Saturday, April 25, 2026
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Stock Market: बिकवाली दबाव में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली तेजी के साथ बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उठा-पटक रही। अंत में सेंसेक्स 26.76 अंकों की तेजी के साथ 78,520.30 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 11.30 अंकों की तेजी आई और यह 24,364.85 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हालांकि बाद में यह फिर चढ़कर हरे निशान पर पहुंच गया। शुरुआती एक घंटे में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

बीएसई सेंसेक्स 248 अंक (0.32%) गिरकर 78,245.84 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 में भी 60 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई। दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स अधिकतम 448.91 अंक तक चढ़ गया था। वहीं निफ्टी में भी अधिकतम 127 अंकों की तेजी आई।

होर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) के फिर से बंद होने और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखा गया।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और इंडिगो गेनर्स थे। वहीं एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टाइटन और इटरनल लूजर्स थे।

बाजार में गिरावट का कारण
बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी है। शुक्रवार को भारी गिरावट के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसके बंद होने से मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

अमेरिका को चुकाना पड़ेगा 166 अरब डॉलर का रिफंड, जानिए किसको होगा फायदा

नई दिल्ली। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को दो महीने पहले असंवैधानिक करार दे दिया था। आज से उन कंपनियों के लिए रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो रही है जिन्होंने टैरिफ चुकाया था। इसे अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा रिफंड माना जा रहा है।

यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) इसके लिए एक पोर्टल सिस्टम लॉन्च कर रहा है। अमेरिकन कंपनियां इसमें टैरिफ के रिफंड के लिए आवेदन कर सकती हैं। इन कंपनियों का सरकार पर 166 अरब डॉलर का रिफंड प्लस इंटरेस्ट बकाया है।

सीबीपी का अनुमान है कि मंजूरी मिलने के बाद 60 से 90 दिन में रिफंड जारी कर दिया जाएगा। लेकिन इसमें ज्यादा समय भी लग सकता है। इस प्रोग्राम को कंसोलिडेटेड एडमिनिस्ट्रेशन एंड प्रोसेसिंग ऑफ एंट्रीज नाम दिया गया है।

ट्रंप ने पिछले साल अप्रैल में कई देशों पर टैरिफ लगा दिया था। लेकिन 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस टैरिफ को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि टैरिफ तय करने का अधिकार संसद को है।

किसे मिलेगा रिफंड
हालांकि कोर्ट ने रिफंड के बारे में कुछ नहीं कहा था लेकिन यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने पिछले महीने कहा कि इंटरनेशनल एमरजेंसी इकनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ से प्रभावित कंपनियां रिफंड पाने की हकदार होंगी। सीबीपी के मुताबिक 330,000 इम्पोर्टर्स ने 53 मिलियन से अधिक शिपमेंट्स के लिए 166 अरब डॉलर का टैरिफ चुकाया था। रिफंड की यह प्रक्रिया कई चरणों में होगी।

Chana Price: मंडियों में आवक घटने से चने की कीमतों में सुधार की उम्मीद

नई दिल्ली। चालू सप्ताह में चना बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला, जहां तेजी और मंदी दोनों का प्रभाव रहा। सप्ताह की शुरुआत में सीमित आवक और कुछ क्षेत्रों में मांग के चलते चना की कीमतों में हल्की मजबूती आई, लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई।

चना दाल और बेसन की मांग कमजोर रहने के कारण मिलर्स और प्रोसेसर्स की खरीदारी सीमित रही। दाल मिलों की धीमी लिवाली के चलते चना की मांग में सुधार नहीं हो पाया, जिससे बाजार में मजबूती नहीं आ सकी। इसके साथ ही, मंडियों में सीमित मांग और बढ़ती सप्लाई ने चना की कीमतों में नरमी ला दी।

इस समय चना के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी नीचे चल रहे हैं, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति में, किसान अपनी चना की बिकवाली रोक सकते हैं, जिससे बाजार में चना की उपलब्धता कम हो सकती है।

यदि अधिक किसान अपने उत्पाद को बाजार में लाने से हिचकिचाते हैं, तो यह मांग और आपूर्ति के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में चना की कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में चना के भाव में सप्ताह के दौरान 25/50 रुपए प्रति क्विटल की घट-बढ़ देखने को मिली। सप्ताहांत में मध्य प्रदेश लाइन के भाव 5450/5475 रुपए और राजस्थान लाइन के भाव 5475/5525 रुपए प्रति क्लिटल पर स्थिर रहे।

