पाक आतंकियों ने अफगानिस्तान पर रातभर बरसाए बम, दर्जनों की मौत

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इस्लामाबाद। Pak terrorists attack Afghanistan: पाकिस्तान के कराची में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के उग्रवादी गुट जमात-उल-अहरार ने ले ली है। 27 की रात को गुल्स्तान-ए-जौहर के सुरक्षाबलों ने दावा किया कि उन्होंने कराची सिंध रेंजर्स के परिसर में आतंकी हमले को नाकाम कर दिया। इस आतंकी हमले में पाकिस्तान के 4 जवान मारे गए थे।

अब पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने अफगानिस्तान की सीमा पर हमले शुरू कर दिए हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा पर कम से कम 29 लड़ाकों को मार दिया है। पाकिस्तान ने रातभर अफगान सीमा पर बम बरसाए। ऐसे में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने की स्थितियां बन गई हैं।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देशभऱ में होने वाले हमलों को देखते हुए यह ऑपरेशन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पाक्तिया, पाकतिका और कुनार में तीन ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं अफगानिस्तान की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बता दें कि बीते कुछ सालों में पाकिस्तान के पुलिसबलों पर भी कई हमले हुए हैं। इसके लिए पाकिस्तान तालिबान को जिम्मेदार बताया जाता है। इसके अलावा पाकिस्तान की सरकार ने सभी अफगान नागरिकों को 10 दिन के अंदर पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दे दिया है। इसके बाद सरकार धर-पकड़ शुरू करेगी।

कराची में हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में तीन हमलावर मारे गए थे। वहीं एक को जिंदा पकड़ा गया था जो कि आफगान नागरिक निकला। तरार ने कहा कि अफगानिस्तान की सीमा पर उन ठिकानों को निशाना बनाया गया है जहां पाकिस्तान तालिबान के लड़ाके छिपे थे। पाकिस्तान का कहना है कि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान में हमले बढ़े हैं।

अफगानिसस्तान के साथ बढ़ सकता है तनाव
जाहिर सी बात है कि अफगान सीमा के अंदर पाकिस्तान के हमलों को देखकर तालिबान चुप नहीं रहेगा। ऐसे में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है। फरवरी से सीमा पर सैकड़ों जवान मारे गए हैं। पाकिस्तान ने जब भी अफगान सीमा के अंदर हमले किए हैं तब तलिबान ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबी बातचीत के बाद सीजफायर हो पाया था। अप्रैल में चीन ने भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच वार्ता की मध्यस्थता की थी।

बीते एक साल में पाकिस्तान ने सीमा पर कई बार स्ट्राइक की ती। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार आतंकियों को पनाह देती है और पाकिस्तान पर हमला करने में मदद करती है। काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को शिरे से खारिज करता रहा है।