Sunday, April 26, 2026
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ईरान का अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत से इनकार, जानिए क्यों

तेहरान। Iran Rejected Second Round Talks: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के संभावित नए दौर में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। देश की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने रविवार को यह बताया।

यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेज रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने धमकी दी है कि अगर ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता है तो वह देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देंगे।

तेहरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत से पीछे हटने का तेहरान का फैसला वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगों और अवास्तविक अपेक्षाओं के चलते लिया गया है। अपनी रिपोर्ट में ईरान ने बातचीत में शामिल न होने के कई कारण बताए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा कि बातचीत के दूसरे दौर में उसकी अनुपस्थिति का कारण वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगें, अवास्तविक उम्मीदें, लगातार बदलते रुख, बार-बार के विरोधाभास और होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी है, जिसे वह युद्धविराम का उल्लंघन मानता है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान में होने वाली बातचीत के दूसरे दौर की खबर को गलत बताया और कहा कि यह अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के लिए रचे गए एक ‘मीडिया गेम’ का हिस्सा है। अमेरिका ने दावा किया था कि बातचीत का दूसरा दौर सोमवार को इस्लामाबाद में शुरू होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके लिए वार्ताकारों को भेजने की भी पुष्टि की थी।

युद्धविराम पर खतरा
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्ष विराम मंगलवार को खत्म हो रहा है। इसके पहले दोनों पक्षों के बीच 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में सीधी बातचीत हुई थी, जो 21 घंटे तक चली थी। वार्ता का यह दौर बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया था। हालांकि, इसके बाद भी बातचीत के लिए जमीनी स्तर पर काम जारी रहा था। इसके पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर डील नहीं होती है, तो वह शायद युद्धविराम को नहीं बढ़ाएंगे और ईरान पर बमबारी शुरू करने की धमकी दी थी।

नीलम कैट की नेशनल कन्वेनर एग्जीबिशन एंड ट्रेड फेयर कमेटी नियुक्त

दिल्ली में आयोजित कैट वुमन विंग के राष्ट्रीय महिला सम्मेलन में हुई घोषणा

कोटा/ नई दिल्ली। कैट (CAIT) वुमेन विंग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन में संपन्न हुआ। यह आयोजन देशभर से आई महिलाओं की सशक्त भागीदारी, नेतृत्व क्षमता एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जो अत्यंत प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान, बाड़मेर की प्रख्यात उद्यमी रुमा देवी ने अपनी प्रेरणादायक उपस्थिति दर्ज कराई।

कोटा कैट की सचिव भाविका प्रीत ने बताया की सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा में राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष संगीता पाटिल ने कोटा की अध्यक्ष नीलम विजयवर्गीय को नेशनल कन्वेनर एग्जीबिशन एंड ट्रेड फेयर कमेटी नियुक्त किया है।

यह जिम्मेदारी उनके उत्कृष्ट कार्य, सक्रिय नेतृत्व एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए प्रदान की गई। इस अवसर पर नीलम विजयवर्गीय ने इस सम्मानजनक जिम्मेदारी के लिए कैट (CAIT) संगठन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में महिला सशक्तिकरण, व्यापार, उद्यमिता एवं नेतृत्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। देश के विभिन्न राज्यों से आई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रभावी नेटवर्किंग का वातावरण निर्मित हुआ।

यह आयोजन न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना, बल्कि एक सशक्त, संगठित एवं आत्मनिर्भर नारी शक्ति के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

इस सम्मेलन में वुमेन विंग की सेक्रेटरी भाविका प्रीत रामानी, रक्षा नरूका, कृतिका विजय, बबिता कशिश हिरानी एवं स्वाति गुप्ता ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कोटा का प्रतिनिधित्व किया।

सामूहिक विवाह सम्मेलन समानता, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं

यादव समाज का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न, 25 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

कोटा। अमृत सेवा संस्थान एवं यादव समाज गूंज महिला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को दशहरा मैदान, सीएडी सर्किल, कोटा पर निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन में हाड़ौती एवं मध्यप्रदेश तक से कुल 25 जोड़े पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच विवाह बंधन में बंधे। विशेष उल्लेखनीय रहा कि इन 25 जोड़ों में एक दिव्यांग जोड़ा भी शामिल रहा, जो उपस्थित जनसमुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में समानता, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने महिला मण्डल अध्यक्ष ज्योति यादव एवं उनकी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्य ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी है।

