Friday, July 17, 2026
Home Blog Page 223

ईरान युद्ध का असर खाद्य तेल पर भी, आयात लागत बढ़ने से कीमतों में उछाल

नई दिल्ली। ईरान युद्ध जारी रहने के बीच खाद्य तेल व्यापारियों और बाजार प्रतिभागियों का मानना है कि भारत में प्रमुख खाद्य तेलों का आयात मूल्य बढ़ सकता है। इसकी वजह कोई लॉजिस्टिक बाधा नहीं, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है।

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 3 मार्च को पैकेटबंद सूरजमुखी तेल, सोयाबीन तेल और पाम तेल के अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतों में एक दिन पहले के मुकाबले 1 से 3 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि पहले ही हो चुकी है।

भारत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मुख्य तौर पर कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल की खरीद करता है। भारत में आयातित कुल वनस्पति तेलों में इनकी हिस्सेदारी 89-90 फीसदी है। नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 की अवधि में 1.60 करोड़ टन वनस्पति तेलों का आयात किया गया।

व्यापारियों ने बताया कि भारत में आयात किए जाने वाले तीन प्रमुख खाद्य तेलों में से कच्चा पाम ऑयल मलेशिया और इंडोनेशिया से आता है जहां पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण लॉजिस्टिक संबंधी कोई समस्या नहीं है।

भारत में पाम ऑयल सबसे अधिक खपत वाला खाद्य तेल है। उसके बाद सोयाबीन तेल का स्थान है जिसे अर्जेंटीना और ब्राजील से आयात किया जाता है। सोयाबीन तेल को केप ऑफ गुड होप के जरिये लाया जाता है जो अफ्रीका के सबसे दक्षिणी सिरे पर स्थित स्वेज नहर का विकल्प है।

मुंबई के एक प्रमुख व्यापारी ने कहा, ‘यहां भी अब तक आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है।’ मगर सूरजमुखी तेल का आयात मुख्य तौर पर रूस और यूक्रेन से किया जाता है। इसके लिए अधिकतर आपूर्ति काला सागर मार्ग के जरिये होती है।

यह एक लंबा मार्ग है लेकिन मौजूदा संघर्ष से ज्यादा प्रभावित नहीं है। व्यापारी ने कहा, ‘इसलिए मुझे किसी भी बाजार से खाद्य तेलों के आयात में परिवहन संबंधी कोई बड़ी चुनौती फिलहाल नहीं दिख रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सूरजमुखी तेल के लिए परिवहन संबंधी चिंताएं जताई जा रही थीं।’

मगर पश्चिम एशिया युद्ध का अप्रत्यक्ष प्रभाव खाद्य तेलों के आयात मूल्य पर महसूस किया जाएगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के साथ ही खाद्य तेलों में भी तेजी आती है क्योंकि बायो-डीजल के लिए इसका आकर्षण बढ़ जाता है।

व्यापारी ने कहा, ‘हॉर्मुज की खाड़ी में खतरे के कारण पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष एक सप्ताह या 10 दिनों से अधिक समय तक बरकरार रहा तो खाद्य तेलों के आयात मूल्य में भी जबरदस्त उछाल आ सकती है।’

वास्तव में 27 फरवरी, 2026 तक कच्चे सोयाबीन तेल का आयात मूल्य फरवरी 2025 की औसत कीमत के मुकाबले 6.02 फीसदी पहले ही बढ़ चुकी है। सूरजमुखी तेल के मामले में यह वृद्धि लगभग 13.14 फीसदी है।

भारत में आयात किए जाने वाले प्रमुख खाद्य तेलों में से केवल कच्चे पाम ऑयल का आयात मूल्य 27 फरवरी, 2026 को फरवरी 2025 की औसत कीमत के मुकाबले 4.09 फीसदी कम रहा।

व्यापारी ने कहा, ‘जाहिर तौर पर अगर संकट बरकरार रहा और कच्चे तेल में तेजी जारी रही तो भारत में खाद्य तेलों के आयात मूल्य में 30 से 40 डॉलर प्रति टन तक की वृद्धि हो सकती है। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ सकता है।’

CUET PG 2026 के लिए प्रवेश पत्र जारी, इस लिंक से सीधे करें डाउनलोड

नई दिल्ली।  CUET PG 2026 Admit Card Out: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 6 से 10 मार्च तक निर्धारित है, वे अब आधिकारिक वेबसाइट nta.nic.in/cuet-pg से अपना एडमिट कार्ज डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र के साथ एक वैध पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य है।

