Tuesday, July 14, 2026
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पिनकॉन स्प्रिट ग्रुप घोटाले में 15 करोड़ की ठगी, 150 शिकायतों में हुआ खुलासा

कोटा। पिनकॉन स्प्रिट ग्रुप घोटाले में कोटा के पीड़ितों का नाम सामने आने के बाद उनके बयान लेने पहली बार बुधवार को एसअोजी अधिकारियों की स्पेशल टीम जयपुर से कोटा आई। जैसे ही इसकी जानकारी पीड़ितों को लगी तो एसओजी ऑफिस में पीड़ितों की भीड़ लग गई। अधिकारियों ने भी नहीं सोचा था कि इतने फरियादी एक साथ पहुंचेंगे।

देखते ही देखते 150 से ज्यादा फरियादी एसओजी ऑफिस पहुंचे और अपनी लिखित शिकायतें दी। एसओजी ने मुकदमे की जांच पत्रावली में शामिल करने के लिए बुधवार को इनमें से करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए। हाड़ौती में करीब चार हजार और कोटा में 1500 लोगों से ठगी होने का अनुमान है।

गौरतलब है कि एसओजी ने नवंबर 2017 में घोटाले का खुलासा करके पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन मनोरंजन रॉय, उनके साथी विनय सिंह और कंपनी के रघु शेट्टी और हरि सिंह चार लोगों को गिरफ्तार किया था। लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर देशभर में 3 लाख लोगों से ठगी करने का खुलासा हुआ था।

आरोपियों ने कोटा, अजमेर, जयपुर, चौमू, निवाई समेत राजस्थान में 11 ब्रांच खोलकर 25 हजार लोगों से 56 कराेड़ रुपए की ठगी की थी। यह राशि नवंबर और दिसंबर दो माह में बढ़कर करीब 75 करोड़ के आसपास पहुंच गई है।

इस ग्रुप की कंपनियों की देशभर के लगभग 120 से अधिक शहरों में शाखाएं हैं। एसओजी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्रुप की कंपनी पश्चिम बंगाल में मदिरा सप्लाई का काम भी करती है।

रुपए दुगुने करने का लालच देते थे
कोटा में सामने आए पीड़ितों ने बताया कि उन्हें 4 साल में रुपए दोगुने करने तथा 14% तक ब्याज देने का लालच दिया गया था। आरोपियों ने इस खाते को वर्ष 2014 में बंद करा दिया था।

एसओजी अधिकारियों की माने जो ठगी के लिए पिनकॉन स्प्रिट ग्रुप ने एनआरएन फाइनेंस लि., एएसके फाइनेंशियल सर्विसेज, ग्रेनेड फुट प्रोडक्ट लि., बंगाल पिनकॉन हाउसिंग इंफ्रा लिमिटेड, एनआरएन यूनिवर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड यूनिवर्सल मल्टीस्टेट क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी आदि कंपनियां बना रखी हैं।

इधर, एसओजी एएसपी सतपाल मिड्‌डा का कहना है कि उत्तर भारत से कुल 800 करोड़ की ठगी सामने आई है। हाड़ौती से 4 हजार लोगों से ठगी की जानकारी सामने आई है, लेकिन फिलहाल 1500 लोगों की पुष्टि हुई है।

पीड़ितों ने एसओजी को सौंपे कई सबूत
एसओजी ग्राउंड पर इसलिए जांच करने आई ताकि इसकी पुष्टि हो सके कि वास्तव में कितने की ठगी हुई है। एसओजी को बुधवार को कोटा में पीड़ितों ने सबूत के तौर पर कई चेक, रसीदें और पैसा जमा करने की सूचियां सौंपी हैं।

एसओजी अधिकारियों की टीम अब तमाम सबूतों और शिकायतों को ड्राफ्ट करने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक कोटा में 80 से 90 प्रतिशत पैसा चेक के माध्यम से ही जमा करवाया गया था। अधिकारियों की टीम गुरुवार को भी कोटा में पीड़ितों की फरियाद सुनेगी

GDP को लगेगा GST, नोटबंदी का झटका, कम रह सकती है ग्रोथ रेट

नई दिल्ली। भारत की जीडीपी ग्रोथ को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) और नोटबंदी का तगड़ा झटका लग सकता है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इनके चलते वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी से नीचे खिसक सकती है।

भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ 2016-17 में 7.1 फीसदी रही थी, जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा 8 फीसदी रहा था। सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) शुक्रवार को नेशनल इनकम यानी जीडीपी का एडवांस एस्टीमेट जारी करने जा रहा है।
 
 7 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ मुश्किल
एसबीआई रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट्स सौम्य कांति घोष ने कहा, ‘जीडीपी के इस वित्त वर्ष में 7 फीसदी का आंकड़ा पार करना खासा मुश्किल है। हालांकि तीसरे और चौथे क्वार्टर में इकोनॉमी कुछ बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।’

घोष ने कहा कि बीते साल के अपरिवर्तित बेस ईयर पर जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रहेगी। इस संबंध में घोष ने कहा कि यदि बीते साल के एक्सपैंशन को नीचे की तरफ रिवाइज किया जाता है तो ग्रोथ बढ़ सकती है, क्योंकि बीते साल के लोअर बेस पर 2017-18 में ग्रोथ ऊंची रहेगी।
 
 6.3 फीसदी के आसपास रहेगी ग्रोथः अहलूवालिया
योजना आयोग के पूर्व डिप्टी चेयरमैन मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कुछ ऐसी ही राय देते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ लगभग 6.2 फीसदी से 6.3 फीसदी के बीच रहेगी।

एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट सुगत भट्टाचार्या ने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 6.6-6.8 फीसदी के बीच रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘हमने चालू वित्त वर्ष के टैक्स कलेक्शन को अभ तक शामिल नहीं किया है। लेकिन यदि टैक्स कलेक्शन शानदार रहता है तो जीडीपी ग्रोथ ऊंची रह सकती है।’

सीएसओ ने इकोनॉमी के परफॉर्मैंस के आकलन के लिए एक नया कॉन्सेप्ट जीवीए पेश किया है। जीवीए से सब्सिडी घटाने और टैक्सेस जोड़ने के बाद जीडीपी की गणना की जाती है।
 
6 से 6.5 फीसदी के बीच रहेगी ग्रोथः सेन
योजना आयोग के पूर्व सदस्य और सीनियर इकोनॉमिस्ट अभिजीत सेन ने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी ग्रोथ 6 से 6.5 फीसदी की रेंज में रहेगी।

उन्होंने इसकी वजह जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स कलेक्शन में खामियों को बताया। हालांकि उन्होंने पीएमआई के ताजा आंकड़ों और इकोनॉमी की अच्छी तस्वीर दिखाने वाले नंबर्स पर संदेह जताया।

घरेलू डिमांड से चांदी में 140 रुपये का उछाल, सोना स्थिर

नई दिल्ली/कोटा। दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी की कीमतों में 140 रुपये का सुधार देखने को मिला है। इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते चांदी 39850 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। हालांकि सोना वैश्विक बाजार में कमजोरी के चलते 30450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बरकरार है।

व्यापारियों का मानना है कि चांदी कीमतों में तेजी घेरलू हाजिर बाजार में इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से हुए तेज उठान के चलते देखने को मिला है। वैश्विक बाजार में सिंगापुर में सोना 0.33 फीसद की कमजोरी के साथ 1312.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.64 फीसद की कमजोरी के साथ 17.04 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।

दिल्ली में चांदी तैयार 140 रुपये सुधरकर 39850 रुपये प्रति किलोग्राम जबकि साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 15 रुपये की मामूली कमजोरी के साथ 39025 रुपये प्रति किलोग्राम केस्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्के हालांकि 73000 रुपये लिवाल और 74000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार है। 

वहीं, दूसरी ओर 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाले सोने की कीमतें क्रमश: 30450 रुपये और 30300 रुपये पर बरकरार हैं। गिन्नी की कीमतें भी 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर स्थिर रहीं हैं।

कोटा सर्राफा बाजार 
चांदी 39500 रुपए प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 30400 रुपए प्रति 10 ग्राम, सोना 35460 रुपए प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30550 रुपए प्रति 10 ग्राम, सोना 35630 रुपए प्रति तोला।

लूट का यंत्र स्मार्ट मीटर जनता पर क्यों थोपा, प्रभारी मंत्री नहीं दे पाए जवाब

कोटा। बिजली के स्मार्ट मीटर के विराध में संघर्ष समिति ने प्रभारी मंत्री प्रभु लाल सैनी को उनका वादा याद दिलाया, जिसमें उन्होंने इस मीटर के माध्यम से जनता से की जा रही लूट रोकने के लिए कहा था। बुधवार को सर्किट हाउस में संघर्ष समिति के प्रवक्ता बृजेश विजयवर्गीय ने सैनी से स्मार्ट मीटर की समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया।

