नई दिल्ली। RBI MPC Meet: देश की आर्थिक ग्रोथ को लेकर केंद्रीय बैंक का भरोसा बढ़ा है। हर दो महीने में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने चालू वित्त वर्ष यानी FY27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का अनुमान बढ़ाया है। कमिटी ने अक्टूबर पॉलिसी में ब्याज दरों को बढ़ाने को मंजूरी दी। इसके तहत 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की गई।
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 में रियल GDP ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है, जो पहले 6.7 फीसदी था। दूसरी तिमाही के लिए ग्रोथ अनुमान को 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 7.2 फीसदी, तीसरी के लिए 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। जबकि चौथी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.8 फीसदी बरकरार रखा है। FY28 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। गवर्नर ने बताया कि क्रेडिट ग्रोथ की स्थिति बेहतर है।
ब्रिकवर्क रेटिंग्स के रिसर्च हेड राजीव शरण ने कहा कि पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की मजबूत ग्रोथ के बाद RBI ने FY27 का ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.1 फीसदी किया है। हालांकि, ब्रिकवर्क रेटिंग्स का अनुमान थोड़ा कम, 7 फीसदी है। एजेंसी को दूसरी तिमाही में 7 फीसदी, तीसरी में 6.8 फीसदी और चौथी में 6.7 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद है।
आर्थिक ग्रोथ को मिला सहारा
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पहली तिमाही में लोगों के खर्च ने आर्थिक ग्रोथ को रफ्तार दी। जरूरत से इतर आइट्स और सर्विसेज पर खर्च जारी रहने से खपत मोटे तौर पर मजबूत बनी रही। उन्होंने कहा कि हालिया इकोनॉमिक इंडिकेटर्स के मुताबिक, दूसरी तिमाही में भी आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार बनी रही। हालांकि, पहली तिमाही के मुकाबले इसमें कुछ नरमी आई। जबकि लागत बढ़ने के दबाव के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज मजबूत बनी हुई हैं।
कोटक महिंद्रा AMC के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर (डेट) दीपक अग्रवाल के मुताबिक, RBI की मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रीपो दर 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी की है, जो बाजार की उम्मीदों के मुताबिक है, क्योंकि महंगाई अब चिंता बढ़ा रही है। नीतिगत रुख न्यूट्रल से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ यानी चरणबद्ध सख्ती करने से आगे और बढ़ोतरी का संकेत मिला है। फिलहाल दरों में कटौती की संभावना खत्म हो गई है।