बिरला ने नवदंपत्तियों को संबोधित करते हुए कहा, “जीवन की वास्तविक सफलता रिश्तों, परिवार और समाज में निहित है। एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए, परिवार की भावना को निभाते हुए आगे बढ़ें और अच्छे संस्कारों की विरासत को अपनी आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाएं।

उन्होंने विशेष रूप से यह जिम्मेदारी माताओं और समाज की नारी शक्ति पर रेखांकित की जाने वाली पीढ़ी को शिक्षित एवं संस्कारी बनाना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि यादव समाज एक मेहनतकश समाज है जो देश और राष्ट्र की उन्नति में निरंतर योगदान दे रहा है।

महिला मण्डल अध्यक्ष ज्योति यादव ने बताया कि इस सम्मेलन में सामाजिक संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। अनाथ एवं विधवा माताओं की पुत्रियों को विवाह में सम्मिलित कराया गया, जिससे इस आयोजन का मानवीय आयाम और भी व्यापक हो गया। आयोजन में हाड़ौती संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के गुना जिले से भी एक जोड़ा सम्मिलित हुआ है।

गणेश पूजन से विदाई तक उल्लास
संयोजक प्रदीप यादव एवं विजय बागोलिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः आठ बजे गणेश स्थापना एवं गणेश पूजन के साथ हुआ। तत्पश्चात कलश यात्रा, तोरण एवं वरमाला की पावन रस्में संपन्न हुईं। दोपहर में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य सभी 25 जोड़ों ने सात फेरे लिए और सायं साढ़े पाँच बजे नवदंपत्तियों को अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में विदाई दी गई। समिति की ओर नवजोडो को उपहार स्वरूप दैनिक दिनचर्या के 25 उपहार भेंट स्वरूप दिए गए।

विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक संदीप शर्मा, रेडक्रॉस के स्टेट चेयरमेन राजेश कृष्ण बिरला तथा सेक्रेटरी जगदीश जिंदल उपस्थित रहे। विधायक संदीप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे आयोजन दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और सार्थक संदेश देते हैं।

आगरा-भरतपुर-रणथंभोर सर्किट में कोटा-बूंदी के पर्यटन स्थलों को जोड़ने की पहल

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन एवं सवाई माधोपुर इकाई की बैठक में हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि शीघ्र ही सवाई माधोपुर इकाई के अध्यक्ष हाजी अहतशामुद्दीन एवं उनकी टीम के साथ कोटा में संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान सवाई माधोपुर इकाई के अध्यक्ष हाजी अहतशामुद्दीन ने जानकारी दी कि वर्तमान में आगरा-भरतपुर-रणथंभोर तक पर्यटकों के लिए पैकेज संचालित होते हैं। हमारा प्रयास होगा कि इस पैकेज को 8 दिवसीय बनाकर इसमें कोटा और बूंदी को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रमुख पर्यटन सर्किट गोल्डन ट्रायंगल के तहत आगरा में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, जो आगे भरतपुर और रणथंभोर तक का पेकेज बनाकर आते हैं। हाड़ोती क्षेत्र को जोड़ने से यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

माहेश्वरी ने बताया कि भविष्य में इस टूर पैकेज को 10 दिनों तक बढ़ाकर बारां और झालावाड़ को भी शामिल करने की योजना है। इससे पूरे हाड़ोती क्षेत्र का समग्र पर्यटन विकास संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पैकेज विकसित होने से रोड और रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा तथा दिल्ली से आने वाले पर्यटकों को कम समय में अधिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो शाही रेलगाड़ी जिसका ठहराव सवाई माधोपुर और चित्तौड़गढ़ में होता है तथा जो कोटा (गुड़ला) व बूंदी मार्ग से गुजरती है, उसका एक दिन का ठहराव कोटा और बूंदी में कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे इस ट्रेन से आने वाले पर्यटक भी हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।

इस पहल से कोटा, बूंदी, बारां एवं झालावाड़ के साथ-साथ सवाई माधोपुर क्षेत्र को भी पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। बैठक में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के सलाहकार बोर्ड के सदस्य गणपत लाल शर्मा एवं तकनीकी सलाहकार भुवनेश लाहोटी भी उपस्थित रहे।

