नई दिल्ली। Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच लगातार तीसरे दिन बातचीत होने से तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा है। इस बातचीत का मकसद ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते का रास्ता निकालना है।
रॉयटर्स के मुताबिक भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह करीब 5:41 बजे ब्रेंट क्रूड वायदा 1.59 डॉलर यानी 1.40 फीसदी गिरकर 111.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.56 डॉलर यानी 1.50 फीसदी की गिरावट के साथ 102.56 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
अक्टूबर के आखिर में ब्रेंट क्रूड की कीमत छह महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। इसकी बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव था। बाजार में आशंका बनी हुई है कि मंगलवार को अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद यह संघर्ष एक बार फिर तेज हो सकता है।
KCM ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा कि पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई थी। ऐसे में सोमवार सुबह कीमतों में आई गिरावट को तकनीकी सुधार के तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए तनाव कम होने की उम्मीद और सप्ताहांत में किसी बड़े सैन्य हमले के नहीं होने से फिलहाल तेल की कीमतों पर दबाव कुछ कम हुआ है।
हालांकि, वाटरर ने चेतावनी दी कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान को लेकर बयानबाजी तेज हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत दोबारा बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
ईरान ने कहा- बातचीत और रक्षा, दोनों के लिए तैयार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है और इसमें प्रगति हो रही है। उन्होंने बताया कि इस बातचीत का मकसद समझौते की संभावनाओं पर चर्चा जारी रखना है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान रक्षा और कूटनीति, दोनों के लिए तैयार है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर भी सतर्क है।