एनटीए द्वारा आयोजित सीयूईटी पीजी 2026 परीक्षा के लिए पहले ही उनके परीक्षा शहर और परीक्षा तिथि की जानकारी दे दी गई थी। यह परीक्षा 6, 7, 8, 9 और 10 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। शहर सूचना पर्ची के माध्यम से उम्मीदवारों को यह विवरण उपलब्ध कराया गया था।

157 विषयों के लिए होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा आयोजित सीयूईटी पीजी परीक्षा 157 विषयों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 16, 17, 18, 19, 24, 25 और 27 मार्च 2026 को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी।

जरूरी दस्तावेज
परीक्षा हॉल में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों के पास कुछ आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है। इनमें एडमिट कार्ड की फिजिकल कॉपी (प्रिंटआउट) और एक वैलिड ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र शामिल है, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या वोटर आईडी। इसके साथ ही उम्मीदवारों को एक साधारण पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन भी साथ रखना चाहिए। यदि लागू हो, तो पीडब्ल्यूडी (PWD) सर्टिफिकेट और उससे संबंधित अन्य दस्तावेज भी ले जाने होंगे। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, डिजिटल घड़ी, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।

एडमिट कार्ड ऐसे करें डाउनलोड

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pgcuet.samarth.ac.in पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘Download Admit Card’ लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी पिन (कैप्चा कोड) भरें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें और एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • इसे डाउनलोड करें और कम से कम दो रंगीन प्रिंटआउट निकाल लें।

क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार तीसरे सत्र बढ़ीं, 19 माह के उच्च स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति संकट की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 6.05 डॉलर या 7.8 फीसदी बढ़कर 84 डॉलर के करीब 83.79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।

एक समय यह 19 महीने के उच्च स्तर 85.12 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। यह ब्रेंट का जुलाई, 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी मानक यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमतें 5.31 डॉलर या 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 76.54 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

कारोबार के दौरान एक समय डब्ल्यूटीआई क्रूड 77.53 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया था, जो जून, 2025 के बाद इसका उच्च स्तर है। आईएनजी के विश्लेषक ने एक नोट में कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

बाजार के लिए एक बड़ा जोखिम यह होगा कि ईरान इस इलाके में और ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहा है। इससे कच्चे तेल की आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित हो सकती है।

उधर, बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में कहा, मौजूदा संघर्ष लंबे समय पर जारी रहा तो 2026 में ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 120-150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच सकती हैं। डाटा विश्लेषक कंपनी केप्लर का कहना है कि उपग्रह नेविगेशन प्रणालियों में व्यवधान के कारण टैंकर की आवाजाही में भारी कमी आई है।

Gold Silver Price: MCX पर बाजार खुलते ही चांदी औंधे मुंह गिरी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली। मंगलवार को शेयर मार्केट और एमसीएक्स दोनों बंद रहे, लेकिन एमसीएक्स पर शाम के सेशन में कारोबार हुआ। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से सोने-चांदी में जो तेजी आई थी, वो मंगलवार शाम खत्म हो गई।

एमसीएक्स (भारत) के ईवनिंग सेशन में सोना-चांदी में जोरदार मुनाफावसूली देखने को मिली। बाजार खुलते ही सोना 6000 रुपये से ज्यादा गिर गया। वहीं चांदी भी 18 हजार रुपये से ज्यादा फिसल गई।

मंगलवार रात 8 बजे अप्रैल डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम करीब 4000 रुपये की गिरावट के साथ 1,62,096 रुपये पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में ही यह 1,59,649 रुपये तक चला गया था।

वहीं चांदी प्रति किलो करीब 16,100 रुपये की गिरावट के साथ 2,62,380 रुपये पर कारोबार कर रही थी। शुरुआती कारोबार में चांदी 2,60,010 रुपये तक गिर गई थी।

मेटालिक ब्लैक अवतार में लॉन्च हुई यामाहा की नई बाइक, जानिए कीमत

नई दिल्ली। यामाहा इंडिया (India Yamaha Motor) ने अपनी पॉपुलर मॉडर्न-रेट्रो बाइक यामाहा XSR155 (Yamaha XSR155) को अब नए मेटालिक ब्लैक (Metallic Black) शेड में लॉन्च कर दिया है। इस नए वैरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत दिल्ली में ₹1,58,990 (एक्स-शोरूम) रखी गई है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