पोर्ट: आयातकों की बिकवाली बढ़ने व मांग सुस्त पड़ने से इस सप्ताह आयातित चना में 25/50 रुपए प्रति क्विटल की नरमी दर्ज की गयी। और इस नरमी के साथ भाव मुंबई तंज़ानिया 5150/5175 रुपए नवाशेवा ऑस्ट्रेलिया 5450 रुपए व मुंद्रा 5375 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।

राजस्थान: दाल मिलर्स की लिवाली शांत पड़ने से इस सप्ताह राजस्थान चना की कीमतों में 25/50 रुपए प्रति क्विटल की घट बढ़ देखी गयी और इस घट बढ़ के साथ भाव सप्ताहांत में जोधपुर 4500/4950 रुपए जयपुर 5475 रुपए बीकानेर 5150/5350 रुपए किशनगढ़ 5030/5090 रुपए व कोटा 4800/5300 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

महाराष्ट्र: दाल मिलर्स की मांग सिमित बनी रहने से चालू सप्ताह के दौरान महाराष्ट्र चना की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विटल की तेजी मंदी दर्ज की गयी और इस तेजी मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर 5200/5550 रुपए लातूर 5400/5600 रुपए अकोला 5675 रुपए नागपुर 5650 रुपए व अहमदनगर 4900/5100 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

मध्य प्रदेश: लिवाली सुस्त बनी रहने से इस साप्ताह मध्य प्रदेश चना की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विटल गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में अशोकनगर 5150/5350 रुपए गंजबासोदा 5000/5300 रुपए सागर 5000/5300 रुपए कटनी 5500/5575 रुपए व इंदौर 5550/5600 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

अन्य: मांग कमजोर बनी रहने से चालू सप्ताह के दौरान कानपुर चना की कीमतों में 25 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी देखी गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहंत में 5550 रुपए प्रति क्विटल रह गए। इसी प्रकार रायपुर चना भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विटल घटकर सप्ताहांत में भाव 5475/5650 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।

चना दाल: ग्राहकी का अभाव बना रहने से चालू सप्ताह के दौरान चना दाल की कीमतों में 50/100 रुपए क्विटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली 6450/6750 रुपए भाटापरा 6475/6575 रुपए कटनी 6800 रुपए, गुलबर्गा 6400/6600 रुपए जलगांव 6700/7200 रुपए इंदौर 6500/6700 रुपए जयपुर 6350 रुपए व कानपुर 6300/6450 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।

Gold Price: चांदी 5000 रुपये सस्ती, सोना भी औंधे मुंह गिरा, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: MCX पर सोमवार, 20 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में 1% की गिरावट आई। सुबह करीब 9:10 बजे MCX पर सोने का वायदा भाव 1% यानी 1500 रुपये से अधिक गिरकर 1,53,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का वायदा भाव 1.55% गिरकर ₹2,53,168 प्रति किलोग्राम पर आ गया।

इसमें करीब 5000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। बता दें पिछले सत्र में सोना ₹1,54,609 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और चांदी 3.8% की मजबूत बढ़त के साथ ₹2,58,079 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 4,809.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (जून डिलीवरी) 1% गिरकर 4,829.40 डॉलर पर आ गया। स्पॉट सिल्वर भी 0.5% गिरकर 80.36 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

सोने-चांदी की गिरावट के पीछे डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है। इससे डॉलर में तय होने वाला सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए महंगा हो गया। वहीं, अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड 0.5% बढ़ी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते खाड़ी देशों से होने वाली शिपिंग लगभग बंद हो गई है। इससे तेल के दाम उछल गए।

पिछले दो महीनों में 8% गिर चुका है सोना: फरवरी के अंत में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे, तब से सोने की कीमतें लगभग 8% गिर चुकी हैं।

क्या सोना-चांदी और गिरेंगे
ओसीबीसी के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, “फिलहाल सोने की दिशा बाजार के जोखिम के मूड पर निर्भर करेगी, और यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर है कि युद्धविराम वार्ता का क्या परिणाम निकलता है।”

