Friday, June 19, 2026
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सरकार के आर्थिक सुधारों से एफडीआई 9 % बढ़ा

नई दिल्ली। सरकार के आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाए जाने से देश में फ़ॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) वर्ष  2016-17 में 9 प्रतिशत बढ़कर 43.48 अरब डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2015-16 में देश में 40 अरब डॉलर विदेशी निवेश आकर्षित किया गया था।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि, ‘देश में एफडीआई निवेश के बढ़ने का कारण सरकार के एफडीआई व्यवस्था को व्यवहारिक बनाने के लिये साहसिक नीतिगत सुधार हैं। भारत अब विदेशी निवेश के लिये सबसे ज्यादा आकर्षक स्थान बन गया है। इसमें कहा गया है, ”एफडीआई इक्विटी फ्लो 2016-17 में 43.48 अरब डॉलर रहा।

किसी एक वित्त वर्ष में यह सबसे ज्यादा है।’ प्राप्त आय के फिर से निवेश को भी लिया जाए तो कुल एफडीआई पिछले वित्त वर्ष में अब तक के सर्वाधिक 60.08 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो 2015-16 में 55.6 अरब डॉलर था। पिछले तीन साल के दौरान सरकार ने 87 क्षेत्रों से जुड़े कुल 21 क्षेत्रों में विदेशी निवेश नियमों को आसान बनाया।

निर्माण, प्रसारण, खुदरा कारोबार, हवाई परिवहन, बीमा और पेंशन जैसे क्षेत्रों में प्रावधानों को आसान बनाया गया। मंत्रालय ने  कहा कि एफडीआई नीति आसान बनाने तथा कारोबार सुगमता बढ़ने से घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने, आयात सीमित होने, रोजगार सृजन और मंहगे फ़ॉरन एक्सचेंज के संरक्षण में मदद मिली। पिछले तीन वित्त वर्ष में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 40 प्रतिशत बढ़कर 114.41 अरब डॉलर रहा ।

शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं GST के दायरे से बाहर, सोने पर टैक्स की दर का फैसला होना बाकी

जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार को 4 टैक्स दरों पर अपनी सहमति दी 

नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने शुक्रवार को 4 टैक्स दरों पर अपनी सहमति जता दी है । हेल्थकेयर और एजुकेशन को सर्विस सूची से बाहर रखा गया है और बहुत सारी सेवाओ को पहले की ही तरह छूट मिलती रहेगी। हालांकि गोल्ड पर किस दर से टैक्स लगेगा इसपर अभी फैसला किया जाना बाकी है। इन 4 टैक्स दरों को 5, 12, 18 और 28 फीसद रखा गया है।

 अगली बैठक 3 जून को होगी

5000 रुपए प्रति रात से ऊपर के किराए वाले होटल्स पर 28 फीसद की दर से जीएसटी लागू होगा। केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने बताया कि लग्जरी आइट्म्स पर 28 फीसद की दर से टैक्स लगेगा। काउंसिल की अगली बैठक 3 जून को होगी।

महत्वपूर्ण सेवाओं पर ऐसे होंगे टैक्स दर

  •  छोटे रेस्टोरेंट्स पर 5 प्रतिशत टैक्स
  • ट्रांसपोर्ट सेवाएं 5 प्रतिशत के दायरे में
  • 1 हजार से 2500 तक के होटल 12 प्रतिशत के दायरे में
  •  शराब परोसने वाले रेस्टोरेंट्स पर 18 प्रतिशत टैक्स
  • ब्रांडेड गारमेंटस 18 प्रतिशत टैक्स के दायरे में
  • एंटरटेनमेंट टैक्स सर्विस टैक्स में शामिल
  •  लग्जरी होटल पर 28 प्रतिशत टैक्स
  • 5 हजार से ज्यादा किराए वाले होटल पर भी 28 प्रतिशत टैक्स
  •  लग्जरी प्रोडक्ट्स 28 प्रतिशत के दायरे में
  •  सट्टेबाजी, रेसिंग पर बैटिंग पर 28 प्रतिशत टैक्स

