली-गलौज और मारपीट नहीं की है।

रबी सीजन में सौंफ, जीरा, धनिया और मेथी की पैदावार में गिरावट का अनुमान

नई दिल्ली। हाल ही में अहमदाबाद में फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टॉकहोल्डर्स (FISS) द्वारा आयोजित 10वें स्पाइस मीट सेमिनार में जारी अनुमानों के अनुसार, मौजूदा सीजन के दौरान देश में सौंफ, जीरा, धनिया और मेथी के प्रोडक्शन में गिरावट का अनुमान है।

जीरा: गुजरात और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में, इस साल जीरे की बुआई 11.18 लाख हेक्टेयर में होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 11.71 लाख हेक्टेयर था। गुजरात में इस साल बुआई का एरिया लगभग 3.74 लाख हेक्टेयर था, जबकि पिछले साल यह 4.55 लाख हेक्टेयर था। राजस्थान में बुआई का एरिया 7.44 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 7.16 लाख हेक्टेयर था। कुल बुआई के एरिया में कमी की वजह से, इस साल देश में कुल जीरा प्रोडक्शन 93.29 लाख बैग (हर बैग में 55 kg) होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 97.93 लाख बैग था।

सौंफ: मौजूदा सीजन में, मुख्य उत्पादक राज्य गुजरात में सौंफ की बुआई में 16 परसेंट की कमी का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, राजस्थान और दूसरे राज्यों में बुआई पिछले साल जैसी ही रहने की उम्मीद है। इसलिए, सौंफ की बुआई 85.96 हजार हेक्टेयर में होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 92.20 हजार हेक्टेयर था। बुआई के एरिया में कमी की वजह से, मौजूदा सीजन में देश में सौंफ का प्रोडक्शन 17.97 लाख बैग होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 18.68 लाख बैग था।

धनिया: इस साल, मुख्य धनिया उत्पादक राज्यों में धनिया बुआई के एरिया में कमी का अनुमान जारी किया गया है। धनिया मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में पैदा होता है। मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल धनिया की खेती का एरिया 12 परसेंट घटकर 2.98 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है। पिछले साल 3.36 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी। बुआई कम होने की वजह से धनिया का प्रोडक्शन भी पिछले साल के 1.10 करोड़ बैग के मुकाबले 96.55 लाख बैग रहने का अनुमान है।

मेथी: पिछले सीजन में प्रोड्यूसर्स को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिलने की वजह से मेथी की बुआई 12 परसेंट घटकर 1.14 लाख हेक्टेयर रह गई है। पिछले साल 1.30 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी। मेथी का प्रोडक्शन राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में होता है। मौजूदा सीजन में मेथी का प्रोडक्शन 1,520,448 क्विंटल होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 1,716,400 क्विंटल था।

ईरानी मिसाइलों की रेंज में भारत समेत कई देश, इजरायली सेना ने दी दुनिया को चेतावनी

तेल अवीव। इजरायल ने बार-बार कहा है कि ईरान सिर्फ उसके लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है। अब इजरायली सेना (IDF) ने एक मानचित्र जारी कर समझाया है कि ईरानी मिसाइलों की रेंज कहां तक है।

इस मानचित्र में भारत को भी ईरानी मिसाइलों की रेंज में दिखाया गया है। यह पहला मौका है, जब इजरायली सेना ने इस तरह का मानचित्र जारी किया है। इसमें भारत के अलावा रूस और चीन के अधिकांश हिस्से और पूरे यूरोप को जद में दिखाया गया है।

आईडीएफ के X हैंडल पर पोस्ट की गई तस्वीर का कैप्शन है, “ईरानी शासन की धमकी न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है।” इस पोस्ट में ईरानी मिसाइलों की रेंज वाली तस्वीर लगी हुई है।

इसमें ईरान की मिसाइलों की 300, 1000, 2000 और 3000 किलोमीटर की रेंज में बांटा गया है। भारत का पश्चिमी क्षेत्र ईरान की 1000 किमी की दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों की रेंज में है। इसके बाद आधा भारत 2000 किमी की रेंज वाली मिसाइलों और पूरा भारत 3000 किमी तक मार करने वाली मिसाइलों की रेंज में है।

