Friday, July 17, 2026
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UPSC सिविल सेवा के फाइनल एग्जाम का रिजल्ट जारी, कोटा के अनुज ने किया टॉप

नई दिल्ली। UPSC CSE Final Result 2025 : संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट ( UPSC Civil Services Result 2025 ) जारी कर दिया है। परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं। यूपीएससी सीएसई 2025 में अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है। वे कोटा के पास रावतभाटा रहते हैं।

दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम, तीसरे पर अकांश धुल, चौथे पर राघव झुनझुनवाला और 5वें पर ईशान भटनागर हैं। इस वर्ष 1087 पदों के लिए कुल 958 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। चयनित 958 में से 317 जनरल, 104 ईडब्ल्यूएस, 306 ओबीसी, 158 एससी, 73 एसटी वर्ग से हैं।

348 रिकमेंडेड कैंडिडेट्स की उम्मीदवारी प्रोविजनल रखी गई है। 02 कैंडिडेट्स का रिजल्ट रोक दिया गया है। आयोग ने 258 उम्मीदवारों को रिजर्व लिस्ट में डाला है जिसमें जनरल कैटेगरी के 129, ईडब्ल्यूएस के 26, ओबीसी के 86, एससी के 08, एसटी के 06, PwBD-1 के 01 और PwBD-2 के 2 पद हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के इंटरव्यू 27 फरवरी 2026 को समाप्त हो गए थे। मेन्स एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर 2,736 उम्मीदवारों को इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। यूपीएससी सीएसई 2025 इंटरव्यू 5 जनवरी से शुरू हुए थे।

यह भी पढ़िए: CSE Topper: मिलिए यूपीएससी IAS टॉपर अनुज अग्निहोत्री से

अभ्यर्थियों का चयन उनके मुख्य परीक्षा के मार्क्स व इंटरव्यू के प्राप्तांकों के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट से किया गया। रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के अंदर मार्क्स वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

टॉपर लिस्ट यहां से करें डाउनलोड-
UPSC CSE 2025 Topper List Download PDF

इस बार यूपीएससी सीएसई के जरिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, आईआरएस समेत 1087 पदों पर भर्ती की जाएगी। आईएएस के 180, आईएफएस के 55, आईपीएस के 150 पदों पर भर्ती होगी। आईएएस के 180 पदों में 74 अनारक्षित हैं। 28 एससी, 13 एसटी, 47 ओबीसी, 18 ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित हैं। आईपीएस में 60 पद अनारक्षित हैं। 22 एससी, 11 एसटी, 42 ओबीसी, 15 ईब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

रिजल्ट ऐसे चेक करें

  • ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं
  • होमपेज पर रिजल्ट पर क्लिक करें।
  • UPSC CSE 2025 Final Result लिंक चेक करें
  • पीडीएफ फाइल खुलने पर अपना नाम तलाशें।

UPSC CSE 2025 Toppers: टॉप 10 के नाम

रैंकरोल नंबरउम्मीदवार का नाम
11131589अनुज अग्निहोत्री
24000040राजेश्वरी सुवे एम
33512521अकांश ढुल
40834732राघव झुनझुनवाला
50409847ईशान भटनागर
66410067जिनिया अरोड़ा
70818306ए आर राजा मोहिद्दीन
80843487पक्षल सेक्रेटरी
90831647आस्था जैन
101523945उज्ज्वल प्रियांक

मोटोरोला ने लॉन्च किया दुनिया का पहला 50MP सोनी LYTIA 710 कैमरा फोन

नई दिल्ली। motorola edge 70 Fusion: मोटोरोला ने शुक्रवार को अपने नए स्‍मार्टफोन motorola edge 70 Fusion को लॉन्‍च कर दिया। कई दिनों से इस फोन की चचाएं थीं। यह दुनिया का पहला स्‍मार्टफोन है जिसमें 50MP का सोनी LYTIA 710 कैमरा दिया गया है। 32MP का सेल्‍फी कैमरा है।

