ऊर्जा मंत्री नागर 56 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का कल करेंगे शिलान्यास
कोटा। Harishchandra Sagar Project Renovation: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के सतत प्रयासों से बजट घोषणा 2025–26 के अंतर्गत हरीश चन्द्र सागर परियोजना के तृतीय चरण में शेष रही वितरिकाओं एवं माइनरों के जीर्णोद्धार का कार्य स्वीकृत किया गया है। परियोजना के तहत प्रशासनिक तथा तकनीकी स्वीकृति के उपरांत 21.77 करोड़ रुपये की राशि का कार्यादेश जारी कर दिया गया है। परियोजना के तीसरे चरण का शुभारंभ शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर करेंगे।
इस योजना के अंतर्गत 19.500 किमी कुल लंबाई में मुख्य नहर तथा बिशनखेड़ी, भटवाड़ा, पनवाड़, किशनपुरा, अमृतकुआं, घनाहेड़ा व लक्ष्मीपुरा माइनर में पक्की लाइनिंग का कार्य कराया जाएगा। इसके साथ ही नहर की क्षतिग्रस्त पुलियाओं एवं अन्य संरचनाओं का मरम्मत कार्य भी प्रस्तावित है।
इस जीर्णोद्धार कार्य के पूर्ण होने से नहर के अंतिम छोर तक के काश्तकारों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल मिल सकेगा। जिससे किसानों की फसलें अंतिम समय तक पानी से वंचित नहीं रहेंगी।
इस परियोजना से पनवाड़, चोसला, गुरायता, विसनखेड़ी, भटवाड़ा, बोरेली, दानवास, अमृत कुआ, किशनपुरा, सरखण्डेया, खरकनाखेड़ी, सांगाहेड़ा, बोरीनाकला, खजूरी, श्यामपुरा, लक्ष्मीपुरा, कोटड़ी, डाबरी, अमृतखेड़ी, बरखेड़ी, नागलहेड़ी, कुराड़िया खुर्द, कुदेत, सारोला, आकोदिया, विजयपुर सहित क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के हजारों किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
56 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास आज
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर शुक्रवार को अपराह्न 4 बजे कोटड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति, लक्ष्मीपुरा में 56 करोड़ 39 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। देहात भाजपा मंडल अध्यक्ष मुरारी मेहता ने बताया कि इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, सिंचाई तंत्र के सुदृढ़ीकरण तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु जीएसएस निर्माण जैसे अनेक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी।
बनेंगे 4 नए 33 केवी जीएसएस, सुदृढ़ होगा विद्युत् ढांचा
ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री चार नए 33 केवी जीएसएस का निर्माण कार्य शिलान्यास करेंगे। इनमें 3.52 करोड़ रुपए की लागत से चतरपुरा जीएसएस, 3.17 करोड़ रुपए से राजगढ़ जीएसएस, 4 करोड़ रुपए की लागत से घाटोलिया जीएसएस तथा 4 करोड़ रुपए की लागत से अमृतकुआं जीएसएस का निर्माण शामिल है। इन चारों जीएसएस के निर्माण से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्याओं से क्षेत्रवासियों को स्थायी राहत मिलेगी।
ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण से सुगम होगा आवागमन
क्षेत्र में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए विभिन्न डामरीकरण एवं जीएसबी (ग्रेवल) सड़क निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी जाएगी। इसके अंतर्गत 2 करोड़ रुपए की लागत से हींगी से सहीपुर तक 1.50 किमी डामरीकरण सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दीगोद से हरिपुरा हनुमान जी मन्दिर (38 लाख रु), हरिपुरा बंजारा बस्ती से जोगड़ी (73 लाख रु), लसेड़िया से डाबरीकलां (75 लाख रु), सनखेड़ा से लबानियां चरेल (50 लाख रु), राजगढ़ से गुहावदा (90 लाख रु) तथा ग्राम विनोदखुर्द स्टेट हाईवे से सूण्डक्या (88 लाख रु) तक जीएसबी सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इन सड़कों के बनने से ग्रामीणों का आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा।