ईरान के पास मिसाइलों का बड़ा जखीरा
ऐसा अनुमान है कि ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलों का एक बड़ा भंडार है। इनमें से अधिकांश मिसाइलों को अंडरग्राउंड बंकरों में छिपाकर रखा गया है। इन मिसाइलों को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ हमले में इस्तेमाल किया गया है। ईरान ने मध्य पूर्व में अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। कम से कम चार अमेरिकी सैनिक इन हमलों में मारे जा चुके हैं।

ईरान के पास लंबी दूरी की कई मिसाइलें
ईरान के पास लंबी दूरी तक मार करने वाली कई मिसाइलें हैं। इनमें सेजिल मिसाइल की रेंज 2000 किलोमीटर है। इमाद मिसाइल की रेंज 1700 किलोमीटर, गदर मिसाइल की रेंज 2 000 किलोमीटर और खोर्रमशहर मिसाइल की रेंज 2000 किलोमीटर है। खोर्रमशहर-4 मिसाइल की रेंज 3000 किमी बताई जाती है। इनके अलावा सिमोर्ग मिसाइल की रेंज 4000 से 6000 किमी और घैम-100 मिसाइल की रेंज 3000 से 4000 किमी मानी जाती है।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी हमले के डर से भारत से बातचीत को बेकरार

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भारत के साथ बातचीत को बेकरार हैं। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत को तैयार है। उन्होंने पाकिस्तानी संसद में भाषण के दौरान कहा कि भारत के साथ बातचीत ही इलाके की सुरक्षा के लिए एकमात्र रास्ता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत, पाकिस्तान के साथ एक और जंग की तैयारी कर रहा है। हालांकि, संसद में उनके संबोधन के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान जरदारी को वापस भेजने और इमरान खान की रिहाई के नारे लगे।

इस दौरान जरदारी ने कहा, “मेरा उनके (इंडिया) लिए मैसेज है कि वे जंग के मैदान से हटकर मतलब वाली बातचीत की टेबल पर आएं, क्योंकि इलाके की सिक्योरिटी के लिए यही एकमात्र रास्ता है। इंडिया के लीडर्स का कहना है कि वे एक और जंग की तैयारी कर रहे हैं। इलाके की शांति के लाइफलॉन्ग सपोर्टर के तौर पर, मैं इसकी सलाह नहीं दूंगा।”

युद्ध को बताया आखिरी रास्ता
बतौर राष्ट्रपति जरदारी नौवीं बार नेशनल असेंबली के संयुक्त सत्र को संबोधित करने पहुंचे थे। शांति का राग अलापते हुए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोमवार को युद्ध को आखिरी रास्ता बताते हुए भारत को आंखें दिखाने की कोशिश की। अपनी झूठी तारीफ करते हुए आगे कहा कि पाकिस्तान ने पहले ही भारत और अफगानिस्तान दोनों को अपनी काबिलियत का बस एक छोटा सा हिस्सा ही दिखाया है।

पाकिस्तान की गीदड़ भभकी
इसके साथ ही जरदारी ने पाकिस्तान के परमाणु शक्ति होने का एहसास कराते हुए गीदड़भभकी की। बोले, “पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु संपन्न देश है और उस जिम्मेदारी का वजन समझता है। साथ ही, हम एक ऐसा देश हैं जो जरूरत पड़ने पर अपना बचाव करना भी जानता है।” संयुक्त बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी घरेलू या विदेशी ताकत को अपनी शांति भंग करने के लिए पड़ोसी इलाके का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दे सकते।”

