कोटा के 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का हुआ आगाज, रंगारंग प्रस्तुतियों से गूंजा मेला प्रांगण

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कोटा। Kota Dussehra 2026: 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का रविवार को श्रीराम रंगमंच पर औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर समेत अतिथियों ने मेला ध्वज फहराकर, आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर और आतिशबाजी के साथ मेले के उद्घाटन की घोषणा की। इस अवसर पर मेले की आधिकारिक वेबसाइट kotadussehramela.in का भी लोकार्पण किया गया।

​उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मदन दिलावर ने मेले की भव्यता और दिव्यता में हर वर्ग की सहभागिता पर बल देते हुए कहा कि कोटा का दशहरा मेला लोक आस्था और एकता का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले से जुड़े प्रत्येक घटक चाहे वे व्यापारी हों, स्थानीय कलाकार हों, दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थी हों या सहयोग करने वाले कर्मचारी सभी को पूरा मान-सम्मान मिले और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

​समारोह को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस मेले को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। कोटा को केवल शिक्षा नगरी के साथ एक प्रमुख ‘पर्यटन नगरी’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पावन अवसर और रावण दहन का प्रतीक हमें यह संदेश देता है कि हमें असत्य पर सत्य की विजय के साथ-साथ अपने जीवन की बुराइयों का भी अंत करना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि ऊर्जा विभाग मेले में जगमगाहट और भव्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में अपना पूरा योगदान दे रहा है।

​कार्यक्रम को विधायक कल्पना देवी, शहर भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, महापौर अनुसूइया गोस्वामी, उपमहापौर विवेक राजवंशी ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि कोटा दशहरा मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसे निरंतर बेहतर बनाने में हमें सब कोटा वासियों का भरपूर सहयोग मिला है। हमारा प्रयास है कि इसकी पहचान देश भर में पहुंचे।स्वागत भाषण मेला अधिकारी एवं निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने दिया।

अंत में उपायुक्त भावना सिंह ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश बिरला, भाजपा प्रवक्ता पंकज मेहता, आईएएस उत्कर्ष यादव, उपायुक्त धीरज कुमार सोनी एवम मुख्य अभियंता महेश गोयल, फायर ऑफिसर राकेश व्यास, उपायुक्त महावीर सिंह सिसोदिया, सत्यनारायण राठौर, पार्षदगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

‘राम रसधार’ एवं संगीतमय नृत्य प्रस्तुतियों से बांधा समां

मेला परिसर स्थित श्रीराम रंगमंच पर आयोजित ‘राम रसधार एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम’ के अंतर्गत इस संध्या में पूरा मेला प्रांगण भगवान श्री राम के जयकारों और मधुर भक्तिमय धुनों से सराबोर हो उठा।कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश की वंदना से किया गया। इसके पश्चात मंच पर कला, संस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रख्यात कलाकार बरखा जोशी एवं उनके ग्रुप के प्रतिभावान कलाकारों ने राम भक्ति पर आधारित एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण प्रभु श्रीराम की स्तुति पर आधारित विशेष नृत्य नाटिका रही। कलाकारों ने ‘श्री रामचंद्र कृपालु भजमन’ की लय पर अत्यंत जीवंत ‘श्री रामचंद्र नृत्य’ प्रस्तुत कर प्रांगण में उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया। तत्पश्चात, शास्त्रीय और लोक कला के रंगों को समेटते हुए ‘अलबेला सजन आयो रे…’ गीत पर दी गई शानदार समूह नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम में एकल नृत्य की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। बरखा जोशी की ‘रघुवर तेरी राह निहारे…’ और ‘रघु प्रीत…’ जैसे भजनों पर दी गई एकल नृत्यों में कलाकारों की भाव-भंगिमाएं, शारीरिक अभिव्यक्ति और समर्पण देखते ही बन रहा था। इसके उपरांत, भक्ति रस को और अधिक प्रगाढ़ करते हुए ‘हनुमान लाला’ की विशेष प्रस्तुति दी गई। संध्या का सबसे अलौकिक और मनमोहक क्षण श्रीकृष्ण लीला पर आधारित भव्य ‘महारास’ की प्रस्तुति रही।