नए मेटालिक ब्लैक XSR155 (Metallic Black XSR155) में सबसे बड़ा आकर्षण इसका डीप ब्लैक कलर और साथ में मिलने वाले गोल्डन USD (Upside Down) फ्रंट फोर्क्स हैं। ब्लैक और गोल्ड का यह कॉम्बिनेशन बाइक को सड़क पर अलग ही पहचान देता है।

इसमें मस्कुलर फ्यूल टैंक, मिनिमलिस्ट बॉडीवर्क, रेट्रो इंस्पायर्ड डिजाइन, प्रीमियम रोड प्रेजेंस देखने को मिलता है। इन सबके साथ यह बाइक क्लासिक लुक और स्पोर्टी फील का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है।

कंपनी के मुताबिक, XSR155 को पिछले साल लॉन्च के बाद से शानदार रिस्पॉन्स मिला है। खासतौर पर युवाओं ने इसके मॉडर्न-रेट्रो स्टाइल को खूब पसंद किया, जब ग्राहकों ने ब्लैक कलर की डिमांड की, तो यामाहा (Yamaha) ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए यह नया शेड पेश कर दिया।

खासियत
XSR155 उन राइडर्स के लिए है, जो रेट्रो स्टाइलिंग, दमदार परफॉर्मेंस, प्रीमियम फिनिश और अलग पहचान चाहते हैं। यह बाइक यामाहा (Yamaha) की मॉडर्न रेट्रो स्पोर्ट (Modern Retro Sport) फिलॉसफी पर आधारित है, जिसमें पुरानी क्लासिक डिजाइन को नई टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है।

ईरान-अमेरिकी युद्ध के बीच भारत को लपेटने लगा पाकिस्तान

नई दिल्ली। पाकिस्तान अपनी नीच हरकतों से कभी बाज आने वाला नहीं है । इसका ताजा उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मिडिल ईस्ट में चल रही जंग में भारत का नाम भी घसीट लिया।

आसिफ ने कहाकि अगर ईरान में शासन बदलता है, तो इसका साझा सिंगल पॉइंट एजेंडा नई दिल्ली और अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के प्रति ‘दुश्मनी’ होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में आसिफ ने कहाकि एजेंडा यह था कि इजरायल का प्रभाव पाकिस्तान की सीमा तक पहुंचाया जाए।

बता दें कि पाकिस्तान पहले ही भारत पर तालिबान का इस्तेमाल एक प्रॉक्सी के रूप में करने का आरोप लगा रहा है। हालांकि भारत इस दावे से हमेशा इनकार करता रहा है। वहीं, अब आसिफ को डर है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है तो पाकिस्तान तीन पड़ोसियों से घिर जाएगा।

आसिफ ने कहाकि अफगानिस्तान, ईरान और भारत का एकमात्र एजेंडा भारत से दुश्मनी निभाना होगा। यह तीनों मिलकर हमारी सीमाओं को असुरक्षित बना देंगे। इस तरह के दुश्मनों से घिरकर पाकिस्तान की हालत कुछ अच्छी नहीं रहेगी।

ख्वाजा आसिफ, अपने भारत-विरोधी भाषणों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सभी 2.5 करोड़ पाकिस्तानी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दुश्मनों की साजिश और इरादों को समझें। आसिफ ने कहाकि सभी 2.5 करोड़ पाकिस्तानी नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है।

चाहे उनकी राजनीतिक या धार्मिक मान्यताएं जो भी हों, कि वे इस साजिश और हमारे दुश्मनों के इरादों को समझें। यह भी हैरान करने वाली बात है कि पाकिस्तानी रक्षामंत्री यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान खुद अफगानिस्तान से युद्ध में उलझा हुआ है।

छह दिन से चल रहा युद्ध
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शुरू हुई झड़पें मंगलवार को छठवें दिन में प्रवेश कर गई। डूरंड रेखा के पास लगातार संघर्ष जारी है, जिससे सीमा के दोनों ओर रहने वाले आम लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। तालिबान की सेना ने 24 फरवरी की शाम को पाकिस्तानी सीमा चौकियों और सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए थे। तालिबान का कहना था कि यह कार्रवाई 21 फरवरी को किये गये पाकिस्तानी हवाई हमलों का बदला लेने के लिए की गई है।