जरदारी के खिलाफ नारेबाजी
गौर करने वाली बात ये रही कि जरदारी अपनी भड़ास निकालते रहे और उधर विपक्ष उनके खिलाफ नारे लगाता रहा। ‘गो जरदारी गो’ और ‘खान को रिहा करो’ के नारे से संसद गूंजती रही। पीटीआई की अगुवाई में विपक्षी गठबंधन पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहा था। उनके बोर्ड ऑफ पीस में सहभागिता को लेकर सवाल उठाते रहे। नारे लग रहे थे ‘जाली पीस बोर्ड से बाहर निकलें।’ दरअसल, पाकिस्तान की अवाम फिलिस्तीन को लेकर इजरायल के रवैए से नाराज रहती है।

ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नहीं बढ़ाई ब्याज दर, पुरानी ब्याज दर रहेगी लागू

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ ) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 फीसदी ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। यह लगातार दूसरा साल है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली में आयोजित केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में ईपीएफ की ब्याज दर को लेकर यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने की।

पिछले वर्षों में ब्याज दर का उतार-चढ़ाव
ईपीएफओ ने 2019-20 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को 2018-19 के लिए निर्धारित 8.65 प्रतिशत से घटाकर सात वर्षों में सबसे कम 8.5 प्रतिशत कर दिया था।
वित्त वर्ष 2016-17 में अपने ग्राहकों को 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दर प्रदान की थी। 2015-16 में ब्याज दर थोड़ी अधिक यानी 8.8 प्रतिशत थी।
वित्त वर्ष 2013-14 और 2014-15 दोनों वर्षों में 8.75 प्रतिशत की ब्याज दर दी, जो 2012-13 की 8.5 प्रतिशत दर से अधिक थी। 2011-12 में ब्याज दर 8.25 प्रतिशत थी।

पैसा कब आएगा अकाउंट में
सीबीटी के फैसले के बाद प्रस्तावित ब्याज दर को अंतिम स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा। औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद 7 करोड़ से अधिक ईपीएफओ सदस्यों के खातों में नई ब्याज दर के अनुसार रकम जमा की जाएगी।

ईपीएफ पर ब्याज की गणना मासिक आधार पर की जाती है, लेकिन इसे वित्त वर्ष के आखिर में अकाउंट में जमा किया जाता है। हालांकि, जो खाते 36 महीने तक निष्क्रिय रहते हैं, उन पर आगे ब्याज नहीं मिलता और उन्हें डॉर्मेंट माना जाता है।

होली पर आज शेयर बाजार में अवकाश, NSE और BSE पर नहीं होगा कारोबार

नई दिल्ली। Stock Market Holiday: होली के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को बंद रहेंगे। प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज NSE और BSE में इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और अन्य सेगमेंट में कोई कारोबार नहीं होगा। हालांकि देश के कई हिस्सों में रंगों का त्योहार 4 मार्च (बुधवार) को मनाया जाएगा, लेकिन एक्सचेंजों ने 3 मार्च को ही अवकाश निर्धारित किया है।

MCX शाम 5 बजे से खुलेगा
देश का सबसे बड़ा गैर-कृषि कमोडिटी एक्सचेंज Multi Commodity Exchange of India (MCX) सुबह के सत्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा, लेकिन शाम के सत्र में शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक कारोबार फिर से शुरू होगा। वहीं, प्रमुख कृषि जिंस एक्सचेंज National Commodity & Derivatives Exchange (NCDEX) दोनों सत्रों में पूरी तरह बंद रहेगा।

मार्च में किस-किस दिन है छुट्टी?

  • 26 मार्च (गुरुवार): श्री राम नवमी
  • 31 मार्च (मंगलवार): महावीर जयंती

अप्रैल से दिसंबर तक की छुट्टियों की लिस्ट

  • 3 अप्रैल (शुक्रवार): गुड फ्राइडे
  • 14 अप्रैल: अंबेडकर जयंती
  • 1 मई: महाराष्ट्र दिवस
  • 28 मई: बकरीद
  • 26 जून: मुहर्रम
  • 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी
  • 2 अक्टूबर: गांधी जयंती
  • 20 अक्टूबर: दशहरा
  • 10 नवंबर: दिवाली बलिप्रतिपदा
  • 24 नवंबर: गुरु नानक जयंती
  • 25 दिसंबर: क्रिसमस