कई सारे एआई फीचर्स दिए गए हैं। इसकी 7 हजार एमएएच की बैटरी 68W की फास्‍ट चार्जिंग काे सपोर्ट करती है। 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट डिस्‍प्‍ले वाला यह फोन ‘स्‍नैपड्रैगन 7एस जेन4’ चिपसेट से पावर्ड है। इसकी शुरुआती कीमत 26999 रुपये है। आइए जानते हैं फाेन की खास बातें।

फीचर्स
motorola edge 70 Fusion स्‍मार्टफोन में दुनिया का पहला Sony LYTIA 710 सेंसर लगाया गया है जो फोटोग्राफी को 30 हजार रुपये की प्राइस रेंज में और बेहतर बनाएगा। मोटो ने इस फोन में सभी प्रमुख चीजें देने की कोशिश की है। एक अच्‍छा डिस्‍प्‍ले और पावरफुल बैटरी के कॉम्‍ब‍िनेशन से फोन को सजाया है। डिजाइन भी इस बार प्रभावित करता है।

स्‍पेस‍िफ‍िकेशंस

OSएंड्रायॅड 16
चिपसेटSnapdragon 7s Gen 4
रैम8 जीबी और 12 जीबी
स्‍टोरेज128 जीबी और 256 जीबी
डिजाइनफैब्र‍िक से प्रभावित फ‍िनिश और फ्रंट में कोर्निंग गोर‍िल्‍ला ग्‍लास 7i का प्रोटेक्‍शन, वजन: 193 ग्राम
डिस्‍प्‍ले6.8 इंच का एक्‍ट्रीम एमोलेड डिस्‍प्‍ले, सुपर एचडी रेजॉलूशन, HDR10+, 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट, 5200 निट्स की पीक ब्राइटनैस
बैटरी7000mAh के साथ 68W की चार्जिंग
कैमरा50MP Sony LYTIA 710 सेंसर ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन के साथ, 13MP अल्‍ट्रावाइड एंगल कैमरा, 3 इन 1 लाइट सेंसर, 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट
फ्रंट कैमरा32MP
कलर्सपेंटोन ब्‍लू सर्फ, पेंटोन कंट्री एयर, पेंटोन सिल्‍हूट

भारत में कीमत
Edge 70 Fusion 8/128 GB: Rs 26,999
Edge 70 Fusion 8/256 GB: Rs 29,999
Edge 70 Fusion 12/256 GB: Rs 32,999

7000mAh बैटरी के साथ Realme का नया 5G फोन लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। स्मार्टफोन मेकर रियलमी ने अपनी C-सीरीज का नया स्मार्टफोन Realme C83 5G लॉन्च करने की घोषणा की है। यह फोन खास तौर से उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें लंबी बैटरी लाइफ, स्मूद डिस्प्ले और भरोसेमंद 5G परफॉर्मेंस चाहिए।

कंपनी का कहना है कि यह फोन अपने सेगमेंट में सबसे बड़ी 7000mAh Titan बैटरी, 144Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और 4 साल तक स्मूद परफॉर्मेंस जैसे फीचर्स के साथ आया है।

डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh Titan बैटरी है, जिसे कंपनी ने सेगमेंट की सबसे बड़ी बैटरी बताया है। इतनी बड़ी बैटरी के साथ यूजर्स को पूरे दिन बार-बार चार्ज करने की टेंशन नहीं रहेगी। यह फोन 15W PD और 15W DCP चार्जिंग को सपोर्ट करता है और इसे फुल चार्ज होने में लगभग 180 मिनट लगते हैं। इसके अलावा फोन में 5W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग भी दी गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर दूसरे डिवाइस को भी चार्ज किया जा सकता है।

प्रीमियम परफॉर्मेंस ऑफर
परफॉर्मेंस की बात करें तो Realme C83 5G में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है, जो 6nm प्रोसेस पर बेस्ड है। यह ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दो Cortex-A76 कोर (2.4GHz) और 6 एफिशिएंसी कोर के साथ आता है, जो मल्टीटास्किंग, गेमिंग और 5G कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है।