Stock Market: सेंसेक्स 139 अंक बढ़ कर 78632 पर और निफ्टी 24390 के पार खुला

नई दिल्ली। Stock Market 20 April 2026 : घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को हरे निशान के साथ हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 139 अंकों की बढ़त के साथ 78632 पर खुला। जबकि, एनएएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 37.95 अंकों की तेजी के साथ 24391 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट
    अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से एशियाई बाजारों में सोमवार को मिलाजुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.62% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.68% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.27% बढ़ा जबकि कोस्डैक 0.52% गिर गया। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने उच्च शुरुआत का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 24,475 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 107 अंक का प्रीमियम था। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट का हाल
    सप्ताहांत में अमेरिका-ईरान तनाव में वृद्धि और होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे गतिरोध के बाद सोमवार को अमेरिकी शेयर वायदा फिसल गया। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में 452 अंक या 0.9% की गिरावट आई, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.8% और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.6% की गिरावट आई।
  • अमेरिका-ईरान युद्ध
    अमेरिका-ईरान तनाव सप्ताहांत में तब बढ़ गया जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक नौसैनिक नाकाबंदी के आसपास जाने की कोशिश कर रहे एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को जबरन जब्त कर लिया, और तेहरान की शीर्ष सैन्य कमान ने जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई।
  • चीन की ब्याज दरें
    पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने ऋण की प्रमुख दर, या एलपीआर को लगातार 11 वें महीने अपरिवर्तित रखा। एक साल का एलपीआर 3.0% पर रखा गया था, जबकि पांच साल का एलपीआर, बंधक दरों के लिए एक संदर्भ, 3.5% पर अपरिवर्तित था।

भारत की इस नई खदान से निकलेगा अरबों का सोना, अगले महिने से शुरू होगा काम

नई दिल्‍ली। India Gold Mine: भारत अपने माइनिंग सेक्टर में अहम पड़ाव पर पहुंचने वाला है। आंध्र प्रदेश देश की पहली बड़े पैमाने पर निजी तौर पर विकसित सोने की खदान शुरू करने की तैयारी में है। कुरनूल जिले में जोन्‍नागिरी प्रोजेक्ट के मई में काम शुरू करने की उम्मीद है।

यह भारत की आयातित सोने पर निर्भरता में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। सालों से भारत आयात पर बहुत ज्‍यादा निर्भर रहा है। हर साल वह 800 टन से ज्‍यादा सोना मंगाता रहा है। यह एक ऐसा खर्च है जिसका बोझ विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है।

स्थानीय उत्पादन कम ही रहा है। इसमें हुट्टी गोल्ड माइंस हर साल सिर्फ 1.5 टन का योगदान देती है। साल 2000 में कोलार गोल्ड फील्ड्स के बंद होने से बड़े पैमाने पर माइनिंग में एक गहरा खालीपन आ गया था। जबकि सरकारी कंपनियां ज्‍यादातर विदेश में प्रोजेक्ट्स पर ही ध्यान देती रही हैं।

जियोमाइसोर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Geomysore Services India Pvt Ltd) की ओर से विकसित जोन्‍नागिरी प्रोजेक्ट घरेलू उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करके इस स्थिति को बदलना शुरू कर सकता है।

जोन्‍नागिरी, एर्रागुडी और पागिडीराय गांवों में लगभग 598 हेक्टेयर में यह प्रोजेक्ट फैला है। यह 400 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का निवेश आकर्षित कर चुका है। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू की ओर से इस खदान को औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किए जाने की उम्मीद है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। इसकी मुख्य वजह गहनों की मांग, निवेश और सांस्कृतिक परंपराएं हैं।

खदान में क‍ितना सोना होने का अनुमान
आंध्र प्रदेश के खान और भूविज्ञान विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार मीणा ने इस विकास को बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया। उन्‍होंने कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक पल है – न सिर्फ आंध्र प्रदेश के लिए, बल्कि भारत की व्यापक (सोने की) माइनिंग की महत्वाकांक्षाओं के लिए भी।’

ईरान का अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत से इनकार, जानिए क्यों

तेहरान। Iran Rejected Second Round Talks: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के संभावित नए दौर में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। देश की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने रविवार को यह बताया।

यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेज रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने धमकी दी है कि अगर ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता है तो वह देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देंगे।

तेहरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत से पीछे हटने का तेहरान का फैसला वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगों और अवास्तविक अपेक्षाओं के चलते लिया गया है। अपनी रिपोर्ट में ईरान ने बातचीत में शामिल न होने के कई कारण बताए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा कि बातचीत के दूसरे दौर में उसकी अनुपस्थिति का कारण वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगें, अवास्तविक उम्मीदें, लगातार बदलते रुख, बार-बार के विरोधाभास और होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी है, जिसे वह युद्धविराम का उल्लंघन मानता है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान में होने वाली बातचीत के दूसरे दौर की खबर को गलत बताया और कहा कि यह अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के लिए रचे गए एक ‘मीडिया गेम’ का हिस्सा है। अमेरिका ने दावा किया था कि बातचीत का दूसरा दौर सोमवार को इस्लामाबाद में शुरू होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके लिए वार्ताकारों को भेजने की भी पुष्टि की थी।

युद्धविराम पर खतरा
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्ष विराम मंगलवार को खत्म हो रहा है। इसके पहले दोनों पक्षों के बीच 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में सीधी बातचीत हुई थी, जो 21 घंटे तक चली थी। वार्ता का यह दौर बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया था। हालांकि, इसके बाद भी बातचीत के लिए जमीनी स्तर पर काम जारी रहा था। इसके पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर डील नहीं होती है, तो वह शायद युद्धविराम को नहीं बढ़ाएंगे और ईरान पर बमबारी शुरू करने की धमकी दी थी।

नीलम कैट की नेशनल कन्वेनर एग्जीबिशन एंड ट्रेड फेयर कमेटी नियुक्त

दिल्ली में आयोजित कैट वुमन विंग के राष्ट्रीय महिला सम्मेलन में हुई घोषणा

कोटा/ नई दिल्ली। कैट (CAIT) वुमेन विंग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन में संपन्न हुआ। यह आयोजन देशभर से आई महिलाओं की सशक्त भागीदारी, नेतृत्व क्षमता एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जो अत्यंत प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान, बाड़मेर की प्रख्यात उद्यमी रुमा देवी ने अपनी प्रेरणादायक उपस्थिति दर्ज कराई।

कोटा कैट की सचिव भाविका प्रीत ने बताया की सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा में राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष संगीता पाटिल ने कोटा की अध्यक्ष नीलम विजयवर्गीय को नेशनल कन्वेनर एग्जीबिशन एंड ट्रेड फेयर कमेटी नियुक्त किया है।

यह जिम्मेदारी उनके उत्कृष्ट कार्य, सक्रिय नेतृत्व एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए प्रदान की गई। इस अवसर पर नीलम विजयवर्गीय ने इस सम्मानजनक जिम्मेदारी के लिए कैट (CAIT) संगठन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में महिला सशक्तिकरण, व्यापार, उद्यमिता एवं नेतृत्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। देश के विभिन्न राज्यों से आई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रभावी नेटवर्किंग का वातावरण निर्मित हुआ।

यह आयोजन न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना, बल्कि एक सशक्त, संगठित एवं आत्मनिर्भर नारी शक्ति के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

इस सम्मेलन में वुमेन विंग की सेक्रेटरी भाविका प्रीत रामानी, रक्षा नरूका, कृतिका विजय, बबिता कशिश हिरानी एवं स्वाति गुप्ता ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कोटा का प्रतिनिधित्व किया।

सामूहिक विवाह सम्मेलन समानता, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं

यादव समाज का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न, 25 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

कोटा। अमृत सेवा संस्थान एवं यादव समाज गूंज महिला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को दशहरा मैदान, सीएडी सर्किल, कोटा पर निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन में हाड़ौती एवं मध्यप्रदेश तक से कुल 25 जोड़े पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच विवाह बंधन में बंधे। विशेष उल्लेखनीय रहा कि इन 25 जोड़ों में एक दिव्यांग जोड़ा भी शामिल रहा, जो उपस्थित जनसमुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में समानता, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने महिला मण्डल अध्यक्ष ज्योति यादव एवं उनकी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्य ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी है।

