Friday, June 26, 2026
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139 अंक की गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार

नई दिल्ली । गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 139 अंक की कमजोरी के साथ 31654 के स्तर पर और निफ्टी 37 अंक की कमजोरी के साथ 9871 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल सटॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.69 फीसद और स्मॉलकैप में 0.75 फीसद की कमजोरी देखने को मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बीच तमाम एशियाई बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान का निक्केई 0.01 फीसद की कमजोरी के साथ 19736 के सतर पर, चीन का शांघाई 1.06 फीसद की कमजोरी के साथ 3240 के स्तर पर, हैंगसैंग 1.68 फीसद की कमजोरी के साथ 27290 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 1.09 फीसद की कमजोरी के साथ 2342 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बुधवार के सत्र में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच चल रहे भूराजनैतिक तनाव से बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.17 फीसद की कमजोरी के साथ 22048 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.04 फीसद की कमजोरी के साथ 2474 के स्तर पर और नैस्डैक 0.28 फीसद की कमजोरी के साथ 6352 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

ऑटो सेक्टर में बिकवाली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और फार्मा को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली ऑटो सेक्टर में देखने को मिल रही है। बैंक (0.32 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.25 फीसद), एफएमसीजी (0.32 फीसद), मेटल (0.58 फीसद) और रियल्टी (0.11 फीसद) की कमजोरी देखने को मिल रही है।

टाटा मोटर्स टॉप लूज
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 15 हरे निशान में और 36 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी ऑरोफार्मा, डॉ रेड्डी, सनफार्मा, टेक महिंद्रा और टाटा पावर के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट टाटा मोटर डीवीआर, टाटा मोटर्स, एसीसी, वेदांता लिमिटेड और आईशर मोटर्स के शेयर्स में देखने को मिल रही है।

टाटा मोटर्स : पहली तिमाही में मुनाफा 42% बढ़ा

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नई दिल्ली। ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स ने 30 जून 2017 को खत्म हुई पहली तिमाही में 41.56 फीसद के उछाल के साथ 3,199.93 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया है। जबकि बीते वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 2,260.40 करोड़ रुपए रहा है।

 इससे पहले वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में कंपनी को ओर से 1,572 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज करने का अनुमान लगाया गया था। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर समेकित कुल आय में 9.59 फीसद की गिरावट आई।

इस गिरावट के साथ आय 59972.33 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में यह 66339.48 करोड़ रुपए रही थी।

वहीं समीक्षाधीन अवधि के दौरान जगुआर और लैंड रोवर के संचालन से होने वाली आय सालाना आधार पर 10 फीसद फिसलकर 47,044.48 करोड़ हो गई। जेएलआर ने बीते वर्ष की समान अवधि के दौरान 52,395.15 करोड़ की आय दर्ज की थी।

30 जून 2017 को समाप्त तिमाही के लिए वाणिज्यिक और यात्री वाहनों की बिक्री (निर्यात सहित) 1,11,860 यूनिट्स की रही, बीते वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले यह 11.8 फीसद की गिरावट है।

योग गुरु बाबा रामदेव बॉलिवुड में करेंगे अब डेब्यू

मुंबई। डांस बेस्ड रिऐलिटी शो में गेस्ट के रूप में नज़र आ चुके योग गुरु बाबा रामदेव अब एक अन्य रिऐलिटी शो में सोनाक्षी सिन्हा के साथ जज की कुर्सी संभालते नज़र आएंगे। अब सुनने में आया है कि वह फिल्मी दुनिया में भी कदम रखने जा रहे हैं।

कहा गया है कि वह देशभक्ति पर बेस्ड फिल्म ‘ये है इंडिया’ में नज़र आनेवाले हैं। दरअसल बाबा रामदेव फिल्म के एक गाने ‘सइयां सइयां’ में दिखेंगे, जिसे लिखा है तपेश पवार ने और गाया है जावेद अली ने।

लोम हर्ष द्वारा निर्देशित यह फिल्म 25 साल के एक NRI पर आधारित है जो भारत को पिछड़ा हुआ देश मानता है। जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है उसे अपनी गलती का एहसास होता है।

इस फिल्म में गेवी चहल और इंडो-ब्रिटिश मॉडल ऐक्ट्रेस डिएना उपल नज़र आएंगे, जिसे राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के इलाकों में फिल्माया गया है।