सैनी को जब विषय की गंभीरता के बारे में बताया और कहा कि जब जन प्रतिनधि सांसद और महापौर भी इस मीटर के खिलाफ जनता के समर्थन में है। तो फिर लूट का यंत्र क्यों जनता पर थोपा गया ? तो सैनी ने कहा कि सरकार से बात करूंगा।

वहां मौजूद विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि हमारे उत्तर में तो नहीं लगे ये मीटर। समिति के राजेश नामा, संजय पारीक एवं वरिष्ठ सदस्य मदन मोहन विजयवर्गीय तथा तलवण्डी सेक्टर 1,2,3 एवं 4 के निवासियों ने भी सर्किट हाउस पहुंच कर स्मार्ट मीटर को हटाने की मांग सरकार से की हैं।

यहां उल्लेखनीय है कि समिति ने मंत्री को इस बार ज्ञापन नहीं दिया। ज्ञापन एक बार दिया जा चुका है, बार बार ज्ञापन नहीं दिया जाएगा। अब तो जनता कार्रवाई का इंतजार कर रही है। मंत्री को प्रतिदिन नागरिक गण मोबाईल फोन पर स्मार्ट मीटर हाटाने की माग कर रहे हैं।

अब तक सैकड़ों लोग मंत्री को फोन कर चुके है। जब जन प्रतिनिधि भी जनता के साथ होने की बात करते हैं, तो क्यों नहीं ठोस निर्णय कर लूट को बंद कराते? समिति के प्रतिनिधियों ने सैनी से सवाल किया कि जनता को आंदोलन में क्यों झोंकना चाहते हो तो भी मंत्री महोदय खामोश रहे।

चम्बल शुद्धिकरण पर मंत्री उदासीन रहे
प्रभारी मंत्री प्रभु लाल सैनी चम्बल नदी के प्रदूषण पर मौन ही रहे। जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय एवं वानर सेना के संरक्षक गजेंद्र भार्गव ने शुद्धिकरण की योजनाओं को सरकार द्वारा गंभीरता से नहीं लेने पर अपत्ति दर्ज कराई तो मंत्री महोदय मौन रहे। विजयवर्गीय ने कहा कि एक जिम्मेदार मंत्री की उदासीनता समझ से परे है। जब मंत्री ही उदासीन रहेगा तो प्रशासन से क्या उम्मीद की जाए।

सूचकांक 33,793.38 और निफ्टी 10,443.20 पर बंद

नई दिल्ली। बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स में 18.88 अंक की गिरावट आई और यह 0.06 प्रतिशत गिरकर 33,793.38 पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, नैशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) ने आज के कारोबार में मामूली बढ़त बनाई और यह 1.00 अंक या 0.01 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,443.20 के स्‍तर पर बंद हुआ।

मंगलवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में कमोबेश स्थिर रुख रहा था और यह 0.49 अंक की मामूली गिरावट के साथ 33,812.26 पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, नैशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज कल के कारोबार में 6.65 अंक या 0.06 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,442.20 के स्‍तर पर बंद हुआ था।

तीन तलाक बिल राज्यसभा में पेश, विपक्ष का विरोध

नई दिल्ली। एक बार में तीन तलाक को अपराध करार देने वाला बिल राज्यसभा में पेश कर दिया गया है। इस पर चर्चा हो रही है। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल को लोकसभा पिछले हफ्ते ही पास कर चुकी है।

बिल को लेकर CPI, CPIM, DMK, AIADMK, BJD, AIADMK और सपा ने राज्यसभा के सभापति के साथ मुलाकात की। इन पार्टियों ने बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजे जाने की मांग की है। उधर, यूनियन मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ट्रिपल तलाक बिल पर कन्फ्यूज है।

सरकार ने क्या कहा?
– न्यूज एजेंसी से बातचीत में पार्लियामेंट्री अफेयर मिनिस्टर अनंत कुमार ने कहा- हम ट्रिपल तलाक बिल पर कांग्रेस और बाकी दूसरी पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि राज्यसभा में इसे पास कराने में दिक्कत नहीं होगी।
सीपीआई और डीएमके का रुख एक जैसा