स्मार्टफोन 4GB और 6GB LPDDR4X RAM ऑप्शन में मिलेगा, जबकि स्टोरेज के लिए 64GB और 128GB वेरिएंट मिलेंगे। इसमें Dynamic RAM Expansion का फीचर भी है, जिसकी मदद से RAM को बढ़ाकर 18GB तक किया जा सकता है।

स्पेसिफिकेशंस
फोन में 6.7-इंच का LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz एडैप्टिव रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इससे स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग का अनुभव काफी स्मूद रहता है। फोन में AI Outdoor Mode भी दिया गया है, जो धूप में फोन इस्तेमाल करने के अनुभव को बेहतर बनाता है। यह फीचर ऑटोमैटिकली सिस्टम परफॉर्मेंस बढ़ाता है, स्पीकर वॉल्यूम को लाउड करता है, नेटवर्क रिस्पॉन्स को बेहतर बनाता है और डिस्प्ले ब्राइटनेस को बढ़ाता है।

हैवी यूजेस के दौरान फोन को ठंडा रखने के लिए इसमें Airflow VC कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जिसे कंपनी ने अपने सेगमेंट का सबसे बड़ा वेपर चेंबर बताया है। यह सिस्टम लंबे समय तक गेमिंग या मल्टीटास्किंग के दौरान हीट मैनेजमेंट में मदद करता है।

Realme C83 5G में मिलिट्री-ग्रेड शॉक रेजिस्टेंस और IP64 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस दिया गया है। इसमें 300 प्रतिशत सुपर वॉल्यूम फीचर भी है, जिससे ऑडियो आउटपुट ज्यादा लाउड और क्लियर सुनाई देता है। डिवाइस का वजन लगभग 212 ग्राम है और यह Flame Green तथा Flame Blue कलर ऑप्शंस में आएगा। सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।

Realme C83 5G की कीमत
Realme C83 5G की शुरुआती कीमत 4GB+64GB बेस वेरियंट के लिए 13,499 रुपये रखी गई है। दूसरे 4GB+128GB वेरियंट की कीमत 14,499 रुपये है। वहीं, 6GB+128GB टॉप वेरियंट की कीमत 17,499 रुपये है। यह फोन Flipkart के अलावा कंपनी की वेबसाइट से खरीदा जा सकता है। इसकी सेल 7 मार्च से शुरू होगी।

एमसीएक्स पर सोना 1200 रुपये एवं चांदी 6000 रुपये उछली, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: सोना और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को तेजी आ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना प्रति 10 ग्राम करीब 1,200 रुपये उछल गया। वहीं चांदी में 6,000 रुपये से ज्यादा की तेजी आई। यह तेजी मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से आई है। वहीं कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण भी सोने की कीमतों को समर्थन मिला।

शुक्रवार सुबह 9:30 बजे अप्रैल डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 1,207 रुपये की तेजी के साथ 1,60,880 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी प्रति किलोग्राम 5,703 रुपये के उछाल के साथ 2,67,894 रुपये पर था। शुरुआत कुछ देर के कारोबार में ही सोना 1,60,710 रुपये तक और चांदी 2,67,123 रुपये तक गिर गई थी।

इंटरनेशनल मार्केट
इंटरनेशनल मार्केट में भी कीमती धातुओं में तेजी देखी गई। स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,124.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर 1.7% बढ़कर 83.57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। हालांकि इस हफ्ते सोने में करीब 3% की गिरावट भी आई है, क्योंकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई की चिंता बनी हुई है।