बता दें कि पाकिस्तान ने उन हमलों को अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने बाद में पुष्टि की कि उन हमलों में आम नागरिक भी मारे गए थे, जिससे लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। पाकिस्तान ने तालिबान के इन हमलों को ‘गलत फैसला’ बताते हुए काबुल को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी।

दो दिन में निवेशकों के 11 लाख करोड़ स्वाहा; आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल, जानिए

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में हाल में काफी गिरावट आई है। पिछले दो सेशन में सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इस दौरान निवेशकों को करीब 11 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है।

जानकारों का कहना है कि निकट भविष्य में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसकी वजह यह है कि ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच युद्ध फिलहाल थमने की उम्मीद नहीं है। हालांकि लॉन्ग टर्म में भारतीय बाजार का आउटलुक स्ट्रॉन्ग बना हुआ है।

सोमवार को सेंसेक्स में 1,000 अंक से अधिक गिरावट आई जबकि निफ्टी 300 अंक लुढ़क गया। आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर में एसोसिएट डायरेक्टर तन्वी कंचन का कहना है कि बाजार में शॉर्ट टर्म में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

सोमवार को India VIX इंडेक्स 25 फीसदी से ज्यादा उछलकर 17.13 पर पहुंच गया। यह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना दिखाता है। लेकिन ऐतिहासिक आंकड़े देखें तो बड़ी गिरावट से लॉन्ग टर्म में भारत को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।

शेयर बाजार का हाल

  1. घरेलू शेयर बाजार में लगातार दो दिन गिरावट रही
  2. इस दौरान निवेशकों को ₹11 लाख करोड़ की चपत
  3. India VIX सोमवार को 25% से ज्यादा उछला

सिल्वर लाइनिंग
तन्वी कंचन ने कहा कि भारत की डोमेस्टिक मैक्रो स्टोरी मजबूत बनी हुई है। जनवरी में नेट जीएसटी कलेक्शन 1.71 लाख करोड़ रुपये रहा और फाइनेंशियल ईयर 2027 में अर्निंग में रिकवरी की उम्मीद है। साथ ही सरकारी बैंकों और मेटल कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत रहने का अनुमान है। पीएल कैपिटल में हेड एडवाइजरी विक्रम कसाट ने कहा कि नियर टर्म हेडविंड्स के बाजवूद घरेलू मैक्रो मजबूत बने हुए हैं।

श्रीराम वेल्थ के सीओओ और हेड ऑफ प्रोडक्ट नवल कगलवाला ने कहा कि पश्चिम एशिया के इवेंट से बाजार में गिरावट आई है। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है लेकिन देखा गया है कि इस तरह की गिरावट शॉर्ट टर्म होती है और इसके बाद बाजार में स्थिरता आती है। अगर और गिरावट आती है तो इससे वैल्यूएशन व्यावहारिक होगी। खास बात यह है कि इस इवेंट का भारत से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन तेल की कीमत और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट से जुड़े सेगमेंट्स में इसका असर दिख सकता है।

बाजार का फायदा
कागलवाला ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट का भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक प्रभाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि कई ग्लोबल मार्केट्स इससे प्रभावित हुए हैं। इससे पूंजी का प्रवाह बदल सकता है। भारत ज्यादा सुरक्षित बाजार है क्योंकि घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 7,536 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू निवेशकों ने 12,293 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

तन्वी कंचन ने कहा कि यह घबराहट में शेयर बेचने का समय नहीं है बल्कि अनुशासन का समय है। उन्होंने सलाह दी कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और लेवरेज पोजीशन से बचना चाहिए।

एसआईपी निवेशकों को निवेश चालू रखना चाहिए क्योंकि इसी तरह के उतार-चढ़ाव से लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएशन होती है। रेलिगेयर ब्रोकिंग में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट अजित मिश्रा ने कहा कि शॉर्ट टर्म में निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए, पोजीशन साइज हल्का रखनी चाहिए और रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस करना चाहिए।