– सीपीआई सांसद डी. राजा ने कहा- यह आज के लिए लिस्टेड था। जहां तक लेफ्ट पार्टियों का संबंध है, हमारी मांग है कि इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा- इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए।

– शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी बिल को राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की है। पार्टी सांसद माजिद मेमन ने यह मांग रखी।

कांग्रेस ने नहीं लिया फैसला
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस ट्रिपल तलाक बिल पर अब तक फैसला नहीं ले पाई है। वो दूसरी पार्टियों से बात कर रही है। गुलाम नबी आजाद ने कुछ विपक्षी नेताओं से चर्चा की है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इसमें हर्जाने के प्रावधान समेत और बदलावों की मांग कर सकती है।

राज्यसभा में सरकार क्यों मजबूर?
– फिलहाल, राज्यसभा में एनडीए और कांग्रेस दोनों के ही पास 57-57 सीटें हैं। सरकार के सामने दिक्कत ये है कि बीजू जनता दल और एआईएडीएमके जैसी पार्टियां इस सदन में मोदी सरकार की मदद करती रही हैं, लेकिन ट्रिपल तलाक बिल का विरोध कर रही हैं।

– ऐसे में, अगर यह बिल स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाता है तो इसका मतलब यह हुआ कि सरकार इसे विंटर सेशन में पारित नहीं करवा पाएगी। यह सेशन इस हफ्ते के आखिर में खत्म हो जाएगा। यह बिल कानून बने, इसके लिए दोनों सदनों से इसका पास होना जरूरी है।

यह लड़का, खुद को बता रहा है ऐश्वर्या का बेटा

बॉलिवुड सितारों को लेकर अक्सर कुछ न कुछ ऐसा सुनने को मिल ही जाता है, जिसपर यकीन करना बेहद मुश्किल हो। कुछ ऐसी ही खबर ऐश्वर्या राय बच्चन को लेकर सामने आ रही है, जहां एक लड़का खुद को ऐश्वर्या का बेटा बता रहा है। ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम इस अजीब विवाद से जुड़ा है। साउथ के एक लड़के का दावा है कि ऐश्वर्या उनकी मां हैं।

विशाखापट्नम के रहने वाले संगीत कुमार का कहना है कि उनका जन्म लंदन में IVF टेक्नॉलजी के जरिए हुआ था और दो साल तक ऐश्वर्या की मां वृन्दा राय और पिता कृष्णराज राय ने ही उन्हें पाला है। इस शख्स के पास अपने दावे को साबित करने के लिए कोई डॉक्युमेंट नहीं है।

उनका कहना है कि उनके रिश्तेदारों ने सारे डॉक्युमेंट्स तहस-नहस कर दिए। 29 साल के संगीत का आरोप है कि उनके पिता एदिवेलु रेड्डी उन्हें विशाखापट्नम ले आए और तब से वह वहीं रह रहे हैं। इतना ही नहीं, संगीत ने यह भी दावा किया है कि ऐश्वर्या अकेले रह रही हैं, क्योंकि वह अभिषेक बच्चन से अलग हो गई हैं! (साभार: misskyra)

बिटकॉइन की कीमत में फिर उछाल, तोड़ सकती है अपना ही रेकॉर्ड

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नई दिल्ली। बिटकॉइन की कीमत में फिर से उछाल दर्ज किया जा रहा है, दस प्रतिशत का ताजा उछाल पीटर थीईल की फाउंडर्स फंड कंपनी से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आने के बाद आया। वाल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने लाखों डॉलर की बिटकॉइन करंसी अपने पास जमा की हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत तीन जनवरी को 14,951 डॉलर तक पहुंच गई थी जबकि यह एक जनवरी को 13,354 डॉलर थी। इस बीच में कीमत 15,300 डॉलर (सबसे ज्यादा) से 12,787 (सबसे कम) के बीच रही। तेजी ऐसी ही रही तो तीन महीने में बिटकॉइन की कीमत अपना पिछला रेकॉर्ड तोड़ सकती है।

पीटर थीईल आंत्रप्रेन्योर और इनवेस्टर हैं। उन्होंने 1998 में PayPal शुरू किया था। फाउंडर्स फंड कंपनी में उनकी हिस्सेदारी है। सिलिकन वैली में मौजूद इस कैपिटल फर्म ने स्पेसएक्स और एयरनब जैसी कंपनियों को फंड दिया है।