ED Raid: मुंबई में अनिल अंबानी से जुड़े 12 ठिकानों पर एक साथ ईडी के छापे

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह-सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े कई कारोबारियों और व्यक्तियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की करीब 15 विशेष टीमों ने भोर में यह तलाशी अभियान शुरू किया, जो फिलहाल मुंबई में 10 से 12 स्थानों पर जारी है। ये कार्रवाई बिजली कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े लोगों के आवासीय और कार्यालय पते पर केंद्रित है। इस छापे की खबर के बावजूद रिलायंस पावर के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की उछाल है और ये 23 रुपये पर पहुंच गए हैं। वहीं, रिलायंस इंफ्रा के शेयर 4 पर्सेंट से अधिक उछलकर 94.20 रुपये पर पहुंच गए हैं।

यह छापेमारी कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंंग की व्यापक जांच के तहत की जा रही है। हालांकि एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह तलाशी रिलायंस पावर में संदिग्ध फंड ट्रांसफर और लेनदेन से जुड़ी जांच का हिस्सा है।

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में, ईडी ने 40,000 करोड़ रुपये के रिलायंस कम्युनिकेशंस (आर-कॉम) बैंक फ्रॉड मामले की लंबे समय से चली आ रही जांच में अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘अबोड’ को कुर्क किया था। उस वक्त इसकी कीमत करीब 3,500 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

Stock Market: सेंसेक्स 404 अंक लुढ़ककर 79611 पर, निफ्टी 24700 से नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Update: शेयर मार्केट में गिरावट के बीच शुक्रवार 6 मार्च की सुबह 9:25 बजे बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स में केवल इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टीसीएस, बीईएल, रिलायंस, इटरनल, एनटीपीसी, ट्रेंट और सन फार्मा ही हरे निशान पर ट्रैंड कर रहा हैं। सेंसेक्स 404 अंकों की गिरावट के साथ 79611 पर है। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 102 अंक नीचे 24663 पर है।

सुबह 9:15 बजे शेयर मार्केट की शुरुआत सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कमजोर रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 356 अंकों की गिरावट के साथ 79658 पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी की शुरुआत गिरावट के शतक के साथ हुई। निफ्टी 109 अंकों के नुकसान के साथ 24656 के लेवल पर खुला।

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की आशंकाओं के बीच लगातार तीन दिनों से चल रही गिरावट से उबरते हुए मजबूती दर्ज की थी। इस दिन सेंसेक्स 899.71 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,015.90 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में भी 285.40 अंक यानी 1.17 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 24,765.90 के स्तर पर बंद हुआ।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई बाजारों में गिरावट
    अमेरिकी बाजार में रातोंरात आई गिरावट का असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 0.24 प्रतिशत और टॉपिक्स 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.87 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कोस्डैक में 2.45 प्रतिशत का उछाल रहा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स के फ्यूचर्स भी कमजोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे थे।
  • गिफ्ट निफ्टी के संकेत
    गिफ्ट निफ्टी 24,605 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 249 अंक कम है। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है।
  • अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट
    मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के छठे दिन और तेल की कीमतों में आई तेजी के चलते गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 784.67 अंक यानी 1.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 47,954.74 पर आ गया। एसएंडपी 500 0.56 प्रतिशत गिरकर 6,830.71 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 0.26 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 22,748.99 पर बंद हुआ।

Trump target: ईरान युद्ध खत्म करने के बाद ट्रंप का अगला टारगेट क्या है, जानिए

वाशिंगटन। Trump’s next target: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। वाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनके प्रशासन का वर्तमान लक्ष्य ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करना है, जिसके तुरंत बाद अमेरिका का पूरा ध्यान क्यूबा की ओर मुड़ जाएगा। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका के अगले रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मेजर लीग सॉकर चैंपियन ‘इंटर मियामी सीएफ’ के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने मध्य पूर्व के संघर्ष पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “हम पहले ईरान युद्ध को खत्म करना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे संकेत दिया कि क्यूबा के साथ संबंधों में सुधार या वहां के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव केवल समय की बात है। ट्रंप ने दावा किया कि क्यूबा की राजधानी हवाना वाशिंगटन के साथ समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है। उन्होंने कहा, “क्यूबा बहुत बुरी तरह से एक डील चाहता है। जल्द ही बहुत से अद्भुत लोग वापस क्यूबा जा सकेंगे।”

