नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन सबसे बड़े नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को आज जब छोड़ा गया तो दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें शांति बनाए रखने का आदेश दिया है।
इन तीनों से 50,000 के जमानती बॉन्ड और एक साल तक शांति व्यवस्था रखने वाले बॉन्ड भरवाए गए। ये तीनों जब सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जेल से बाहर निकले तो उनका स्वागत करने के लिए वहां कोई मौजूद नहीं था।
एक रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से कहा कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ये तीनों नेता पुलिस स्टेशन से बिल्कुल अकेले निकले। पार्टी की तरफ से किए गए बड़े-बड़े दावों के बावजूद नेताओं की रिहाई के समय उनका स्वागत करने के लिए स्टेशन पर एक भी समर्थक या अनुयायी नहीं पहुंचा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस कानूनी कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
रिहाई की शर्तों के तहत इन नेताओं को पूरी तरह से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी। कोर्ट ने उन्हें सख्त आदेश दिया है कि वे कोई भी सार्वजनिक सभा न करें और न ही अशांति फैलाएं। इस बॉन्ड का उल्लंघन करने पर उन्हें तुरंत दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है और उन पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए जा सकते हैं।
क्या है BNSS की धारा 126?
यह धारा कार्यकारी मजिस्ट्रेट को तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार देती है। यदि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिलती है कि कोई व्यक्ति शांति भंग कर सकता है, सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ सकता है या कोई ऐसा गलत काम कर सकता है जिससे सार्वजनिक अशांति फैल सकती है तो वह कार्रवाई कर सकते हैं। मजिस्ट्रेट कानूनी रूप से उन व्यक्तियों को शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने के लिए बाध्य कर सकते हैं।
BNSS की धारा 170 में क्या-क्या?
यह प्रावधान पुलिस अधिकारी को बिना वारंट और बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देता है। ऐसा तभी कर सकते हैं जब उन्हें किसी संज्ञेय अपराध को करने की योजना की जानकारी हो। इस शक्ति का इस्तेमाल सख्ती से तभी किया जाता है जब अधिकारी को लगता है कि अपराध को किसी अन्य तरीके से नहीं रोका जा सकता है।
आपको बता दें कि दीपके, रांका और सौरभ दास को रविवार सुबह रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें बीएनएसएस की धारा 126 और 170 के तहत मुंबई से दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद एयर इंडिया की फ्लाइट से उतरते ही रोककर हिरासत में ले लिया था।

