नई दिल्ली। Retail Inflation: सितंबर के महीने में खुदरा महंगाई बढ़ गई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह 23 महीने का उच्चतम स्तर है। वहीं, अगस्त के महीने में खुदरा महंगाई 4.83 प्रतिशत रही थी।
जनवरी में जारी नई इंडेक्स सीरीज के तहत सितंबर की महंगाई दर अबतक के सबसे ऊंचे स्तर पर रही। बता दें कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 में खुदरा महंगाई के औसतन 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। तीसरी तिमाही में इसके छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
खुदरा महंगाई दर पहली बार जून में RBI के 4% के टारगेट से ऊपर गई थी। तब यह मई के 3.93% से बढ़कर 4.38% हो गई थी। सितंबर में ग्रामीण CPI महंगाई दर 6.08% रही, जबकि अगस्त में यह 5.24% थी। वहीं, शहरी महंगाई दर 4.88% रही, जबकि पिछले महीने यह 4.31% थी।
5 से 7 अक्टूबर के बीच 41 अर्थशास्त्रियों के बीच किए गए रॉयटर्स के एक सर्वे में सितंबर के लिए खुदरा महंगाई दर 5.40% रहने का अनुमान लगाया गया था (अगस्त में यह 4.82% थी), जिसमें अनुमान 4.90% से 5.90% के बीच थे।
सितंबर के ये आंकड़े RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की ओर से 7 अक्टूबर को बेंचमार्क रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% करने के कुछ ही दिनों बाद आए हैं। महंगाई का खतरा बढ़ने के कारण लगभग चार साल में यह पहली बार था जब दरें बढ़ाई गईं।