हजरत निज़ामुद्दीन–दादर ग्रीष्मकालीन विशेष एक्सप्रेस 21 अप्रैल से

यह गाड़ी गंगापुर सिटी एवं कोटा स्टेशन से होकर गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा हजरत निज़ामुद्दीन–दादर–हजरत निज़ामुद्दीन के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 04002 (हजरत निज़ामुद्दीन–दादर) 21 अप्रैल से 14 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार को 13 फेरों में हजरत निज़ामुद्दीन से रात्रि 23.45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन बुधवार को गंगापुर सिटी जंक्शन 06.40 बजे, कोटा जंक्शन 10.05 बजे होते हुए उसी दिन रात्रि 22.40 बजे दादर पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 04001 (दादर–हजरत निज़ामुद्दीन) 23 अप्रैल से 16 जुलाई तक प्रत्येक गुरुवार को 13 फेरों में दादर से 00.15 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 13.00 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 15.15 बजे होते हुए उसी दिन सायं 21.35 बजे हजरत निज़ामुद्दीन पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में हजरत निज़ामुद्दीन जंक्शन, कोसी कलाँ, मथुरा जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, कोटा जंक्शन, नागदा, रतलाम जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, सूरत, बोरीवली जंक्शन तथा दादर स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी। इस विशेष गाड़ी में 12 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 5 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी तथा 2 वातानुकूलित प्रथम श्रेणी सहित कुल 19 यात्री डिब्बे होंगे।

उधना–जयनगर ग्रीष्मकालीन अनारक्षित विशेष एक्सप्रेस

गाड़ी संख्या 09091 (उधना–जयनगर) 19 अप्रैल को 1 फेरे में उधना से रविवार रात्रि 21.40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सोमवार को कोटा जंक्शन 09.40 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 11.20 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 12.25 बजे, बयाना जंक्शन 13.55 बजे होते हुए अगले दिन मंगलवार को 19.00 बजे जयनगर पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09092 (जयनगर–उधना) 22 अप्रैल को 1 फेरे में जयनगर से बुधवार 17.00 बजे प्रस्थान कर बयाना जंक्शन गुरुवार रात्रि 21.50 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन रात्रि 22.50 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन रात्रि 23.38 बजे, कोटा जंक्शन अगले दिन शुक्रवार रात्रि 01.10 बजे होते हुए उसी दिन शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे उधना पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में उधना जंक्शन, सयान, भरूच जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, बयाना जंक्शन, आगरा फोर्ट, टुंडला जंक्शन, इटावा जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, बाराबंकी जंक्शन, गोंडा जंक्शन, बस्ती, गोरखपुर जंक्शन, नरकटियागंज जंक्शन, रक्सौल जंक्शन, शिशो जंक्शन, जयनगर पर रुकेगी।

India-US trade deal: ट्रंप के 10% टैरिफ के बीच वाशिंगटन पहुंचेंगे अधिकारी

नई दिल्ली। India-US trade deal: भारत के करीब एक दर्जन अधिकारी 20 अप्रैल को वाशिंगटन पहुंच रहे हैं। वहां तीन दिन तक अमेरिकी अधिकारियों से पहली चरण की द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत होगी। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दोनों देशों के बीच पहले से तैयार किया गया फ्रेमवर्क अब टैरिफ के नए माहौल को देखते हुए फिर से नजर डालने की जरूरत पड़ सकती है। यह फ्रेमवर्क 7 फरवरी को जारी किया गया था।

अमेरिका में टैरिफ का पूरा परिदृश्य बदल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए बड़े पैमाने के टैरिफ को गलत ठहराया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, जो 150 दिनों तक रहेगा।

मौजूदा बैठक 20 से 22 अप्रैल तक वाशिंगटन में होगी। भारत की तरफ से मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन (वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव) टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम में कस्टम्स और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं।

बैठक में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा शुरू की गई दो एकतरफा जांच भी चर्चा का मुद्दा बन सकती हैं। भारत ने इन जांचों में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि इनकी कोई ठोस वजह नहीं दी गई। भारत ने इन जांचों को बंद करने की मांग की है।

पिछले फरवरी में दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों की बैठक तय थी, लेकिन टैरिफ में आए बदलाव के चलते उसे टाल दिया गया। अब अप्रैल 2026 में यह मुलाकात हो रही है।

टैरिफ घटाने का पुराना समझौता
फ्रेमवर्क के मुताबिक अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी। रूस से तेल खरीदने के कारण लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को पहले ही हटा दिया गया था। बाकी 25 प्रतिशत को भी 18 प्रतिशत तक लाने का प्रावधान था।