ईरान युद्ध में बड़ी जीत का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान पर एक उत्साहजनक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना और उनके इजरायली सहयोगी दुश्मन को समय से काफी पहले ही पूरी तरह से ध्वस्त कर रहे हैं। सैन्य प्रगति का विवरण देते हुए ट्रंप ने कहा ईरान के पास अब न तो कोई वायु सेना बची है और न ही प्रभावी हवाई रक्षा प्रणाली।

राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने मात्र तीन दिनों के भीतर ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिससे उनकी नौसेना की शक्ति खत्म हो गई है। हालांकि, इन सैन्य दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन ट्रंप का लहजा पूरी तरह से आक्रामक और जीत के प्रति आश्वस्त नजर आया।

वार्ता की मेज पर ईरान
ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि ईरानी नेतृत्व अब युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता तलाश रहा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि डील कैसे की जाए? मैंने उनसे कहा कि आप थोड़ा देर कर चुके हैं, अब हम उनसे ज्यादा लड़ने के इच्छुक हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने ईरानी राजनयिकों को एक अवसर भी दिया। ट्रंप ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे वे एक नए और बेहतर ईरान के निर्माण में मदद कर सकते हैं, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं होंगी। उन्होंने चेतावनी भी दी कि संघर्ष जारी रखने के परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।

तेल बाजार की रणनीति
युद्ध के आर्थिक प्रभावों, विशेषकर तेल की कीमतों पर बोलते हुए ट्रंप ने स्वीकार किया कि इस संघर्ष की वजह से उन्हें अपनी घरेलू प्राथमिकताओं से थोड़ा भटकाव लेना पड़ा। उन्होंने कहा, “तेल की कीमतें अब काफी हद तक स्थिर हो गई हैं। हमने कीमतों को बहुत कम रखा था, लेकिन इस युद्ध के कारण हमें यह छोटा सा मोड़ लेना पड़ा।” राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम करने के लिए जल्द ही कुछ नए उपायों की घोषणा की जा सकती है।

ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दोस्तों से मोल ली दुश्मनी

नई दिल्ली। जब अमेरिका ने 1991 में खाड़ी युद्ध लड़ा था, तब राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने एक ऐसा व्यापक वैश्विक गठबंधन बनाने का दावा किया था जो दशकों में नहीं देखा गया था। 2003 में जब उनके बेटे जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने इराक पर हमला किया, तो उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी उन्होंने अमेरिका के कई कट्टर सहयोगियों का समर्थन हासिल किया था।

अब, एक पीढ़ी बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला कर दिया है और वह इस युद्ध में दोस्त बनाने या गठबंधन तैयार करने की कोई खास कोशिश भी नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने यह युद्ध इजरायल के साथ मिलकर शुरू किया है, जो लंबे समय से अमेरिका पर ईरान के शासक मौलवियों पर हमला करने का दबाव बना रहा था। अन्य देशों के प्रति ट्रंप की रणनीति मुख्य रूप से उन पर सहयोग करने का अत्यधिक दबाव डालने और उनके इनकार करने पर जोर-जोर से शिकायत करने पर केंद्रित रही है।

ब्रिटेन (UK): ट्रंप ने महत्वपूर्ण सहयोगी ब्रिटेन को बहुत, बहुत असहयोगी बताकर उसकी आलोचना की। उन्होंने ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टार्मर के बारे में कहा- ‘हम यहां किसी विंस्टन चर्चिल से डील नहीं कर रहे हैं।’ सेंटर-लेफ्ट ब्रिटिश पीएम ने अमेरिकी युद्धक विमानों को केवल दो ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग करने और वह भी केवल रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए करने तक सीमित कर दिया था। स्टार्मर का कहना था कि वह आसमान से सत्ता परिवर्तन में विश्वास नहीं करते हैं।

