Laser Show: झिलमिलाती रोशनी के बीच दिखी कोटा की समृद्ध विरासत

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कोटा। laser and sound show: राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 के अंतर्गत रविवार शाम को विजयश्री रंगमंच पर एक अभूतपूर्व एवं विहंगम लेजर शो एवं साउंड शो का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी झिलमिलाती रोशनी और कर्णप्रिय संगीत की धुनों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​कार्यक्रम का शुभारंभ कोटा नागरिक सहकारी बैंक की संचालक पद्मिनी हाडा, भारतीय जनता पार्टी शहर जिला महामंत्री रितेश चित्तौड़ा, मंडल अध्यक्ष महावीर नायक बिल्लू, दीनू बंजारा, सुनील जायसवाल, वक्फ बोर्ड के पूर्व जिला अध्यक्ष निजामुद्दीन बबलू, संजय बूलीवाल तथा सामाजिक कार्यकर्ता रजनी शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।

​’जय जय महिषासुर मर्दिनी’ की गूंज और दिव्य शुरुआत
​कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय माहौल में दुर्गा चालीसा के पाठ से हुई। “जय जय महिषासुर मर्दिनी” के दिव्य भजनों और धुनों पर लेजर किरणों के अनूठे मेल ने रंगमंच को अलौकिक ऊर्जा से भर दिया। गीतों की धुनों पर थिरकती और फिराक की रोशनी बिखेरती लेजर किरणों के दृश्य ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और पूरा परिसर तालियों की गूंज से सराबोर हो उठा।

​लेजर रोशनी के जरिए दर्शाया कोटा दशहरा का इतिहास
​शो के माध्यम से कोटा के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत की गाथा को आधुनिक लेजर तकनीक द्वारा प्रस्तुत किया गया। लेजर शो के जरिए बताया गया कि​कोटा के प्रसिद्ध दशहरा मेले की शुरुआत 18वीं शताब्दी में महाराव दुर्जनशाल हाड़ा के शासनकाल में हुई थी। महाराव उम्मेद सिंह के शासनकाल में इस मेले ने एक विशाल जन उत्सव का स्वरूप धारण किया। वर्ष 1921 में कोटा में नगरपालिका की स्थापना के साथ ही इस ऐतिहासिक दशहरा मेले को व्यापक और आधुनिक विस्तार दिया गया।