वन मंत्री ने स्मृतिवन का दौरा कर अफसरों को दिए सुरक्षा के निर्देश

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कोटा। राजस्थान के वन मंत्री सुखराम विश्नोई ने शनिवार को प्रातः अनंतपुरा स्थित वन विभाग के स्मृतिवन का दौरा कर हालात का जायजा लिया विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण की सुरक्षा तथा यहां के विकास संबंधी कार्यों की अनदेखी न करें। विश्नोई ने वन विभाग के अधिकारियों को संरक्षा व विकास की योजना बना कर सरकार को भेजने को कहा तथा जन भागीदारी से पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करें।

वन मंत्री ने स्मृति वन में नीम,बरगद आदि का पौधारोपण भी किया तथा स्वंर्गीय पर्यावरणविद् डॉ. एलके दाधीच के स्मृति स्थल पर दाधीच को नमन किया। समस्याओं पर स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सुझाव भी सांझा किए तथा कहा कि विभाग बजट संबंधी सभी समस्याओं का समाधान कराएगा।

स्मृतिवन सलाहकार समिति के सचिव एव जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि वन विभाग की अनंतपुरा में 70 एकड़ से अधिक की वन भूमि सरकार की वन विकसित करने की नीति के बावजूद वीरान पड़ी है। यहां पर पौधारोपण और हरियाली विकसित करने के क्रम में 17 फरवरी 2015 शिवरात्रि को राज्य के वन मंत्री के निर्देश पर पौधारोपण की शुरूआत की गई थी ।

विभाग की इच्छाशक्ति के अभाव में यहा पर रोपित 4000 पौधों में से मात्र अब लगभग 1000 पौधे ही किसी तरह जीवित बचे है। शहर की पर्यावरण संस्थाऐं एवं गणमान्य नागरिक पिछले 4 वर्षों से लगातार पौधों को बचाने का प्रयास कर रहे है। वन विभाग से अपेक्षित सहयोग और स्पष्ट कार्ययोजना के अभाव में स्मृति वन की दीवारें लगातार टूटती रहीं और आवारा लोगों और मवेशियों का विचरण जारी रहा।

साथ ही अनंतपुरा बस्ती एवं झालावाड़ मुख्य मार्ग के ट्रक चालकों के लिए वन भूमि खुले में शौच का स्थल बनी हुई है जो कि राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की भावना के भी खिलाफ है। नागरिकगण समय समय पर वन विभाग के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन को हालात बताते रहे। नांगरिकगण श्रमदान करके किसी प्रकार पौधों को बचाने का प्रयास करते रहे है।

मुख्य वन संरक्षक दया सिंह दुल्लर,सहायक वन संरक्षक रवि मीणा, तरूण कुमार मेहरा के अलावा मुकंदरा के मुख्य वन संरक्षक आनंद मोहन,उप वन संरक्षक टी मोहन राज,सहायक वन संरक्षक दीपक चौधरी मनोज कुमार,बाबू सिंह,नीतू मालव आदि वन रक्षक मौजूद रहे।

वन मंत्री ने देखा भी खुले में शौच
वन मंत्री ने शनिवार को स्वयं देखा कि वन भूमि खुले में शौच के काम आ रही है और चार दीवारी जगह जगह से क्षतिग्रसत है। वन मंत्री के दौरे को देखते हुए आनन फानन में दीवार की मरम्मत कराई गई। इसी के साथ गार्ड तैनात कर शौच करने वालों को वन मंत्री के आसपास नहीं आने दिया गया।

पर्यावरण परिषद के एलसी बाहेती, जीडी पटेल, गीता दाधीच ,डॉ. गोपाल सिंह एवं प्रीति विजयवर्गीय ने वन मंत्री एवं विधायक भरत सिंह को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की है।