भगवान जगन्नाथ ने किया नगर भ्रमण, रथयात्रा में दिखे यूजीसी विरोध के संदेश

0
6

कोटा। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाएं रथ में विराजमान,रथ को खींचते श्रद्धालु एवं जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन मंडलियां, ढोल-नगाड़े, बैंड और संकीर्तन, फूलों से सजा रथ एवं मार्ग की आकर्षक सजावट, मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत द्वार। यह नजारा था श्री पारीक पंचायत कोटा द्वारा आयोजित कोटा शहर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का।

अध्यक्ष रासबिहारी पारीक ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा में भक्ति और उत्सव के रंग में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ रथयात्रा में हिस्सा लिया और प्रुभ जगन्नाथ के जयकारों के साथ रथ खीचते रहे।

प्रवक्ता राहुल पारीक ने बताया कि पारीक पंचायत द्वारा गत 19 वर्षो से निरंतर रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवाडी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुई। पंचायत के महामंत्री अशोक पारीक ने बताया कि समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. के.के. पारीक को क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट्स एंड डायबिटोलॉजिस्ट्स सोसायटी ऑफ इंडिया (CCDSI) के यूके चैप्टर का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर प्रशस्ति पत्र भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया।

झांकियों में सामाजिक संदेश
रथयात्रा में धार्मिक झांकियों के साथ कुछ सामाजिक संदेशों पर आधारित झांकियां भी शामिल रहीं। इनमें भारत माता की एक झांकी दिखाई गई, जिसमें उन्हें बेड़ियों और जातिगत जंजीरों से जकड़े हुए दर्शाया गया था। इसके अलावा कुछ बच्चों ने यूजीसी से संबंधित कानून के विरोध में लिखी तख्तियां हाथों में ले रखी थीं। तख्तियों पर ‘न जाति, न वर्ण, सारे भारतीय सवर्ण’ सहित अन्य नारे अंकित थे।

भक्तों का उत्साह
कैलाश पारीक पारीक ने बताया कि रथयात्रा के मार्ग पर हजारों भक्त एकत्रित थे। लोगों ने भजन-कीर्तन के साथ रथ को खींचने में भाग लिया। कई श्रद्धालु पूरे रास्ते नंगे पांव चलते रहे। पूरा माहौल भक्ति भाव से सराबोर हो गया। महिला मंगल गीत गा रही थी। यात्रा में विभिन्न भगवानों की झांकियां भी रथयात्रा में शोभायमान थी। रथ यात्रा के मुख्य आकर्षण नन्हे बालक बालिकाएं रही जो राधा—कृष्ण के वेशभूषा में रथ यात्रा की हिस्सा रही। कार्यक्रम के अंत अतिथियों ने उन्हे पुरस्कृत किया।

यह रहा रथयात्रा का मार्ग
महिला अध्यक्ष निर्मला पारीक ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन सांय 6 बजे श्रीपुरा स्थित जगदीश मंदिर से किया। श्रीपुरा मंदिर से भगवान दर्शन देते हुए बिड़ला मेडिकल,मोखापाडा,कैथूनीपोल पुलिस थाना, फर्नीचर मार्केट, लाल बुर्ज, गंधीजी की पुल से सुभाष सर्किल टिप्पण चौकी होते हुए मंदिर परिसर पहुंची। शोभायात्रा में भक्त गण परम्परागत वेशभूषा में रथयात्रा से जुड़े। महामंत्री अनिता पारीक ने बताया कि रथयात्रा में यात्रा में बैंड, घोड़े, ऊंट गाड़ियां, बग्गियों पर राधा कृष्ण, भगवान भोले बिराजे तथा बटुक वेदपाठ करते हुए रहे। जीवंत झांकियां,के साथ महर्षि पाराशर की झांकी भी रही। रथयात्रा मंदिर परिसर में पहुँचने के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया।

भव्य श्रृंगार,संर्कीतन में जुटे लोग
महामंत्री अनिता पारीक ने बताया कि श्रीपुरा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से आयोजित रथयात्रा के पूर्व भगवान का संकीर्तन किया दोपहर 2 बजे किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से ढोलक, मृदंग, ताल, हारमोनियम, तबला आदि वाद्य यंत्रों से मंदिर परिसर में सामूहिक संकीर्तन किया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा मंगलाचार के साथ स्नान के बाद वस्त्र पहनाए और फूलो से भव्य झांकी सजाई। पूर्व अध्यक्ष रवि पारीक ने बताया कि भगवान जगन्नाथ को सजाने के लिए विशेष वस्त्र,आभूषण और अन्य सामग्री का उपयोग होता है। सम्पूर्ण मंदिर परिसर को विद्युत आभा से सुशोभित था।

यह रहे उपस्थित
कोषाध्यक्ष ​विनोद पारीक ने बताया कि रथयात्रा में राजेंद्र गौतम, डॉ अनिल शर्मा, अनिल तिवारी, कैलाश पारीक, रवि पारीक , विनोद पारीक, सीताराम पारीक, कमलेश पारीक, डॉ श्रीपारीक, सत्यनारायण पारीक, शिव गोपाल पारीक, जय प्रकाश पारीक ,रेवती रमन पारीक, गिरीराज पारीक, निर्मला पारीक, अनीता पारीक, प्रतीक्षा पारीक, रश्मि पारीक, रानी पारीक, देवेंद्र पारीक, महेश पारीक, मदन गोपाल पारीक, निलेश पारीक आदि कई समाज बंधु उपस्थित रहे।