जब बाबा को फिल्म के बारे में बताया गया तो वह तैयार हो गए क्योंकि यह फिल्म देश से जुड़ी थी। फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि यह फिल्म इंडिया की तस्वीर पेश कर रही है।

सरकार ने निजी विश्ववि़द्यालयों पर नियत्रंण के लिए कसा शिकंजा

जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण रखने और उनकी मनमानी को रोकने के लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं। इनके लागू होने से न केवल ने प्रदेश की निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश, अध्यापन, परीक्षा, परीक्षा परिणामों और शोध आदि में पारदर्शिता आएगी बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार होगा। 

निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश की अंतिम तिथि तय करने तथा प्रवेश प्रक्रिया को आधार कार्ड के साथ जोडे जाने तथा प्रवेशित छात्रों का समस्त रिकॉर्ड राज्य सरकार को प्रस्तुत करने के साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।

विभाग ने यह भी तय किया है कि निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष जारी डिग्रियों का विवरण भी राज्य सरकार को प्रस्तुत करे और अब तक जारी समस्त डिग्रियों की जानकारी भी अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करे। 

शैक्षणिक गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए निजी विश्वविद्यालयों में कार्यरत फैकल्टी मेम्बर्स की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने संबंधी निर्देश देते हुए फैकल्टी मेम्बर्स के विवरण को आधार नम्बर तथा पैन नम्बर के साथ जोड़ने के भी निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा निजी विश्वविद्यालयाें को विभिन्न पाठ्यक्रमों की विनियामक निकायों के प्रावधानानुसार आवश्यक संख्या में संकाय सदस्य रखने के भी निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालयाें को समस्त छात्रों का अलग-अलग रिकॉर्ड भी रखना होगा। साथ ही निजी विश्वविद्यालयों को विषयवार डिग्री रजिस्टर रखने के भी निर्देश दिए हैं। 

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि शोध में गुणवत्ता बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए निजी विश्वविद्यालयों को यूजीसी रेगुलेशन्स का कड़ाई से पालन करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि निजी विश्वविद्यालयों में केवल रेगुलर फैकल्टी मेंबर ही शोध कार्य करवा सकेंगे।

राज्य सरकार के शिक्षकाें एवं राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के शिक्षकाें को निजी विश्वविद्यालय शोध निदेशक नियुक्त नहीं कर सकेंगे। इन निर्देशों के साथ ही राज्य सरकार ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को सूचित किया है कि वे विश्वविद्यालय अधिनियम एवं यूजीसी रेग्यूलेशन्स एवं यूजीसी द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों या आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें।

विश्वविद्यालय से संबंधित सभी सूचनाएं जैसे पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आवश्यक विनियामक निकायों की अनुमति, विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रमवार नियुक्त फैकल्टीज का पूर्ण विवरण, प्रतिवर्ष प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद या 15 सितम्बर, जो भी पहले हो, देना होगा।  

पाठ्यक्रमवार प्रवेशित छात्रों या शोधार्थियों की सूची वर्षवार एनरोलमेंट नम्बर, परीक्षा कार्यक्रम, परीक्षा परिणामों की जानकारी, एकेडमिक कैलेंडर आदि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवश्यक रूप से प्रदर्शित करे।

जुलाई का फाइनल रिटर्न 15 सितंबर तक

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नई दिल्ली। सरकार ने जुलाई और अगस्त के लिए जीएसटी रिटर्न फाइल करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जुलाई की बिक्री का रिटर्न जीएसटीआर-1 सितंबर की 1 से 5 तारीख तक भरा जा सकता है। अगस्त के जीएसटीआर-1 की फाइलिंग की तारीख 16-20 सितंबर है।

कारोबारी जो सामान खरीदेंगे उसका जुलाई का रिटर्न जीएसटीआर-2 सितंबर की 6 से 10 तारीख तक भर सकते हैं। अगस्त का रिटर्न 21-25 सितंबर के दौरान भरा जा सकेगा। खरीद-बिक्री मिलाकर जुलाई की टैक्स लायबिलिटी वाला जीएसटीआर-3 रिटर्न कारोबारी 11-15 सितंबर तक भर सकते हैं।