Vivo का 200MP कैमरे वाला रफ एंड टफ फोन लॉन्च प्राइस से 15 हजार रुपये सस्ता

नई दिल्ली। Vivo X200 Pro new Price : अगर आप प्रीमियम कैमरा और शानदार स्पेसिफिकेशन्स वाला फोन खरीदने का मन बना रहे हैं तो यह खबर आपके बेस्ट है। क्योंकि वीवो का 200MP कैमरा वाला शानदार फोन लॉन्च प्राइस 15000 रुपए के सीधे डिस्काउंट पर बेचा जा रहा है।

हम यहां जिस फोन की बात कर रहे हैं वो Vivo X200 Pro है। फोन को और कम कीमत में खरीदने के लिए आप बैंक और एक्सचेंज डिस्काउंट का फायदा उठा सकते हैं। यह कीमत 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वाले मॉडल की है।

यह डील खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बेहतरीन कैमरा और फास्ट परफॉर्मेंस वाले फोन की तलाश में हैं। फोन में ZEISS-backed कैमरा, बड़ी बैटरी, दमदार चिपसेट और शानदार स्क्रीन जैसे फीचर्स हैं।

Vivo X200 Pro पर डिस्काउंट
सबसे पहले आपको बता दें कि Vivo X200 Pro के 16GB रैम + 512GB स्टोरेज वैरिएंट 94,999 रुपए में लॉन्च हुआ है। लेकिन अभी यह 15,000 रुपए की सीधी छूट के बाद 79,999 रुपए में लिस्ट है। अगर आप बैंक ऑफर और एक्सचेंज ऑफर का लाभ उठाते हैं, तो इफेक्टिव कीमत इससे भी कम हो सकती है। फोन को EMI पर खरीदने पर 1000 रुपए का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। साथ ही पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर 40,000 रुपए तक की छूट मिल जाएगी।

Vivo X200 Pro के स्पेसिफिकेशन
Vivo X200 Pro में 6.78-इंच की LTPO AMOLED स्क्रीन है, जो 1.5K रेज़ॉल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है। इसका मतलब यह है कि स्क्रीन पर स्क्रॉल करना और गेमिंग करना बहुत स्मूथ लगता है। स्क्रीन 4500 निट्स की पिक ब्राइटनेस के साथ आता है। परफॉर्मेंस की बात करें तो फोन में MediaTek Dimensity 9400 चिपसेट लगा है, और 16GB LPDDR5X RAM के साथ 512GB UFS 4.0 स्टोरेज मिलती है।

सबसे खास फीचर इसका कैमरा सिस्टम है। पीछे की तरफ तीन कैमरे हैं 50MP मुख्य कैमरा, 50MP अल्ट्रा-वाइड और भारत का पहला 200MP ZEISS APO टेलीफोटो कैमरा है जो 3.7x ऑप्टिकल ज़ूम और प्रो-लेवल कलर देता है।

साथ ही फ्रंट में 32MP का सेल्फी कैमरा है, जिससे आप शानदार सेल्फी और 4K वीडियो भी आसानी से रिकॉर्ड कर सकते हैं। ZEISS के साथ मिलकर यह कैमरा सभी लाइटिंग कंडीशंस में बेहतर इमेज क्वालिटी देने के लिए तैयार किया गया है।

यह फोन 6000mAh की बहुत बड़ी बैटरी के साथ आता है। 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से यह बैटरी जल्दी से चार्ज हो जाती है और यह 30W वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है। इसके अलावा फोन पानी और धूल से बचाव के लिए IP68/IP69 रेटिंग के साथ आता है।

Vivo X200 Pro में Android 15 आधारित Funtouch OS 15 मिलता है, जिसमें कई स्मार्ट फीचर्स जैसे लाइव कॉल ट्रांसलेशन और एआई-बेस्ड नोट असिस्टेंट शामिल हैं। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, 5G, Wi-Fi 6, ब्लूटूथ और NFC जैसे आधुनिक कनेक्टिविटी ऑप्शन भी शामिल हैं।

50MP का कैमरा व 8जीबी रैम वाला सैमसंग का यह 5G फोन 7100 रुपये सस्ता हुआ

नई दिल्ली। सैमसंग का फोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए तगड़ा ऑफर है। यह धमाकेदार डील साल 2024 में लॉन्च हुए Samsung Galaxy F55 5G दी जा रही है। लॉन्च के समय फोन के 8जीबी रैम और 256जीबी के इंटरनस स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 29999 रुपये थी।

