नई दिल्ली। WhatsApp एक ऐसे फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिससे यूजर्स थर्ड-पार्टी AI एजेंट और बॉट्स को सीधे मैसेजिंग ऐप से कनेक्ट कर सकेंगे। उम्मीद है कि इस फीचर से हर कनेक्टेड एजेंट के लिए एक अलग चैट मिलेगी, जिससे यूजर्स WhatsApp से बाहर निकले बिना ही इन सर्विस के साथ बातचीत कर सकेंगे।
फिलहाल, यह फीचर कुछ ही Android यूजर्स के लिए उपलब्ध बताया जा रहा है। आने वाले महीनों में WhatsApp इसे और ज्यादा अकाउंट्स के लिए रोल आउट कर सकता है, हालांकि कंपनी ने अभी यह कन्फर्म नहीं किया है कि यह फीचर ज्यादा लोगों तक कब पहुंचेगा।
वॉट्सऐप के नए फीचर ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने एंड्रॉइड वर्जन 2.26.35.3 के लिए वॉट्सऐप बीटा में इस फीचर को देखा। पोस्ट के अनुसार, ऐप सेटिंग्स में एक नया एजेंट सेक्शन यूजर्स को कम्पैटिबल सर्विसेस को जोड़ने और कॉन्फिगर करने की सुविधा दे सकता है।
यूजर हर एजेंट को एक नाम और प्रोफाइल फोटो असाइन करने में सक्षम हो सकते हैं, जबकि वॉट्सऐप हर अकाउंट अधिकतम पांच एजेंटों का सपोर्ट कर सकता है।
यूजर्स द्वारा एजेंट को कॉन्फिगर करने के बाद वॉट्सऐप से एक एपीआई की (API key) जनरेट होने की उम्मीद है। इसके बाद उन्हें वॉट्सऐप चैट से लिंक करने के लिए एजेंट को होस्ट करने वाली सर्विस में कीज दर्ज करनी होगी।
अलग-अलग सर्विसेज के बीच सेटअप की प्रोसेस अलग हो सकती है, और यूजर को कनेक्शन रीसेट करने के लिए एक नई कीज जनरेट करने की सुविधा मिल सकती है।
एक बार लिंक हो जाने पर, एजेंट अपनी खुद की वॉट्सऐप चैट में काम करेगा। फीचर ट्रैकर का कहना है कि इस सर्विस की यूजर की दूसरी चैट्स, कॉन्टैक्ट्स या मीडिया फाइल्स तक कोई पहुंच नहीं होगी और ग्रुप चैट या कम्युनिटीज में एजेंट का सपोर्ट नहीं होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वॉट्सऐप ग्रुप चैट्स या कम्युनिटीज में एजेंट को जोड़ने का सपोर्ट नहीं देगा।
जब मर्जी AI एजेंट को हटा सकेंगे
यूजर अपने नाम या प्रोफाइल फोटो बदलने समेत ऐप सेटिंग्स के माध्यम से अपने कनेक्टेड एजेंट्स को मैनेज कर सकते हैं। किसी एजेंट को हटाने से वह चैट से डिस्कनेक्ट हो जाएगा, लेकिन वॉट्सऐप बातचीत की हिस्ट्री सेव रखेगा। यूजर बाद में नई एपीआई कीज के साथ इसे फिर से सेट करके सर्विस को फिर से कनेक्ट कर सकते हैं।
कथित तौर पर थर्ड पार्टी के एजेंट्स के साथ चैट में वॉट्सऐप के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग नहीं किया जाएगा। एजेंट को भेजे गए मैसेज एजेंट के डेवलपर की ओर से मेटा सर्विस से गुजरेंगे, जिससे डेवलपर को सर्विस के हिस्से के रूप में उन तक पहुंचने की अनुमति मिल जाएगी। वॉट्सऐप यूजर्स के बीच पर्सनल चैट और कॉल में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग जारी रहेगा।
कथित तौर पर वॉट्सऐप वर्तमान में सीमित संख्या में एंड्रॉइय यूजर्स के लिए यह सुविधा जारी कर रहा है। हालांकि, ज्यादातर यूजर अभी तक एजेंट सेक्शन नहीं देख सकते हैं, और वॉट्सऐप ने फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं दी है कि वह इस फीचर को सभी के लिए कब रोलआउट करेगा।

