Tuesday, April 28, 2026
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गरबा एक्सप्रेस का भवानीमंडी एवं हमसफर एक्सप्रेस का बारां में ठहराव

26 अप्रैल से यात्रियों को मिलेगी सीधी लंबी दूरी की रेल सुविधा

कोटा। रेल प्रशासन द्वारा पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अंतर्गत भवानी मंडी एवं बारां स्टेशनों पर एक्सप्रेस गाड़ियों को नया ठहराव प्रदान किया गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इन गाड़ियों का ठहराव प्रदान किया गया है –

  1. गाड़ी सं. 12937 गांधीधाम–हावड़ा गरबा एक्सप्रेस को भवानी मंडी स्टेशन पर 26.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 07.38/07.40 बजे (आगमन/प्रस्थान) ठहराव दिया गया है।
  2. गाड़ी सं. 12938 हावड़ा–गांधीधाम गरबा एक्सप्रेस को भवानी मंडी स्टेशन पर 29.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 00.28/00.30 बजे (आगमन/प्रस्थान) ठहराव दिया गया है।
  3. गाड़ी सं. 20481 जोधपुर–तिरुचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस को बारां स्टेशन पर 30.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 02.08/02.10 बजे (आगमन/प्रस्थान) ठहराव दिया गया है।
  4. गाड़ी सं. 20482 तिरुचिरापल्ली–जोधपुर हमसफर एक्सप्रेस को बारां स्टेशन पर 26.04.2026 से अग्रिम आदेश तक 19.53/19.55 बजे (आगमन/प्रस्थान) ठहराव दिया गया है।

इन नए ठहरावों से भवानी मंडी एवं बारां क्षेत्र के यात्रियों को दूरस्थ गंतव्यों तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी।

गेहूं की सरकारी खरीद में अव्यवस्था से खफा ऊर्जा मंत्री ने FCI अफसरों को लगाई फटकार

कोटा। क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया में आ रही बाधाओं और अव्यवस्थाओं को लेकर ऊर्जा मंत्री ने बैठक कर कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में मंत्री ने एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से फोन पर बात की।

उन्होंने बैठक में एफसीआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि अधिकारी अपनी मनमानी छोड़कर सरकार के नियमों के अनुरूप काम करें।

मंत्री नागर ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने ‘काले दाने’ वाले गेहूं की खरीद में नियमों में ढील दे दी है, तो रोजाना 1 लाख क्विंटल गेहूं खुली बोली (ओपन मार्केट) में क्यों बिक रहा है? उन्होंने कहा कि यह गेहूं रिजेक्टेड नहीं है, फिर भी किसान को कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक कमजोरी है।

खरीद केंद्रों पर बारदाने की भारी कमी है। जो बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है, वह कटा-फटा और दीमक लगा हुआ है। मंत्री नागर ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए तुरंत नया बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

​कोटडी जीएसएस गोदाम (लक्ष्मीपुरा) जिसकी क्षमता 5000 मीट्रिक टन है, उसका उपयोग सांगोद और आसपास के केंद्रों के लिए करने का सुझाव दिया गया। साथ ही, एफसीआई के गोदामों पर वाहनों की लंबी कतारों और माल न उठने के कारण टोकन इश्यू न होने पर जवाबदेही तय करने को कहा।

​तुलाई केंद्रों पर पर्याप्त मजदूर न होने और गाड़ियों के समय पर अनलोड न होने से खरीद पूर्ण क्षमता से नहीं हो पा रही है। मंत्री नागर ने एक्स्ट्रा लेबर लगाने और गाड़ियों का टर्न-अराउंड टाइम घटाने के निर्देश दिए।

​इस वर्ष सरसों और चने की पैदावार कम होने के कारण गेहूं की आवक 3 गुना अधिक रहने का अनुमान है। मंत्री नागर ने कहा कि एफसीआई अपनी तैयारी उसी स्तर की रखे और रोजाना एक रैक लगाने की व्यवस्था करे।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में संबंधित तहसील के स्थानीय किसानों और लोगों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। किसी भी किसान को तकनीकी कारणों से परेशान न होना पड़े। संभाग में रोटेशन के आधार पर साप्ताहिक रैक लगाने को कहा गया ताकि माल का उठाव तुरंत हो सके और केंद्रों पर जाम की स्थिति न बने।

ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को परेशान करने वाले अधिकारी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सरकार किसानों को राहत देने के लिए नियमों में छूट दे रही है, और इसका लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुंचना अनिवार्य है। बैठक में एडीएम, प्रधान जयवीर सिंह उप प्रधान ओम नागर अडूसा और राजफेड व एफसीआई के अधिकारी मौजूद रहे।

कोटा जिले में 107.56 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम वितरित

बिरला और नागर के प्रयासों से सांगोद क्षेत्र के किसानों को मिला सबसे अधिक लाभ

कोटा/​सांगोद। जिले में खरीफ 2025 के दौरान हुई अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम राशि जारी कर दी गई है। इसमें विशेष रूप से सांगोद तहसील के किसानों को जिले में सर्वाधिक 25.01 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम भुगतान प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि बीमा क्लेम राशि के लिए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर लगातार प्रयासरत थे।

कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद, कोटा के अनुसार, पूरे जिले के प्रभावित किसानों के बैंक खातों में कुल 107 करोड़ 56 लाख 94 हजार 054 रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2025 सीजन में जिले के कृषकों द्वारा सोयाबीन, धान, उड़द एवं मक्का जैसी फसलों का बीमा कराया गया था। उल्लेखनीय है कि इस सीजन में किसानों ने प्रीमियम के तौर पर 8.74 करोड़ रुपये जमा किए थे।

जबकि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा 28.39 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया। इस प्रकार कुल 37.13 करोड़ रुपये की प्रीमियम राशि के मुकाबले सरकार ने किसानों को तीन गुना से भी अधिक का क्लेम वितरित कर बड़ी राहत प्रदान की है।

​अतिवृष्टि के कारण फसलों में हुए भारी खराबे के बाद प्रशासन द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर तहसीलवार भुगतान सुनिश्चित किया गया है। सांगोद के बाद पीपल्दा तहसील में 22.80 करोड़ रुपए और कनवास में 20.13 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा चेचट में 13.21 करोड़, दीगोद में 9.86 करोड़, रामगंजमंडी में 9 करोड़ तथा लाडपुरा तहसील में 7.54 करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा किए गए हैं।

क्षेत्र के किसानों के खातों में बीमा क्लेम की राशि पहुंचने पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस बड़ी राहत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार सदैव किसानों के हितों के प्रति समर्पित है।

मंत्री नागर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। जिनके सतत प्रयासों और मार्गदर्शन से कोटा जिले, विशेषकर सांगोद क्षेत्र के किसानों को उनके हक की क्लेम राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार अन्नदाता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

भारतीय जहाजों का होर्मुज से निकलना हुआ मुश्किल, दो जहाजों पर हमला

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का निकला अब बहुत मुश्किल हो गया है। होर्मुज से निकलने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरान की ओर से गोलीबारी हुई।

इस कारण वे होर्मुज पार नहीं कर पाए और वापस फारस की खाड़ी में लौट गए। पोर्ट शिपिंग मंत्रालय के डायरेक्टर मनदीप सिंह रंधावा ने सोमवार को यह जानकारी दी।

रंधावा ने कहा कि पिछले 48 घंटे में भारत के दो जहाजों पर ईरान की ओर से गोलीबारी हुई। यह गोलीबारी उस समय हुई जब वे होर्मुज पार कर रहे थे। बाद में दोनों जहाजों को वापस फारस की खाड़ी में लौटना पड़ा।

उन्होंने बताया कि इस हमले में चालक दल के किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं आई है। रंधावा ने कहा कि सरकार इस मामले पर नजर रखे हुए है। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 2563 से ज्यादा भारतीय नाविकों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें से 25 को पिछले 24 घंटे में निकाला गया है।

एक जहाज ने पार किया होर्मुज

  • ईरान की ओर से गोलीबारी की घटना के बीच कच्चे तेल से भरे भारतीय टैंकर ‘देश गरिमा’ ने होर्मुज स्‍ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया।
  • इस जहाज के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
  • इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार थे। भारतीय नौवहन निगम (एससीआई) का टैंकर मार्च की शुरुआत से जलडमरूमध्य को पार करने वाला 10वां भारतीय ध्वज वाला जहाज है।

