200 से अधिक पहलवान दिखाएंगे दम, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी लेंगे भाग
कोटा। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के अंतर्गत दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर 2 से 4 नवंबर तक प्रतिष्ठित ‘चम्बल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय दंगल में कुल 13 लाख रुपए की नकद इनामी राशि रखी गई है। इसके साथ ही पहलवानों के उत्साहवर्धन के लिए विजेताओं और प्रतिभागियों के बीच 11 क्विंटल शुद्ध घी वितरित किया जाएगा।
महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि कुश्ती-दंगल का औपचारिक उद्घाटन सोमवार अपराह्न 4 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कुश्ती दंगल के भव्य और सुरक्षित संचालन के लिए श्रीराम रंगमंच परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मंच और मैट पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं। आयोजन सचिव एवं जिला कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष तेजेन्द्र सिंह बराड़ ने जानकारी दी कि दंगल में पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में कड़े और रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
पुरुष वर्ग में चम्बल राजस्थान केसरी फ्री स्टाइल व ग्रीको रोमन, चम्बल राजस्थान कुमार और चम्बल राजस्थान बसंत टाइटल्स के मुकाबले आयोजित होंगे। वहीं महिला वर्ग में हाड़ी रानी चम्बल राजस्थान केसरी, हाड़ी रानी चम्बल राजस्थान कुमारी तथा हाड़ी रानी चम्बल राजस्थान किशोरी खिताबों के लिए देश-प्रदेश की महिला पहलवान अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी।
विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को 31 हजार से 1 लाख रुपए तक की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पहलवानों को 5-5 किलो घी तथा सभी प्रतिभागियों को 1-1 किलो घी प्रदान किया जाएगा।
दंगल के प्रथम दिन विशेष रूप से हाड़ौती स्तर की कुश्तियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें 25 से 55 किलो वजन वर्ग में 14 खिताबों के लिए स्थानीय पहलवान दांव लगाएंगे। हाड़ौती स्तर के विजेताओं को नकद राशि के साथ ही कुश्ती कॉस्ट्यूम, जूते और अन्य आवश्यक सामग्री से युक्त एक विशेष स्पोर्ट्स किट भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में राजस्थान के 200 से अधिक स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के महिला व पुरुष पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीआरए सिस्टम, एलईडी स्क्रीन्स और सतत वीडियोग्राफी की आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ओलंपिक श्रेणी के वरिष्ठ रेफरी मौजूद रहेंगे, जो स्थानीय रेफरी दल को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दे रहे हैं।

