सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का आंदोलन स्थगित, जानिए क्यों

0
16

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ INDIA ब्लॉक के नेताओं के रोजाना दिल्ली मार्च पर फिलहाल रोक लग गई है। पिछले हफ्ते से पांचवीं बार एकजुट होकर मार्च करने और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के एक दिन बाद मंगलवार को राजधानी में उनका सड़क पर विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।

राहुल गांधी की ओर से बुलाई गई ब्लॉक नेताओं की बैठक में त्योहारों के मौसम और उससे जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए रोजाना विरोध प्रदर्शन के बजाय कभी-कभी ऐसे कार्यक्रम करने पर विचार किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, नवरात्रि और दुर्गा पूजा के बाद दिवाली और छठ के त्योहारों को देखते हुए कम से कम अक्टूबर के तीसरे हफ्ते तक दिल्ली में नियमित रूप से एकजुट होकर सड़क पर मार्च नहीं होंगे। हालांकि, INDIA ब्लॉक के नेताओं ने बैठक के बाद अगले विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की।

कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली में अपनी तय रैली करेगी। वहीं, जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां के नेताओं और सांसदों को दिल्ली में रहने के बजाय अपने-अपने राज्यों में काम करना होगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब विपक्ष के वकील सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई कराने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष को उम्मीद है कि SIR पर कम से कम अंतरिम रोक लग सकती है।

जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन से भी बढ़ा दबाव
जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई किए जाने के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का आंदोलन भी INDIA ब्लॉक, खासकर कांग्रेस पर दबाव बढ़ा रहा है। विपक्ष पर अपनी पार्टियों, छात्र और युवा संगठनों तथा सिविल सोसाइटी के जरिए विरोध प्रदर्शन करने का दबाव है। हालांकि, ये कार्यक्रम गठबंधन के तौर पर एकजुट होकर हों या अलग-अलग दलों के स्तर पर, इस पर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

प्रदर्शन जारी रखने के पक्ष में ज्यादातर नेता
बैठक में शामिल एक नेता ने बताया कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा से शुरू होकर दिवाली और छठ तक चलने वाले त्योहारों के मौसम में दिल्ली में रोजाना एकजुट विरोध प्रदर्शन जारी रखना मुश्किल होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि गठबंधन का विरोध प्रदर्शन बाद में राज्यों और वाराणसी जैसी जगहों पर किया जाए, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है। लेकिन ज्यादातर नेताओं का मानना था कि ज्यादा ध्यान आकर्षित करने और प्रभाव डालने के लिए दिल्ली ही विरोध प्रदर्शन का सबसे उपयुक्त स्थान है।

लड़ाई के आखिर तक जाएंगे
बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने एकजुट होकर लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने चौंकाने वाला असर पैदा करने के लिए योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने कल ‘दृढ़ता’ शब्द का इस्तेमाल किया था। हमारी टीम रुकेगी नहीं। आज नहीं तो कल, परसों या तीन महीने बाद… हम लड़ाई के आखिर तक जाएंगे। हम अभी पूरी जानकारी नहीं दे सकते।’ राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष जंतर-मंतर पर लगी रोक को चुनौती देगा। उनके बयान से साफ है कि त्योहारों के कारण विरोध प्रदर्शनों की रफ्तार भले ही धीमी हो, लेकिन विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखने की तैयारी में है।