JDB में आग : पर्यावरण संगठनों ने काॅलेज शिक्षा निदेशक के समक्ष जताई आपत्ति

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कोटा। राष्ट्रीय जल बिरादरी एवं कोटा एनवायरमेंटल सेनीटेशन सोसायटी, इंटेक पदाधिकारियों ने जेडीबी महिला काॅलेज परिसर में नए भवन बनाने के लिए पेड़ों को जला कर मारने का आरोप लगाते हुए काॅलेज शिक्षा के सहायक निदेशक डाॅ. रघुराज परिहार को ज्ञापन दे कर आपत्ति जताई। पर्यावरणविदों ने कहा कि पेड़ों को मारना पर्यावरण के विरूद्ध किया गया अपराधिक कृत्य है। इसे तत्काल रोका जाए।

पर्यावरणविदों ने सुझाव दिया कि भवन बनाना बहुत आवश्यक है तो सार्वजनिक निर्माण विभाग को नई डिजायन बनाने के लिए पांबंद किया जाए। दूसरी मंजिल बना कर भी पेड़ों को बचाया जा सकता है। शहर के हरे भरे भाग को बर्बाद करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता जता कर खुद प्रसंज्ञान लेना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय, भारतीय सांस्कृतिक निधि ( इंटेक )के को-कंवीनर पूर्व शिक्षक नेता बहादुर सिंह हाड़ा, पूर्व छात्रा संघ अध्यक्ष प्राची दीक्षित जोशी, विशाल जोशी, पूर्व छात्रा आशा जैन, राजेंद्र जैन, विनोद चतुर्वेदी आदि ने जेडीबी काॅलेज परिसर का दौरा कर तीनों प्राचार्यों के समक्ष विरोध जता दिया है।

हाड़ा ने कहा कि इंटेक ने 21 सितम्बर 2018 को ही राज्य सरकार के समक्ष जिला कलेक्टर के माध्यम से आपत्ति से अवगत करा दिया था। फिर भी प्रशासन पेड़ों को काटने व ऐतिहासिक बावड़ी को नष्ट करने पर आमादा है। प्राची दीक्षित ने चेतावनी दी कि कोरोना काल में परीक्षा के समय छात्रों को आंदोलन के लिए मजबूर न किया जाए। प्रशासन में जरा भी संवेदनशीलता है तो पेड़ों को बचाने का प्रयास करे।

विजयवर्गीय ने कहा कि पेड़ों को साफ करने की अनुमति देना ही साजिश का हिस्सा लगता है। चम्बल संसद के सभापति जीडी पटेल, यज्ञदत्त हाड़ा, केईएसएस सचिव विनीत महोबिया, गीता दाधीच एवं अपना संस्थान के संजय पारीक आदि ने उच्च शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।