अब यह फोन अमेजन इंडिया पर करीब 7100 रुपये (7069 रुपये) सस्ते में मिल रहा है। इस डिस्काउंट के बाद फोन 22930 रुपये में आपका हो जाएगा। 5 मार्च तक आप इस फोन को 750 रुपये के बैंक डिस्काउंट के साथ भी खरीद सकते हैं।

फोन पर कंपनी 1146 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है। एक्सचेंज ऑफर में सैमसंग का यह फोन और सस्ता हो सकता है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्चेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
सैमसंग का यह फोन 1080 x 2400 पिक्सल रेजॉलूशन वाले 6.7 इंच के सुपर AMOLED प्लस डिस्प्ले के साथ आता है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 1000 निट्स का है।

फोन 12जीबी तक की रैम और 256जीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। प्रोसेसर के तौर पर आपको इस फोन में स्नैपड्रैगन 7 जेन 1 चिपसेट देखने को मिलेगा। फोन के बैक पैनल पर फोटोग्राफी के लिए एलईडी फ्लैश के साथ ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है।

इसमें 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी लेंस के साथ एक 5 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल कैमरा और एक 2 मेगापिक्सल का डेप्थ कैमरा शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए फोन में कंपनी 50 मेगापिक्सल का फ्रंट ऑफर कर रही है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो 45 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

ओएस की जहां तक बात है, फोन ऐंड्रॉयड 14 पर बेस्ड OneUI 6.1 पर काम करता है। फोन को कंपनी चार जेनरेशन के ओएस अपडेट और पांच साल तक सिक्योरिटी अपडेट देगी। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। दमदार साउंड एक्सपीरियंस के लिए इसमें डॉल्बी ऐटमॉस भी दिया गया है।

कनेक्टिविटी के लिए सैमसंग के इस फोन में 5G SA / NSA, Dual 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS + GLONASS, USB Type-C और NFC जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। सैमसंग का यह फोन दो कलर ऑप्शन – एप्रीकॉट क्रश और रेजिन ब्लैक में आता है।

सोपा ने सोयाबीन उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 110 लाख टन किया

सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को पीछे छोड़ दिया

नई दिल्ली। सोयाबीन उद्योग ने सोयाबीन के अपने उत्पादन अनुमान में संशोधन किया है। उद्योग ने दूसरे अनुमान में सोयाबीन का उत्पादन पहले लगाए गए अनुमान से बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है, जबकि 2024 और 2025 के ही पहले अनुमान में मध्य प्रदेश महाराष्ट्र पीछे छोड आगे निकल गया था।

सोयाबीन प्रोसेसिंग उद्योग सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने कहा, ‘हमने खरीफ 2025 के लिए सोयाबीन फसल के पहले अनुमान की समीक्षा करने के लिए मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान तीन प्रमुख सोयाबीन उगाने वाले राज्यों में एक विस्तृत फील्ड सर्वे किया।

यह सर्वे सोपा की टीमों द्वारा 6 दिनों में 3,467 किलोमीटर की दूरी कवर करते हुए किया गया, जिसमें किसानों, एफपीओ, सोयाबीन प्रोसेसरों, सरकारी और निजी मंडियों, व्यापारियों, ब्रोकरों और स्टॉक्सियों के साथ बातचीत शामिल थी।

सर्वेक्षण के आधार पर सोपा ने खरीफ 2025 की फसल का अनुमान 105.36 लाख टन से बढ़ाकर 110.258 लाख टन कर दिया है।’ हालांकि यह उत्पादन 2024 के 128.81 लाख टन से कम ही है।

खरीफ 2025 के दूसरे अनुमान के मुताबिक सबसे अधिक सोयाबीन का उत्पादन महाराष्ट्र में 52.22 लाख टन होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 43.24 लाख टन सोयाबीन उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है।

इसके साथ ही महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को फिर से सोयाबीन उत्पादन में पीछे छोड़ दिया है, जबकि सोपा के पहले अनुमान में मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 48.64 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। इस अनुमान में महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 47.09 लाख टन था, जो मध्य प्रदेश से कम था।

खरीफ 2024 में मध्य प्रदेश सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र से आगे रहा। सोपा के मुताबिक 2024 में मध्य प्रदेश में 52 लाख सोयाबीन का उत्पादन हुआ, जबकि महाराष्ट्र में इससे कम 45 लाख टन ही उत्पादन हुआ था।