स्पेन: स्पेन के वामपंथी प्रधान मंत्री पेड्रो सांचेज द्वारा अमेरिकी बलों को सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से मना करने के बाद, ट्रंप ने स्पेन के साथ सभी व्यापार बंद करने की धमकी दी।

फ्रांस और जर्मनी: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस हमले का यह कहते हुए विरोध किया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। वहीं, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने उम्मीद जताई कि यह युद्ध जल्द ही समाप्त होगा, हालांकि उन्होंने इस्लामिक गणराज्य के अंत की भी आशा व्यक्त की।

अमेरिका और इजरायल ने इस युद्ध को शुरू करने से पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) से अनुमति लेने या वहां जाने का कोई दिखावा भी नहीं किया। इस युद्ध की शुरुआत में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए।

जर्मन मार्शल फंड की उप प्रबंध निदेशक क्रिस्टीना कौश के अनुसार- यह अनिवार्य रूप से दुनिया को यह संदेश देता है कि ट्रंप का अमेरिका खुद को कानून से ऊपर देखता है। उनका मानना है कि इस कदम से ट्रंप के प्रति यूरोपीय देशों की यह धारणा और मजबूत हुई है कि अमेरिका अलग-थलग पड़ रहा है।

ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही अमेरिका फर्स्ट की विदेश नीति पर चल रहे हैं। उन्होंने अमेरिका को कई अंतरराष्ट्रीय निकायों से बाहर निकाला है और ‘राष्ट्र-राज्य’ की केंद्रीयता पर जोर दिया है। हडसन इंस्टीट्यूट की सीनियर फेलो नादिया शैडलो का कहना है कि जब देशों को लगता है कि उनके सुरक्षा हित दांव पर हैं, तो वे युद्ध रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर भरोसा नहीं कर सकते।

दुनिया भर से मिली-जुली और सीमित प्रतिक्रिया
समर्थन: अर्जेंटीना और पराग्वे के दक्षिणपंथी नेताओं के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने इस कदम का समर्थन किया (ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए)। कनाडा के प्रधान मंत्री मार्क कार्नी ने भी समर्थन जताया, लेकिन जल्द ही तनाव कम करने की अपील की।

अमेरिका अपने मित्र देशों की संवेदनशीलता में भी कम दिलचस्पी दिखा रहा है। भारत अमेरिका का एक लगातार भागीदार रहा है। लेकिन अमेरिका ने भारत की सद्भावना यात्रा से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत को श्रीलंका के तट के पास नष्ट कर दिया, जिसमें कम से कम 84 नाविक मारे गए। यह कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने संघर्ष के मूर्खतापूर्ण नियमों को खारिज करने की कसम खाई।

चीन और रूस के लिए रणनीतिक मायने
ईरान और वेनेज़ुएला दोनों के रूस और चीन के साथ विशेषाधिकार प्राप्त संबंध थे। हालांकि, रूस और चीन अमेरिकी मारक क्षमता के खिलाफ अपने इन सहयोगियों का बचाव करने में अनिच्छुक या असमर्थ रहे।

क्या इससे चीन को फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध से चीन को रणनीतिक लाभ हो सकता है। अमेरिकी सेना तेजी से बम, मिसाइल और अन्य सैन्य संसाधनों का उपयोग कर रही है, जिनका इस्तेमाल भविष्य में ताइवान (जिस पर बीजिंग दावा करता है) की सैद्धांतिक रक्षा के लिए किया जा सकता था। बीजिंग को ईरान में अमेरिकी युद्ध संचालन और उनकी रणनीति को करीब से देखने का मौका मिल रहा है। सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के जैकब स्टोक्स के अनुसार, चीनी रणनीतिकार अमेरिका के फिर से मध्य पूर्व में उलझ जाने से काफी खुश हैं, क्योंकि इससे उन्हें अन्य क्षेत्रों में अपने प्रभाव का विस्तार करने का अवसर मिलता है।

अमेरिका ईरान युद्ध के बीच अब नहीं होगा भारत में पेट्रोल-डीजल का संकट, जानिए क्यों

