राज. की ऐतिहासिक धरोहरों को डेस्टिनेशन मैरिज हब के रूप में विकसित करेंगे: लखावत

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हाड़ोती ने पर्यटन मानचित्र पर स्थान बनाया, डेस्टिनेशन मैरिज के लिए बेहद खूबसूरत: माहेश्वरी

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान एवं कोटा डिवीजन के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री ओंकार सिंह लखावत से मुलाकात कर हाड़ोती क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण, विकास एवं पर्यटन की दृष्टि से उनका बेहतर उपयोग किए जाने को लेकर चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान, प्रदेश सह-सचिव कृष्णकांत खंडेलवाल, कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुभाष शर्मा शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने हाड़ोती के प्रमुख पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक स्थलों रामगढ़, कैटर, शेरगढ़ दुर्ग, भंडदेवरा मंदिर, कोलवी की गुफाएं, बूंदी का शिकार बुर्ज सहित अन्य ऐतिहासिक धरोहरों को विकसित करने का आग्रह किया।

कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि हाड़ोती में अनेक ऐतिहासिक महल, हवेलियां, दुर्ग, मंदिर तथा नदियों, तालाबों और झीलों के किनारे स्थित आकर्षक ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। इनमें से कई स्थलों का उचित रखरखाव एवं मरम्मत नहीं होने के कारण उनकी सुंदरता और उपयोगिता प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि पर्यटन विभाग एवं राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा ऐसे स्थलों का संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जाए तो इन्हें डेस्टिनेशन मैरिज के लिए आकर्षक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। आजकल देश-विदेश में लोग ऐतिहासिक विरासत, झीलों, नदियों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच डेस्टिनेशन मैरिज को पसंद कर रहे हैं।

माहेश्वरी ने कहा कि राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण एवं निजी क्षेत्र के सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के माध्यम से इन स्थलों को विकसित किया जा सकता है। हाड़ोती वर्तमान में तेजी से पर्यटन के मानचित्र पर अपनी पहचान बना रही है और इसे डेस्टिनेशन मैरिज हब के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं।

इस अवसर पर राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि राजस्थान में अनेक ऐतिहासिक महल, हवेलियां, बावड़ियां, तालाब एवं नदियों-झीलों के किनारे स्थित विरासत स्थल हैं। राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण एवं विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर झीलों एवं प्राकृतिक परिवेश के बीच डेस्टिनेशन मैरिज को काफी लोकप्रियता मिली है। इसी प्रकार राजस्थान के अन्य संभागों में भी उपयुक्त ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों को विकसित कर उन्हें डेस्टिनेशन मैरिज हब के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे पर्यटन को नई दिशा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

लखावत ने कहा कि हाड़ोती में पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के विकास के लिए विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। हाड़ोती में पर्यटन और डेस्टिनेशन मैरिज के लिए आवश्यक सभी खूबियां मौजूद हैं। यहां हेरिटेज, इको टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, झीलें, नदियां, जंगल, एडवेंचर एवं आधुनिक पर्यटन स्थलों की भरपूर संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व में मार्केटिंग के अभाव में हाड़ोती पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर अपेक्षित स्थान नहीं बना पाई थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं उनकी टीम द्वारा पर्यटन विभाग के साथ किए गए सामूहिक प्रयासों से हाड़ोती ने पर्यटन के मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट, पर्यटन उत्सव, फेम टूर, कोटा महोत्सव सहित विभिन्न आयोजनों ने हाड़ोती को देश के पर्यटन बाजार में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे आयोजन निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी हाड़ोती की पर्यटन संभावनाओं से परिचित कराया जा सके।

लखावत ने कहा कि आने वाले समय में सामूहिक प्रयासों से हाड़ोती राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश का एक प्रमुख उभरता हुआ पर्यटन एवं डेस्टिनेशन मैरिज हब बन सकता है। इसके लिए सरकारी विभागों, होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों तथा निजी क्षेत्र को मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है।