यह बोले वित्त मंत्री

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी कंज्यूमर फ्रेंडली होगा। उन्होंने कहा कि एजुकेशन और हेल्थकेयर जीएसटी के दायर से बाहर रहेंगे। रेल, रोड और एयर ट्रांसपोर्ट पर 5 फीसद की दर से टैक्स लगेगा। वहीं नॉन एसी रेस्टोरेंट पर 12 फीसद की दर से सर्विस टैक्स लगाया जाएगा। साथ ही लिकर लाइसेंस के साथ एसी रेस्टोरेंट में 18 फीसद की दर से सर्विस टैक्स लगाया जाएगा।

43 फीसद वस्तुओं पर लगेगा 18% टैक्स

काउंसिल की ओर से लिए गए निर्णय के मुताबिक जीएसटी के लागू होने के बाद कुल 81 फीसद चीजें 18 फीसद तक के दायरे में आएंगी। वहीं, सात फीसद वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इनको जीरो फीसद की स्लैब में रखा गया है। 14 फीसद वस्तुएं 5 फीसद के स्लैब में, 17 फीसद वस्तुएं 12 फीसद की स्लैब में और 43 फीसद वस्तुएं 18 फीसद की स्लैब में आएंगी। वहीं, सात फीसद वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

अनाज और दूध पर नहीं लगेगा कोई टैक्स

जीएसटी लागू हो जाने के बाद दूध और अनाज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, वहीं चीनी, चाय और खाद्य तेल 5 फीसद टैक्स स्लैब के दायरे में आएंगे। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के लागू होने के बाद कंज्यूमर के लिए खाद्य अनाज सस्ते हो जाएंगे।

GST काउंसिल ने सभी 9 नियमों को दी मंजूरी

श्रीनगर में प्रस्तावित जीएसटी काउंसिल की 14वीं बैठक में जीएसटी से जुड़े 9 अहम नियमों को मंजूरी दे दी गई है। इन नए नियमों में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, कंपोजीशन, ट्रांजिशन, इनवॉइस, पेमेंट, वैल्युएशन और इनपुट टैक्स क्रेडिट शामिल है।

स्टेट बैंक को चौथी तिमाही में  2,815 करोड़ रुपये का मुनाफा 

नई दिल्‍ली।देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक का शुद्ध लाभ 31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 2,814.82 करोड़ रुपये हो गया। सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक का एकल शुद्ध लाभ पिछले साल की इसी तिमाही में 1,263.81 करोड़ रुपये रहा था।

हालांकि, समाप्त वित्त वर्ष 2016-17 में बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 98 प्रतिशत गिरकर 241.23 करोड़ रुपये रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2015-16 में बैंक ने 12,224.59 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया था।

बैंक की जनवरी से मार्च 2017 तिमाही में एकल आधार पर कुल आय 7.8 प्रतिशत बढ़कर 57,720 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी अवधि में यह 53,526.97 करोड़ रुपये थी। बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में बैंक ने यह जानकारी दी है।

इस दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां मामूली बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई जो कि इससे पिछले साल इसी अवधि में 6.5 प्रतिशत थी। हालांकि, चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध एनपीए पिछले साल के 3.81 प्रतिशत से घटकर 3.71 प्रतिशत रह गया।

 

मुनाफा वसूली के बीच 30 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार

मुंबई। दिनभर के उतार चढ़ाव के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुए है। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 30712.35 का स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी ने 9505 का उच्चतम का स्तर छुआ है। लेकिन, सेंसेक्स 30 अंक की बढ़त के साथ 30,464.92 के स्तर पर और निफ्टी सपाट होकर 9427 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.60 फीसद और स्मॉलकैप 0.77 फीसद की कमजोरी के साथ बंद हुआ है।

बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। ऑटो में चौथाई, फाइनेंशियल सर्विस और मेटल में 0.13 फीसद, आईटी सेक्टर में 0.85 फीसद की गिरावट हुई है। वहीं, रियल्टी सेक्टर में 0.08 फीसद की कमजोरी देखने को मिली है।

