Sugar Price: क्या सच में खुदरा बाजार में घट गए चीनी के दाम, जानिए हकीकत

0
7

नई दिल्ली। फेस्टिव सीजन में चीनी की कीमतों को काबू करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आज नए चीनी सीजन की शुरुआत के साथ ही सरकार ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की अवधि घटाकर 15 दिन कर दी है।

साथ ही स्टॉक रखने की सीमा 1,000 क्विंटल तय की है। यह नियम 15 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। हालांकि कोलकाता और उसके आसपास के मेट्रोपॉलिटन इलाकों तथा असम पर यह लागू नहीं होगा।

एक सरकारी बयान के मुताबिक त्योहारों के मौसम में जमाखोरी रोकने और ग्राहकों तक चीनी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चीनी स्टॉक रखने के नियमों में बदलाव किया गया है। क्षेत्र की खास बाजार जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोलकाता और उसके आसपास के मेट्रोपॉलिटन इलाकों और असम राज्य के लिए स्टॉक रखने की सीमा 2,000 क्विंटल तय की गई है। कोलकाता में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी की सप्लाई होती है।

खुदरा कीमतों में गिरावट
इस बीच सरकार ने दावा किया है कि चीनी की औसत खुदरा कीमतों में अगस्त के उच्चतम स्तर से 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसमें और गिरावट आएगी। चीनी की एक्स मिल कीमत लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और पिछले तीन हफ्तों से ये कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

सरकार ने उम्मीद जताई है कि चीनी मिलें, डीलर, थोक विक्रेता और बाजार के अन्य भागीदार सप्लाई चेन में चीनी की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करेंगे और कृत्रिम जमाखोरी या सट्टेबाजी को रोकेंगे। साथ ही थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं से भी आग्रह किया गया है कि वे मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतों में आई भारी गिरावट का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।