20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए लागू कर दिया।

इन बदलावों के बाद अब दोनों पक्ष समझौते को फिर से देख रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, समझौते को रीकैलिब्रेट और फिर से लिखना पड़ेगा। सूत्र ने कहा, “उनकी तरफ से काफी बदलाव होने वाले हैं। हमारा समझौता अभी साइन नहीं हुआ है, इसलिए जरूरी बदलाव हम अभी कर सकते हैं।”

भारत के प्रस्ताव
समझौते के फ्रेमवर्क में भारत ने अमेरिका के सभी औद्योगिक सामान पर टैरिफ खत्म करने या घटाने का प्रस्ताव रखा था। साथ ही अमेरिका के कई खाद्य और कृषि उत्पादों पर भी छूट दी जानी थी। इनमें ड्राई डिस्टिलर्स ग्रेन (DDG), पशु चारे के लिए रेड सॉरघम, ट्री नट्स, ताजा और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स जैसी चीजें शामिल हैं।

भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, एयरक्राफ्ट और उसके पार्ट्स, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने का भी इरादा जताया था।

पहले भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति मिली हुई थी। लेकिन अब जब अमेरिका के सभी व्यापारिक साझेदारों पर एक समान 10 प्रतिशत टैरिफ लग गया है, तो इस समझौते को नई सूरत देनी होगी। हर देश अब अमेरिका से अपने व्यापार समझौतों की नई शक्ल तय करने में जुटा हुआ है।

व्यापार के आंकड़े
वित्त वर्ष 2025-26 में चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया। इससे पहले अमेरिका चार साल तक (2024-25 तक) लगातार सबसे बड़ा पार्टनर रहा था।

पिछले वित्त वर्ष में भारत का अमेरिका को निर्यात महज 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर पहुंचा। वहीं आयात 15.95 प्रतिशत बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। नतीजतन, व्यापार अधिशेष 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया।

कच्चे तेल की कीमतें और तिमाही नतीजे तय करेंगे इस सप्ताह बाजार की चाल

नई दिल्ली। Stock Market This Week: इस हफ्ते शेयर बाजार की नजर कई बड़े फैक्टर्स पर रहने वाली है, जिनमें अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख रूप से शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन्हीं घटनाक्रमों से बाजार की आगे की दिशा तय होगी।

ब्रोकरेज फर्म रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भू-राजनीतिक तनाव फिलहाल सबसे अहम ट्रिगर बना हुआ है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेश माहौल पर पड़ता है।

उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच घोषित संघर्ष विराम 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में इस पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी।

घरेलू मोर्चे पर निवेशकों का ध्यान कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर रहेगा। इन नतीजों से कंपनियों की कमाई और आगे के कारोबार की स्थिति का अंदाजा लगेगा।

इसके अलावा, विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई की ट्रेडिंग गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगी। अगर विदेशी निवेशकों की खरीद या बिकवाली बढ़ती है तो उसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर दिख सकता है।

शेयर बाजार में इस हफ्ते निवेशकों की नजर सबसे पहले देश के बड़े प्राइवेट बैंकों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञ मिश्रा के अनुसार, शुरुआत में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गजों के परिणामों पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। इसके बाद एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, हैवेल्स, इंडसइंड बैंक और श्रेयराम फाइनेंस जैसी कई बड़ी कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी।

इस बीच देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने मार्च तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 8.04 प्रतिशत बढ़कर 20,350.76 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि बैंक ने यह भी चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर छोटे कारोबारियों से जुड़े लोन सेगमेंट पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में कुछ जोखिम बने रह सकते हैं।

आईसीआईसीआई बैंक ने मार्च तिमाही के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 9.28 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,755 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बैंक के मुनाफे में यह तेजी मुख्य रूप से प्रोविजनिंग में करीब 90 फीसदी की भारी गिरावट की वजह से आई है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीना का कहना है कि इस सप्ताह बाजार की सबसे बड़ी दिशा तय करने वाली चीज कंपनियों के तिमाही नतीजों की भरमार होगी। इसके साथ ही अमेरिकी मैक्रो आर्थिक डेटा और वैश्विक हालात भी बाजार की चाल पर असर डालेंगे।

