झालावाड़। जिले में किसानों को चालू खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन तथा मूंगफली की उपज दर में अच्छी बढ़ोत्तरी होने का भरोसा है क्योंकि वहां सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) सोलिडरिडाड तथा एडब्ल्यूएल जैसे संगठनों का जोरदार प्रयास रहा है। पिछले साल वहां कमजोर उत्पादकता के कारण तिलहन फसलों के उत्पादन में कमी आई थी लेकिन इस बार फसल की हालत काफी अच्छी है जिससे किसान काफी खुश हैं।
झालावाड़ के किसान सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वैजिटेबल ऑयल मिशन के अंतर्गत मॉडल फार्म में इन तिलहनों की खेती करते हैं। एसोसिएशन के अनुसार इन मॉडल फार्म में मूंगफली एवं सोयाबीन की औसत उपज दर क्रमश: 2500 किलो प्रति हेक्टेयर एवं 2000 किलो प्रति हेक्टेयर से ऊंचा रहने की उम्मीद है जो सामान्य खेतों की उपज दर से काफी ऊंची है।
यदि मौसम की हालत अनुकूल रही तो मॉडल फार्म में तिलहनों की उत्पादकता और भी ऊंची हो सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन की औसत उपज दर 1000 किलो प्रति हेक्टेयर के आसपास रहती है जबकि मॉडल फार्म में इसका स्तर दोगुने से ज्यादा ऊंचा रहता है।
इसका कारण यह है कि मॉडल फार्म में उच्च तकनीक एवं बेहतर संसाधनों के साथ वैज्ञानिक ढंग से खेती की जाती है और कृषि विशेषज्ञ नियमित रूप से सम्पूर्ण स्थिति पर नजर रखते हैं।
इस बार झालावाड़ जिले में सही समय पर अच्छी बारिश हुई है और किसानों द्वारा भी बेहतर प्रयास किया गया है। इससे फसल की हालत उत्साहवर्धक दिख रही है और क्वालिटी भी बेहतर रहने के आसार हैं।

