कराओके सिंगिंग में प्रोफेशनल्स व कलाकारों ने दिखाया टैलेंट, गूंजे सदाबहार नगमे

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कोटा। Karaoke Singing Kota Dussehra: 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के अंतर्गत रविवार रात्रि को विजयश्री रंगमंच पर ‘कराओके सिंगिंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सुरमई संध्या में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित प्रोफेशनल्स, चिकित्सकों, इंजीनियर्स, उद्योगपतियों, बिजनेसमैन और स्थानीय कलाकारों ने अपने सुरीले गीतों व गायकी के जादू से समां बांध दिया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज कोटा के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन, पूर्व प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना, स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ कोटा नरेंद्र नागर, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा, जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा, एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुर्गाशंकर सुमन, डॉ. विकास खंडेलिया, मंडल अध्यक्ष विनोद नामा, पूर्व पार्षद प्रतिभा गौतम एवं रेखा लखेरा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान ‘सुरीली स्वरांजलि’, ‘हमराह संस्था’, ‘कोटा कलाकार सोसायटी’ और ‘आरआर ग्रुप’ समेत विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों एवं स्थानीय प्रतिभाओं ने एक से बढ़कर एक नगमें प्रस्तुत किए। इसके साथ ही शहर के नामचीन प्रोफेशनल्स ने भी मंच संभाला। डॉक्टर विजय सरदाना, प्रसिद्ध बिजनेसमेन अमित बंसल, आर्किटेक्ट अरुण शर्मा, थर्मल के एक्सईएन सत्येंद्र वैष्णव तथा इंश्योरेंस क्षेत्र से मयंक पवार समेत कई प्रतिष्ठित प्रोफेशनल्स ने अपने पसंदीदा गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कराओके मंच पर एक के बाद एक यादगार प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कंचन ठाकुर ने मशहूर गज़ल “मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो…” प्रस्तुत कर माहौल को भावुक और संगीतमय बना दिया, वहीं सत्येंद्र वैष्णव (एक्सईएन, थर्मल) ने सदाबहार नगमा “कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है…” गाकर खूब तालियां बटोरीं। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश सोनी ने ऊर्जावान अंदाज में “महबूबा महबूबा ओ मेरी महबूबा…” की शानदार प्रस्तुति दी।

मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने किशोर कुमार का अमर गीत “रात कली इक ख्वाब में आई और गले का हार हुई…” सुनाकर पुरानी यादें ताजा कर दीं। इसके अलावा, सीए अमित भारद्वाज ने रोमांटिक गीत “नजर के सामने जिगर के पास…” और रितिका पारीक व रोहित पारीक ने “मेरे ढोलना सुन…” की सुरीली प्रस्तुति देकर दर्शकों की जमकर सराहना बटोरी। विजय शर्मा ने येसुदास का सुपर हिट गीत मधुबन खुशबू देता है…/ श्वेता नामा ने जाने क्या बात है नींद नहीं आती.. गाकर तालियां बटोरीं।

विजयश्री रंगमंच पर आयोजित इस कराओके नाइट में शहर के गणमान्य नागरिकों, संगीत प्रेमियों और आमजन की भारी भीड़ उमड़ी। डॉक्टरों और इंजीनियर्स जैसी व्यस्त जीवनशैली वाले प्रोफेशनल्स को मंच पर इस तरह अपनी गायकी का हुनर दिखाते देख उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से उनका उत्साहवर्धन किया और पूरी रात रंगमंच सुरीले गीतों व तालियों की गूंज से सराबोर रहा।