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 943.29 अंक यानी 1.21 फीसदी बढ़कर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 302.95 अंक यानी 1.25 फीसदी मजबूत हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि निवेशकों की नजर खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर रहेगी। अगर इसमें स्थायी समाधान की ओर संकेत मिलते हैं तो इसका असर वैश्विक जोखिम वाले एसेट्स, पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता या गिरावट बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है।

इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी हालात लगातार बदल रहे हैं। फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग से आवाजाही रोक दी थी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई।

बाद में शुक्रवार को ईरान ने इसे वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की बात कही, लेकिन शनिवार को फिर से बंद करने की घोषणा कर दी। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच बनी समझ का उल्लंघन किया है।

इस बार अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी का 20 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान

नई दिल्ली। Akshaya Tritiya 2026 :अक्षय तृतीया को भारतीय परंपरा में कभी न खत्म होने वाली ‘समृद्धि’ का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 की यह अक्षय तृतीया अपनी भारी-भरकम कीमतों के कारण इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रही है। सोने और चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं, लेकिन फिर भी लोगों की आस्था कम नहीं हुई है।

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, इस साल देश भर में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान है, जो पिछले साल के 16,000 करोड़ रुपये के मुकाबले एक बड़ी उछाल है। अकेले देश की राजधानी दिल्ली में करीब 6 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद जताई गई है।

चांदनी चौक से सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि अक्षय तृतीया हमेशा से सोना खरीदने का सबसे शुभ मुहूर्त रहा है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन किया गया निवेश कभी घटता नहीं है। हालांकि, इस बार कीमतों ने सबको चौंका दिया है।

पिछले साल सोना जहां 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, वहीं इस साल यह उछलकर लगभग 1.58 लाख रुपये तक पहुंच गया है। चांदी की स्थिति और भी हैरान करने वाली है; यह 85,000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर है।

खंडेलवाल के मुताबिक, इन ऊंची कीमतों ने ग्राहकों के खरीदने के तरीके को बदल दिया है। लोग अब अंधाधुंध खरीदारी के बजाय बहुत सोच-समझकर और बजट को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं। बाजार में मांग तो मजबूत है, लेकिन खरीदारी का स्वरूप अब मूल्य-आधारित (Value-based) हो गया है।

बाजार के बदलते रुख को देखते हुए देशभर के सर्राफा व्यापारियों ने भी अपनी तैयारी बदल ली है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी. सी. भरतिया ने बताया कि ज्वैलर्स अब भारी आभूषणों के बजाय हल्के वजन वाले गहनों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। मिडिल क्लास बजट को ध्यान में रखते हुए चांदी और हीरे के ऐसे उत्पाद तैयार किए गए हैं जो रोजमर्रा में पहने जा सकें।

भरतिया ने कहा, “ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मेकिंग चार्ज में अच्छी-खासी छूट दी जा रही है और छोटे-छोटे सोने के सिक्कों जैसे ऑफर भी खूब चलाए जा रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में कारोबार का कुल पैसा बढ़ता हुआ दिखता है, लेकिन अगर इसे वजन या मात्रा के हिसाब से देखें, तो असली तस्वीर कुछ अलग ही दिखाई देती है।

क्या कहते हैं आंकड़े
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने आंकड़ों के जरिए बाजार की असली तस्वीर समझाई। उनके मुताबिक, 16,000 करोड़ रुपये के सोने के कारोबार का मतलब आज की कीमतों के हिसाब से करीब 10,000 किलो (यानी 10 टन) सोने की बिक्री है। अगर इसे देशभर के करीब 2 से 4 लाख ज्वैलर्स में बांटें, तो हर ज्वैलर के हिस्से में औसतन सिर्फ 25 से 50 ग्राम सोना ही आता है।

चांदी का भी कुछ ऐसा ही हाल है। 4,000 करोड़ रुपये की चांदी की बिक्री का मतलब करीब 157 टन चांदी बिकना है। इस हिसाब से हर ज्वैलर औसतन सिर्फ 400 से 800 ग्राम चांदी ही बेच पा रहा है। अरोड़ा के मुताबिक ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने से कारोबार की रकम तो बढ़ गई है, लेकिन असल में लोग कम सोना-चांदी खरीद रहे हैं। यही वजह है कि इस बार छोटे सिक्कों और हल्के गहनों की मांग सबसे ज्यादा है।