निफ्टी के 32 शेयर लाल निशान में

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 19 हरे निशान में और 32 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी आईटीसी, येस बैंक, एक्सिस बैंक, एसबीआईएन और हिंदुस्तान यूनिलिवर के सेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं, गिरावट एशियनपेंट, बीपीसीएल, आईशर मोटर्स, हिंडाल्को और टीसीएस के शेयर्स में हुई है।

रुपया हुआ मजबूत

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया की मजबूत शुरुआत देखने को मिली है। एप अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 5 पैसे की बढ़त के साथ 64.79 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 69 पैसे की कमजोरी के साथ 64.84 के स्तर पर बंद हुआ था।

रेन डांस में दिखाया बच्चों ने उत्साह, समर कैंप का समापन 21 को

कोटा। एसआर पब्लिक सी. सै. स्कूल में शुक्रवार को आयोजित लक्ष्य समर कैम्प 2017 के नवें दिन बच्चों में रेन डांस को लेकर बड़ा उत्साह नजर आ रहा था । बच्चों ने इस डांस की धमाकेदार प्रस्तुति मंच पर दी।

समापन समारोह को यादगार बनाने के लिए बच्चे डांस, स्केटिंग, रॉबोटिक्स, वैदिक मैथ्स आदि कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों को लेकर बड़े जोश में और उत्साहित नजर आ रहे थे। स्पॉकन इंग्लिश में बच्चों ने रचना के आधार पर कहानी बनाना सीखी ।

विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने बताया कि इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में छिपी प्रतिभा को बाहर निकालकर उनमें कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है।उनहोंने बताया कि लक्ष्य समर कैम्प का समापन समारोह 21 मई को होगा।

जीएसटी से महंगी होंगी लग्ज़री कारें, टैक्स के अलावा सेस भी

श्रीनगर। जीएसटी लागू होने के बाद लग्जरी कारों पर 28 फीसदी टैक्स के अलावा 15 फीसदी तक सेस भी लग सकता है। इससे लग्ज़री कारें ज्यादा महंगी हो सकती हैं । केंद्र और राज्य सरकारों ने गुरुवार को कई प्रॉडक्ट्स पर जीसएटी यानी गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स के हिसाब से रेट निर्धारण पर रजामंदी बनाई है। 

जीएसटी का असर छोटी कारों से लेकर लग्जरी कारों पर तक पड़ने के आसार हैं। छोटी कारों पर कुछ कम तो वहीं लग्जरी कारें ज्यादा ही महंगी हो सकती हैं। आपको बता दें कि 28 फीसदी टैक्स स्लैब अधिकतम है।

फिलहाल, छोटी कारों पर 24% एक्साइज़ ड्यूटी और अन्य करों को मिलाकर अलग—अलग राज्यों में 27-30 पर्सेंट तक का टैक्स लग जाता है। छोटी कारों पर 28 पर्सेंट टैक्स के अलावा सेस लगने की स्थिति में कुछ राज्यों में इसकी कीमतें बढ़नी तय हैं।

जीएसटी में किस पर कितना टैक्स, आइये जानें

नई दिल्ली। नई टैक्स व्यवस्था को लागू करने की ओर कदम बढ़ाते हुए जीएसटी काउंसिल ने गुरुवार को टैक्स स्लैब तय कर दिया है। संभवत: 1 जुलाई से लागू किए जाने वाले गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स को लेकर फिलहाल 1,211 आइटम्स की दरें तय कर ली हैं। इनमें से ज्यादातर आइटम्स को 18 पर्सेंट स्लैब के दायरे में रखा गया है। जानें, किन आइटम्स पर कितना लगेगा टैक्स…

जीएसटी में यह हैं टैक्स फ्री आइटम 

फ्रेश मीट, फिश चिकन, अंडा, दूध, बटर मिल्क, दही, शहद, फल एवं सब्जियां, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टांप. न्यायिक दस्तावेज, प्रिंटेड बुक्स, अखबार, चूड़िया और हैंडलूम जैसे तमाम रोजमर्रा की जरूरतों के आइटम्स को जीएसटी के दायरे से ही बाहर रखा गया है।