इन दो भारतीयों टैंकर पर हुई थी फायरिंग
इससे पहले तेल टैंकर समनार हेराड और बल्क कैरियर जग अर्नव ने जलडमरूमध्य से गुजरते समय गोलीबारी की सूचना दी और फारस की खाड़ी में वापस लौट आए। इस गोलीबारी की घटना में चालक दल के किसी सदस्य के घायल होने की खबर नहीं है। समुद्री जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले पोर्टल ‘मरीनट्रैफिक’ के मुताबिक, तेल टैंकर देश वैभव और देश विभोर ने भी इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के पास अपना मार्ग बदल लिया, जिससे फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 14 हो गई है। भारत के विदेश सचिव ने घटना पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त करने के लिए नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया और वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया

JEE Main फाइनल आंसर-की जारी, 2 प्रश्न ड्रॉप, कभी भी जारी हो सकता है रिजल्ट

नई दिल्ली। JEE Main Result 2026: जेईई मेन रिजल्ट 2026 की घोषणा आज कभी भी हो सकती है। फाइनल आंसर-की जारी हो चुकी है जिसमें 2 फिजिक्स सेक्शन से 2 प्रश्न ड्रॉप किए गए हैं। अब जल्द ही एनटीए जेईई मेन 2026 सेशन-2 के पेपर 2 बीई बीटेक का रिजल्ट jeemain.nta.nic.in पर जारी करेगा।

बीटेक बीई कर इंजीनियर बनना चाह रहे विद्यार्थी अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालकर जेईई मेन रिजल्ट व स्कोर कोर्ड चेक कर सकेंगे। एनटीए की ओर से जेईई मेन रिजल्ट की संभावित तिथि 20 अप्रैल 2026 तक बताई गई है लेकिन समय ( JEE Main 2026 date time ) को लेकर कुछ नहीं कहा गया है।

रिजल्ट से ऐन पहले जेईई मेन की फाइनल आंसर-की भी जारी होगी। एनटीए रिजल्ट से कटऑफ और ऑल इंडिया रैंक (JEE Main 2026 AIR) लिस्ट भी जारी करेगा। जेईई मेन 2026 का अप्रैल सेशन 2 अप्रैल से 8 अप्रैल, 2026 तक आयोजित हुआ था जिसमें लगभग 11.23 लाख रजिस्टर्ड उम्मीदवारों के लिए आयोजित किया गया था।

रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें

  • नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
  • JEE Main Session 2 Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि दर्ज करें। डिटेल्स सब्मिट करें।
  • जेईई मेन सेशन – 2 का स्कोर कार्ड आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • इसे डाउनलोड करें और भविष्य में उपयोग के लिए इसका प्रिंटआउट ले लें।

Stock Market: बिकवाली दबाव में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली तेजी के साथ बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उठा-पटक रही। अंत में सेंसेक्स 26.76 अंकों की तेजी के साथ 78,520.30 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 11.30 अंकों की तेजी आई और यह 24,364.85 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हालांकि बाद में यह फिर चढ़कर हरे निशान पर पहुंच गया। शुरुआती एक घंटे में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

बीएसई सेंसेक्स 248 अंक (0.32%) गिरकर 78,245.84 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 में भी 60 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई। दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स अधिकतम 448.91 अंक तक चढ़ गया था। वहीं निफ्टी में भी अधिकतम 127 अंकों की तेजी आई।

होर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) के फिर से बंद होने और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखा गया।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और इंडिगो गेनर्स थे। वहीं एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टाइटन और इटरनल लूजर्स थे।

बाजार में गिरावट का कारण
बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी है। शुक्रवार को भारी गिरावट के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसके बंद होने से मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

अमेरिका को चुकाना पड़ेगा 166 अरब डॉलर का रिफंड, जानिए किसको होगा फायदा

नई दिल्ली। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को दो महीने पहले असंवैधानिक करार दे दिया था। आज से उन कंपनियों के लिए रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो रही है जिन्होंने टैरिफ चुकाया था। इसे अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा रिफंड माना जा रहा है।

यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) इसके लिए एक पोर्टल सिस्टम लॉन्च कर रहा है। अमेरिकन कंपनियां इसमें टैरिफ के रिफंड के लिए आवेदन कर सकती हैं। इन कंपनियों का सरकार पर 166 अरब डॉलर का रिफंड प्लस इंटरेस्ट बकाया है।