व्यापारियों का कहना है कि इस समय सबसे बड़ी परेशानी स्टॉक संभालने की है, क्योंकि कीमतें लगातार बदल रही हैं। साथ ही लोग अब पारंपरिक खरीदारी के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और गोल्ड ETF जैसे विकल्पों की तरफ भी बढ़ रहे हैं, जो एक नई चुनौती बनकर सामने आ रहा है।

वीवो, रियलमी और ओप्पो 5G स्मार्टफोन की पहली सेल 21 से, जानिए ऑफर्स और कीमत

नई दिल्ली। Vivo T5 Pro 5G, Realme Narzo 100 Lite 5G, Infinix Note 60 Pro 5G और Oppo F33 Pro 5G फोन की पहली सेल भारत में 21 अप्रैल को शुरू होगी। आइये जानते हैं किस पर क्या ऑफर है-

Vivo T5 Pro 5G
यह फोन भारत में 21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से Flipkart और Vivo India के ऑनलाइन स्टोर के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। फोन कॉस्मिक ब्लैक और ग्लेशियर ब्लू कलर्स में उपलब्ध होगा। भारत में Vivo T5 Pro 5G की कीमत बेस वेरिएंट के लिए 29,999 रुपये से शुरू होती है, जिसमें 8GB RAM और 128GB स्टोरेज मिलता है।

इसके 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 33,999 रुपये और 12GB+256GB वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये है। हालांकि, कंपनी HDFC Bank, SBI और Axis Bank के कार्ड पर 3,000 रुपये तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट और छह महीने तक की ब्याज-मुक्त EMI का विकल्प दे रही है। इसके अलावा, ग्राहक Vivo T5 Pro 5G को 3,000 रुपये तक के एक्सचेंज बोनस के साथ भी खरीद सकते हैं।

इस फोन में 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट देता है। यह IP68 + IP69 रेटिंग के साथ आता है। इसमें Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट है। फोन में 50-मेगापिक्सेल का मेन कैमरा। सेल्फी के लिए फोन में 32-मेगापिक्सेल कैमरा है। यह आगे और पीछे, दोनों कैमरों से 4K वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है। Vivo T5 Pro 5G में 9,020mAh की सिलिकॉन कार्बन बैटरी दी गई है। यह फोन 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है।

Realme Narzo 100 Lite 5G
यह फोन भारत में 21 अप्रैल को Amazon और Realme India के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसे दो कलर्स – Frost Silver और Thunder Black में लॉन्च किया गया है। भारत में फोन की कीमत 13,499 रुपये से शुरू होती है, जो इसके बेस मॉडल (4GB+64GB) के लिए है। इसके 4GB+128GB वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। टॉप मॉडल (6GB+128GB स्टोरेज) 16,499 रुपये में मिलेगा। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है।

Realme Narzo 100 Lite 5G में 6.8-इंच की LCD स्क्रीन है, जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट और 900 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस देती है। यह IP64 रेटिंग के साथ आता है। फोन में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट है। फोन में पीछे की तरफ डुअल कैमरा सेटअप है, जिसमें 13-मेगापिक्सेल का मेन कैमरा है। सेल्फी के लिए, इस फोन में सामने की तरफ 5-मेगापिक्सेल का कैमरा भी दिया गया है। फोन में 7,000mAh की बैटरी है जो 15W वायर्ड चार्जिंग और रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Oppo F33 Pro 5G
यह फोन भारत में 23 अप्रैल को Flipkart, Amazon और Oppo India के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। फोन तीन कलर्स – Misty Forest, Passion Red और Starry Blue में खरीदने के लिए उपलब्ध होगा। भारत में फोन के 8GB+128GB वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये और 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 40,999 रुपये है। कंपनी चुनिंदा बैंकों के कार्ड पर 10 प्रतिशत तक का इंस्टेंट कैशबैक दे रही है। ग्राहक छह महीने तक की ब्याज-मुक्त EMI सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं।