जीएसटी में इन पर लगेगा 5 पर्सेंट का टैक्स

फिश फिलेट, क्रीम, स्किम्ड मिल्ड पाउडर, ब्रैंडेड पनीर, फ्रोजन सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, पिज्जा ब्रेड, रस, साबूदाना, केरोसिन, कोयला, दवाएं, स्टेंट और लाइफबोट्स जैसे आइटम्स को टैक्स की सबसे निचली 5 पर्सेंट की दर में रखा गया है।

ऐसी जरूरी चीजों पर 12 पर्सेंट टैक्स

फ्रोजन मीट प्रॉडक्ट्स, बटर, पनीर, पैकेज्ड ड्राई फ्रूट्स, ऐनिमल फैट, सॉस, फ्रूट जूस, भुजिया, नमकीन, आयुर्वेदिक दवाएं, टूथ पाउडर, अगरबत्ती, कलर बुक्स, पिक्चर बुक्स, छाता, सिलाई मशीन और सेल फोन जैसी जरूरी आइटम्स को 12 पर्सेंट के स्लैब में रखा गया है।

जीएसटी में इन चीजों पर 18 पर्सेंट टैक्स

फ्लेवर्ड रिफाइंड शुगर, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, पेस्ट्रीज और केक, प्रिजर्व्ड वेजिटेबल्स, जैम, सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड मिक्सेज, मिनरल वॉटर, टिशू, लिफाफे, नोट बुक्स, स्टील प्रॉडक्ट्स, प्रिंटेड सर्किट्स, कैमरा, स्पीकर और मॉनिटर्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया है।

जीएसटी में इन पर 28 फीसदी टैक्स

चुइंग गम, गुड़, कोकोआ रहित चॉकलेट, पान मसाला, वातित जल, पेंट, डीओडरन्ट, शेविंग क्रीम, हेयर शैम्पू, डाइ, सनस्क्रीन, वॉलपेपर, सेरेमिक टाइल्स, वॉटर हीटर, डिशवॉशर, सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन, एटीएम, वेंडिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, शेवर्स, हेयर क्लिपर्स, ऑटोमोबाइल्स, मोटरसाइकल, निजी इस्तेमाल के लिए एयरक्राफ्ट और नौकाविहार को लग्जरी मानते हुए जीएसटी काउंसिल ने 28 फीसदी का टैक्स लगाने का फैसला लिया है।

आरटीआई से जीएसटी नेटवर्क पर जानकारी नहीं

नई दिल्ली।   वित्त मंत्रालय ने जीएसटी लागू करने के लिये जीएसटीएन को सुरक्षा मंजूरी प्रदान की है। मंत्रालय ने इस संबंध में मिले एक आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा है कि जीएसटीएन मूल रुप से जीएसटी के तकनीकी पहलुओं की रीढ़ है। इससे जुड़ी जानकारियों का ब्यौरा सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और आरटीआई के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

आरटीआई आवेदन पर मंत्रालय के इस जवाब पर निराशा व्यक्त करते हुये आवदेक ने मंत्रालय में अपील दायर की। मंत्रालय ने इस पर भी पुराना जवाब देते हुये अपील का खारिज कर दी। जीएसटी की व्यवस्था को लागू करने में तकनीकी पहलुओं को पूरा करने की जिम्मेदारी हाल ही में गठित एक ऐसी निजी कंपनी को दी गयी है जो नॉन प्रॉफिट कंपनी की श्रेणी में शामिल की गई है।

इसमें पांच निजी कंपनियों की भागीदारी रखी गई है। इनमें 10-10 प्रतिशत स्टेक के साथ एचडीएफसी बैंक, एचडीएमसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एनएसई स्टरलाइट और 11 प्रतिशत के स्टेक के साथ एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड शामिल हैं जबकि केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 24.5 प्रतिशत रखी गयी है।

 