सीबीपी का अनुमान है कि मंजूरी मिलने के बाद 60 से 90 दिन में रिफंड जारी कर दिया जाएगा। लेकिन इसमें ज्यादा समय भी लग सकता है। इस प्रोग्राम को कंसोलिडेटेड एडमिनिस्ट्रेशन एंड प्रोसेसिंग ऑफ एंट्रीज नाम दिया गया है।

ट्रंप ने पिछले साल अप्रैल में कई देशों पर टैरिफ लगा दिया था। लेकिन 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस टैरिफ को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि टैरिफ तय करने का अधिकार संसद को है।

किसे मिलेगा रिफंड
हालांकि कोर्ट ने रिफंड के बारे में कुछ नहीं कहा था लेकिन यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने पिछले महीने कहा कि इंटरनेशनल एमरजेंसी इकनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ से प्रभावित कंपनियां रिफंड पाने की हकदार होंगी। सीबीपी के मुताबिक 330,000 इम्पोर्टर्स ने 53 मिलियन से अधिक शिपमेंट्स के लिए 166 अरब डॉलर का टैरिफ चुकाया था। रिफंड की यह प्रक्रिया कई चरणों में होगी।

Chana Price: मंडियों में आवक घटने से चने की कीमतों में सुधार की उम्मीद

नई दिल्ली। चालू सप्ताह में चना बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला, जहां तेजी और मंदी दोनों का प्रभाव रहा। सप्ताह की शुरुआत में सीमित आवक और कुछ क्षेत्रों में मांग के चलते चना की कीमतों में हल्की मजबूती आई, लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई।

चना दाल और बेसन की मांग कमजोर रहने के कारण मिलर्स और प्रोसेसर्स की खरीदारी सीमित रही। दाल मिलों की धीमी लिवाली के चलते चना की मांग में सुधार नहीं हो पाया, जिससे बाजार में मजबूती नहीं आ सकी। इसके साथ ही, मंडियों में सीमित मांग और बढ़ती सप्लाई ने चना की कीमतों में नरमी ला दी।

इस समय चना के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी नीचे चल रहे हैं, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति में, किसान अपनी चना की बिकवाली रोक सकते हैं, जिससे बाजार में चना की उपलब्धता कम हो सकती है।

यदि अधिक किसान अपने उत्पाद को बाजार में लाने से हिचकिचाते हैं, तो यह मांग और आपूर्ति के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में चना की कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में चना के भाव में सप्ताह के दौरान 25/50 रुपए प्रति क्विटल की घट-बढ़ देखने को मिली। सप्ताहांत में मध्य प्रदेश लाइन के भाव 5450/5475 रुपए और राजस्थान लाइन के भाव 5475/5525 रुपए प्रति क्लिटल पर स्थिर रहे।

पोर्ट: आयातकों की बिकवाली बढ़ने व मांग सुस्त पड़ने से इस सप्ताह आयातित चना में 25/50 रुपए प्रति क्विटल की नरमी दर्ज की गयी। और इस नरमी के साथ भाव मुंबई तंज़ानिया 5150/5175 रुपए नवाशेवा ऑस्ट्रेलिया 5450 रुपए व मुंद्रा 5375 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।

राजस्थान: दाल मिलर्स की लिवाली शांत पड़ने से इस सप्ताह राजस्थान चना की कीमतों में 25/50 रुपए प्रति क्विटल की घट बढ़ देखी गयी और इस घट बढ़ के साथ भाव सप्ताहांत में जोधपुर 4500/4950 रुपए जयपुर 5475 रुपए बीकानेर 5150/5350 रुपए किशनगढ़ 5030/5090 रुपए व कोटा 4800/5300 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

महाराष्ट्र: दाल मिलर्स की मांग सिमित बनी रहने से चालू सप्ताह के दौरान महाराष्ट्र चना की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विटल की तेजी मंदी दर्ज की गयी और इस तेजी मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर 5200/5550 रुपए लातूर 5400/5600 रुपए अकोला 5675 रुपए नागपुर 5650 रुपए व अहमदनगर 4900/5100 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

