Stock Market: सेंसेक्स 207 अंक बढ़कर 76075 पर, निफ्टी 24000 के पार

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नई दिल्ली। Stock Market Opened :शेयर मार्केट की शुरुआत आज थोड़ी सुस्त रही। निफ्टी 23902 पर खुला, जबकि सेंसेक्स 75,988 के लेवल पर। बहुत जल्द बाजार ने रफ्तार पकड़ ली और सेंसेक्स 76000 के पार पहुंच गया। निफ्टी ने भी 24000 के पार पहुंचने में कामयाबी हासिल की। फिलहाल सेंसेक्स 207 अंकों की बढ़त के साथ 76075 पर ट्रैंड कर रहा है।

सेंसेक्स टॉप गेनर्स की लिस्ट में इन्फोसिस 3.06 प्रतिशत, एचसीएल टेक 1.52 प्रतिशत, टीसीएस 1.50 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.26 प्रतिशजत ऊपर ट्रेड कर रहे हैं।

सुबह 9:17 बजे तक निफ्टी50 में 36.90 अंकों यानी 0.15 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 23,957.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं सेंसेक्स 219.95 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,087.75 पर पहुंच गया। ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.19 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन
सेक्टरवार देखें तो IT शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती रही। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत चढ़कर टॉप गेनर बना। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी फार्मा में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर निफ्टी मेटल, निफ्टी FMCG और निफ्टी केमिकल इंडेक्स में कमजोरी रही और ये सेक्टर दबाव में नजर आए।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

एशियाई बाजार
अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों के बीच एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 करीब 0.88% चढ़ गया। वहीं, टॉपिक्स इंडेक्स 0.53% मजबूत हुआ और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2.68% की बंपर उछाल देखने को मिली। कोस्डैक में भी 0.25% की बढ़त दर्ज की गई।

गिफ्ट निफ्टी
हालांकि, ग्लोबल मार्केट में तेजी के बावजूद गिफ्ट निफ्टी 23,881 के आसपास कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 116 अंक नीचे था। इससे भारतीय बाजार में गैप-डाउन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

वॉल स्ट्रीट
अमेरिकी बाजार गुरुवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। डॉऊ जोंस 24 अंक चढ़ा जबकि, एसएंडपी 500 में 0.58% की तेजी आई और नैस्डैक 0.91% उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ

महंगाई ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका का पसंदीदा मुद्रास्फीति सूचकांक PCE अप्रैल में बढ़कर 3.8% पर पहुंच गया, जो पिछले तीन वर्षों की सबसे तेज वृद्धि है। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही। महंगाई बढ़ने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है।