इस स्मार्टफोन में 6.57-इंच का एमोलेड डिस्प्ले है, जो 120 हर्ट्ज तक का रिफ्रेश रेट, 1400 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 240 हर्ट्ज का टच सैंपलिंग रेट का सपोर्ट करता है। फोन IP66 + IP68 + IP69K रेटिंग के साथ आता है। इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6360 मैक्स चिपसेट लगा है। फोन में 50-मेगापिक्सेल का मेन रियर कैमरा है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 50-मेगापिक्सेल का कैमरा है। फोन में 7000mAh की बैटरी है, जो 80W सुपरवूक वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Infinix Note 60 Pro 5G
यह नया फोन भारत में 20 अप्रैल से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसे Flipkart और Infinix के ऑनलाइन स्टोर से खरीदा जा सकेगा। भारत में फोन की कीमत 31,999 रुपये से शुरू होती है। यह कीमत इसके बेस वेरिएंट के लिए है, जिसमें 8GB रैम और 128GB स्टोरेज है। इसके 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 34,999 रुपये है। इसे तीन कलर्स Deep Ocean Blue, Mocha Brown और Solar Orange में लॉन्च किया गया है। ग्राहक SBI, ICICI Bank, Yes Bank, Bank of Baroda और IDFC Bank के कार्ड इस्तेमाल करके 3,000 रुपये की तुरंत छूट पा सकते हैं।

इसके अलावा, कंपनी 12 महीने तक की ब्याज-मुक्त ईएमआई का विकल्प भी दे रही है। कंपनी ने अनुसार, ऑफर्स का लाभ लेकर इसे 25,399 रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है। जिन लोग इसे प्री-बुक किया है, उन्हें कई एडिशनल बेनिफिट्स मिलेंगे- जैसे कि 12 महीने तक की नो-कॉस्ट ईएमआई, 3,000 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट, 3,999 रुपये कीमत वाला एक मुफ्त मैगपावर स्पीकर, एक साल का मुफ्त स्क्रीन रिप्लेसमेंट, 18 महीने के लिए मुफ्त गूगल जेमिनी प्रो प्लान का सब्सक्रिप्शन और जियो की ओर से 5000GB मुफ्त क्लाउड स्टोरेज; इसके साथ ही, ऑर्डर पूरा होने पर 1+1 साल की वारंटी और 2,000 रुपये का वाउचर भी मिलेगा।

शीर्ष आठ कंपनियों की मार्केट कैप 1.87 लाख करोड़ बढ़ी, टॉप गेनर बना एयरटेल

नई दिल्ली। Market Cap: बीते हफ्ते शेयर बाजार में मजबूती का रुख देखने को मिला, जिसका सीधा असर देश की टॉप 10 सबसे बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर भी पड़ा। छुट्टियों से छोटे रहे इस हफ्ते में इन आठ कंपनियों की संयुक्त वैल्यू में कुल 1,87,497.45 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 943.29 अंक यानी 1.21 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी में 302.95 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी रिसर्च अजित मिश्रा ने कहा कि पिछले सप्ताह बाजार लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुआ। उनके अनुसार वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों में नरमी और निवेशकों की बेहतर होती धारणा ने बाजार को सपोर्ट दिया।

साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। घरेलू आर्थिक स्थिति स्थिर रहने से भी बाजार को मजबूती मिली।

टॉप कंपनियों में भारती एयरटेल सबसे बड़ा लाभ पाने वाली कंपनी रही। इसका बाजार मूल्यांकन 58,831.52 करोड़ रुपये बढ़कर 11,25,125.21 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 27,608.62 करोड़ रुपये बढ़कर 5,32,691.31 करोड़ रुपये हो गया।

आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की और इसका बाजार मूल्य 20,731.64 करोड़ रुपये बढ़कर 9,34,063.56 करोड़ रुपये हो गया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज भी पीछे नहीं रही। कंपनी का मार्केट कैप 20,231.05 करोड़ रुपये बढ़कर 18,47,317.84 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं लार्सन एंड टूब्रो, (L&T) का मूल्यांकन 18,577.91 करोड़ रुपये बढ़कर 5,63,314.50 करोड़ रुपये हो गया।

बैंकिंग सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 18,266.82 करोड़ रुपये बढ़कर 9,65,008.67 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय स्टेट बैंकI (SBI) का मूल्यांकन 12,599.79 करोड़ रुपये बढ़कर 9,97,229.77 करोड़ रुपये पहुंच गया। आईटी कंपनी इंफोसिस का मार्केट कैप भी 10,650.1 करोड़ रुपये बढ़कर 5,34,774.50 करोड़ रुपये हो गया।

हालांकि, हर कंपनी के लिए यह हफ्ता सकारात्मक नहीं रहा। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 16,163.04 करोड़ रुपये घटकर 12,31,315.53 करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा Bajaj Finance का मूल्यांकन भी 9,769.3 करोड़ रुपये घटकर 5,65,437.17 करोड़ रुपये पर आ गया।

अगर सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियों की बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो, इंफोसिस और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का नाम शामिल रहा।