टोंक। Fake drugs busted: टोंक में पुलिस ने अवैध और प्रतिबंधित दवाइयां का एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया। इसमें पुलिस ने टोंक के सरकारी सहादत अस्पताल के एक मेल नर्स को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी की आड़ में अवैध और प्रतिबंधित दवाइयां का काला कारोबार चला रहा था। आरोपी मरीजों की जान बचाने वाली जीवन रक्षक दवाइयां और प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों को ब्लैक मार्केट में खपा रहा था।
पुलिस और DST टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने इस मामले में सहादत अस्पताल के मेल नर्स अकबर खान को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी की आड़ में अवैध तौर पर इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसके हड्डी वाला मोहल्ला सहादतगंज काली पलटन स्थित ठिकाने पर दबिश देकर प्रतिबंधित दवाइयां का जखीरा बरामद किया। आरोपी ने अपने घर को मेडिकल स्टोर की तरह बना रखा था। इस दौरान पुलिस को एक मोबाइल फोन और 47 हजार रुपए की नगदी भी बरामद हुई है।
प्रतिबंधित और जीवनरक्षक दवाइयों की सूची
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी के आवास से भारी मात्रा में मेडिकल स्टॉक बरामद हुआ। इनमें प्रतिबंधित एवं नशीली दवाइयां ऐल्फाजोलम (Alprazolam) 600 नग ट्रामडोल (Tramadol) टैबलेट, 355 नग (अत्यंत प्रतिबंधित दर्द निवारक/नशीला इंजेक्शन) एविल (Pheniramine) इंजेक्शन: 200 नग
जीवनरक्षक और एंटीबायोटिक इंजेक्शन
डेक्सामेथासोन इंजेक्शन: 500 नग, रैनिटिडिन इंजेक्शन: 500 नग, एमिकासिन इंजेक्शन: 300 नग, सेफोपाराजोन इंजेक्शन: 210 नग, डिक्लोफेनाक इंजेक्शन: 200 नग, सेफ्ट्रिएक्सीन इंजेक्शन: 150 नग, ज़िनोसिन (Zinocin) इंजेक्शन: 75 नग, मेरोपेनम (Meropenem) इंजेक्शन: 72 नग, जेंटामाइसिन और मेटोक्लोप्रमाइड सहित अन्य इंजेक्शन मिले हैं। इसके अलावा अन्य मेडिकल सामग्री, इनमें 25 पैकेट (2500 नग) + 1 कार्टून (1000 नग) सिरिंज, ओमिलेस्प-D टैबलेट, कैनुला पैकेट और इट्राकोनाजोल कैप्सूल भी जब्त किए गए।