जीएसटी रिटर्न फाइल करने का नोटिफिकेशन जारी

अगस्त की रिटर्न फाइलिंग की तारीख 26-30 सितंबर है। नई टैक्स व्यवस्था में हर महीने का जीएसटीआर-1 अगले महीने की 10 तारीख तक, जीएसटीआर-2 15 तारीख तक और जीएसटीआर-3 20 तारीख तक फाइल किया जाना है।

काउंसिल ने जुलाई-अगस्त के लिए इसमें छूट दी है। अभी उन्हें सिर्फ कंसोलिडेटेड रिटर्न जीएसटीआर-3बी फाइल करना है। जुलाई का यह रिटर्न 20 अगस्त और अगस्त का 20 सितंबर तक फाइल किया जा सकता है।

टैक्स के कई स्लैब होना बड़ी चुनौती : राकेश मोहन
रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन ने कहा है कि एक दशक की जद्दोजहद के बाद जीएसटी लागू तो हो गया है, लेकिन इसमें टैक्स के कई स्लैब होना बड़ी चुनौती है

वह बुधवार को ‘इकोनॉमिक्स एंड गवर्नेंस’ विषय पर एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। जीएसटी में छह टैक्स स्लैब हैं- 0%, 3%, 5%, 12%, 18% और 28%। इसके बाद कोल्ड ड्रिंक्स, लक्जरी और तंबाकू उत्पादों पर सेस भी लगाया गया है।

 

 

 

जीएसटी का भुगतान कैसे करें, देखिये वीडियो

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कोटा। जीएसटी का ऑनलाइन भुगतान करने की अंतिम तिथि २० अगस्त है। डीलर्स को अपना भुगतान करने में किसी तरह की कोई परशानी नहीं हो इसके लिए यहाँ पर हम वीडियो के माध्यम से पूरी प्रकिया समझा रहे हैं। इसे समझने के लिए यह वीडियो देखना जरुरी है।

ऑनलाइन जीएसटी का पेमेंट की प्रक्रिया आपको समझा रहे हैं सीए सारांश लुहाड़िया। अगर इस सम्बन्ध में कोई जानकारी चाहिए तो हमारे सीए के whatsapp नंबर 9462654458 पर सम्पर्क कर सकते हैं। आप हमें www.youtube.com. , www.twitter.com, www.facebook.com पर भी फॉलो कर सकते हैं 

बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों का प्रदर्शन आज

कोटा।  22 अगस्त को राष्ट्रब्यापी बैंक हड़ताल को सफल बनाने के लिए गुरुवार को बैंक कर्मी एवं अधिकारी शाम 5.15 बजे ओरिएण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स की एरोड्राम चौराहे से घोड़ेवाला चौराहे के रास्ते में स्थित शाखा के समक्ष प्रदर्शन करेंगे।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस कोटा के संयोजक पदम पाटोदी ने बताया कि जन विरोधी बैंकिंग सुधार बन्द करने, कॉर्पोरेट घरानों के एनपीए को बट्टे खाते में न डालने, बैंक प्रभारों में बढ़ोतरी नहीं करने, एनपीए की वसूली हेतु कारगर कदम उठाने, सभी वर्गों में नई भर्ती करने, बैंक बोर्ड ब्यूरो भंग करने तथा अधिकारी एवं कर्मचारियों के मुद्दे तुरंत सुलझाने की मांग को लेकर यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैंक कर्मचरियों एवं अधिकारियों से  प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है। 

फटकी, सुपर डीलक्स लालमिर्च में डिमांड बढ़ी

रतलाम। आंध्रप्रदेश एवं तेंलगांणा के लालमिर्च उत्पादक मार्केट हैदराबाद, वंरगल, खम्मम, मदिरा एवं गुन्टूंर आदि लालमिर्च के मार्केट यार्डों में कोल्ड एवं बिना कोल्ड की लालमिर्च की आवके समान रह रही है। कहीं-कहीं पर सुपर डीलक्स क्वालिटी की लालमिर्च एवं फटकी मिर्च आदि में अच्छी डिमांड चल रही है।

एवरेज एवं हल्के मालों में डिमांड कमजोर चल रही है। मदिरा लालमिर्च मार्केट यार्ड में 5000 से 7800 रुपए प्रति क्विंटल तक लालमिर्च के भाव रहने की चर्चा है और फटकी 2000 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल तक क्वालिटी अनुसार भाव रहने की चर्चा है।