एक दूसरी रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि ग्रुप ड्यूम के वाइस प्रेजिडेंट ने बैंक ऑफ घाना को सलाह दी है कि वह बिटकॉइन में निवेश करें। उन्होंने कुल जमा का एक प्रतिशत बिटकॉइन में निवेश करने को कहा है।

रॉयटर्स के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत तीन महीने के अंदर दोबारा से 19,666 डॉलर तक पहुंच जाएगी। 17 दिसंबर 2017 को बिटकॉइन की यह कीमत थी जो अबतक सबसे ज्यादा है।

साल 2017 में बिटकॉइन की कीमत में 1,300 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक जनवरी को इसकी कीमत 999 डॉलर थी जो 31 दिसंबर 2017 को 13,800 डॉलर पहुंच गई थी।

चिकित्सा केंद्र के निर्माण को गति देने का संकल्प

कोटा। सकल दिगम्बर जैन समाज समिति की आरोग्य नगर स्थित जैन जनोपयोगी भवन में कार्यकारिणी की बैठक में अर्हम चिकित्सा केंद्र के निर्माण कार्य को गति देने का संकल्प लिया गया।

सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष अजय बाकलीवाल ने  समिति की बैठक में बताया कि 1 करोड़ की लागत से बनने वाले अर्हम चिकित्सा एवं डायग्नोसिस सेंटर के काम को लेकर समाज में उत्सुकता है। इस प्राजेक्ट को जैन समाज को बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

आगामी कार्ययोजना में देश के नामी संतो के चातुर्मास कार्यक्रमों और संतो के प्रवास आदि पर विचार किया गया। बैठक में समिति के कार्याध्यक्ष जेके जैन, प्रकाश बज, गुलाब चंद चूने वाला, कोषाध्यक्ष पारस जैन टैक्स कंसल्टेंट, देवेंद्र पांड्या, संरक्षक राजमल पाटोदी आदि ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। 

फूड इंडस्ट्रीज के छलावे से बचें- डॉ. नीलम

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कोटा। क्लीनिकल न्यूट्रिशियन डॉ. नीलम खण्डेलवाल ने कहा है कि हमें बाजार में बिकने वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। क्योंकि यह प्रिजर्वेटिव, ट्रांसफेट, आर्टिफिशियल स्वीटनर कलरिंग एजेंट जैसे केमिकल से भरपूर होते हैं।

डॉ. नीलम इंजीनियर्स इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ अभियंताओं के बीच टेक्नीकल लेक्चरर्स में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहीं थी। उन्होंने कहा कि फूड इंडस्ट्रीज वर्षों से अपनी जालसाजी भरी मार्केटिंग पॉलिसी से लोगों को बहकाती आई है।

हमें पारम्परिक अनाज जैसे गेहूं, चावल को छोड़ कर कॅार्नफ्लेक्स, मल्टीग्रेन आटा आदि खाने के लिए उकसाया जा रहा है। गन्ने से बनी नेचुरल चीजों को छोड़ शुगर फ्री प्रोडक्ट की ओर प्रेरित किया जा रहा है। हमें इस षडयंत्र को समझना चाहिए।

दूसरे व्याख्यान में कोटा एनवायरमेंटल सेनीटेशन सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. सुसेन राज ने नदियों का प्रदूषण से मुक्त करने के लिए ग्रीन ब्रिज तकनीक के इस्तेमाल का प्रजेंटेशन दिया। राज ने कहा कि इंनीनियरिंग को प्रकृति के संरक्षण में मददगार बनाना होगा। दुर्भाग्य से आज हो उल्टा रहा है। इसी कारण स्वच्छता के मिशन में काफी परेशानी आ रही है।

उन्होंने नदियों को शुद्ध करने के लिए एसटीपी की जरूरत को त्यागने का आव्हान किया। इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सीकेएस परमार ने कहा कि इंजीनियरिंग को धरती और लोगों के स्वास्थ्य सुधरने के लिए काम करना है। तकनीक को मानव मात्र के हित में लागू करना चाहिए।

अध्यक्षता वरिष्ठ अभियंता केसी भार्गव ने की। सचिव जसवंत सिंह ने अतिथियां का परिचय दिया। कोटा सिटीजन काउंसिल के अध्यक्ष एलसी बहेती ने भी सेवा निवृत इंजीनियरों के अनुभवों को उपयोग में लेने का सुझाव दिया।