नई दिल्ली। त्योहारी मौसम की शुरुआत हो चुकी है। देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर के राज्यों में दुर्गा पूजा की धूम शुरू हो गई है। उत्तर भारत में नवरात्रे की खरीदारी शुरू हो गई जो दिवाली तक जारी रहेगी। इस बीच छोटे कारोबारियों के संगठन कैट ने कहा है कि इस साल दुर्गा पूजा या नवरात्रि से लेकर दिवाली तक देश भर में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होगा।
इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनायी जाएगी। अभी इसमें काफी दिन है लेकिन इसके लिए अभी से शॉपिंग शुरू हो गई है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि इस साल नवरात्रि से दीपावली तक देशभर में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
यह पिछले वर्ष के कारोबार की तुलना में लगभग 15-18 फीसदी अधिक हो सकता है। उनका कहना है कि नवरात्रि तथा दुर्गा पूजा के बाद करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती एवं तुलसी विवाह जैसे त्योहार भी आएंगे। इस दौरान भी खूब खरीदारी होगी।
पिछले वर्ष दीपावली के अवसर पर देश भर में करीब 6.05 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड व्यापार हुआ था। इसमें करीब 5.40 लाख करोड़ रुपये का सामान और 65,000 करोड़ रुपये का सर्विस शामिल था। इस साल सेवाओं का कारोबार पिछले साल के मुकाबले बढ़ने की संभावना है।
किन चीजों की होगी अधिक बिक्री
- किराना एवं एफएमसीजी 12%
- सोना-चांदी एवं आभूषण 10%
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स 8%
- कंज्यूमर ड्यूरेबल वस्तुएं 7%
- रेडीमेड गारमेंट्स 7%
- गिफ्ट आइटम्स 7%
- होम डेकोर 5%
- फर्नीचर एवं फर्निशिंग 5%
- मिठाई एवं नमकीन 5%
- टेक्सटाइल एवं फैब्रिक्स 4%
- पूजा सामग्री 3%
- फल एवं ड्राई फ्रूट्स 3%
- बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3%
- फुटवियर 2%
- अन्य वस्तुएं एवं संबंधित कारोबार 19%
सर्विस सेक्टर की भूमिका बढ़ेगी
खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष त्योहारी अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। नवरात्रि से दीपावली के दौरान परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, होटल-रेस्टोरेंट, पर्यटन, कैटरिंग, टेंट एवं डेकोरेशन, लाइटिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कैब एवं स्थानीय परिवहन सहित अनेक सेवाओं में भारी मांग रहने की संभावना है। पिछले वर्ष सेवा क्षेत्र में लगभग 65,000 करोड़ रुपये के कारोबार के मुकाबले इस वर्ष सेवा क्षेत्र में 20–25 फीसदी तक की वृद्धि का प्रारंभिक अनुमान है। इसके आधार पर त्योहारी अवधि में सेवा क्षेत्र का कारोबार लगभग 80,000 करोड़ से एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