मध्य प्रदेश: लिवाली सुस्त बनी रहने से इस साप्ताह मध्य प्रदेश चना की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विटल गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में अशोकनगर 5150/5350 रुपए गंजबासोदा 5000/5300 रुपए सागर 5000/5300 रुपए कटनी 5500/5575 रुपए व इंदौर 5550/5600 रुपए प्रति क्विटल रह गयी।

अन्य: मांग कमजोर बनी रहने से चालू सप्ताह के दौरान कानपुर चना की कीमतों में 25 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी देखी गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहंत में 5550 रुपए प्रति क्विटल रह गए। इसी प्रकार रायपुर चना भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विटल घटकर सप्ताहांत में भाव 5475/5650 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।

चना दाल: ग्राहकी का अभाव बना रहने से चालू सप्ताह के दौरान चना दाल की कीमतों में 50/100 रुपए क्विटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली 6450/6750 रुपए भाटापरा 6475/6575 रुपए कटनी 6800 रुपए, गुलबर्गा 6400/6600 रुपए जलगांव 6700/7200 रुपए इंदौर 6500/6700 रुपए जयपुर 6350 रुपए व कानपुर 6300/6450 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।

Gold Price: चांदी 5000 रुपये सस्ती, सोना भी औंधे मुंह गिरा, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: MCX पर सोमवार, 20 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में 1% की गिरावट आई। सुबह करीब 9:10 बजे MCX पर सोने का वायदा भाव 1% यानी 1500 रुपये से अधिक गिरकर 1,53,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का वायदा भाव 1.55% गिरकर ₹2,53,168 प्रति किलोग्राम पर आ गया।

इसमें करीब 5000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। बता दें पिछले सत्र में सोना ₹1,54,609 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और चांदी 3.8% की मजबूत बढ़त के साथ ₹2,58,079 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 4,809.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (जून डिलीवरी) 1% गिरकर 4,829.40 डॉलर पर आ गया। स्पॉट सिल्वर भी 0.5% गिरकर 80.36 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

सोने-चांदी की गिरावट के पीछे डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है। इससे डॉलर में तय होने वाला सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए महंगा हो गया। वहीं, अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड 0.5% बढ़ी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते खाड़ी देशों से होने वाली शिपिंग लगभग बंद हो गई है। इससे तेल के दाम उछल गए।

पिछले दो महीनों में 8% गिर चुका है सोना: फरवरी के अंत में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे, तब से सोने की कीमतें लगभग 8% गिर चुकी हैं।

क्या सोना-चांदी और गिरेंगे
ओसीबीसी के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, “फिलहाल सोने की दिशा बाजार के जोखिम के मूड पर निर्भर करेगी, और यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर है कि युद्धविराम वार्ता का क्या परिणाम निकलता है।”

Stock Market: सेंसेक्स 139 अंक बढ़ कर 78632 पर और निफ्टी 24390 के पार खुला

नई दिल्ली। Stock Market 20 April 2026 : घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को हरे निशान के साथ हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 139 अंकों की बढ़त के साथ 78632 पर खुला। जबकि, एनएएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 37.95 अंकों की तेजी के साथ 24391 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट
    अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से एशियाई बाजारों में सोमवार को मिलाजुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.62% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.68% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.27% बढ़ा जबकि कोस्डैक 0.52% गिर गया। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने उच्च शुरुआत का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 24,475 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 107 अंक का प्रीमियम था। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट का हाल
    सप्ताहांत में अमेरिका-ईरान तनाव में वृद्धि और होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे गतिरोध के बाद सोमवार को अमेरिकी शेयर वायदा फिसल गया। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में 452 अंक या 0.9% की गिरावट आई, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.8% और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.6% की गिरावट आई।
  • अमेरिका-ईरान युद्ध
    अमेरिका-ईरान तनाव सप्ताहांत में तब बढ़ गया जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक नौसैनिक नाकाबंदी के आसपास जाने की कोशिश कर रहे एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को जबरन जब्त कर लिया, और तेहरान की शीर्ष सैन्य कमान ने जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई।
  • चीन की ब्याज दरें
    पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने ऋण की प्रमुख दर, या एलपीआर को लगातार 11 वें महीने अपरिवर्तित रखा। एक साल का एलपीआर 3.0% पर रखा गया था, जबकि पांच साल का एलपीआर, बंधक दरों के लिए एक संदर्भ, 3.5% पर अपरिवर्तित था।