बिरला ने नवदंपत्तियों को संबोधित करते हुए कहा, “जीवन की वास्तविक सफलता रिश्तों, परिवार और समाज में निहित है। एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए, परिवार की भावना को निभाते हुए आगे बढ़ें और अच्छे संस्कारों की विरासत को अपनी आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाएं।

उन्होंने विशेष रूप से यह जिम्मेदारी माताओं और समाज की नारी शक्ति पर रेखांकित की जाने वाली पीढ़ी को शिक्षित एवं संस्कारी बनाना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि यादव समाज एक मेहनतकश समाज है जो देश और राष्ट्र की उन्नति में निरंतर योगदान दे रहा है।

महिला मण्डल अध्यक्ष ज्योति यादव ने बताया कि इस सम्मेलन में सामाजिक संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। अनाथ एवं विधवा माताओं की पुत्रियों को विवाह में सम्मिलित कराया गया, जिससे इस आयोजन का मानवीय आयाम और भी व्यापक हो गया। आयोजन में हाड़ौती संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के गुना जिले से भी एक जोड़ा सम्मिलित हुआ है।

गणेश पूजन से विदाई तक उल्लास
संयोजक प्रदीप यादव एवं विजय बागोलिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः आठ बजे गणेश स्थापना एवं गणेश पूजन के साथ हुआ। तत्पश्चात कलश यात्रा, तोरण एवं वरमाला की पावन रस्में संपन्न हुईं। दोपहर में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य सभी 25 जोड़ों ने सात फेरे लिए और सायं साढ़े पाँच बजे नवदंपत्तियों को अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में विदाई दी गई। समिति की ओर नवजोडो को उपहार स्वरूप दैनिक दिनचर्या के 25 उपहार भेंट स्वरूप दिए गए।

विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक संदीप शर्मा, रेडक्रॉस के स्टेट चेयरमेन राजेश कृष्ण बिरला तथा सेक्रेटरी जगदीश जिंदल उपस्थित रहे। विधायक संदीप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे आयोजन दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और सार्थक संदेश देते हैं।

आगरा-भरतपुर-रणथंभोर सर्किट में कोटा-बूंदी के पर्यटन स्थलों को जोड़ने की पहल

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन एवं सवाई माधोपुर इकाई की बैठक में हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि शीघ्र ही सवाई माधोपुर इकाई के अध्यक्ष हाजी अहतशामुद्दीन एवं उनकी टीम के साथ कोटा में संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान सवाई माधोपुर इकाई के अध्यक्ष हाजी अहतशामुद्दीन ने जानकारी दी कि वर्तमान में आगरा-भरतपुर-रणथंभोर तक पर्यटकों के लिए पैकेज संचालित होते हैं। हमारा प्रयास होगा कि इस पैकेज को 8 दिवसीय बनाकर इसमें कोटा और बूंदी को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रमुख पर्यटन सर्किट गोल्डन ट्रायंगल के तहत आगरा में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, जो आगे भरतपुर और रणथंभोर तक का पेकेज बनाकर आते हैं। हाड़ोती क्षेत्र को जोड़ने से यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

माहेश्वरी ने बताया कि भविष्य में इस टूर पैकेज को 10 दिनों तक बढ़ाकर बारां और झालावाड़ को भी शामिल करने की योजना है। इससे पूरे हाड़ोती क्षेत्र का समग्र पर्यटन विकास संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पैकेज विकसित होने से रोड और रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा तथा दिल्ली से आने वाले पर्यटकों को कम समय में अधिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो शाही रेलगाड़ी जिसका ठहराव सवाई माधोपुर और चित्तौड़गढ़ में होता है तथा जो कोटा (गुड़ला) व बूंदी मार्ग से गुजरती है, उसका एक दिन का ठहराव कोटा और बूंदी में कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे इस ट्रेन से आने वाले पर्यटक भी हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।

इस पहल से कोटा, बूंदी, बारां एवं झालावाड़ के साथ-साथ सवाई माधोपुर क्षेत्र को भी पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। बैठक में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के सलाहकार बोर्ड के सदस्य गणपत लाल शर्मा एवं तकनीकी सलाहकार भुवनेश लाहोटी भी उपस्थित रहे।