कोटा। चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने रंगबाड़ी में तेल पैकिंग इकाई का औचक निरीक्षण कर कच्ची घानी और वुड प्रेस्ड तेल के नाम पर रिफाइंड तेल बेचने के मामले का पर्दाफाश किया।
इस कार्रवाई में टीम ने 600 किलोग्राम रिफाइंड राइस ब्रान तेल और 240 लीटर क्षमता की वुड प्रेस्ड तेल की बोतलें सीज की हैं। इन उत्पादों को ऑनलाइन मंचों के माध्यम से बेचा जा रहा था।
सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा टीम ने कृष्णा नगर स्थित केशव एग्रो इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान 170 रुपये प्रति किलोग्राम वाले सर्वोत्तम ब्रांड के 15-15 किलोग्राम के 40 टिन रिफाइंड राइस ब्रान तेल मिले।
इसी तेल को 350 रुपये प्रति लीटर के भाव से श्री अनन्तम ब्रांड के नाम से 1-1 लीटर की बोतलों में भरकर वुड प्रेस्ड तेल बताकर ऑनलाइन बेचने की तैयारी थी।
मौके पर वुड प्रेस्ड सरसों, अलसी और तिल्ली का तेल भी मिला। विक्रेता बूंदी से तेल खरीदने का कोई भी वैध बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। परिसर में कोई कोल्हू अथवा घाणी संचालित नहीं मिली। टीम ने 40 टिन और 236 पैक्ड बोतलों को सीज कर सभी तेलों के नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, कोटा भेज दिए हैं।
आयोडाइज्ड नमक के भी लिए नमूने
खाद्य सुरक्षा टीम ने इसके बाद इंदिरा विहार स्थित मेक्स फूड संस्थान का भी औचक निरीक्षण किया। टीम ने वहां से दही, आटा और आयोडाइज्ड नमक के तीन नमूने संग्रह किए। निरीक्षण में कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट नहीं पाए गए। इसके चलते संस्थान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित कमियों को समय पर दूर नहीं करने की स्थिति में संस्थान का लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी दी गई है।