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट से दुनिया भर में क्रूड की सप्लाई टाइट होने से इसकी कीमत में भारी तेजी आई है। इससे भारत के लिए मुश्किल हो सकती थी क्योंकि भारत अपना 85 फीसदी तेल आयात करता है। लेकिन अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत दी है।

अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरीज को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थाई मोहलत दे दी है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बंद होने से कच्चे तेल की कीमत में 20 फीसदी तक तेजी आ गई थी। हालांकि आज इसमें कुछ गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड करीब दो फीसदी गिरावट के साथ 83.72 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एनर्जी एजेंडे से तेल और गैस का उत्पादन अब के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। ग्लोबल मार्केट में तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रेजरी डिपार्टमेंट रूसी तेल खरीदने के लिए भारतीय रिफाइनर्स को 30 दिन की अस्थाई मोहलत दे रहा है। इससे रूसी सरकार को कोई वित्तीय फायदा नहीं होगा क्योंकि इससे केवल समुद्र में फंसे तेल का लेनदेन होगा।

बेसेंट ने कहा, ‘भारत अमेरिका का अहम पार्टनर है और हम करते हैं कि भारत अमेरिका से तेल की खरीद बढ़ाएगा। यह अस्थाई उपाय ग्लोबल एनर्जी को बंधक बनाने की ईरान की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम करेगा।’

रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा एनर्जी सप्लायर है। हालांकि हाल के महीनों में भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में कटौती की है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से एक बार फिर भारत रूसी तेल का रुख कर रहा है।

ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई थी जो इसका एक साल का उच्चतम स्तर था। इस बीच इराक ने उत्पादन में रोजाना करीब 15 लाख बैरल की कटौती की है। उसके अधिकारियों का कहना है कि देश के पास स्टोरेज की कमी है। दुनिया में करीब 20 फीसदी क्रूड की सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होती है। भारत का करीब आधा तेल इसी रास्ते आता है।

कैंसर और थैलेसीमिया जागरूकता के लिए लेडीज विंग की नेशनल कार रैली 8 मार्च को

कोटा। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) कोटा लेडीज विंग द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष्य में 8 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल कार रैली के पोस्टर का अनावरण कोटा ब्लड बैंक सोसायटी में किया गया। पोस्टर का अनावरण थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के हाथों कराया गया।

इस अवसर पर जीतो कोटा चैप्टर के चेयरमैन पंकज सेठी, कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के सचिव राजकुमार जैन, यूथ विंग के चीफ सेक्रेटरी ईशान गोधा तथा जीतो लेडीज विंग की चेयरपर्सन मंजु लुंकड़ उपस्थित रहे।

जीतो लेडीज विंग की चीफ सेक्रेटरी रेखा जैन ने बताया कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया उन्मूलन और कैंसर के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण, सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता तथा महिला दिवस के महत्व का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाएगा। उन्होने कहा कि यह कार रैली देश के 100 से अधिक चेप्टर में पूरे भारत के अलग-2 कोने में आयोजित की जाएगी।

कार्यक्रम संयोजक प्रीति जैन एवं सह-संयोजक नेहा जैन ने बताया कि रैली के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, समय पर चिकित्सकीय जांच कराने तथा रोगों की रोकथाम के प्रति प्रेरित किया जाएगा। रैली का शुभारंभ 8 मार्च को प्रातः 6:30 बजे श्री उम्मेद क्लब, कोटा से किया जाएगा।

रैली के समापन अवसर पर एक जागरूकता सत्र आयोजित होगा, जिसमें डॉ. रत्ना जैन कैंसर जागरूकता तथा डॉ. परवीन शंकर झा थैलेसीमिया की रोकथाम विषय पर अपना व्याख्यान देंगे।

आयोजन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में नीरा जैन, चित्रा बागरेचा, मीना जैन, सुमन मुनोत, पिंकी बागरेचा, सोनिया सांखला सहित कोर टीम के सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।