वहीं गुन्टूंर मार्केट यार्ड में आज तेजा 6000 से 8300, एस-10 5000 से 5700, 334 4500 से 5400, 341 6000 से 7800, 273 5500 से 6800, बेडगी 6000 से 7600, नं. 5 6000 से 7200, 4884 5800 से 6200 और फटकी 334 1500 से 2500, सिड्स 1500 से 3000, फटकी तेजा 2500 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव क्वालिटी अनुसार रहे।

वहीं हैदराबाद, खम्मम आदि क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की चर्चा है। और नॉन एसी लालमिर्च 1500 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल तक क्वालिटी अनुसार भावों पर बिक्री होने की चर्चा है। देशभर में धीरे-धीरे मसाला उद्योगों की ग्राहकी भी चल रही है साथ ही सुपर डीलक्स मालों में एक्सपोर्ट ठीक-ठीक चल रहा है।

जीएसटी लगने से ई-टिकट बुकिंग होगी महंगी?

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नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज ऐंड कस्टम्स ने कहा है कि टिकट बुकिंग करने वाले एजेंट से 1 पर्सेंट का टैक्स लिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन एजेंटों को ई-कॉमर्स ऑपरेटर के अंतर्गत गिना जा रहा है। इस टैक्स को टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स कहा जाता है।

टिकट बुकिंग करने वाले एजेंट से 1 पर्सेंट का टैक्स लिया जाएगा।

CBEC ने यह भी कहा है कि TCS उन ई-कॉमर्स रिटेलर्स पर नहीं लगाया जाएगा जो कि किसी वेबसाइट के माध्यम से अपना कोई प्रॉडक्ट बेच रहे हैं।

ऐसी स्थिति में उन्हें सिर्फ वही जीएसटी देना होगा, जिसके अंदर वे आते हैं। जो विक्रेता ऑनलाइन माध्यम से कोई सर्विस या सामान की बिक्री करते हैं, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ऑपरेटर(ECO) कहा जाता है।

CBEC ने कहा कि ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट भी ECO के अंदर आएंगे और उन पर केंद्रीय जीएसटी (CGST) के सेक्शन 52 के तहत 1 पर्सेंट TCS लगेगा। 20 लाख से ज्यादा टर्नओवर वाले ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स को किसी भी छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

केंद्रीय जीएसटी ऐक्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियों को सप्लायर को पेमेंट करते समय 1 पर्सेंट TCS देना होगा। इसके लिए ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स को टैक्स कलेक्ट की अनुमति होगी।

सिक्का निर्माताओं की मांग से चांदी 39 हजार रुपए के पार

नयी दिल्ली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों से सोना तेज, चांदी 39 हजार के पार संकेतों तथा बढ़ी स्थानीय मांग के कारण आज घरेलू बाजार में सोना 200 रुपये मजबूत होकर 29,550 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। चांदी 1,130 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर फिर से 39 हजार के मनोवैग्यानिक स्तर को पार कर 39,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी।

कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और उार कोरिया के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक संकेतों से सोना तेज, चांदी 39 हजार के पार बाजारों में सोने को मजबूती मिली जिससे घरेलू बाजार में भी इसे बल मिला। इसके अलावा स्थानीय आभूषण निर्माताओं की मांग ने भी इसे समर्थन दिया। इसी तरह सिक्का निर्माताओं और उद्योगों की मांग ने चांदी के भाव तेज किये।

वैश्विक संकेतों से सोना तेज, चांदी 39 हजार के पार बाजार में सिंगापुर में सोना 1,267.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी 1.03 फीसदी चमककर 16.61 डॉलर प्रति औंस बोली गयी।

घरेलू बाजार में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 200-200 रुपये तेज होकर क््रुमश: 29,550 रुपये प्रति दस ग्राम तथा 29,400 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,500 रुपये पर टिकी रही।

इसी तरह, सफेद धातु 1,130 रुपये की बड़ी उछाल लगाकर 39,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी। साप्ताहिक आपूर्त वाली चांदी 585 रुपये चमककर 37,795 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी। हालांकि, सिक्का के भाव टिके रहे। सिक्का लिवाल 72 हजार रुपये प्रति सैकड़ा तथा सिक्का बिकवाल 73 हजार रुपये प्रति सैकड़ा रहे।