सिमरन की कहानी कंगना ने नहीं मैंने लिखी – अपूर्व असरानी का दावा

नई दिल्ली। कंगना रनौत अभिनीत हंसल मेहता की अगली फिल्म सिमरन के नये पोस्टर को लेकर विवाद पैदा हो गया है। दरअसल इस पोस्टर में नीचे बहुत छोटे-छोटे लेकिन अहम अक्षरों में फिल्म के राइटर ‘अलीगढ़’ और ‘शाहिद’ फेम अपूर्व असरानी के नाम के पहले कंगना रनौत का नाम बतौर अडिशनल डायलॉग और स्टोरी राइटर लिखा गया है।

इससे पहले भी कई इंटरव्यूज में कंगना और खुद हंसल भी फिल्म की कहानी लिखने का क्रेडिट कंगना को देते रहे हैं। फाइनली इस पर अपूर्व ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। बुधवार सुबह एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अपूर्व ने अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है।

अपूर्व ने लिखा है कि- किसी राइटर का नाम अडिशनल राइटिंग क्रेडिट के बाद धकेल दिया जाना उस राइटर की प्रतिष्ठा के खिलाफ है लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि मेरी चिंता ‘क्रेडिट’ को लेकर नहीं है, असल में कुछ इससे भी बड़ा है जो मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्यों किया गया।

कंगना कई इंटरव्यूज में दावा कर रही हैं कि सिमरन के डायरेक्टर हंसल मेहता उनके पास केवल एक लाइन का स्क्रीनप्ले लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि उस स्टेज पर स्टोरी डार्क और ग्रिटी थ्रिलर थी और उन्होंने खुद इस स्टोरी को एक हल्की-फुल्की, मजेदार स्टोरी में तब्दील किया। उनके इस बात के सबूत  है। 

उनके ये बयान मेरे प्रयासों को पूरी तरह नकार रहे हैं और मुझे यह जानते हुए भी अब इस झूठ को उजागर करना पड़ रहा है कि ऐसा करने से उनके कई प्रशंसक मेरे खिलाफ हो जाएंगे। जो लोग मुझसे परिचित हैं वे जानते हैं कि मैंने हमेशा सच की लड़ाई लड़ी है और यह मेरे लिए एक हिट फिल्म से कहीं ज्यादा मायने रखता है।

हंसल ने मुझे अमेरिका में कानून का उल्लंघन करने वाली एक औरत की खबर भेजी थी। मुझे यह पसंद आई और मैंने सोचा कि इस पर एक बहुत अच्छी फिल्म बन सकती है। लेकिन मैं ‘अलीगढ़’ के बाद एक और सीरियल फिल्म नहीं करना चाहता था।

‘अलीगढ़’ के साथ मेरा अनुभव इतना जबर्दस्त था कि इस फिल्म ने मुझे अंदर से पूरी तरह मथ दिया था और मैं भावनात्मक तौर पर बहुत खाली महसूस कर रहा था। ऐसे में ‘सिमरन’ के रूप में मुझे कुछ मजेदार लिखने का मौका मिल रहा था। यह 2 साल पहले की बात है।

मैंने हंसल की कंपनी कर्मा फीचर्स के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। फिल्म के शुरुआती आइडिया को एक ऑरिजिनल स्टोरी में डिवेलप किया और एक लाइन का स्क्रीनप्ले लिखा। हंसल को यह पसंद आया और वह मुझे कंगना से मिलाने ले गए।  

डेढ़ साल के दौरान 9 ड्राफ्ट लिखते वक्त किसी भी मौके पर इसको लेकर कोई बात सामने नहीं आई कि कंगना को स्क्रिप्ट का डायरेक्शन या टोन पसंद नहीं आई। बल्कि जब-जब मैं उनको स्क्रिप्ट सुनाता था तो वह खुशी से उछल पड़ती थीं। मैं यह देखकर बहुत खुश था कि पूरी की पूरी फिल्म उसी स्टोरी और स्क्रीनप्ले पर शूट की गई है जिसे मैंने फिल्म राइटर्स असोसिएशन में रजिस्टर कराया था। 

 

GST : 90 प्रतिशत वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स की दरों का निर्धारण

 7 पर्सेंट आइटम्स पर नहीं लगेगा कोई टैक्स,  अनाज और दूध जीएसटी से बाहर

श्रीनगर। गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने गुरुवार को शुरू अपनी दो दिन की बैठक के पहले दिन 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों का निर्धारण कर लिया है। प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में चार स्तर की दरें रखी गई हैं, जिनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल की आवश्यक वस्तुओं पर 5 प्रतिशत की न्यूनतम दर रखी गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली काउंसिल ने बैठक के पहले सत्र में जीएसटी के तहत नियमों को भी मंजूरी दी। जीएसटी एक जुलाई से लागू किए जाने की योजना है। जीएसटी से जुड़े 9 में से 7 नियमों को मंजूरी दे दी गई है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक बाकी 2 नियमों को लीगल कमेटी देख रही है। सर्विस टैक्स पर भी शुक्रवार को फैसला होगा। जेटली ने यह भी भरोसा दिया है कि जीएसटी से महंगाई नहीं बढ़ेगी।

कुल 1,112 आइटम्स की दरें तय की जा चुकी हैं। 7 पर्सेंट वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 17 पर्सेंट आइटम्स पर 12 पर्सेंट टैक्स देना होगा। 81 फीसदी आइटम्स पर 18 पर्सेंट या इससे कम टैक्स देना होगा। 19 पर्सेंट आइटम्स पर 28 पर्सेंट टैक्स लगाया जाएगा। अनाज और दूध को जीएसटी से बाहर रखा गया है।

चाय, कॉफी, चीनी और मसाले, प्रोसेस्ड फूड को 5% टैक्स स्लैब के दायरे में रखा गया है। जीएसटी लागू होने के बाद अनाज सस्ते हो सकते हैं । काउंसिल में सभी राज्यों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। फिटमेंट इस तरीके से किया गया है कि लोगों पर नई कर व्यवस्था के कारण कर का बोझ नहीं बढ़े।

इसलिए वस्तुओं और सेवाओं को उनके ऊपर इस समय लागू उत्पाद शुल्क, वैट या सेवा कर को ध्यान में रखकर जीएसटी की विभिन्न दरों के साथ जोड़ा जा रहा है। समझा जाता है कि कल बैठक संपन्न होने के बाद तय कर दरों का पूरा ब्योरा उपलब्ध हो पाएगा। विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने रेशमी धागे, पूजा की सामग्री और हस्तशिल्प उत्पादों को जीएसटी दरों में छूट की मांग की।

हालांकि, जेटली का मानना है कि जीएसटी के तहत न्यूनतम छूट दी जानी चाहिए और यह आवश्यक होने पर ही दी जानी चाहिए।  बैठक शुरू होने से पहले केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने जीएसटी व्यवस्था में सोने पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने का मामला उठाया। कुछ हलकों से सोने पर एक प्रतिशत की कर लगाने की मांग की जा रही है।

इसाक ने कहा कि सोना आवश्यक वस्तु नहीं है और इस पर 5 प्रतिशत की दर से टैक्स लगना चाहिए। वहीं योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने पूजा सामग्री पर शून्य फीसदी टैक्स की मांग की है। अभी इस पर 18 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। कुछ अन्य राज्यों ने सर्विस टैक्स की दो दरें 12 और 18 प्रतिशत रखने की मांग की।

जीएसटी राष्ट्रीय बिक्री कर होगा, जो वस्तुओं के उपभोग या सेवाओं के इस्तेमाल पर लगाया जाएगा। यह 16 मौजूदा शुल्कों और टैक्सों का स्थान लेगा। केंद्र के स्तर पर उत्पाद शुल्क और सेवा कर इसमें समाहित होंगे, जबकि राज्यों के 9 टैक्स मसलन वैट और एंटरटेनमेंट टैक्स भी इसमें समाहित होंगे।

इससे भारत एक कर दर वाला एक बाजार बन जाएगा। जीएसटी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जीएसटी लागू है। फ्रांस ने सबसे पहले 1954 में जीएसटी को लागू किया था। उसके बाद से जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे एक दर्जन से अधिक राष्ट्रों ने जीएसटी लागू किया है।